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Blog: सोहम बानी

Blogger: apramay
झोपड़ी नाँव और साधूहमेशा वीराने में होते हैंइस बात को कहते हुएबस एक सुधार करना चाहता हूंझोपड़ी अब शहर के बीचो-बीचसियासत क... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:55am 8 Feb 2020 #
Blogger: apramay
बाहर बे मौसम बारिश हो रही हैसुना है इस साल भी कई लोग ठंड से मर गए,एक बुजुर्ग ने कभी मेरे इस वक्तव्य परमुझे ठीक करते हुए कहा थ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:54am 8 Feb 2020 #
Blogger: apramay
बच्चे मांगते हैं एक या दो रुपएपतंग के लिएउनकीे नन्हीं हथेलियों पर गोल सिक्के पूरी पृथ्वी का नक्शा पतंग साबदल देते है,हा... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:43am 29 Jan 2020 #
Blogger: apramay
इस भीड़ में गुम होता हुआ मेरा चेहरारात के एकांत में परिंदे सा उड़ता हुआअचानक मेरे चेहरे पर चस्पा हो जाता है,धीरे धीरे उसकी ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:42am 29 Jan 2020 #
Blogger: apramay
सफ़र बहुत लंबा रहा छांव दिखी ही थी कदम रुके नहीं और रस्ते बेहिसाब आए,फ़ुरसत कहाँ कि करूँ ज़माने का हिसाब तुम याद जो पल-पल बेहि&... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   3:42am 29 Jan 2020 #
Blogger: apramay
कविता में मोची----------------------------------वह चमड़े को खुरचने के पहलेनापता है जूते की लंबाई और चौड़ाई,सोल लगाने के ठीक पहलेअपने औजार को पत्थर पर ध... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   8:41am 12 Jan 2020 #
Blogger: apramay
अंदर ही अंदर वह अपनीशर्मसार आंखों से झांकती है मुझेऔर कतराता रहा हूँ मैं उससे बाहर ही बाहर,बहुत सी ऐसी पंक्तियांइसलिए ह... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   4:16pm 6 Jan 2020 #
Blogger: apramay
हाइवे पर सन्यासी------------------------गांव के चबूतरे परखलिहान के बीच कहीं पेड़ की छांव मेंया शहर के चौराहों, गलियोंके बीच से गुजरता हुआ सन... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   2:19pm 4 Jan 2020 #
Blogger: apramay
उदास हो जाता हूँ-----------------------------------------------------.यहीं पास में तना है बादलयहीं बाहर खिड़की सेबह रही हवा,यहीं उतर आएगी रात चाँदनी यहीं सुबह से बाहर ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   2:18pm 4 Jan 2020 #
Blogger: apramay
रात-------------------------------------------------------शहर के मुहानेरात अचानक उतर आई थी,थोड़ा और आगे सरसराती हवाओं के साथवह मन्त्र दोहरा रही थी,मन्त्र चलता रहा वह ब... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   2:17pm 4 Jan 2020 #
Blogger: apramay
चली आती ही है चिड़िया रोज हमारे छत पर अनाज के बहाने,हम भी तो उनके बाग गेंद ढूंढने के बहानेइधर-उधर निहारते आम के पेड़ से टिकोर&... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   2:17pm 4 Jan 2020 #
Blogger: apramay
एक सादे पन्ने परमौलवी लिखता है अल्लाहपंडित लिखता है भगवानचित्रकार बनाता है चित्रगवैये स्वर के पलटे औरबनिया लिखता है &#... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   2:15pm 4 Jan 2020 #
Blogger: apramay
पागलपन----------------------------------------------------इधर बहुत दिनों सेचिड़ियों ने मेरी खिड़की के पासआवाज नहीं लगाई,पीपल के पत्ते उड़ कर नहीं लाए कोई संदेसामेरे... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   5:30pm 11 Nov 2019 #
Blogger: apramay
जिंदगी भागती जाती हैऔर हम वहीं ठहरे रहते हैंअपने-अपने मकानों के दीवारों के बीच,अपनों कपड़ों के बीच उनके रंग का क्षीण होनì... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   5:28pm 11 Nov 2019 #
Blogger: apramay
तुम्हें जिस तरह मुझसे प्रेम मिलना चाहिएवह नहीं दे पाता,मैं सोचता हूँ कि मैंकितना अभागा हूँ,मैं इस सत्य को नकार जाता हूँè... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   5:27pm 11 Nov 2019 #
Blogger: apramay
सोचता हूँ बचपन मेंमुझसे नहीं लिखवाई गई स्वरचितकोई कवितासो आज लिख रहा हूँकविता,सोचता हूँ मुझसे अगरकिसी ने भी ठीक से कर ल... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   5:26pm 11 Nov 2019 #
Blogger: apramay
अभी सब स्थगित हैसिवाय चुप रहने केमुझे मालूम है यह चुप्पी औषधि हैबेमौत मरने से बचने के लिएमैं खुश हूँ, नहीं-नहीं चुप हूंऔ... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   6:07pm 19 Oct 2019 #
Blogger: apramay
सम्बन्धों से जीवन और राजनीति सेसंसद चलती है,मैंने एक नन्हे बच्चे को चलते देखा चलते हुए लड़खड़ाते उसे गिरते फिर उठते देखा,ë... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   4:03pm 10 Jul 2019 #
Blogger: apramay
एक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ रहा बच्चा मुझसे पूछता हैचौरासी किसे कहते हैं अंकल,मैं उसे बताता हूँ और अचानक चुप हो जाता हूँ,धी... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   7:46am 30 Jun 2019 #
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इन पहाड़ों-जंगलों के बीचपतली पतली रेखाओं साकिसने गढ़ा मार्ग!!!किससे पूंछू इस वीराने में???और सहसा पत्तों सासरसराता है स्मर... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   8:30am 14 Jun 2019 #
Blogger: apramay
सतपुड़ा के जंगल से गुजरते हुएमुझे ख्याल हो आयापेड़ों की गठानऔर उनकीे हस्तरेखा सी खींची हुई टहनियां,आदमी जितने होंगे उतन&... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   7:36am 14 Jun 2019 #
Blogger: apramay
मैंने पढ़ा एक शब्दअलावफिर अचानक एक शब्दआलापजाग उठा अंदर अंतस मेंमैंने कविता के दरवाजे कोखटखटायाऔर उसने लय मेंइन दोनो... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   2:48pm 1 Jun 2019 #
Blogger: apramay
बहुत दिन हुए कुछ लिखा नहींअसल में कुछ लिखनालिखना नहीं, तुम्हें याद करना होता हैयाद करते हुए तुम्हें लिखनातुम्हारे साथ ... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   4:05pm 18 May 2019 #
Blogger: apramay
लिखे शब्द वस्तु नहींरूप नहींरंग नहींध्वनि भी नहींफिर भी स्मृति के सहारेध्वनि के रंग सेरूप और वस्तु हो जाते हैं,इसी तरह... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   2:04am 5 May 2019 #
Blogger: apramay
तुम अभी एक गिलहरी सीपेड़ों से उतर आईमैंने लोक कीउस कथा को याद करते हुए प्रणाम कियापुल निर्माण में तुमनेंराम का जो साथ दिë... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   3:43pm 21 Apr 2019 #
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