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सुबोध- चमकीले पल

ज़िन्दगी का हर लम्हा हमें कुछ न कुछ सीखने का मौका देता है , ये हम पर है कि हम कुछ सीखते है या हमारे साथ या हमारे सामने होने वाली घटनाओं को यूँ ही जाने देते है .मुझे याद है बरसों पहले मैं नैनीताल में घूमने गया था , मैं नौकुचिया ताल देखने गया था , मैं वहां बैठा था और वहां की खू...
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  November 21, 2015, 6:26 am
ज़िन्दगी हमेशा चुनौतीपूर्ण होती है और चुनौती में बने रहना भी चुनौतीपूर्ण होता है .एक जैसी परिस्थितियाँ किसी के लिए आसान और सहज होती है और किसी के लिए कठिनाइयाँ बन जाती है, समस्या बन जाती है .हर नई परिथिति हर एक के लिए शुरू में कठिनाई ही होती है ,मुश्किल ही होती है , मुसीबत ह...
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  November 4, 2015, 6:46 am
महत्त्वपूर्ण कहना नहीं , दिखना नहीं , बल्कि करना होता है और करने से भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण होना होता है .कहा बहुत कुछ जाता है लेकिन किया नहीं जाता , दिखता बहुत कुछ है कि ये किया जा रहा है लेकिन होता नहीं है ,रिजल्ट जो कहा जाता है वो नहीं आता है .जब करना शुरू करते है तो करने के ...
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  October 30, 2015, 7:00 am
विकास या पतन हमेशा व्यक्तिगत होता है..इसके लिए किसी व्यक्ति,परिवार ,समाज,माहौल,संस्कार या परंपरा को दोष देना अपनी जिम्मेदारी से बचना भर है,जिम्मेदारी नकारना है.एक शराबी बाप के दो बेटों में से एक शहर का गरीब मशहूर शराबी बनता है और दूसरा धनवान मशहूर उद्योगपति बनता है जबक...
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  October 28, 2015, 6:52 am
सच क्या सिर्फ वही है जो तुम देखते हो , महसूस करते हो , छूते हो, गले लगाते हो, जीते हो और ख़ुश होते हो कि तुम सच से रूबरू हो !!!सच का एक दूसरा पहलू भी होता है जिसे तुम सब कुछ जाने के बाद भी नहीं जानते !!! एक अनदेखा ,अन्जाना, अचिन्हित सच !!तुम्हारा आज का सच क्या पता कब सिक्के का दूसरा पहल...
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  August 26, 2015, 12:39 pm
तुम्हारी हार की वजह , असफलता की वजह तुम्हारा अहंकार है कि मैं सब कुछ जानता हूँ - मैं मानता हूँ तुम बहुत कुछ जानते हो , जवान हो , काबिल हो, नई पीढ़ी से हो, टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है, सिस्टम कैसे बनाये जाते है , कैसे चलाये जाते है - सब कुछ जानते हो तुम और इस सब कुछ जानने ने तुम्हे...
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  May 5, 2015, 6:34 am
क्या करोगे जीत का सेहरा पहन कर ?अपनों को दुखी कर उनके खिलाफ लड़ी हुई जंग में जीत भी गए तो क्या ,ये जंग किसी कौरव की नहीं,किसी पांडव की नहीं उनकी है जो कल भी तुम्हारे थे,आज भी तुम्हारे है और तुम चाहे जीतो या हारो तुम्हारे ही रहेंगे .तुम खेल रहे हो अपने बच्चे के साथ और उसे खेल म...
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  April 17, 2015, 11:03 pm
मुझे याद है बचपन में मैं खुद के बनाये हुए मिटटी के घरोंदे मन भर जाने पर या खेल ख़त्म होने पर बड़ी सहजता और बिना किसी तकलीफ या दर्द के एहसास के तोड़ दिया करता था , आज उतनी सहजता के कुछ भी नहीं कर पाता, यहाँ तक कि खाना खाते वक्त भी ध्यान रखता हूँ मुंह ज्यादा नहीं खोलना है ,कौर छोट...
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  April 17, 2015, 10:59 pm
जिस ऊंचाई की बात तुम करते हो डर लगता है उस ऊंचाई के बारे में सोच कर भी लेकिन जब सोचता हूँ , मथता हूँ खुद को तो पाता हूँ सौ मील का फ़ासला भीकदम-कदम चल कर तय होता है ,आज इतना बड़ा मैंएक-एक दिन गुजार कर हुआ हूँ तो हासिल कर लूंगा वो ऊंचाई भी जिसकी बात तुम करते होरफ्ता-रफ्ता ...सुबोध- अ...
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  April 17, 2015, 10:54 pm
ज़िन्दगी में असफल वही लोग है जो गलतियाँ नहीं करते क्योंकि गलती होने के डर से वे कभी भी अपने पूर्ण प्रयास नहीं करते ,ऐसे लोग अपनी स्कूली शिक्षा में अच्छे होते है क्योंकि स्कूली शिक्षा में गलतियों पर दण्डित किया जाता है ,गलतियों से बचा जाता है .ऐसे लोग जब अपने दम पर ज़िन्द...
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  April 17, 2015, 10:53 pm
रोटी की कीमत एक भूखा इंसान ही समझ सकता है , नौकरी की कीमत उससे पूछे जिसकी अभी-अभी नौकरी छूटी हो .पैसे की कीमत उससे पूछे जिसने अपना सब कुछ गवाँ दिया हो !!असफलता , टूटन , हताशा ज़िन्दगी का मकसद नहीं है लेकिन ये भावनाएं हमसे उसी तरह चिपकी हुई है जिस तरह जिस्म से चमड़ी.इंसान की ज़िन...
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  April 12, 2015, 8:56 pm
कुछ भी करते हो तुम तो ये न समझना कि उसके जिम्मेदार तुम ही हो और अच्छा या बुरा जो भी असर पड़ेगा वो तुम पर ही पड़ेगा. तुम कोई भी गलत काम करते हो तो क्या सिर्फ तुम अकेले ही उसका फल पाते हो ? और कोई अच्छा काम करने पर ?सोचो तुम शराब पीकर घर आये हो बेसुध हो नशे में कुछ उल-जुलूल बक रहे ह...
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  April 12, 2015, 8:55 pm
तुम्हे पता नहीं है क्या होगा जब तुम कुछ करने की कोशिश करोगे हो सकता है तुम असफल हो जाओ या हो सकता है सफलता तुम्हारे कदम चूमे लेकिन अगर तुम कुछ भी कोशिश नहीं करोगे तो ये निश्चित है तुम्हारे साथ कुछ भी नहीं होगा न सफलता और न ही असफलता तुम जैसे हो वैसे ही रहोगे या तुम खुद ही...
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  April 12, 2015, 8:54 pm
कुछ सम्बन्ध ऐसे भी होते है जिन्हे हम दिल और दिमाग से लगाये बैठे होते है जिन पर हमे गुमान होता है ,गौरव होता है उन संबंधों की कलई तब खुलती है जब आप तकलीफ में होते है. हम उस बेवक़ूफ़ बंदरिया से कुछ भी अलग नहीं होते जिसका छाती से चिपका हुआ बच्चा किसी सक्रमण से ग्रसित होकर मरा ह...
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  April 11, 2015, 7:09 am
काम (जिसे ज्यादातर लोग एक बोझ समझते है) की शक्ल में आने वाली उपलब्धियां जब गुजर जाती है और जो काम को इज्जत देता है उसे जब उपलब्धियां इज्जत देती है तब लोगों को समझ में आता है कि हमने गलती कहाँ की ! दरअसल उनकी असफलता की वजह उनकी मानसिकता होती है जो काम को बोझ समझते है . मानसि...
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  April 10, 2015, 7:19 am
अँधेरा नकारा पक्ष नहीं है रोशनी का वो तो सिर्फ ये बताता है कि यहाँ रोशनी नहीं है इसी तरह समस्या ये बताती है कि वर्तमान में आपके पास ऐसा विचार नहीं है जो तथाकथित समस्या का समाधान दे सके . समस्या कभी ये नहीं कहती कि मेरा समाधान नहीं है बल्कि ये तो आप स्वयं है जो किसी तटस्थ ...
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  April 9, 2015, 6:45 am
तुम्हारा सच जड़ हो गया है , वक्त के चक्के में कहीं जाम हो गया है , उम्र तुम्हारी बढ़ी है लेकिन तुम्हारी सोच समय के किसी कालखण्ड में फंसी रह गयी है और उस दौर के तत्कालीन सच में ही अटकी हुई है तभी तो तुम कल जिन आशीर्वादों के कुछ अर्थ हुआ करते थे वही आशीर्वाद दोहराते जा रहे हो, ज...
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  April 7, 2015, 7:38 pm
हो सकता है ये छोटा सा नज़र आने वाला अवसर ही बड़ा अवसर हो और आप इस ताक में बैठे हो कि कोई बड़ा अवसर मिले और मेरे वारे- न्यारे हो जाये .अगर गौर करें तो अवसर सिर्फ एक तटस्थता भरी परिस्थिति है वे आपके प्रयास है जो इनमे रंग भरते है या इन्हे बदरंग करते है जिस तरह एग्जामिनेशन हॉल मे...
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  January 13, 2015, 2:49 pm
ज़िन्दगी जब मुश्किल हो जाये ,इतनी मुश्किल कि तुम हौंसला हारने लगो तो गौर करना और देखना डूबते हुए सूरज को कल वो वापिस लौटेगा कुछ सुस्ताने के बाद ,नए सिरे से इस संसार को रोशन करने ; तो गौर करना और महसूस करना जिस्म से छूटती हुई सांस को , वो छोड़ी इसलिए जाती है कि कार्बन डाई ऑक्...
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  December 31, 2014, 2:20 pm
गलतियां हर इंसान करता है - अगर वो ज़िंदा है तो !लेकिन फर्क इससे पड़ता है कि आपने उन गलतियों पर प्रतिक्रिया क्या और कैसे की है ,आपने गलती होने के बाद अपना माथा पीटा है या उन गलतियों से सबक लिया है .आपने आगे से कोई गलती न हो जाए इस डर से चलना ही बंद कर दिया है या बार-बार गलती कर क...
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  November 23, 2014, 8:14 am
एक दिन तुम्हारे चेहरे की ख़ूबसूरती पुरानी पड़ जाएगी ,तुम्हारा कसा हुआ जिस्म झुर्रियों से भर जायेगा , चमड़ी का कसाव, उसकी चमक अतीत की बात हो जाएगी , घनी लहराती जुल्फे चांदी के तारों में बदल जाएगी ,तुम्हारी रौबीली खनकदार आवाज़ लड़खड़ाने लगेगी ,वो कदम जिनसे धरती हिलती है उठाये...
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  November 20, 2014, 5:46 am
कल का मेरा सच आज सच नहीं रहा ,जब मैं उस सच को आज झूठ बताता हूँ तो तुम आश्चर्य करते हो !आज जिसे मैं सच मान रहा हूँ हो सकता है कल मैं उसे सच नहीं मानूं हो सकता है तुम मेरी बात नहीं समझ पाओ और फिर आश्चर्य करो. बेहतर है तुम मेरे कल के सच को जो आज झूठ बन गया है , सच और झूठ के शब्दों में ...
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  November 19, 2014, 7:20 am
मुझे याद नहीं कितनी बार गिरा हूँ मैं कितने ज़ख्म बने मेरे जिस्म पर कितनी बार दिल चीरती हँसीहँसी गई मुझ पर मगर रूका नहीं मैंगिर-गिर कर उठा मैं झाड़ी अपनी धूलमुस्कुराया हल्का सा कसी अपनी मुट्ठियाँ और डाल कर आँखों में आँखे कहा ज़िन्दगी से -मैंने हार से बचने का एक तरीका और सीख...
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  November 16, 2014, 6:27 am
उन्हें मुगालता ये हो गया कि वे कवि हो गए मैं उनको पढता हूँ और हँसता हूँ !अंदर से कोई कहता है तुम कवि नाम के प्राणीसिर्फ दूसरों की टांग खींचते हो अनगढ़ शब्दों को वाक्य विन्यासों को पढ़ते हो ,देखते होव्याकरण की शुद्धि जांचते हो, चर्चा करते हो नाक मुंह सिकोड़ते हो भावों को नही...
सुबोध- चमकीले पल...
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  November 9, 2014, 7:03 am
वो लफ्ज़ जो तुम्हारी आँखों ने कहे थे मुझसे आज भी सहेज रखे है मैंने वो लफ्ज़ न दिखते है न मिटते है एक फाँस की तरह सीने में चुभते है तब जब आँखों की कोरों से बहते अश्कपोंछती है उंगलियाँ एक दर्द अजीब सा उँगलियों की पोरों में समां जाता है वो लफ्ज़जो कहे तुम्हारी आँखों ने और मैंने...
सुबोध- चमकीले पल...
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  October 17, 2014, 6:51 am
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