POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: सुवासित हो मन का प्रांगण...!!!

Blogger: कुमारी अर्चना
सतरंगा बल्ब जलाया है शाम के साए नेसफेद दीवार पर छितरा गयी नटखट किरणेंखिड़किी से अंदर आया अँधेरा जमींदोज होने लगाउफनाई नदी लील गयी आखिरिी सीढी भिीघाट पर छुूट गया एक सीपजिसमें बन्द कहानी को मोती नहीं बनना थाआ्ँगन वाली गौरैया भिी बतियाना भुूल गयीताल वाली मछली सेपंख पर ... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   8:27am 11 Jul 2014 #
Blogger: कुमारी अर्चना
इतना भिी आसान नहीं होता अपने जैसा होनालड़ना पड़ता है एक महायुद्ध स्वयं से हीअपने जैसा बने रहने के लिएजीवन नित नवीन अध्याय पढाता रहता हैसीखा गया पाठ एक द्वन्द छोड़ देता हैअतीत के पन्नों पर लिखा गया दीर्घ प्रश्नोत्तरवस्तुनिष्ठ हो जाता हैवर्तमान उस वस्तुनिष्ठता में ख... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   12:02pm 7 Jul 2014 #
Blogger: कुमारी अर्चना
तुम अक्सर भेज देते होएक आश्वासनअपनी छद्म मुस्कान में लपेट करजाने कितनी तहों में रखा गया जीवनझलक कर खो जाता हैजीवन के हर विलोम का अर्थ ढू्ँढ रहे हो तुमअँधेरा,दुःख,खोना,विरह,तड़प,पीर,व्यथासब व्यक्त हैं ,बस कथाएँ लुप्त हैंउस विपरीत का आकर्षण ले जा रहा तुम्हेंदूर बहुत दू... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:23pm 4 Jul 2014 #
Blogger: कुमारी अर्चना
मेरी नाभि में बसती हैप्रेम की कस्तूरीजिसका आभास है मुझेसुवास का एक दिव्य घेराजिसमें सुवासित है मनसंबन्ध जिसका केन्द्र बिन्दु हैमृग की भा्ँतिजीवन भर अपनी ही संधान मेंअतृप्त स्पृहा की परिक्रमा करनामेरी भाग्य रेखाओं में नहीं रचाउस विधाता ने मुझे ज्ञान दिया हैमनुजत... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   3:55am 3 Jul 2014 #
Blogger: कुमारी अर्चना
मुझमें रोपा गया सूनापनदरख्त हो गया हैशजर के पत्ते सारेवक्त ने जला डालेकोई सावन न सींच पायान हरियाया मन कभीहरियाली से लदे पेड़ों......सुनो........तुम्हारा आज मेरा अतीत रहा कभीमत हँसो मेरे अतीत पर तुमछा्ँव मैंने भिी लुटाए हैं बहुतसूखी शाखों की दुआ हैहरियाली कायम रहे तेरीमैं... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   2:31pm 2 Jul 2014 #
Blogger: कुमारी अर्चना
बारिशों में बह गयी कागज की नाव...बारिशों में बह गयी कागज की नावलादकर अधूरी ख्वाहिशें।कहीं डूब जाएगी तो डूबे ।मुझे अभी अंजुरी में संभालनी हैंनयी बारिश की नयी बूँदें ।जिन्दगी मेरे पास पाने को बहुत कुछ हैऔर मुस्कुराने को बहुत कुछ हैलो आज फिर पाया खुद कोजब भुलाया खुद को..!ल... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   1:02pm 27 Jun 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post