Hamarivani.com

उलूक टाइम्स

लोग खुद के बारे में खुद को बता रहे हों कहीं जोर जोर से बोलकर लिखकर बड़े बड़े वाक्यों में बड़े से श्याम पट पर सफेद चौक की बहुत लम्बी लम्बी सीकों से लोग देख रहे हों बड़े लोगों के बड़े बड़े लिखे हुऐ को श्याम पट की लम्बाई चौड़ाई को चौक की सफेदी के उजलेपन को भी बड़ी बात होती है बड़ा हो जान...
उलूक टाइम्स...
Tag :पन्ने
  May 20, 2017, 11:08 pm
पुराने जमाने की सोच से निकल बहुत हो गया थोड़ा सा कुछ सम्भल खाली सफेद पन्नों को पलटना छोड़ हवा में ऊँचा उछल कर कुछ गोड़ जमीन पर जो जो होना था वो कबका हो चुका बहुत हो चुका चुक गये करने वाले करते करते दिखा करखाया पियारूखा सूखा ऊपर की ओर अब नजर कर ऊपर की ओर देख नीचे जमीन के अन्दर ब...
उलूक टाइम्स...
Tag :जमीन
  May 10, 2017, 10:14 pm
समय गवाह है पर गवाही उसकी किसी काम की नहीं होती है समय साक्ष्य नहीं हो पाता है बिना बैटरी की रुकी हुयी पुरानी पड़ चुकी घड़ियों की सूईयों का अब इसे शरम कहो या बेशर्मी कबूलने में समय के साथ सीखे हुऐ झूठ को सच्चाई के साथ क्या किया जाये सर फोड़ा जाये या फूटे हुऐ समय के टुकड़े एकत्...
उलूक टाइम्स...
Tag :जमीन. सलाम.
  May 3, 2017, 8:56 pm
पकड़े गये बेचारे शिक्षा अधिकारी लेते हुऐ रिश्वत मात्र पन्द्रह हजार की खबर छपी है एक जैसी है फोटो के साथ है मुख्य पृष्ठ पर है इनके भी है और उनके भी है अखबार की चर्चा चल रही है जारी रहेगी बैठक समापन की तारीख रखी गयी है अगले किसी रविवार की खलबली मची है गिरोहों गिरोहों बात कही...
उलूक टाइम्स...
Tag :उबाऊ
  April 30, 2017, 11:01 pm
एक सड़ रही लाश को ठिकाने लगा रहे कीड़ों में कुछ कीड़े ऐसे भी होते हैं जो लाश के बारे में सोचना शुरु कर देते हैं लाश को दर्द नहीं होता है साले कामचोर होते हैं आदत होती है ऐसे कीड़ों की ठेके लेना अच्छाई के संदेशों के बैनर बनाने की कीड़े चूहा दौड़ में माहिर होते हैं जानते हैं चूहों ...
उलूक टाइम्स...
Tag :चूहे
  April 26, 2017, 8:27 pm
अचानक हवा चलनी बन्द हो जाती है साँय साँय की आवाज सारे जंगल से गायब हो जाती है कितनी भी सूईंयाँ गिरा ले जाये कोई रास्ते रास्ते आवाज जरूर होती होगी इतनीखामोशी में पर कान तक पहुँचने पहुँचने तक पता नहीं चलता है कैसे किस सोख्ते में सोख ली जाती है ढोलचियों के खुद के रोजाना खु...
उलूक टाइम्स...
Tag :घड़े
  April 22, 2017, 11:20 pm
जे एन यू बनाने की बात करते करते स्टेशन आ गया वो उतरा और सवार हो गया उल्टी दिशा में जाती हुई ट्रैन में शायद वो दिशा आक्स्फोर्ड की होती होगी क्योंकि अखबार वाला बता रहा था कुछ ऐसा ही बनने वाला है और उसे बताया गया है जे एन यू बनाने की बात कहना बहुत बड़ी भूल थी उनकी ये अहसास चुना...
उलूक टाइम्स...
Tag :कैम्ब्रिज
  April 19, 2017, 7:49 pm
सोचने सोचने तक लिखने लिखाने तक बहुत दूर चल देता है सोचा हुआ भूला जाता है याद नहीं रहता है खुद ने खुद से कुछ कहा तो था सच के बजूद पर चल रही बहस जब तक पकड़ती है रफ्तार हिल जाती है शब्द पकड़ने वाली बंसी काँटे पर चिपका हुआ कोई एक हिलता हुआ कीड़ा मजाक उड़ाता है अट्टहास करता हुआ फिर स...
उलूक टाइम्स...
Tag :डोर
  April 15, 2017, 10:05 pm
उच्च न्यायालय राष्ट्रीय राज मार्ग शटर गिराये शराब की दुकानेंपता नहीं क्यों अबकि बार शहर की बदनाम गली गली से सटी स्कूल की चाहरदीवार दोनों के बीच में फालतू में तनी खड़ी बेकार बेचती बाजार बाजार में फड़बाजों का शोर आलू बीस के ढाई किलो आलू बीस के तीन किलो ले लो जनाब ले लो मौक...
उलूक टाइम्स...
Tag :उच्च न्यायालय
  April 10, 2017, 10:46 pm
वर्षों से एक साथ एक जगह पर रह रहे होते हैं लड़ते दिख रहे होते हैं झगड़ते दिख रहे होते हैं कोई गुनाह नहीं होता है लोग अगर चोर सिपाही खेल रहे होते हैं चोर खेलने वाले चोर नहीं हो रहे होते हैं और सिपाही खेलने वाले भी सिपाही नहीं हो रहे होते हैं देखने वाले नहीं देख रहे होते हैं अप...
उलूक टाइम्स...
Tag :चोर
  April 3, 2017, 8:54 pm
लिखना जरूरी है पढ़ने वालों के लिये मत रुक नालिख कुछ भी काम तमाम कर नाचल शुरू होजा जाड़े निकल चुके हैं गरमी शुरु हो चुकी है अब फैल कर लिख ना चल शुरू हो जा जितना सिकुड़ना था जिसको वो सिकुड़ चुका है जितना उखड़ना था जिसको वो उखड़ चुका है मन करता है तेरा उड़ने का तो किसने रोका है उड़ ...
उलूक टाइम्स...
Tag :कर ना
  March 29, 2017, 8:26 pm
लिखना जरूरी है पढ़ने वालों के लिये मत रुक नालिख कुछ भी काम तमाम कर नाचल शुरु होजा जाड़े निकल चुके हैं गरमी शुरु हो चुकी है अब फैल कर लिख ना चल शुरु हो जा जितना सिकुड़ना था जिसको वो सिकुड़ चुका है जितना उखड़ना था जिसको वो उखड़ चुका है मन करता है तेरा उड़ने का तो किसने रोका है उड़ ना च...
उलूक टाइम्स...
Tag :कर ना
  March 29, 2017, 8:26 pm
शायद पता नहीं होता हैदूर देखने की आदत नहीं डाल रहा होता है देख भी नहीं रहा होता है गिद्ध होने का बहुत ज्यादा फायदा हो रहा होता है आस पास के कूड़े कचरे को सूँघता हीफिर रहाहोता है खुश्बुओं की बात कभी थोड़ी सी भी नहीं कर रहा होता है लाशों के बारे में सोचता फिर रहा होता है कहीं भ...
उलूक टाइम्स...
Tag :बेशरम. बेशर्मी
  March 22, 2017, 8:29 pm
कभी कभी सब कुछ शून्य हो जाता है सामने से खड़ा नजर आता है कुछ किया नहीं जाता है कुछ समझ नहीं आता है कुछ देर के लिये समय सो जाता है घड़ी की सूंइयाँ चल रही होती है दीवार पर सामने की हमेशा की तरह जब कभी डरा जाता है उस डर से जो हुआ ही नहीं होता है बस आभास दे जाता है कुछ देर के लिये ऐसे ...
उलूक टाइम्स...
Tag :कृष्ण
  March 18, 2017, 11:21 pm
अब छोड़ भी दे नापना इधर और उधर अपने खुद के पैमाने से  कभी पूछ भी लिया कर अभी भी सौ का ही सैकड़ा है क्या जमाने से लगता नहीं है कल ही तो कहा था किसी ने शराब लाने के लिये घर के अन्दर से लड़खड़ाता हुआ कुछ ही देर पहले ही शायद निकल के आया था वो मयखाने से ना पीना बुरा है ना पिलाने में ही ...
उलूक टाइम्स...
Tag :कब्रगाह
  March 16, 2017, 10:58 pm
अब होली तो होली ठैरी सालों साल से होरी ठैरी होली पर ध्यान लगाओ ठैरा क्या ठैरा ठैरी क्या ठैरी से दिमाग हटाओ हर साल आने वाली ठैरी हर बार चली जाने वाली ठैरी रंग उड़ाने रंग मिलाने वाली ठैरी कबूतर कौए हो जाने वाले ठैरे रंग मिलाओ मिलाकर इंद्रधनुष बनाओ ये क्या ठैरा सब हरा पीला ल...
उलूक टाइम्स...
Tag :ठर्री
  March 12, 2017, 8:59 pm
सीधी बोतल उल्टी कर खाली करना फिर खाली बोतल में फूँक मार कर कुछ भरना रोज की आदत हो गयी है देखो तो खाली बोतलें ही बोतलें चारों ओर हो गयी हैं कुछ बोतलें सीधी पड़ी हुई हैं कुछ उल्टी सीधी हो गयी हैं बहुत कुछ उल्टा सीधा हुआ जा रहा है बहुत कुछ सीधा उल्टा किया जा रहा है पूछना मना है ...
उलूक टाइम्स...
Tag :गधा
  March 8, 2017, 8:10 pm
चल बटोरें रंग बिखरे हुऐ इधर उधर यहाँ वहाँ छोड़ कर आ रहा है आदमी आज ना जाने सब कहाँ कहाँ सुना है फिर से आ गयी है होलीबदलना शुरु हो गया है मौसम चल करें कोशिश बदलने की व्यवहार को अपने ओढ़ कर हंसी चेहरे पर दिखाकर झूठी ही सही थोड़ी सी खुशी मिलने की मिलाने की सुना है फिर से आ गयी है ह...
उलूक टाइम्स...
Tag :नंगा
  March 6, 2017, 10:48 pm
बड़े दिनों के बाद आज अचानक फिर याद आ पड़े सियार कि बहुत अच्छे उदाहरण के रूप में प्रयोग किये जा सकते हैं समझाने के लिये बेतार के तार रात के किसी भी प्रहर शहर के शहर हर जगह मिलते हैं मिलाते हुऐ सुर में सुर एक दूसरे के जैसे हों बहुत हिले मिले हुऐ एक दूसरे में यारों के हो यार और आ...
उलूक टाइम्स...
Tag :तार
  February 28, 2017, 10:34 pm
कब किस को देख कर क्या और कैसी पल्टी खाना शुरु कर दे दिमाग के अन्दर भरा हुआ भूसा भरे दिमाग वालों से पूछने की हिम्मत ही नहीं पड़ी कभी बस इसलिये पूछना चाह कर भी नहीं पूछा उलझता रहा उलटते पलटते आक्टोपस से यूँ ही खयालों में बेखयाली से यहाँ से वहाँ इधर से उधर कहीं भी किधर भी घुसे ...
उलूक टाइम्स...
Tag :आठ
  February 22, 2017, 8:59 pm
बहुत कुछ कहना है कैसे कहा जाये नहीं कहा जा सकता है लिखना सोच के हिसाब से किसने कह दिया सब कुछ साफ साफ सफेद लिखा जा सकता है सब दावा करते हैं सफेद झूठ लिखते हैं सच लिखने वाले शहीद हो चुके हैं कई जमाने पहले ये जरूर कहा जा सकता है लिखने लिखाने के कोर्ट पढ़े लिखे वकील परिपक्व जज ...
उलूक टाइम्स...
Tag :उलूक. रायता
  February 16, 2017, 8:35 pm
बस चार दिन की है बची बैचेनी फिर बजा लेना बाँसुरी लगा कर आग रोम को पूरे सब कुछ बदल जायेगा जब बनेगी राख देख लेना मिचमिचाती सी अगर बन्द भी होगी तब भी आँख धुआँ खाँसेगा खुद बूढ़ा होकर जले जंगल का बहेगी नाक आपदा के पानी की बहुत जोरों से सारा हरा भूरा और सारा भूरा हरा हो लेगा यूँ ह...
उलूक टाइम्स...
Tag :जंगल
  February 11, 2017, 9:31 pm
युद्ध हो रहा है बिगुल बज रहा है सारे सिपाही हो रहे हैं अपने अपने हथियारों के साथ सीमा पर जा रहे हैं देश के अन्दर की बात हो रही है कुछ ही देश प्रेमी हैं बता रहे हैं बाकी सबदेश द्रोही हैं देश द्रोहियों से आह्वान कर रहे है देश प्रेमियों को चुनने को क्यों नहीं आगे आ रहे हैं देश...
उलूक टाइम्स...
Tag :खुजली
  February 9, 2017, 8:17 pm
एकदम अचानक अनायसपरिपक्व हो जाते हैं कुछ मासूम चेहरे अपने आस पास के फूलों के पौंधों को गुलाब के पेड़ में बदलता देखना कुछ देर के लिये अचम्भित जरूर करता है जिंदगी रोज ही सिखाती है कुछ ना कुछ इतना कुछ जितना याद रह ही नहीं सकता है फिर कहीं किसी एक मोड़ पर चुभता है एक और काँटा नि...
उलूक टाइम्स...
Tag :आदमी
  February 8, 2017, 7:49 pm
(कृपया बकवास को कवि, कविता और हिंदी की किसी विधा से ना जोड़ेंं और टुकड़ों को ना जोड़ें, अभिव्यक्ति कविता से हो और कवि ही करे जरूरी नहीं होता है ) सोच खोलना बंद करना भी आना चाहिये सरकारी दायरे में ज्यादा नहीं भी कम से कम कुछ घंटे ही सही >>>>>>>>>>>>बेहिसाब रेत में बिखरे...
उलूक टाइम्स...
Tag :कविता
  February 1, 2017, 8:04 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3661) कुल पोस्ट (164705)