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Blog: सारथी

Blogger: vinayak vandan pathak
डायरी में लिखे पुराने गीत का एक अंश......दिल हमारा था कागज का टुकड़ा कोईनाम तेरा लिखा तो गजल हो गया रास्ते मंजिलो के कठिन थे मग... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   7:12pm 21 Nov 2018 #
Blogger: vinayak vandan pathak
इसबार ऐसे मित्र जो श्रीमती जी वाले हो चुके थे उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ , होली के पहले ही वो काफी लाल पीले दिख रहे थ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   3:26pm 17 Mar 2017 #
Blogger: vinayak vandan pathak
हाँ तो चुनाव जारी है और पार्टी प्रमुखों के आये दिन बयान जारी है, ऐसे में जो बेरोजगार है और जो बेहद ढंग के रोजगार में है (मतलब हम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और प्राइमरी के अध्यापक को नही कह रहे है जी) आये दिन चुनावी कमेंट्स  कर के देश हित में लगे हुए है ! उन्नाव से वापसी में आत... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   10:05am 22 Feb 2017 #
Blogger: vinayak vandan pathak
अब देश का न तो जातिगत वर्गीकरण है न आर्थिक, बस जिओ कृत वर्गीकरण है ! ऐसे में कुछ क्रांतिवीर है जिन्हें देश की इतनी चिंता है की मोबाइल में डाटा खत्म तो इनकी सांस उखड़ने लगती है, मतलब २४ घंटे कनेक्टिविटी में ही रहना है ! लौकी और पियाज १ रूपया महंगा हो जाये तो ये बेमौसम नौरात्र ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   5:48am 29 Nov 2016 #
Blogger: vinayak vandan pathak
बात तब की है जब गुड्डू रंगीला अश्लील गीत के लिए ऑस्कर पा चुके थे , पवन सिंह अश्लीलता सीख रहे थे और कलुवा की आत्मा तो कोई अश्लील तन की तलाश कर रही थी , ये वो दौर था जहाँ गांव में सरकारी स्कूलो के दीवाल पे परिवार नियोजन वाले दोहे लिखे होते थे और वो पढाई के केंद्र कम और गायों के ... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   8:32am 23 May 2016 #
Blogger: vinayak vandan pathak
मारे एक मित्र ने जब सुना की कुंडली जागरण से आदमी को असीम शक्तियां मिल जाती है तो वो 4 घंटे ब्रह्ममुहूर्त में कुंडली मार के ध्यान लगाते। हमसे बोलते की भाई आँखों के बीच आज पीला रंग दिखा आज लाल दिखा, मेरुदण्ड में खिंचाव हुआ लगता है मूलाधर चक्र मणिपुर चक्र में आ गया है । लेकि... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:58am 7 May 2016 #
Blogger: vinayak vandan pathak
श्री लाल शुक्ल ने अपने उपन्यास राग दरबारी में शिक्षा व्यवस्था को "सोयी हुई कुतिया"कहा था, उनका ये कथन आज भी प्रासंगिक है ! शिक्षा के संस्थान  दुकानों में तब्दील हो चुके है और विद्यार्थी पैसा देने वाला ATM ! प्राइमरी स्कूल ऐसे लगते है मानो नागासाकी और हिरोशिमा का बम यही पे ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   6:40am 8 Apr 2016 #
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महको बन प्रसुन, गाओ गीत विजय के  भोर किरण आई है खोलो द्वार निलय केप्रेम प्रस्फुटित हो, व्यापक हो मानवता आनन्दित मकरन्द से गुंजित हो वसुधा सृजन हो अद्भुत की छूटे भय प्रलय के भोर किरण आई है खोलो द्वार निलय के ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   5:34am 4 Apr 2016 #
Blogger: vinayak vandan pathak
आज दुकान पे जोरदार चाय चर्चा हुई। कुछ दिनों से न आ पाने के कारन मेरी सदस्यता रद्द हो गयी थी, लेकिन जब देसी अभिवादन हुआ तो माहौल जम गया । कोई कामरेड और भगवा की चर्चा नही हुई क्योंकि इसकी अति वैसे भी फसबुकिया राष्ट्रिय चिंतकों ने कर दी है । आज कल सारी क्रांति फ़ेसबुक और ट्वि... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   6:29pm 2 Apr 2016 #
Blogger: vinayak vandan pathak
एक दिन जब एक वरिष्ठ से मिला तो उनके मुख से धर्म की ज्ञान गंगा बह रही थी , बार बार तन के नश्वरता और आत्मा की अमरता की चर्चा कर रहे थे । हलाकि वो भौतिकता के नहर में खूब नहाये हुए थे और नश्वर तन के हर आनंद का अनुभव किये हुए थे । हलाकि कोई गलत नही है जब बाबा आशाराम राम को छोड़ सुंदर... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   6:19pm 2 Apr 2016 #
Blogger: vinayak vandan pathak
किताबो पे जमी हुई धुल को साफ़ करते हुए विनीत को कुछ पंखुड़ियाँ गिरती हुई दिखाई दी " एक दौर बीत गया और ये अभी भी उस वक़्त के साक्ष्य है जिन्हे कभी मुग्धा की उपस्थिति महका देती थी "ये महज पंखुड़ियां नहीं प्रेम के खिले गुलाब की यादे समेटे वो जज्बात है जिन्हे इन किताबो में ही जग... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   10:04am 11 Sep 2015 #
Blogger: vinayak vandan pathak
ऐसी कमरे में अंग्रेजी भाषा की अगुवाई में हुई गरीबी की चर्चा फिर झूठी रस्म अदाई मेंछत्तीस श्रोतो से घर उनके धन धान्य से भ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   12:50pm 5 Sep 2015 #
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नीम के नीचे काठ के कुरसी पे बैठे हुए मुन्ना मास्टर को देख के सभी छात्र की हड्डी काँप उठती थी । मुन्ना मास्टर का दिव्य चेहरा और सर पे गिनती भर के बाल उनके अनुभवी होने के प्रमाण थे । मानचित्र उन्हें ऊँगली पर याद थे और उनके डर से छात्रो के पेट का भूगोल अक्सर नहर के किनारे गड़ब... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   9:36am 5 Sep 2015 #
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सूबे में मुख्यमंत्री के भाई और ससुराल में दुल्हे के भाई का स्वागत दोनों ही पहली बार जोरदार होता है । और दूल्हे के भाग्य म... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   6:04am 1 Sep 2015 #
Blogger: vinayak vandan pathak
समय की ढलान के साथ मासूम यादें रह रह के दिवार पे साये उकेरती है और हमे उन एहसास में धकेल देती है जिन्हें हम किसी चौराहे पर छ... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   1:53am 28 Aug 2015 #
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गिरे है जब कभी ठोकर से इस ज़माने की हमने सीखी है अदा खुद को आजमाने की हर एक कदम पे हौसलों की आजमाईश हैकदम को दी है कसम दूर तलक ... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   8:40pm 26 Aug 2015 #
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इकरार नहीं इंकार तो कर कुछ तो लब्जे बयां कर दे ख़ामोशी लूटती है सुंकू दिल के झूठा ही मगर एक हाँ कर दे  ये ताब तुम्हारी सूरत क&... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   6:55pm 25 Aug 2015 #
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रुसवा दिलो के दर्द की एक मर्ज है शराबअफवाह है की जिंदगी करती है ये ख़राबनजरे सनम की देख के मदहोश हम हुएआँखों से बह रही है यु ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   6:30pm 30 Jul 2015 #
Blogger: vinayak vandan pathak
कब तलक साथ कोई दे सभी तो छूट जाते हैजरा सी बात पर अपने भी झट से रूठ जाते हैरिश्ते आईने से भी बहुत कमजोर है यारो एक अफवाह की आæ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   5:13pm 30 Jul 2015 #
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जब लगन की आग धधकती है तो वही कलाम जैसे महापुरुष को जन्म देती है । पूरब से ले के पश्चिम या उत्तर से दक्षिण अमीरी के हजारो चेह... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   5:07pm 28 Jul 2015 #
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सरकारी विभाग में कॉन्ट्रैक्ट की नौकरी दास प्रथा का नवीनीकरण है । सुबह नौ से शाम 6 तक आने  का नियम सिर्फ इनके लिए ही है सारे&n... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   7:16pm 26 Jul 2015 #
Blogger: vinayak vandan pathak
रोटी के हवाले जिंदगी के  बवाल परचलो झोक दे खुद को जीने के सवाल परवो हुक्मरान है जो चाहे हुक्म दे मुह तक न खोलिए उनके सवाल प&#... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   9:57am 20 Jul 2015 #
Blogger: vinayak vandan pathak
जब प्रीत का आडम्बर करके तुम थक जाओगीराह सभी चल के मुड़ के वापस आओगीनयनकमल सुख के जब कुम्हला जायेंगे यौवन के भी पुष्प रूठ मुरझा जायेंगेतब थोड़ी सी घृणा लिए मुझ तक आना तुम तब भी मेरे अंतस में खुद को पाओगीजब प्रीत का आडम्बर करके तुम थक जाओगी... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:41am 21 May 2015 #
Blogger: vinayak vandan pathak
पतन का अद्भुत प्रदर्शन कर रहा हैहो रहा सब जीर्ण तन मन वासना में लिप्त यौवन शौर्य की गाथा मिटी अब है पराजित खुद युवा मन भाल को अपने झुका, चाकरी कर रहा है पतन का अद्भुत प्रदर्श कर रहा हैदेश विस्मृत, देह ही स्मृति हुई संस्कृति चहुँदिश यहाँ गिरती हुईअर्जुनो और कर... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   4:38am 21 May 2015 #
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लोचन नीर हुए है वारिधि जब से हुआ वियोगी कृष्ण नहीं बन सका मैं राधे मैं शंकर सा योगी प्रेम रस का पान नहीं मुझको विषपान सुहाता है मैं आनद मनाउ कैसे औरो का दर्द रुलाता है मोह के पिंजरे खोलोगे जबजीत तुम्हारी होगी कृष्ण नहीं बन सका मैं राधे मैं शंकर सा योगी... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   4:36am 21 May 2015 #
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