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Blog: kuch mann ki

Blogger: Radhika
किसी दर्द की तरह तुम आये थेकिसी दर्द की ही तरह तुम चले गएना कभी मैंने चाहा तुम आओना कभी की तुम जाओ।पर उस वक़्त के दरम्याएक अहसास का समंदरभर गया मन मेंहिलोरे मारता रहता       जो कभी कभी.....             जो कभी कभी...... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   9:31am 13 Nov 2016 #
Blogger: Radhika
किसी मौन ने तोडा था ह्रदयजब व्यक्त करनी  था तुम्हेअपने हिय की गाथाअव्यक्त अभिलाषा समझता नहीं कोईह्रदय की पिपासाबुझाता नहीं कोईस्वप्न सजीले थेमधुर स्मृति थीफिर क्यों मौनजीवन के परिप्रेक्ष्य को नासमझ सकाविरहाग्नि से जले दो मनप्राप्त कुछ भी नहींहाय वो मौन शाब्दि... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   5:35pm 16 Dec 2015 #
Blogger: Radhika
तुम्हारे दिल में बसने आई थीबस गई मैंतुम्हारा घर सजाने आई थीसंवर गई मैंतुमको बहार देने आई थीखिलखिल गई मैंतुमको प्यार करने आई थीनिखार गई मैंतुमको पाकर जिंदगी मुकम्मलतुम्हारी होकरखुशनसीब हुई मैंबहुत खुशनसीब हुई मैं। …। ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   8:49am 22 Nov 2015 #
Blogger: Radhika
शिला पर बैठा एक तपस्वीध्यानमे मग्न थातप की उचाईयों से तप्तईश से संलग्न थामानवीय घटनाक्रम जीवनसे उसके अछूते थेतट पर बैठा प्यास से दूरठंडी एक अगन थाउसके जीवन का ध्येयनिर्वाण की प्राप्ति थीरास के हरेक रास से विभूतवो भावमग्न थाधरा पुत्र वो बलिष्ठध्यान में ही मग्न था। ..... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   4:40pm 16 Nov 2015 #
Blogger: Radhika
क्या आज भी तुम्हारे दिल मेंमेरा नाम धड़कता है ?क्यों सुनाई देती है आवाज़ तुम्हारी मुझकोक्यों तेरे नाम से मेरा तन मन बहकता है ?मेरी आँखों में ढली शाम की सुरमाईक्या आज भी बिजली बन तुम पर बरसती है ?या मेरी हंसी की छनछनाहटतुम्हारे कानो में अब भी बजती है ?मेरी यादों के त... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:34pm 16 Nov 2015 #
Blogger: Radhika
तुम मेरी होक्योंकितुम मेरे मन  में  अन्तर्निहितउस  पहली बूँद  की तरह होजो वर्षा के  संग आकरवसुधा को तृप्त करती हैतुम मेरे भावों में उमड़ीउस कविता की तरह होजो आनंदित करती हैमेरे कवित्व कोतुम मेरी  आँखों में निहितउस रौशनी की  तरह होजैसे बादलों से घिरने के ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   11:19am 21 Aug 2015 #
Blogger: Radhika
कभी समंदर में बसेरा            कभी उड़ती हवाओं मेंकभी पेड़ की डाली          कभी घूमती फ़िज़ाओं मेंकभी तनहा तनहा         कभी मुस्कुरातीकभी आँख आंसू      कभी खिलखिलातीकभी मद्धम  मद्धम         कभी जोर से … दौड़ जातीज़िन्दगी की यही      बस अपनी कहा... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   11:06am 21 Aug 2015 #
Blogger: Radhika
आज़ादी के जश्न को सबने मनायापर अगले दिवस क्या ये किसी को याद आया ?कि सड़क पर  घूमता बच्चा वो नंगाक्या ठिठुर कर रात में था सो भी पाया  ?कि किनारे धो रही जो मैली धोतीसुबह उसने था क्या कोई कौर खाया  ?कि सड़क पर धूप में जलता वो मानुषजीवन तपन कि अग्नि से है बच भी पाया ?कि अगर ... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   10:54am 21 Aug 2015 #
Blogger: Radhika
क्यों होता  है  ऐसाकि जब अहसास होता हैतब तुम नहीं होतेऔर जब तुम होते होतो कोई अहसास ही नहीं होता……कैसा ये ख्वाहिशों का सिला हैजब तुम्हे चाहा .......              गम ही मिला हैना  मुकद्दर में होना  हकीकत मेंफिर भी कुछ तो हैजो हममे जुड़ा है ....        जो हममे जुड़ा ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   10:48am 21 Aug 2015 #
Blogger: Radhika
हर पल में पल पलहर पल को जाते देखा हैक्या तुमसे ये पल अनदेखा है ?हर पल की आसअगले पल बदल जातीये आँखें कुछ  कहतीइक पल में नमइक पल में सूख जातींये खेल है हर पल काजो हर पल बीता जाता हैहर पल में जी लिया तो सुकूननहीं तो हर पल बीता जाता है। .......  ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   10:42am 21 Aug 2015 #
Blogger: Radhika
कब समझोगेमेरे प्रियतमतुम मन कीमेरे अभिलाषाकब नयनो कीमेरे दिल कीतुम समझोगेजब भाषा।क्यों रूठ गएजो टूट गईप्रिय वंदनकी परिभाषा।नित चाह नहींकोई राह नहींमन को संताप ज़रा सा।जब एक मिलन होजी लें तब उस छण कोपूर्ण धरा सा।  ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   5:41pm 19 Jun 2015 #
Blogger: Radhika
कैसे गिरती हुई उन बूंदों सेमै खिल खिल जाती हूजैसे तुम्हारे आगोश मेंप्यार से सिमट सी जाती हू।छप छप गिरता पानीहथेलियों पर दरिया बनाता हैऔर  दिल उस समंदर मेप्यार की कश्ती चलाता है।मेरी मुस्कान से जैसेतुम्हारा तन बदन खिल जाता हैतुम कितने मेरे अपने होमौसम ये अहसास कर... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   5:36pm 19 Jun 2015 #
Blogger: Radhika
नित नया सृजननित नया गगनआओ हम कुछ कर जाएँइस जीवन की फुलबगिया मेंहम पुष्प ही पुष्प खिलाएं।पीछे छोड़ो उन अश्रु कोजो ला दें आँख अँधेराजल की बूंदों को स्वेद बनालिख दो इक नया सवेरा।जागे मन में जो अभिलाषाउसे दो उमंग की भाषातुम पूर्ण करो कर्मठता सेनव पल्लव की तब आशा।... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   5:26pm 19 Jun 2015 #
Blogger: Radhika
काश इन सपनो कोकोई पकड़ पाताअपने दिल के दरो दिवार परबखूबी सजाताशान से उन परवो नज़रें फिराताएकबारगी ही सही अपनी किस्मत सराहताचुन लेता उनमे सेजो ख्वाहिश में आताबगीचे के फूलोंकी तरह अपनातामुकद्दर को लेकिननहीं जश्न भाताकभी पल सुनहरेकभी है सताताकभी तपती रेतों मेंदे दे... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   6:08pm 29 May 2015 #
Blogger: Radhika
तुम्हारे ख्यालों का तकिया बना कर सोई                             मै,      कल राततुम्हारे प्यार के आँचल में  फूट फूट रोई                            मै,      कल राततुम्हारे स्नेह की चादर ने    एक सुकू सा दिया मुझकोप्यार का नरम बिछोना जिसपे... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   6:02pm 29 May 2015 #
Blogger: Radhika
मेरे कानों में पड़ी वो सरगम पहली      तुम्हारी धड़कन ही तो थी भ्रूण रूप में मेरे निकटतम                  माँ तुम ही तो थी जीवन का मधुर संगीत तुम्हारी लोरी ही तो था प्यार का पहला अंकुर तुम्हारा स्नेह ही तो था ममता , दुलार की अतिश्योक्ति       &nb... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:54pm 29 May 2015 #
Blogger: Radhika
जैसे नीला नीलगगन होजैसे नीला हो दरिया नीले नीले पंख हो जैसे  जैसे  नीली हो नदिया…… नीली नीली आँखों वाली नीला जैसे नीलकमल नील है जैसे इन्द्रधनुष में नील है गाय बड़ी चपल ……।नील निराला इतना सुन्दर रंग  फैला ये कितना विस्तृत नीलकंठ नीलाभ लिए है न... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   5:41pm 29 May 2015 #
Blogger: Radhika
ना छुओ तुम मेरे तन कोमेरे बावरे मन कोकि फिर ना तुम जा पाओगेना मैं जी पाऊंगीसमर्पित है तुम्हे सब कुछकर दिया इतना तो व्यक्तफिर रुठने कि जिद ना करोना मैं मना पाऊंगीनींद की वीरान दुनिया में तुमसपनोंसे आ जाते हो कभीकभीसच बनकर साकार हो गए तोना मैं जी पाउंगीमेरे अंतःस्थल पर ... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   5:31pm 29 May 2015 #
Blogger: Radhika
""मेरी जीत भी तुममेरी हार भी तुमजीवन के हर पथ पेफूलों की बहार भी तुममेरी आँख का आंसूमेरे चेहरे का नूरजीवन के हर पथ पेमेरे गालों की मुस्कान भी तुमजीवन का चढ़ाव भी तुमजीवन का उतार भी तुमजीवन के हर पथ पेममता नदी  का बहाव भी तुमआनंद का आकाश भी तुमदर्द का दरिया भी तु... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   5:31pm 29 May 2015 #
Blogger: Radhika
एक तरफ तू,      एक तरफ मैंतेरे हालात कुछ औरमेरी हालत  .... कुछ औरतेरी यादों में सिमटीमेरी तसल्लियाँतुझे न पाने  का गम कुछ औरतुझे खोने का  गम कुछ औरतुझे पाकर भी न पा सकीतेरी मजबूरियाँ कुछ औरमेरी मजबूरियाँ कुछ औरनादान है इश्क ,  नादान है दिल पर ते... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   8:37am 22 Sep 2014 #
Blogger: Radhika
Many a chance I gave to youMany a chance you lostMany a times I thought you caredMany a times you crossedMany a things I thought I'll shareMany a things got rotMany a years I waited for youMany a years you foughtand finally the dayhas come, which says...I'll have to let you goAs holding will stink the loveAnd I ...can't bring ; the epitome to low...... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   8:11am 22 Sep 2014 #
Blogger: Radhika
स्वयं को ढूंढती मैं खुद से हैरानकभी खुशियों में हंसतीकभी दुःख में परेशानन जाना क्या पायान जाना क्या खोयाहर एक दिन, बस आस ही को बोयाबेजुबां दिल की भाषाना किसी ने समझी ना जानीहर बार अकेला ही       वो ज़ार ज़ार रोया                    वो ज़ा... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   7:03am 17 Sep 2014 #
Blogger: Radhika
तुम इक बार तो याद करो      मैं प्यार बार बार करुँगीतुम इक बार तो इज़हार करो        मै ज़िन्दगी कुर्बा     बार बार करुँगीतुम कह दो       कि मेरे अपने हो         मैं तुम पे जान निसार करुँगीतुम थाम लो हाथ इक बार      मैं सज़दे तुम... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   9:05am 2 Aug 2014 #
Blogger: Radhika
 कैसे देखूं तेरी आँखों की नमीमेरी आँखों में आँसू कुछ और भी हैं....तेरी मुस्कराहट का दर्द मैं कैसे समझूँमुझे मुस्कुराने का शौक नहीं है ....... ढल जाता है दिन जब यादों की तरह जज़्बों की राख में दिखते , उसके निशाँ और भी हैं.......मुकम्मल नहीं होती फ़रियाद सभी कीमालूम हैपर... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   7:41am 20 Jul 2014 #
Blogger: Radhika
तू मेरे रूबरू हो न हो तेरी याद में बिताया वक़्त अपना सा गुजरता है तुझे महसूस करके आज भी होती हैं ऑंखें नम तेरा साया भी मुझसे लिपट के गुजरता है जो खामोशियाँ मेरे दिल की जुबाँ बन गई आज भी मन उन गूँजों के दरमियाँ गुजरता है कभी तन्हाई में सोच सको तो सोच ल... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:13am 2 Jul 2014 #
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