POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: हालात-ए-बयाँ/Halat-E-Bayaan

Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
रामबुधन जी के तीन बच्चे हुआ करते थे। वैसे हैं तो अब भी, मगर नहीं के बराबर। अब वो क्यों नहीं के बराबर हैं, ये जानते हैं :बात उस समय की जब रामबुधन जी का बड़ा बेटा 14 साल का, मझला बेटा 12 और छोटा क़रीब 9 साल का था। ये उम्र ऐसी है, जिसमें हर माँ-बाप को अपने बच्चों पे निगरानी रखनी पड़ती ह... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   7:39am 24 Aug 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
एक था 'रामबुधन्वा', बेरोज़गार गाँव का नौजवान। एक दिन उसके गाँव में आ गए नेता जी। नेता जी के ठाठ-बाठ देखकर रामबुधन्वा भौंचक्का हो गया। नेता जी भी एक दम से चमचमाती बी.ऍम.डब्लू कार से उतरे, एक दम सफ़ेद चक्का-चक लिबास में, हाथ में दो ठो मुआइल लिए, लेफ़्ट और राइट में दो सुन्दर कन्य... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   8:06am 22 Aug 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
एक सपना जो पिछले कई वर्षों से मन में पल रहा था, वो अब जाके अपने सफ़ल होने के कगार पर है। जी हाँ ! मेरे सभी स्नेही मित्रों, शुभचिंतकों और गुरुजनों, ''पुस्तकाभारती प्रकाशन''के नाम से प्रकाशन के क्षेत्र में क़दम रख रहा हूँ।''पुस्तकाभारती प्रकाशन''का पंजीकरण प्रमाण पत्र आज ही ... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   6:55am 17 Aug 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
हो गए हैं सरसठ साल दिन दिन बढ़ती आबादी है जश्ने आज़ादी जारी हैजश्ने आज़ादी जारी हैभूख से कितने ही लाचार हैं गली गली में फिरता भिखारी है जश्ने आज़ादी जारी हैजश्ने आज़ादी जारी हैपढ़ लिख के घूमे बिना कामफ़ैली यहाँ बेरोज़गारी हैजश्ने आज़ादी जारी हैजश्ने आज़ादी जारी हैमाँ क... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   9:32am 14 Aug 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
इतना बता दे उनको, जाके तू ऐ पवनउनके बिना व्याकुल, अब ये मेरा जीवनहरपल ही आस में बैठी, भूखी और प्यासीवो छोड़ मुझे क्यूँ दूर, बनके जैसे सन्यासीप्रीत में उनके जोगन बन फिरती वन में हूँ उनके बिन सुना सुना है, ये मेरा घर आँगनइतना बता दे उनको, जाके तू ऐ पवनउनके बिना व्याकुल, अब ये... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   5:00am 13 Aug 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
धीर-गम्भीर समुद्र में ये भीषण चक्रवात क्यों, अडिग-अटल पर्वतों पे ये भू-स्खलन क्यों,वर्षों से भार ढ़ो रही है ये वसुंधरा और अब भू-कम्पन क्यों?देवी-देवताओं को भी दौलत के तराजू में तौलने की ये होड़ क्यों, आदि-अनंत काल से चली आ रही अनेक परम्पराओं का दिन-प्रत... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   8:00am 8 Aug 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
बहुत गुमसुम हो ऐसे तुम कभी रहते नहीं थे कभी हमसे ख़फ़ा होके कहीं टिकते नहीं थेजरा सी बात क्या कह दी कि रिश्ता तोड़ बैठेमेरी आवाज़ सुने जो बिन रहा करते नहीं थेसफ़र के बीच में यूँ साथ क्यूँ छोड़ा है तुमनेकहीं जो बिन हमारे साथ के चलते नहीं थेअदावत ये है कैसी जो निभा तुम अब रहे हो... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   10:34am 30 Jul 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
ख़ुदा की बंदगी करनी तो रोते को हँसाना होगाहमें हर एक दिन को ईद के जैसा मनाना होगाजहाँ में ख़ार ही बोई हुई है हर तरफ ही अब तोहटा के इन सभी को अब गुलाबों को खिलाना होगा गले मिलके यहाँ दस्तूर को न अब निभाएँ हम सबदिलों से नफ़रतों के बीज को पहले मिटाना होगान कोई धर्म कोई जात कोई ... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   10:24am 29 Jul 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
तुम्हारे होने के एहसास नेवर्षों ज़िंदा मुझे रख्खा है तुम्हारे खोने के एहसास नेजिस्म से जाँ जुदा रख्खा हैदूर जो एक पल को भीतुम कभी न रह पाते थेबिन हमारे साथ कहीं तुम कभी न जा पाते थेकैसे रह पाते हो अबइक बार बतला जाओकैसे मुस्कुराते हो अब इक बार दिखला जाओवीरान सी ज़िन... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   8:05am 27 Jul 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
मौन जो थी, वो मुखर हो, रही दिल मेंआज फिर तुम्हीं, विचर हो रही दिल मेंभूल बैठे थे जिसे, एक मुद्दत सेयाद उसकी, कैसे घर, हो रही दिल मेंचैन ऐसे में, कहाँ को, मिले हमको आग के जैसे, असर हो, रही दिल मेंबात जो उसकी, भली सी, कभी लगतीआज वो ज़हरे, असर हो रही दिल मेंया ख़ुदाया, इश्क़ तूने, बनाया... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   3:48pm 23 Jun 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
ज़िन्दगी में उसूल उन उसूलों पे चलना सबके बस की बात कहाँ। ये मेरा सौभाग्य है ऐसे इंसान को मैंने देखा यहाँ। न कोई साज न कोई सज्जा सादा जीवन जी कर। ख़ुशियों की बारिश की ग़म के आँसू पी पी कर।मेरे मन की अब यही हसरत आप सा मैं भी बन पाऊँ।हाँ पिताजी आपके रा... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   3:41pm 16 Jun 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
सफ़र कितना भी मुश्किल होनज़र में सिर्फ़ मंज़िल होअता इतनी सी कर मौलाजो दे हमदर्द आदिल होमिला उससे न, जो समझेन कोई हमसे क़ाबिल होमुझे मंज़ूर वो हर दुश्मनजो दुश्मन हो, न जाहिल होमैं दिल तो दे किसी को दूँनज़र में वो तो दाख़िल हो गिला कोई न शिकवा कर'अभी'ज़िंदा सदा दिल हो-अभिषेक कुमा... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   12:39pm 4 Jun 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
वो ज़ख़्म देते हम मुस्कुराते रहे अहले वफ़ा हम यूँ भी निभाते रहेकुछ इस तरह रिश्ता दर्द से जोड़ लियाहम चोट खाकर भी गुनगुनाते रहेये ज़िंदगी इक शतरंज सा है बिछा  प्यादे भी आके आँखें दिखाते रहे क़िस्मत हमेशा ही गर्दिशों में रहीअपना बना के सभी आजमाते रहेबस इक&n... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   4:54pm 31 May 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
रंग बिरंगे सपने हमने देखे हैंकुछ अपने जो बने बेगानेकुछ बेगाने बने जो अपने देखे हैंरंग बिरंगे सपने हमने देखे हैंसाथ साथ की कसमें खा करबीच भंवर में हमें गिरा कर गिर के सम्भले, फिर चल निकलेकाँटों को भी हमने आख़िर कुचले हैंरंग बिरंगे सपने हमने देखे हैंमुख पे ओढ़े लिबास हँ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   4:51pm 26 May 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
कहाँ वीराने में कोई, सफ़र पे साथ चलता हैजहाँ का साथ तो हरदम, उजालों में ही पलता है  बहुत से यार ने हमको, दिया है प्यार ख़ुशियों मेंदुःखों में साथ जब कोई, न दे तो प्यार खलता हैकली से फूल बनते हैं, महक कर टूट जाते हैंजिसे भी ज़िंदगी ये है मिला, इक रोज़ ढ़लता हैसभी को पास रखने ... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   12:51pm 20 May 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
वो फिज़ाएँ रौनकें, वो बहारेंआज फिर लगता वो पुकारेंउनके पहलू में एक एक पल जो बिता हैउस एक पल में सदियों को हमने जिया हैवो जज़्बात एहसास वो उनका अपनापनकानों में धुन रह रह के आती आरे आरे  वो फिज़ाएँ रौनकें, वो बहारेंआज फिर लगता वो पुकारेंदिल का हर रिश्ता ही ... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   12:17pm 9 May 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
भोलू जैसा की नाम से ही प्रतीत होत है/ बहुत ही भोला-भाला सा नौजवान। जो गाँव की मिठ्ठी में पला बढ़ा और पढ़ा-लिखा साथ ही मेहनतकश इन्सान बना। पर अब भोलू के सभी मित्र शहरी हो गये थे/ और जब वो गाँव आते तो भोलू उनके ठाट-बाट से मोहित हो जाता/ जिस से उसका मन गाँव से उचटने लगा। शहर... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   3:57pm 24 Apr 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
बात जो भी है ज़ुबाँ से आप कहियेइश्क़ गर है तो किसी से भी न डरियेरात दिन जलना नहीं होता सही हैगर जले तो आफ़ताबी बन चमकिये राह कोई भी कहाँ आसान अब हैसाथ चलके ही सफ़र आसान करियेजो किसी को भी ज़ुबाँ दे गर दिया होसर कटे तो भी न हरगिज़ फिर मुकरिये   किस ज़माने की अभी ह... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   11:18am 24 Apr 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
अब निभाएँ धर्म अपना, माँ को बचाएँ अब हमींकर हरित क्रांति से हम, सब सजाएँ अपनी जमींइस धरा को हम सम्भालें, ये ना खो जाये कहींरक्षा करना कर्म अपना, क्यूंकि रहते हम यहीं--अभिषेक कुमार ''अभी''Ab nibhayen dhrm apna, maa ko bachayen ab hminKar harit kraanti se ham, sab sajaayen apnee jamin.Is dhra ko ham sambhalen, ye naa kho jaye kahin.Raksha karna karm apna, kyunki rahte ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   6:37am 22 Apr 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
न हिंदू बने, न मुसल्मान बनेइक सच्चा सिर्फ़, इंसान बनेकरें ख़ात्मा, हर बुराई कासदा साथ दें, सच्चाई काइंसानियत न भूलें कभीअब मन से हम, महान बनेन हिंदू बने, न मुसल्मान बनेइक सच्चा सिर्फ़, इंसान बनेदेखें आफ़ताब से, महताब तकहम चुने आब से, ग़ुलाब तकइन्क़िलाब करें, इंतिख़ाब करेंहम ज़िं... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   2:10pm 19 Apr 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
हम वीर धीर हम नहीं रुकें अत्याचारों को सह के बढ़ेंतुम चाहे कर लो लाख़ जतनहोना तुम्हरा ही है अब पतनये झुंझलाहट बतलाती हैतुमको अब दहशत ये सताती हैकुर्सी के तुम उन्माद में जोज़हर घोल रहे इस समाज में जोभाषण से तुम्हारी कायरता झलकती हैसाम्प्रदायिक राजनी... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   1:44pm 8 Apr 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
भूल कर भी, अब तुम यकीं, नहीं करनाबात सच हो, जो अब कहीं, नहीं करनासामने जो, मुँह मियाँ, बनते हों मिठ्ठूसोच, जाँ देने की वहीँ, नहीं करनालाख चाहे, आये यहाँ, मुसीबत गर तुम कभी भी, गिरवी ज़मीं, नहीं करनालूट के बिख़रे, हम, यहाँ ज़माने मेंमश्'वरा अब, ऐसा अभी, नहीं करनाभूल कर भी, अब तुम यक... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   1:24pm 3 Apr 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
प्यार को खेल तुमने समझ लिया हैइसलिए आज रुस्वा हमें किया हैरह्'मतों से ख़ुदा की मिले मुहब्बतये रिवायत है तुमने बदल दिया हैमार डाला हमें जग हँसाई ने अबहर सुबह शाम हमने ज़हर पिया हैइस शहर में मिलेंगे बहुत ही ऐसेमार के ख़ुद को जिसने यहाँ जिया हैसांस लेना ही ज़िंदा नहीं है रहना... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   4:35am 31 Mar 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
इस ज़िंदगी को, हम यहाँ, अकेले ही गुज़ारे हैंकोई न आए साथ को, यहाँ जब जब पुकारे हैंहालात ऐसे आज हैं, कि सब, शब में समाए हैंदेखे सहर मुद्दत बिता, सुबह भी निकले तारे हैंकुश्ती मची इक-दूजे में,हराए कौन अब किसकोघूमा नज़र, देखो जहाँ, वहीं दिखते अखाड़े हैंदोनों जहाँ जिसने बनाय... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   12:33pm 27 Mar 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
मैं उनके राह, आने की, खड़ा ख़ामोश तकता हूँन सोता हूँ, न जगता हूँ, पड़े हरपल तड़पता हूँकहीं ये दिल न पाये चैन, है कैसी अदावत येरहूँ मैं दूर जितना, और उतना ही उलझता हूँइनायत कर के तुमने ये, न छोड़ा अब कहीं का हैदुआएँ दे, मगर तुमको, बड़ा बेचैन, रहता हूँपता है, दौर कैसा ये, यहाँ ... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   12:05pm 25 Mar 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4001) कुल पोस्ट (191762)