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Blog: सोहम बानी

Blogger: apramay
सम्बन्धों से जीवन और राजनीति सेसंसद चलती है,मैंने एक नन्हे बच्चे को चलते देखा चलते हुए लड़खड़ाते उसे गिरते फिर उठते देखा,ë... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   4:03pm 10 Jul 2019 #
Blogger: apramay
एक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ रहा बच्चा मुझसे पूछता हैचौरासी किसे कहते हैं अंकल,मैं उसे बताता हूँ और अचानक चुप हो जाता हूँ,धी... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   7:46am 30 Jun 2019 #
Blogger: apramay
इन पहाड़ों-जंगलों के बीचपतली पतली रेखाओं साकिसने गढ़ा मार्ग!!!किससे पूंछू इस वीराने में???और सहसा पत्तों सासरसराता है स्मर... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   8:30am 14 Jun 2019 #
Blogger: apramay
सतपुड़ा के जंगल से गुजरते हुएमुझे ख्याल हो आयापेड़ों की गठानऔर उनकीे हस्तरेखा सी खींची हुई टहनियां,आदमी जितने होंगे उतन&... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   7:36am 14 Jun 2019 #
Blogger: apramay
मैंने पढ़ा एक शब्दअलावफिर अचानक एक शब्दआलापजाग उठा अंदर अंतस मेंमैंने कविता के दरवाजे कोखटखटायाऔर उसने लय मेंइन दोनो... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   2:48pm 1 Jun 2019 #
Blogger: apramay
बहुत दिन हुए कुछ लिखा नहींअसल में कुछ लिखनालिखना नहीं, तुम्हें याद करना होता हैयाद करते हुए तुम्हें लिखनातुम्हारे साथ ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   4:05pm 18 May 2019 #
Blogger: apramay
लिखे शब्द वस्तु नहींरूप नहींरंग नहींध्वनि भी नहींफिर भी स्मृति के सहारेध्वनि के रंग सेरूप और वस्तु हो जाते हैं,इसी तरह... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   2:04am 5 May 2019 #
Blogger: apramay
तुम अभी एक गिलहरी सीपेड़ों से उतर आईमैंने लोक कीउस कथा को याद करते हुए प्रणाम कियापुल निर्माण में तुमनेंराम का जो साथ दिë... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   3:43pm 21 Apr 2019 #
Blogger: apramay
पलकें ढप से मुंदती हैंगिरती हुई बूंद सीमुझे नहीं मालूम बूंद, आकाश और धरती का रिश्ता परइतना कह सकता हूँजब जब पलकें मुंदतì... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   2:28am 18 Apr 2019 #
Blogger: apramay
शहर से दूरएक पुराने घर मेंडोलता है पंखा,शहर से दूर एक पुराने मन्दिर मेंबजता है घण्टा,शहर से दूरएक पुराने कुएं परलगा है च... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   9:11am 9 Apr 2019 #
Blogger: apramay
सब कुछ तय था सिवाय इसके  किमैं तुम्हें प्यार करूँ.पर मैंने दुनियावी शास्त्र के विरुद्ध  तुमसे प्यार किया और जीते हुए अप&... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   12:47pm 24 Mar 2019 #
Blogger: apramay
मैं जी भर जीना चाहता हूं मरने से पहले और मरने के बादकोई बुलावा इधर से आएतो पुनः आना चाहूंगा मर जाने के लिए,वैसे सौ बार जीते ... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   6:34am 24 Mar 2019 #
Blogger: apramay
जिंदगी इतनी भी गई गुजरी नहींकि रात सोने के पहलेसुबह उठने का मन न हो,तुम इतने भी भूले बिसरे नहींकि मरने से पहले मैं तुम्हे... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   6:33am 24 Mar 2019 #
Blogger: apramay
एक उम्र के बाद घर की दीवारेंबहुत पास दुबक आती हैंऔर नीचे झुक आती हैघर की छतकोने-कोने में रखे सामानअपने शरीर से प्याज के छ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   4:55pm 16 Mar 2019 #
Blogger: apramay
ये कहना मुझे अच्छा नहीं लगा किझर जाएंगे पत्ते इसलिएकह रहा हूँ  झर रहें हैं पत्ते इस बार भी वसंत के, इस बार, इस बार ऐसा कहना ह... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   4:11pm 16 Mar 2019 #
Blogger: apramay
शाम होते ही दूर खलिहान से टप्पा खाती लुढ़कती चली आती है कानों के पासबच्चों की चहकती आवाज,मैं बाहर दुआरे पर लपक करउन्हें प... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   6:58am 22 Feb 2019 #
clicks 30 View   Vote 0 Like   6:33am 22 Feb 2019 #
clicks 24 View   Vote 0 Like   6:31am 22 Feb 2019 #
clicks 25 View   Vote 0 Like   6:30am 22 Feb 2019 #
Blogger: apramay
kalaaon Par Kuch Vichaar 3 Apramaya... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   6:29am 22 Feb 2019 #
clicks 26 View   Vote 0 Like   6:27am 22 Feb 2019 #
Blogger: apramay
कभी कभी कोई कविता अंदर से घुमड़ती हुई धीरे धीरे अंगुलियों के पास आकरबादल की तरह छा जाती है,कागज का सा खेतकुदाल की सी कलम मे&#... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:11pm 13 Feb 2019 #
Blogger: apramay
एक पुराने मकान के सामनेमैं खड़ा रहा औरलौट आने के बाद मुझेपता नहीं चला कि कैसे और क्योंशब्दों में वह धीरे धीरेघेरा बना रहì... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   3:52pm 20 Jan 2019 #
Blogger: apramay
मैं चुप था नए वर्ष की सुबहकि इस आगमन को अनुभव करूँगा सूर्य के साथया फिर फूल-पत्तियों के बीच परइन्होंने कोई ब्यौरा नहीं द... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   3:43am 2 Jan 2019 #
Blogger: apramay
रात के अंधेरे में चलता पंखा सुनने नहीं देता दूररेलवे स्टेशन पर आती हॉर्न देती ट्रेन की आवाज,कोई भी चेहरा खिड़कियों सेट्र... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   4:19am 1 Jan 2019 #
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