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Blog: Chandan Kumar Gupta

Blogger: Chandan Kumar Gupta
सरसराती ठण्ड हवाओं में अपने सपने लेकर दौड़ रहा हैसुरों से परे, शब्दों से परे अपना ही धुन वो छेड़ रहा हैकामयाबी की आश बहुत है शिकस्त की कोई शिकन नहींवो लड़का जो है साधारण सा औरों सा ही तो लगता हैरखा था जब वो पहला पग सबने बहुत सराहा थागिरा था कई कई बार वो पर कोई नहीं हारा थाआज इ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   11:59am 11 Dec 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
सहमति असहमति है सहर्ष तुमने स्वीकार कियाहित अहित मान सम्मान तुमने है सरोकार कियाअगणित अशायुक्त जीवन में निस्वार्थ छाँव हो तुममित्रता का भाव हो तुम...वेदनाएं इस संसार में प्रफुल्लित होती हर क्षण हैसंग अजेय वाद विवाद से प्रशस्त मन के कण हैजिज्ञासु प्रश्नों से भरे उलझ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   10:55am 29 Aug 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
जब इच्छाएं ख़त्म हो जाती हैदुःख दर्द नादानी लगती हैउस मुकाम का आदी हूँ मैंखुद पर विजय का वादी हूँ मैंधर्म जब नौटंकी लगेकर्म एकमात्र संगी लगेज़िद्द है अतिवादी हूँ मैंअनसुलझा मियादी हूँ मैंगलत से समझौता नहींअपनों सा सरौता नहींयूँ डरता हूँ लड़ाई सेहर क्षण प्रतिवादी हूँ ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   6:45am 27 Jun 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
ख्वाबों का होना लाज़मी हैताबीर एक हो जरुरी तो नहींगुज़ारिश मेरी मुख़्तसर ही सहीरहमत तेरी हो जरुरी तो नहींफ़र्ज़ नहीं ये हिमायत हैजिस लफ्ज़ से तुझको शिकायत हैशिगाफ़ सीने में है छुपीएहसास हो तुमको जरुरी तो नहींएहसास है मुझको गुरुर नहीं तुझकोमगरूर होने की पर मज़बूरी तो नहींज़... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   10:07am 9 May 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
तेरे शहर की कुछ बात अलग हैलोग हैं वही जज़्बात अलग हैहक़ीक़त है लोगों पे राय मेरी,या मेरे नज़रों पे चस्मात अलग है?कुछ अलग तो नही&... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   11:36am 22 Mar 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
ज़िन्दगी दो या मौत दे दो!घुटन हमसे सहा नहीं जाता!! आ जाओ या चले जाओ!इंतज़ार अब किया नहीं जाता!!ख्वाब दो या हक़ीक़त दो!दिलासा दिल को दिया नहीं जाता!!हाँ कहो या ना कहो!"पता नहीं" अब सुना नहीं जाता!!इश्क़ हो या फिर न हो!दिल गैरों को गिरवी दिया नहीं जाता!!तुम रहो या कहानी रहे!यादों का बोझ ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   10:44am 20 Mar 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
दूर थे जब तुम, मेरे सबसे करीब थेजज्बात तेरे सारे, मेरे भी अज़ीज़ थेमिल न सकी थी नज़रे कभी हमारीपर नज़्र में सिर्फ तुम ही शरीक थेसिमटी थी दुनिया एक दूजे की हद तकख्वाबों में जीते थे, न कोई हबीब थेयाद आते हैं अब भी वो बीते पलकि दूर होकर भी हम कितने करीब थेसमझ न सका जो आगाज़ थी तन्हा... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   12:54pm 20 Feb 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
पैसे हो तो रिश्तेदार बहुत हैंकृषक नहीं पर ज़मीदार बहुत हैंवृद्धाश्रम की कमी नहीं मेरे शहर मेंबेऔलाद अमीरों के वफादार बहुत हैंघर में हो बेटी अपने तो संस्कार बहुत हैखूबसूरत हसीनाओं के तरफदार बहुत हैंघर की बच्चियां भले न पढ़ पाये बहुतसुशिक्षित हसीनाओं के हक़दार बहुत हैं... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   12:49pm 26 Jan 2016 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
भुला के राह-ए-इश्क़ तेरा मान तो रख लूँतेरी खामोश सिसक ज़ख्म हरा कर देती हैन देखती मुड़कर मुझे तो बात अलग थीनजरें मिला के फेर लेना ज़ख्म हरा कर देती हैचिंगारी बुझ गई होती उल्फत-ए- ख्वाब के मेरेतेरा अरसे पे मिल जाना ज़ख्म हरा कर देती हैनफ़रत ही सही पेश कर दो बेबाकी सेतेरा खामोश र... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   12:25pm 30 Dec 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
तेरी बेरुखी को मैं क्या समझूँमहज़ संयोग या साज़िश समझूँयकीं नहीं आता अपनी ही किस्मत पेकिस्मत कहूँ या तेरा एहसां समझूँसाज़िश खुद ही रचते होफिर रास्ता तुम ही गढ़ते होइत्तेफाक के इस पुलिंदे कोइश्क का कौन कायदा समझूँतेरी बेरुखी को मैं क्या समझूँएहसास इश्क़ का ही थाकि चाँद म... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   3:32am 5 Dec 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
आज बारिश आई मेरे तकियों तलेआगोश में अपनी कुछ यादें लिएसहेजा था हमने जिसे बड़े चाव सेनज़रो ने गिरा दिया ज़माने के दाव सेनींदों से अपनी वापस लौट रहा हूँ मैंख्वाबों को अपने हाल पे छोड़ रहा हूँ मैंमाँगा बारिश ने जवाब मेरी तन्हाइयों काजिसे बादलों से टूटते देख रहा हूँ मैंवो चेह... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   4:50am 24 Aug 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
अरमान मिलन के दबें है मन में,साथ इसे ले कुछ कर जाऊँगादूर बहुत तुमसे जाकर मैं,लौट कभी ना वापस आऊंगा...तू मुझ बिन मैं तुम बिन,जैसे है चाँद चकोरी के बिनइस जहाँ के रीत निभाते,चाह में तेरी मिट जाऊँगा...दूर बहुत तुमसे जाकर मैं,लौट कभी ना वापस आऊंगा...होंगें ऐब लाखों मुझमे,प्यार कभी... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   4:25pm 11 May 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
आँख-मिचौली खेलती मुझसे मेरा ही जीवननिश्चय कर न पाए किस उलझन में है मनजब कभी ठहराव मिला कदम उठा आगे बढ़ाएक नए दो-राहे पे ला खड़ा किया ये जीवनजगमग डगर शहर की अँधेरी गाँव की पगडण्डीइस रात और दिन के भ्रम में क्यों पिसता जीवनआगे एक कदम पीछे आधा होता हर क्षणछोड़ मोह को फिर से उलझत... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   12:47pm 22 Mar 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
आज अगर बारिश ना होती तो क्या होता?दो प्रेमी मिलते पार्क में जन्मो के कसमे खाने को?शिव सेना आती लठ्ठ लेकर संस्कृति का उधम मचाने को!समाचार विशलेषण करती "सभ्यता का मतलब क्या है?"प्रेम होता है क्या खुलेआम जिस्म मिलाने को?आज अगर बारिश ना होती तो क्या होता?दो-चार खून खराबे होते... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   4:04am 14 Feb 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
आज अगर बारिश ना होता तो क्या होता?दो प्रेमी मिलते पार्क में जन्मो के कसमे खाने को?शिव सेना आती लठ्ठ लेकर संस्कृति का उधम मचाने को!समाचार विशलेषण करती "सभ्यता का मतलब क्या है?"प्रेम होता है क्या खुलेआम जिस्म मिलाने को?आज अगर बारिश ना होता तो क्या होता?दो-चार खून खराबे होते... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   4:04am 14 Feb 2015 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
माना कि नज़रें न कभी मिलेगी हमारीपर क्या खुद से नज़रे मिला पाओगे तुमशीशे में जमाल निहारते अपनीमेरी छुअन नज़र अंदाज़ कर पाओगे तुमबदलते रिश्ते तुम्हे खुश करले कितना भीपर बीते लम्हे कैसे भुला पाओगे तुमशरारत भरी निगाह से यूँ न देखो मुझेक्षण-पल ये कहते खुद को पाओगे तुमगुमराह... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   11:37am 21 Dec 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
खूबसूरती में कमी नहींसौ घूरती नज़रें गवाही हैपर दिल को भाता क्यों नहींकिया ऐसा क्या इश्क़ उगाही हैआँखें है तुम्हारी मयखानापर नशा ये चढ़ता क्यों नहींनज़रें मिलती है क्षण भर कोपर बात बढ़ती ये आगे क्यों नहींमुशफिर हो तुम मैं भी हूँपर राह कटती ये पल में क्यों नहींमंजिल पे बि... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   3:51am 20 Dec 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
In the morning at fivewhen the world takes sighwalking in street lightgives feel of future brightwhen sweeper sweepshorn gives a slow beepsI wonder on the roadin my city in the hopepath says me go aheadkeeping goal in your head something be always missingleave the rest goal is kissingwhen you find no one aroundown efforts will make soundleave no space for regretforget luck else luck forget-Chandan Kumar Gupta... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   5:40am 7 Dec 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
जिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने सेकुछ बदला नहीं उसके बदल जाने सेलोग वही हैं जमाना और दस्तूर वही हैकोई खुश कोई नाराज आज भी है ज़माने सेजिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने सेतनाव वही है, आकर्षण का खिंचाव वही हैजलन होती है आज भी गैरों के पाने सेतुम न मानोगे कभी ए मेरे हमदमपर रिश्ते ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   3:23am 9 Nov 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
तेरा अपना होने पे भी शक हैफिर भी तुमसे मिलने की बेताबी क्यों हैजानता हूँ तेरे परायेपन की वजहफिर भी ये आँखें हुआ शराबी क्यों हैतुमसे मिलने की बेताबी क्यों हैतुम्हारे पास रहूँ हरदम बिन-वजहदिल ने सोचा ये गुस्ताखी क्यों हैइक दर्द से महरूम हुए नहीं पूरी तरहदूजे आह से लिपट... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   12:09pm 31 Oct 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
रिश्तों की समझ ऐसी भी क्याएक तोड़ दिया एक जोड़ लियाअपनों से मुख यूँ मोड़ के क्योंऔर भी अपना जोड़ लियाजिस अपनों को अपनाते होक्या वो अपना तेरा अपना हैजिस अपनों को छोड़ तुम जाते होया वो अपना ही तेरा अपना हैतशबीह न रिश्तों का किया करोसृजन ईश ने है खुद ही कियारिश्तों की समझ ऐसी भ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   4:14am 25 Sep 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
बेवफा हो तुम, यकीं नहीं होताजफा की पहचान हो, यकीं नहीं होतामैं पहचान न सका तुम्हे, यकीं नहीं होताकसमें वादे झूठे थे, यकीं नहीं होतास्नेह की पहचान हो नाम में झलकता हैकोयल की कुक हो बातों में बरसता हैमेरी ही मुस्कान हो चेहरे से टपकता हैसब पहचान झूठी है, यकीं नहीं होता"संग म... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   11:00am 6 Sep 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
अपनी यादों को कहो मुझसे दूर रहा करे बर्बादी की सारी हदों से गुजर चूका हूँ मैं कहते हैं कि याद अपनों की ही आती है परिभाषा अपनों की बदल चूका हूँ मैं अपनी यादों से कहो मुझसे दूर रहा करे बर्बादी की सारी हदों से गुजर चूका हों मैं जब भी याद तुम्हारी आती है अपना सुध खो देता हूँ म... Read more
clicks 307 View   Vote 0 Like   4:21pm 10 Aug 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
ना जाने कैसे लोग रंग बदलते रहते हैं मैं तो महज कोशिश करके भी शर्मा जाता हूँ किसी का दिल दुखाकर भी वो हँसते हैं बेहिसाब मैं दिल्लगी से पहलेे भी कहता हूँ माफ़ी जनाब यूँ पहचान बदलने की आदत इंसान की उफ़ देते हैं हवाला अधूरे अरमान की पर इंसान हकीकत से अनजान नहीं होता रिश्तों मे... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   1:19pm 13 Jul 2014 #
Blogger: Chandan Kumar Gupta
सेहर की धुप की किरने तेरे चेहरे पर जो पड़ती हैसच मानो मेरी जान दिल में हलचल सी होती हैतेरी मासूमियत का आशिक वो आसमा भले होपर तुझे छुए वो किरने दिल में तपिश भी होती  हैनूर तेरे चेहरे का खुदा ने रचा भले होपर उसका हक जाताना तुमपे ज्यादती सी लगती हैैसफ़र-ए-जिन्दगी में तुम मिल... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:11pm 6 Jul 2014 #
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