POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: Thakur Manjeet Singh

Blogger: Manjeet Singh
जन्म के समय सबके माथे पर उसका भाग्य लिखने वाले विधाता ने एक गरीब ब्राह्मण को दंडित करने के लिये एक अनोखी बात लिखी कि वह कभी भरपेट खाना नहीं खा सकेगा । आधा पेट भरते ही उसे खाना छोड़कर उठना पड़ेगा ।   एक दिन उस ब्राहमण को राजा के यहाँ खाने का निमंत्रण मिला । उसके दिल की कली-... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   8:33pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक भाई था जिसकी बहन का ससुराल बहुत दूर यह था । एक बार भाई ने माँ से कहा, “माँ, भाई दूज पर मैं दीदी से मिलाने जाऊंगा और उसे नए कपड़ो में देखूगा । बहुत-से लोग अपनी बहनो से मिलने जा रहे है मैं भी जाऊगा।“    माँ ने कहा, “मेरे बच्चे अभी तू बहुत छोटा है और तेरी दीदी का ससुराल बहुत ... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   8:29pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक असभ्य देहाती था । कला और संस्कृति से एकदम कोरा । पर उसकी पत्नी संस्कारवान थी । पति को संस्कारवान बनाने और जीवन की गहनता के बारे में उसकी कुछ रूचि जगाने की पत्नी ने बहुत कोशिश की, पर व्यर्थ । यह सब पति को बिलकुल नीरस लगता था ।   एक बार गांव में एक रामायणी आया । ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   8:23pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
गंगा के किनारे जामुन के पेड़ पर एक बन्दर रहता था । उस पेड़ के जामुन बहुत मीठे थे । एक दिन बन्दर बड़े मजे से स्वादिष्ट जामुन खा रहा था कि एक मगरमच्छ गंगा से निकलकर तट पर आया । बन्दर ने उसकी तरफ कुछ जामुन उछलते हुए कहा, "ये दुनिया के सबसे मीठे जामुन है । वाह, क्या स्वाद है ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   8:20pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
किसी आदमी की दो पत्नियां थीं । दोनों के एक-एक बेटी थी । बड़ी पत्नी की बेटी का नाम था दुखू और छोटी पत्नी का नाम था सुखू । पति छोटी पत्नी और उसकी बेटी को अधिक चाहता था ।   दोनों बेटीयां अपनी-अपनी माँ पर गई थी । दुखू जितनी कामगर और स्नेही थी सुखू उतनी ही आलसी और झगड़ाल... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   8:16pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक राजकुमार शाम को शिकार से लौट रहा था। लौटते समय अपनी काली घोडी को पानी पिलाने के वह झरने पर रुका। पानी पर अपने और घोडी के प्रतिबिंब के अतिरिक्त उसने सोने­चादीं के कुछ बाल तैरते देखे। निश्चित ही सोने-चांदी के बालो बाली सुंदरिया ऊपर झरने में नहाई हैं । वह झुका और बाल उदा... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   8:13pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक था राजा । जब वह हंसता था तो उसके सरीर से चमेली की खुशबू फूटती थी । यह खुशबू कोसो दूर तक फैल जाती थी । इसलिए लोग उसे चमेली राजकुमार कहते थे । लेकिन यह खुशबू तभी फैलती थी जब यह मन से हंसता था । अगर कोई उसके गुदगुदी करता या उसे हंसाने के लिये विवश करता तो यह खुशबू नहीं फूटती ... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   8:05pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
किसी गंवई कुएं पर कुछ लड़कियां पानी भर रही थी । बातो-बातो में हरेक अपनी होने वाली शादी के बारे में बढ़-चढ़ कर कहने लगी ।    एक ने कहा, “मेरे चाचा ढेर सारा दहेज़ और जरी का जोड़ा लाएंगे और महेल में मेरी शादी करेंगे ।“    दूसरी बोली, “मेरे चाचा शहर गए हैं । वे जल्द ही ऊटगाड़ी ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   7:45pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक बार एक मेमना पहाडी झरने से पानी पी रहा था । उसी समय उससे कुछ कदम ऊपर एक चीता पानी पीने आया । मेमने को देखकर उसने कहा, "तू मेरा पानी गंदा क्योँ कर रहा है?         "मेमना बोला, "मैँ आप का पानी गंदा कैसे कर सकता हूं? मैँ तो आपसे नीचे पानी पी रहा हूं।"         ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   7:36pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक बार महाराज क्रष्णचंद्र को नवाब का फरमान मिला कि वह इस छोर से उस छोर तक और उपर से नीचे तक धरती का सही-सही नाप मालूम करे । साथ ही अगर वह आकाश के तारो की संख्या भी पता कर सके तो जनाब को बहुत ख़ुशी होगी । फरमान सुनकर महाराजा भौचक्का रह गया । उसने जबाब भिजवाया कि वह वेअदबी नही क... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   7:33pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक गोड़ किसान ने खेत-खलिहान में हाथ बटाने के लिये नौकर रखा । एक दिन नौकर को साथ लेकर वह बेटे और बहू से मिलने गया । वे काफी दूर दूसरे गाँव में रहते थे । रास्ते में एक झोपड़ी में उन्होंने रातवासा लिया । भोजन आदि से निवृत्त हो कर नौकर ने उससे कोई कहानी सुनाने का आग्रह किया । प... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   7:14pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक विधवा अपने दो बेटोँ और बहुओं के साथ रहती थी | बेटे और बहुए उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार करते थे | उस पर फब्तियां कसते थे गालिया देते थे | कोई भी ऐसा नहीं था जिससे बुढिया सुख-दुख की बात कर सके&nb... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   7:11pm 23 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
दुर्योधन के अंत के साथ ही महाभारत के महायुद्ध का भी अंत हो गया । माता गाँधारी दुर्योधन के शव के पास खडी फफक-फफक कर रो रही हैं । पुत्र वियोग में "गाँधारी का भगवान कृष्ण को श्राप देना, भगवान कृष्ण का श्राप को स्वीकार करना और गाँधारी का पश्चताप करना" । इसका बडा ही मार्म... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   2:48pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
शनि के नाम से ही हर व्यक्ति डरने लगता है। शनि की दशा एक बार शुरू हो जाए तो साढ़ेसात साल बाद ही पीछा छोड़ती है। लेकिन हनुमान भक्तों को शनि से डरने की तनिक भी जरूरत नहीं। शनि ने हनुमान को भी डराना चाहा लेकिन मुंह की खानी पड़ी आइए जानें कैसे...महान पराक्रमी हनुमान अमर हैं। पव... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   2:38pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
यह अफ्रीकी लोककथा है । एक व्यक्ति उस इलाके का सबसे ज्ञानी मनुष्य था । सारा ज्ञान सिर्फ उसके पास था । सभी लोग उससे सलाह लेने आते थे । उसका मानना था कि उसके ज्ञान देने से ही वहां के लोग समझदार हो पा रहे है । इसी अंहकार में उसने सोचा कि मैं लोगो को बेवजह ज्ञान क्यों दूं । फिर ल... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   2:36pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
जागरूक होकर हम कोई भी उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं। फिर हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं रह जाता..अध्यात्म विमुख होने का नहीं, बल्कि संपृक्त होने का संदेश देता है। वह चेतना को जगाने की बात करता है। अपनी चेतना को जाग्रत रख पाने के लिए ही यह मानव जीवन मिला है। हम उपलब्धियां भी ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   2:33pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
सत्संग का अर्थ लोग प्रवचन सुनना समझते हैं, लेकिन इसका अर्थ है अच्छे लोगों से मिलना, अच्छी पुस्तकेें पढ़ना, अच्छी बातें सोचना आदि। किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने का यह प्रवेश द्वार है।सत्संगत्वे निस्संगत्वं निस्संगत्वे निर्मोहत्वम।निर्मोहत्वे निश्चलतत्वं न... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   2:29pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
एक व्यक्ति सड़क पर अपने घोड़े और कुत्ते के साथ घूम रहा था।  ये दोनों उसके पालतू पशु ही नही, बल्कि मित्र थे। अचानक बिजली गिरी और वे दुनिया को अलविदा कह गए। वे तीनों खुद को हल्का महसूस कर रहे थे, लेकिन गर्मी के कारण उन्हें जोरों की प्यास लग रही थी। तभी उन्हें एक संगमर... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   2:20pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
बिहार के एक छोटे से नगर में लोहारो का परिवार रहता था । दिन के समय तो वह लोहे के औजार बनाने का काम करते थे परन्तु रात के समय वह सेंध लगाकर चोरी, डाके का धन्धा करते थे । वे परिवार में कुल आठ सदस्य थे और हर दूसरी रात दो या तीन व्यक्ति मिल कर बारी-बारी से चोरी करते थे ।   परिव... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   2:17pm 18 Dec 2014 #
Blogger: Manjeet Singh
संसार में प्रत्येक जीव अपनी-अपनी बुद्धि के अनुसार जीवन गुजारता है । यही जीवन ऊँ मनुष्यों के लिये बंधनकारक बन जाता है, जो यह नहीं समझते की यथार्थ रूप में जीवन जीने की क्या कला है या जीते जी मुक्ति कैसे प्राप्त हो ? ऐसे लोगो के लिये मृत्यु एक आतंक और भयत्रस्त बन जाती है । पर... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   2:10pm 18 Dec 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post