POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: Call For A Loan,Home Loan, Personal Loan, Business Loan, LAP, Low CIBIL Score Loan

Blogger: subodh
कुछ लोग टीम बनाने का अर्थ बिज़नेस, स्पोर्ट्स ,राजनीति जैसे फील्ड से ही लेते है जबकि ज़िन्दगी के हर क्षेत्र में टीम मौजूद होती है - चाहे आप इसे नकारे या स्वीकारे . यहाँ तक कि ये तो आपके घर में भी मौजूद होती है , उदाहरण के तौर पर किसी शादी-शुदा घरेलु महिला की टीम में उसका पति , उ... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   6:06am 31 Mar 2015 #
Blogger: subodh
टीम बनाने के तीन महत्त्वपूर्ण चरण होते है . पहला चरण है जो आप अपनी टीम से पाना चाहते है उस बारे में उन्हें सिखाना , दूसरा चरण है उन्हें सीखे हुए को करने के लिए प्रोत्साहित करना और तीसरा एवं आखिरी चरण है अपनी टीम पर भरोसा करना,अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे है तो आपका व्यवसाय ( ... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   8:46am 31 Dec 2014 #
Blogger: subodh
ये प्रश्नचिन्ह उनकी काबिलियत पर नहीं है ,जो मेरे शिक्षक रहे है . उन्होंने मुझे वही सिखाया जो सिखाने को उनसे कहा गया और जिस तथाकथित शिक्षा को देने के लिए उन्हें पेमेंट दिया गया .कुल मिलाकर ये उनको मिलने वाली उनकी मज़दूरी भर थी और मजे की बात ये कि जिस तरह एक मज़दूर को मज़दूरी ... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   8:41am 31 Dec 2014 #
Blogger: subodh
आप अगर कॉम्पिटिशन की सोच रहे है तो निश्चित ही अपनी ग्रोथ खत्म कर रहे है ,कॉम्पिटिशन की मत सोचिये बल्कि अपना बेस्ट दीजिये . अपने पैरामीटर्स इतने ऊँचे कर दीजिये कि दुसरे के लिए उन तक पहुंचना पहाड़ की चोटी पर बसेरा बनाने जैसा हो . - सुबोध... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   8:44am 30 Dec 2014 #
Blogger: subodh
पार्टनरशिप से अलग होने के बाद - पार्टनरशिप चाहे वो बिज़नेस की हो या ज़िन्दगी की .......तुम्हारे फ़्रस्ट्रेशन की वजह मैं नहीं हूँ ,मैं तो सिर्फ तुम्हारे फ्रस्ट्रेशन का शिकार हूँ .जब हम अलग हुए थे -ज़िन्दगी में एक लम्बी दूरी साथ-साथ चलने के बाद , तब तुमने ज़िन्दगी भर की उपलब्धियाँ ... Read more
clicks 272 View   Vote 0 Like   11:36am 25 Nov 2014 #
Blogger: subodh
भविष्य का गरीब जानने का प्रयास करता है ,एक बुक और पढ़ लूँ ,एक वीडियो और देख लूँ,एक मुलाकात और कर लूँ ,इस प्रोजेक्ट में कहीं कोई कमी नहीं रह जाए ,ये भी जान लूँ,वो भी जान लूँ ,और इस जानने के चक्कर में हरी बत्तीलाल हो जाती है और वो जानता ही रहता है ,इसे आप सोच का लकवा भी कह सकते है क... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   2:11am 20 Nov 2014 #
Blogger: subodh
आनेवाले आर्थिक परिवर्तन,नए-नए आविष्कार ,टेक्नोलॉजी के चमत्कार जहाँ कुछ ठहरे हुए लोगों को भयभीत करते है वही कुछ लोगों के लिए नए अवसर ,चमकदार रोशनी, खूबसूरत सुबह की शुरुआत करते है . जिनका दिमाग खुला है ,जिनमे लचीलापन है ,जो नया जानने,समझने और करने को तैयार है वही इस युग में ... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   1:41am 19 Nov 2014 #
Blogger: subodh
ख्वाइश इतनी सी कि हालात बेहतर हो जाएमेरा आरामदेह क्षेत्र (comfort  zone  ) रहे सुरक्षितइस सोच की वजह से  कोशिशें होती है आधी-अधूरी.  शुभचिंतकों कीअसफलता की  फिक्रफुला देती है हाथ-पाँव .काम कीशुरुआत अकेले से होती हैख़त्म २-४ पर होती है.इस्तेमाल किये जाते है औद्यौगिक युग के... Read more
clicks 263 View   Vote 0 Like   1:11am 16 Nov 2014 #
Blogger: subodh
अगर आप गलती करते हो और अपनी गलती को समझ नहीं पाते हो तो उसे बर्बादी की शुरुवात समझो और अगर अपनी गलती को समझ लेते हो ,स्वीकार कर लेते हो तो उसे फला हुआ आशीर्वाद मानो क्योंकि आपके दिल ने , आपके दिमाग ने आपको इतनी शक्ति दी है कि आप अपनी गलती स्वीकार कर पा रहे हो .ध्यान रहे स... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   3:16am 12 Nov 2014 #
Blogger: subodh
तुम्हारा डर तुम्हारे विश्लेषण की वजह से पैदा होता है ,तुम जो जीवन का ,जीवन में होने वाली भविष्य की घटनाओं का विश्लेषण करते हो ,उनके होने का अंदाजा लगाते हो वही तुम्हे भयभीत करता है ,हालाँकि तुम्हारे अंदाज़े ,तुम्हारे विश्लेषण अधिकांश बार गलत होते है ,तुम वर्त्तमान में सि... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   11:57pm 9 Nov 2014 #
Blogger: subodh
मेरी पोस्ट 137 से आगे -किसी प्रोडक्ट की सेल क्लोज करने से पहले प्रोडक्ट की खासियतों  के बारे में बताया जाता है ,इसे प्रोडक्ट का प्रचार करना भी कहते है. कुछ लोग प्रचार से चिढ़ते है जो सफलता की राह में एक बड़ी बाधा है .प्रचार से चिढना या सेल से बचने की कोशिश करना आपको मुनाफे से ... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   1:04am 17 Oct 2014 #
Blogger: subodh
व्यवसाय चलाने के लिए टेक्नोलॉजी और व्यवहारिकता दोनों की ज़रुरत होती है .लोगों से मिलना- जुलना सीखिये ,उनसे व्यवहार करना सीखिये व्यवहारिक बनिये , व्यवहार मार्किट में बिकनेवाली वस्तु नहीं है कि ज़रुरत हुई और जाकर खरीद लाये .टेक्नोलॉजी और टेक्नीशियन आप फिर भी मार्किट स... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   2:05am 15 Oct 2014 #
Blogger: subodh
बहुत से लोगों के पास बहुत सी बेहतरीन आइडियाज होती है लेकिन वो उनके दिमाग में होती है और वही दफ़्न हो जाती है वो उनकी महान आईडिया इस लायक नहीं बन पाती कि लाखो-करोडो पैदा कर सके ,इसकी मुख्य वजह ये है कि जिनके दिमाग में ये आईडिया आती है वो खुद को बहुत ही साधारण मानते है उस आईड... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   2:56am 14 Oct 2014 #
Blogger: subodh
          बड़ी अजीब सी सोच होती है लोगों की , उन्हें सफलता चाहिए होती है लेकिन उन्हें सफलता का शॉर्टकट चाहिए .अब उन्हें कौन समझाये और कैसे समझाये कि  कुछ चीज़ों का शॉर्टकट नहीं होता उन चीज़ों को अगर आप  शॉर्टकट से पा भी लेंगे  तो वे लम्बे वक्त तक टिकेगी नहीं... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   1:14am 11 Oct 2014 #
Blogger: subodh
कुछ लोग अपनी टीम पर ,जिसे उन्होंने खुद बनाया है -उसी टीम पर भरोसा नहीं कर पाते !अगर आप भी उन लोगों में से है तो खुद से एक सवाल करें कि आपको भरोसा अपनी टीम पर नहीं है या खुद पर नहीं है ,कृपया जवाब बड़ी ईमानदारी से देवे .जवाब चाहे जो हो दोनों ही स्थितियों में दोषी आप है ,इसकी जिम्... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   1:06am 11 Oct 2014 #
Blogger: subodh
सफलता चाहना किसी सपने का प्रारंभिक स्तर है, यह एक बीज है और बीज की उपयोगिता कुछ भी नहीं होती अगर उसे बीजा न जाए . बीज को बीजना पहली आवश्यकताहै उसके बाद उसे खाद देना ,पानी देना उसकी सम्हाल  करना दूसरी आवश्यकता है जिसे आप कह सकते है कि सपने पूरे करने के लिए एक प्लानिंग के तह... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   2:04am 10 Oct 2014 #
Blogger: subodh
मेरी पोस्ट 136  से आगे -जब तक आप को यह पता न हो कि आप जो कर रहे है उस करने का कोई एक अलग अर्थ भी है तब तक आप उस अलग अर्थ का कोई सदुपयोग नहीं कर पाएंगे . आपका एक गरीबदोस्त अपनी बातचीत में किसी  प्रोडक्ट की खासियत के बारे में बात करता है  तो ज़ाहिर सी बात है वो सेल्समैनशिप वाला क... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   10:27am 3 Oct 2014 #
Blogger: subodh
मेरी पोस्ट 48 "बेचना आना चाहिए"के बारे में थी .अमीर बेचने के तरीके जानते है ,अहमियत समझते है जबकि गरीब बेचने को  तकरीबन नापसंद करते है ,इसे हेय दृष्टि से देखते है !पहली बात ये समझे कि बेचना क्या होता है ,अमूनन गरीबों को"बेचने"के बारे में अधूरी जानकारी होती है .कोई भी ऐसी कार... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   12:22pm 2 Oct 2014 #
Blogger: subodh
आप पहली बार नया काम करते है तो अमूनन वो मुश्किल ही होता है लेकिन उसके बाद जब उसे दुबारा करेंगे  तो वो उतना मुश्किल नहीं लगेगा  और उसी कार्य को  फिर किया तो ? कोई भी कार्य लगातार  दोहराने से आसान हो जाता है, जब ये आसान हो जाता है तो इसे करना सुखद  हो जाता है .और मानव स्व... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   5:11pm 29 Sep 2014 #
Blogger: subodh
आपका आरामदेह दायरा क्या है ? आपका कम्फर्ट जोन क्या है ?मान लेते है अभी आप डेली  2  किलोमीटर दौड़ते है और आप  डेली 4  किलोमीटर दौड़ना चाहते है . 2 किलोमीटर या इससे कम दौड़ना आपके लिए आपका कम्फर्ट जोनहै क्योंकि इतना आप डेली दौड़ते है और इतना दौड़ने में न आपकी साँस फूलती है, न आप... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   3:18am 26 Sep 2014 #
Blogger: subodh
अगर आप अपनी ज़िन्दगी को मुश्किल बनाना चाहते है तो आसान कामों का चुनाव कीजिये और अगर आप अपनी ज़िन्दगी को आसान बनाना चाहते है तोमुश्किल कामों का चुनाव कीजिये .जिस रास्ते पर भीड़ चलती है वो रास्ता आसान होता जाता है क्योंकि उस रास्ते पर चलने के लिएलैंडमार्क्स मौजूद होते है औ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   3:17pm 22 Sep 2014 #
Blogger: subodh
ज़िन्दगीमें आपको आगे बढ़ने से कौन रोक रहा है ? आपके पैरों में ज़ंज़ीर डालने वाला कौन है ? मुकाबले में खड़े हुए बिना ही आपकी हार की घोषणा करने वाला कौन है ? वो कौन है जो इस बहुतायतवाले संसार में आपको अवसरों की कमी है ऐसा कह रहा है ? जो उत्साह के माहौल में भी आपको हताश, निराश  कर देत... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   7:29am 21 Sep 2014 #
Blogger: subodh
आप कुछ पाने का लक्ष्य बनाते है -*धन की एक निश्चित ,सही-सही मात्रा  सोचते है .( जितनी ज्यादा डिटेल में जा सकते है जाए )**उसे किस काम के द्वारा  पाएंगे.( जितनी ज्यादा डिटेल में जा सकते है  जाए )  ***उसे पाने की क्या कीमतआप चुकाएंगे ये भी ज्ञात कर लेते है .( जितनी ज्यादा डिटेल मे... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   10:09am 20 Sep 2014 #
Blogger: subodh
जब लक्ष्य बनाने की बात आती है तो ज्यादातर लोग इसे मजाक में लेते है !!उन्हें लक्ष्य की आवश्यकताऔर अहमियत समझ में नहीं आती , उन्हें लक्ष्य बनाना गैरजरूरी और बोझिल लगता है .वे जैसा कि मैंने अपनी पोस्ट 113 ( http://saralservices.blogspot.in/2014/08/110_23.html ) में लिखा है चाहना,चुनना और समर्पण में फर्क ही नहीं ... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   6:56am 19 Sep 2014 #
Blogger: subodh
ज़िन्दगी में लक्ष्य  तय किये बिना शुरुआत  करना वैसा ही है जैसा फुटबॉल खेलते वक्त गोल पोस्ट का पता न होना ,वो  बड़ी हीहास्यास्पदस्थिति होती है जब एक फुटबॉल खिलाडी के पास फुटबॉल हो लेकिन उसे ये पता न हो कि गोल कहाँ करना है . अगर आप फुटबॉल मैच के दर्शक हो तो क्या ऐसी टीम को ... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   2:51am 18 Sep 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post