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Blog: Meri Hikayaatein

Blogger: Ashish Verma
मुदत्तो बाद हसरतो ने करवटें बदली है।देखो अब ये अंजाम-ए-रवानगी क्या होगा।                            जुस्तज़ू, आरज़ू और ये तक़दीर।                                      इन हालातो में तदबीर का हा... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:25pm 3 Apr 2014 #
Blogger: Ashish Verma
आओ कुछ बात करें।छोटी ही सही पर मुलाक़ात करें।             किसी की खोट ढूंढे।             किसी की तारीफ करे। चलो आज फिर किसी को याद करें। आओ कुछ बात करें।      आज कौन राजनीति में ऊँचा है।      किस नेता ने किस की कुर्सी को खीचा है।गर्म चाय ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   11:38pm 24 Mar 2014 #
Blogger: Ashish Verma
उड़ने का है,शौक मुझे..पर पंख कहाँ से लाऊं।।कह तो दू बहुत कुछ मगर...मेरी बातों को संभाल पाए ,वे लव्ज़ कहाँ से लाऊं।।इंतज़ार बस सुबह की थी,तैयार तो मैं कब से था...सुबह हुई तो उलझन में पड़ गया,कि मैं कहाँ जाऊं।।या तो ये बस बातो की ही बात थी,या इन बातो में कुछ बात थी...इन सब बातो में उ... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   9:20pm 8 Mar 2014 #
Blogger: Ashish Verma
(TWO FRIENDS ARE TALKING) हो रही थी, बात-बात.... गुज़र रही थी, रात-रात....                      वो किस्सा था, सुना-सुना....                      लव्जो में कुछ, यूँ बुना.... हर हर्फ़ था, जमा-जमा.... मनो वक़्त हो, थमा-थमा.... (HERE THE SOTRY STARTS) की रात थी, घनी-घनी.... थी चांदनी, छनी-छनी....  &nbs... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   10:22am 12 Feb 2014 #
Blogger: Ashish Verma
I wrote it during muzzafarnagr (u.p.) riot occured last august.आज खिली फिर खून की होली।फिर एक बार दरिंदे जागे है.। ।          सियासत कि इस दौड़ में फिर से।            अर्थी और जनाजे भागे है।मासूमो के गले कटे है। अबलाओं के चीर फटे है।बुजुर्गो कि भी छाती में। शमशीर और भाले दागे है।           इंसान... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   11:31am 11 Feb 2014 #
Blogger: Ashish Verma
meri diwangi main tujho nazre karta hoon,mere mehboob tu mujhe shamil hai,rooh talak bas ab main sabre karta hoon...   ab na khauff baki hai kahi, tujhe khone ka,   bade sukoon se main ab, ye zindagi basar karta hoon...kabhi kahin, koi hichke, aaye to samajh lena,main aaj bhi, tujhpe utna hi asar karta hoon, khamoshiyaan aur tanhaiyaan, teri yado pe be-asar hai, ek aur vajah se, ab main tujhpe fakre karta hoon.- Ashish AnandMmMMeMM... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   9:14pm 8 Feb 2014 #
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