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p { margin-bottom: 0.25cm; line-height: 130%; } One day it happened that a man came to me who was really in a mess, very miserable. And he said 'I will commit suicide.'I said 'Why?'He said 'I trusted my wife and she has betrayed me. I had trusted her absolutely and she has beenin love with some other man. And I never came to know about it until just now! I have got hold of afew letters. So then I inquired, and then I insisted, and now she has confessed that she has been inlove all the time. I will commit suicide,' he said.I said 'You say you trusted her?'He said 'Yes, I trusted her and she betrayed me.'What do you mean by trust? – some wrong notion about trust; trust also seems to...
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Tag :Osho on love
  February 14, 2017, 1:02 pm
सुफी फकीर जुन्नैद ने कहा है कि जब वह ज्ञान को उपलब्ध नही हुआ था, जब वह पण्डीत था, तब हर किसी को पकड कर अपनी बातें कहता था, अपना पांडित्य बताता था. एक बार उसे एक लडका मिला. लडके के पास मिट्टी का एक दिया था. दिया जल रहा था. जुन्नैद ने उसे पूछा, बता, इसे किसने जलाया है, कहॉं से रोशनी ...
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Tag :अध्यात्म
  February 8, 2017, 2:07 pm
प्रस्तुत है ओशो ने कही कुछ बातें. . .किसी भी काम से ऊब जाना हमारा बुनियादी गुण है। हम किसी चीज को पाने के प्रयत्न में नहीं ऊबते, बल्कि पाकर ऊब जाते हैं। इसीलिए गीता में श्रीकृष्ण ने सतत रूप से कर्तव्य करने की शिक्षा दी है। संसार के संयोग से जो तोड़ दे, दुख के संयोग से जो पृ...
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Tag :ओशो वचन
  February 5, 2017, 4:51 pm
Hello. Sharing a wonderful post of Sadhguru which I came across here.Stories of Gurdjieff, the Rascal SaintSadhguru tells us of the rascal saint, George Gurdjieff, and his “unconventional” methods with his disciples.Sadhguru: George Gurdjieff, who lived in Russia in the early part of the twentieth century, was a wonderful master. But Gurdjieff was known as a rascal saint because his methods were very drastic and he did crazy things with people. He played unbearable tricks on people! Gurdjieff was known as a rascal saint because his methods were very drastic and he did crazy things with people.He had a powerful presence in England and when he spoke, people wanted to listen. If G...
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Tag :Gurdjieff
  January 31, 2017, 10:49 pm
"मेरे गाँव में एक पुजारी था| वह सुबह तीन घण्टे और शाम को तीन घण्टे बालाजी के मन्दिर में भजन करता था| उसका नाम किसी को भी याद नही था, सभी उसे बालाजी ही कहते थे| उसका भजन चिल्लाना ज्यादा था| सभी लोग उसके शोर से पीडित थे, लेकिन पुजारी होने के कारण कोई नही बोलता था| सभी लोग उसे बह...
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Tag :ओशो कथा
  January 27, 2017, 2:04 pm
A great king once came to see Buddha. His prime minister persuaded him to come, but he was a very suspicious man – as politicians and Kings usually are. Very suspicious. He didn’t want to come in the first place; just for political reasons he came to see him, because in the capital the rumor was spreading that he was against Buddha; and all the people were for Buddha, so he became afraid. It was not diplomatic, so he went to see. With his prime minister, when he reached closer to the grove where Buddha was sitting with his ten thousand monks, he became very much afraid. He pulled his sword out and he said to the prime minister, ”What is the matter? – because you said ...
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Tag :Meditation
  January 25, 2017, 3:25 pm
p { margin-bottom: 0.50cm; line-height: 120%; }Jesus used to tell a parable. He said that it happened once that a great lord, a great master, a very rich man, went on a far-away journey. He told his servants that they had to be always alert because he would be back any moment, ANY moment. And whenever he came back, the house should be ready to receive him. He could come back, any moment. The servants had to be alert, they couldn’t even sleep. Even at night they had to be ready because the master could come any moment.Jesus used to say that you have to be alert every moment because any moment the Divine can descend into you. You may miss. If the Divine knocks at your door and you are fast a...
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Tag :Jesus story
  December 5, 2016, 5:16 pm
p { margin-bottom: 0.25cm; direction: ltr; color: rgb(0, 0, 0); line-height: 120%; }p.western { font-family: "Liberation Serif","Times New Roman",serif; font-size: 12pt; }p.cjk { font-family: "Arial Unicode MS",sans-serif; font-size: 12pt; }p.ctl { font-family: "Lohit Marathi"; font-size: 12pt; }ओशो. . . . जुलाई २०१२ में ओशो मिले. . संयोग से पहले ही कुछ प्रवचनों में ध्यान सूत्र प्रवचन माला मिली| वहाँ से फिर 'एस धम्मो सनन्तनो', 'सम्भोग से समाधी तक', 'ताओ उपनि...
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Tag :Rajneesh
  October 24, 2016, 10:59 pm
p { margin-bottom: 0.25cm; line-height: 120%; }a:link { }लिनक्स (Linux) इस प्रकार की ऑपरेटिंग सिस्टम उबंटू (UBUNTU) साथ तीन साल पूरे हुए! हम में से अधिकतर लोग लैपटॉप या डेस्कटॉप पे विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग करते होंगे| मोबाईल पर आज कल एंड्रॉईड ऑपरेटिंग सिस्टम अधिकतर चलती है| जब तीन चार साल पहले उबंटू लिनक...
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Tag :उबंटू
  October 14, 2016, 12:09 am
p { margin-bottom: 0.25cm; direction: ltr; color: rgb(0, 0, 0); line-height: 120%; }p.western { font-family: "Liberation Serif","Times New Roman",serif; font-size: 12pt; }p.cjk { font-family: "Arial Unicode MS",sans-serif; font-size: 12pt; }p.ctl { font-family: "Lohit Marathi"; font-size: 12pt; }Watching 'M. S. Dhoni: The untold Story' is a wonderful experience. . It is rightly said that we knew the man, but we did not know the journey. It really goes deep. It is not only his journey, but also in a way our own journey. Because legends such as MS or Sachin are not only individuals, they are collective phenomenon. It is not only that Sachin plays for 24 years, it is also that I live for 24 yea...
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Tag :cricket
  October 9, 2016, 4:16 pm
As an alumni of Karve Institute of Social Service, I shared this with fellow students. This is about one faculty of Karve Institute. This is written in the context of her retirement on 31st August 2016. p { margin-bottom: 0.25cm; direction: ltr; color: rgb(0, 0, 0); line-height: 125%; }p.western { font-family: "Liberation Serif","Times New Roman",serif; font-size: 12pt; }p.cjk { font-family: "Arial Unicode MS",sans-serif; font-size: 12pt; }p.ctl { font-family: "Lohit Marathi"; font-size: 12pt; }Nagmani Rao: The Sustained InspirationNagmani Rao! Those who have met her know her well, there is no need for any introduction! This is just a small attempt to recall her memories. This is a refl...
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Tag :Karve Institute of Social Service
  September 20, 2016, 12:03 pm
गुरू पूर्णिमा! आज इस दिन का महत्त्व लुप्त सा हो गया है! लेकिन यह आज भी यथार्थ है| विवेकानंद कहा करते थे, एक सिंहनी गर्भवती थी। वह छलांग लगाती थी एक टीले पर से। छलांग के झटके में उसका बच्चा गर्भ से गिर गया, गर्भपात हो गया। वह तो छलांग लगा कर चली भी गई, लेकिन नीचे से भेड़ों का ...
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Tag :Osho
  July 19, 2016, 10:59 am
छहदशकपूर्वभारत प्रजासत्ताक बनाऔर उसने धर्म- निरपेक्ष समाजवादी संविधान का अंगीकार किया।इस संविधानके मूलभूत ढांचे मेंदेश के नागरिकों कोउनकीजाति, धर्म और लिंग इनकाविचारन करते हुएसमान अवसरदिए गये है।फिर भी भारत में जातियहभेदभाव का सबसे बडापारंपारिक प्रतिक है। आध...
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Tag :गांधी
  July 12, 2016, 8:46 pm
नमस्ते!मेरी पसन्द के दो हिन्दी फिल्मी गाने जिनमें गहरा आध्यात्मिक अर्थ हैं| या यूँ कहे तो उनमें धर्म का सार हैं- मै पल दो पल का शायर हूँपल दो पल मेरी कहानी हैपल दो पल मेरी हस्ती हैपल दो पल मेरी जवानी है ... मुझसे पहले कितने शायरआए और आकर चले गए...कुछ आहें भर कर लौट गएकुछ नग़मे ग...
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Tag :अध्यात्म
  July 10, 2016, 1:27 pm
नमस्ते! २०१६ की बरसात शुरू हो चुकी है| बरसात के आने से मौसम का मिज़ाज बदल जाता है! एक ताज़गी आती है| ऐसे में साईकिल राईड करने का भी अलग मज़ा आता है| बरसात और किचड से थोडी परेशानी जरूर होती है, लेकिन सुन्दर दृश्य इसकी भरपाई करते हैं| प्रस्तुत हैं कुछ फोटोज ऐसी ही एक बरसाती राईड क...
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Tag :बरसात में साईकिल
  July 7, 2016, 11:21 am
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमप्रकृति, पर्यावरण और हम ५: पानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणाप...
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Tag :धम्म
  July 4, 2016, 11:46 am
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमप्रकृति, पर्यावरण और हम ५: पानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणाप...
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Tag :निसर्ग
  June 28, 2016, 12:11 pm
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमप्रकृति, पर्यावरण और हम ५: पानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणाप...
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Tag :निसर्ग
  June 12, 2016, 11:04 pm
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमप्रकृति, पर्यावरण और हम ५: पानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणाप...
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Tag :इस्राएल
  June 6, 2016, 10:19 pm
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमप्रकृति, पर्यावरण और हम ५: पानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणाप...
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Tag :कुदरत की देन
  May 31, 2016, 11:24 am
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमप्रकृति, पर्यावरण और हम ५: पानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणाफ...
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Tag :Jadav Payeng
  May 26, 2016, 10:20 pm
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावना प्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिका प्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थ प्रकृति, पर्यावरण और हम ४: शाश्वत विकास के कुछ कदमपानीवाले बाबा: राजेंद्रसिंह राणासूखे और अकाल के रेगिस्तान म...
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Tag :अकाल
  May 21, 2016, 3:58 pm
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावनाप्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिकाप्रकृति, पर्यावरण और हम ३: आर्थिक विकास का अनर्थशाश्वत विकास के कुछ कदमजैसा हमने पहले देखा, आज बड़े पैमाने पर प्रकृति में असन्तुलन बढ़ रहा है| ह्युमन चेंज के कारण पर्य...
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Tag :धर्म
  May 18, 2016, 11:05 pm
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावनाप्रकृति, पर्यावरण और हम २: प्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिकाआर्थिक विकास का अनर्थआज हम जिसे विकास कहते हैं वह वास्तव में क्या है? आज हम कहते हैं कई देश विकसित हैं और कई देश विकासशील हैं| या ऐसा कहते हैं कि इस सरकार के पाँच सालों ...
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Tag :धर्म
  May 14, 2016, 11:17 am
प्रकृति, पर्यावरण और हम १: प्रस्तावनाप्राकृतिक असन्तुलन में इन्सान की भुमिकापीछले लेख में हमने देखा की कुदरत के कानून द्वारा प्रकृति चलती है| उसकी एक व्यवस्था होती है| अगर इस व्यवस्था पर तनाव आ जाए, तो प्रकृति में भी परिवर्तन आता है| जैसे गुरुत्वाकर्षण एक नियम है| अगर ह...
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Tag :धर्म
  May 12, 2016, 10:57 am
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