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शीराज़ा [Shiraza]

                   जोगीरा सारा रा रा रा-2       [होली के कुछ  रंग, हास्य-व्यंग के संग] 16. जुड़ता कुनबा देखते, रघुवर हैं बेचैन       अरसे से हेमंत की, सत्ता पर है नैन       जोगीरा सारा रा रा रा 17. काशी क्योटो बन रही, बदला अस्सी घाट       कॉरिडोर के नाम पर, खड़ी हो रही खाट       जोगीरा सारा रा रा रा 18. दि...
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Tag :होली
  March 21, 2019, 4:20 pm
जोगीरा सारा रा रा रा-1 [होली के कुछ  रंग, हास्य-व्यंग के संग] 1. घर-घर मोदी की जगह, मैं भी चौकीदार     नारा लाया फिर नया, जुमलों का सरदार     जोगीरा सारा रा रा रा 2. राफेल डील केस में, उलझी है सरकार      फाइल चोरी हो गई, सोया चौकीदार     जोगीरा सारा रा रा रा 3. हाथी सहचर साइकिल, लालटेन क...
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Tag :दोहा
  March 21, 2019, 1:07 am
निराकार-साकार शिव, शिव में नहीं विकार। सृष्टि और संहार शिव, शिव ही पालनहार।। बाघ छाल का वस्त्र है, ग्रीवा में मुंडमाल। बसे हलाहल कंठ में, सोम सुशोभित भाल।। डमरू शिव के हाथ में, बहे शीश से गंग। अंगराग शव भस्म है, लिपटा गले भुजंग।। बाम भाग में पार्वती, बैठे नन्दी द्वार।...
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Tag :पार्वती
  March 4, 2019, 11:12 pm
घाटी में षड्यंत्र से, दहला हिंदुस्तान  सहमे पेड़ चिनार के, जन्नत लहूलुहान बिना युध्द मारे गये, अपने सैनिक वीर  आहत पूरा देश है, हृदय-हृदय में पीर पत्नी बेसुध है पड़ी,बच्चा करे विलाप अम्मा छाती पीटती, मौन खड़ा है बाप रक्त वर्ण झेलम हुई, क्षत-विक्षत है लाश कितनी गहरी वेदना, फफ...
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Tag :चिनार
  February 23, 2019, 2:33 pm
हिज्र  की रात तो ढली ही नहीं वस्ल की  आरज़ू गई ही नहीं मेरे दिल में थी बस तेरी चाहत आरजू  और कोई थी  ही नहीं मैंने तुझको  कहाँ  नहीं  ढूँढा यार तेरी ख़बर मिली ही नहीं इश्क़ से थी हयात में लज़्ज़त ज़िन्दगी बाद तेरे जी ही नहीं मिन्नतें इल्तिज़ा  न कम की थी बात लेकिन कभी सुनी ही...
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Tag :प्रेम दिवस
  February 14, 2019, 6:36 pm
पद्मासिनि वागीश्वरी, श्वेत चतुर्भुज रूप पुस्तक वीणा हाथ मे, बुद्धि ज्ञान प्रतिरूप प्राणी को वाणी मिली, सुन वीणा की नाद मौन सृष्टि करने लगी, आपस में संवाद © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभार) - ...
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Tag :माँ शारदे
  February 11, 2019, 11:35 pm
वो हया,वो हिजाब की बातें उसके हुस्नो शबाब की बातें बाग में जो निखार लाया था याद है उस गुलाब की बातें          © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभार) ...
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Tag :रोज डे
  February 7, 2019, 11:30 pm
(एक) रात अँधेरी कान्तिमय दीपक कंपित प्रज्वलित खड़ा अकेला सुख-दुःख संताप लड़ना चुपचाप (दो) सृजन सीख ठूंठ पर कोपल दुःख पे सुख जय आवाजाही है पतझड़ वसंत हंसते रोते जन (तीन) लघु जीवन कंटकित डगर कोशिशें बेअसर व्यथित मन हारे बैठे क्यूँ भला सीखें जीने की कला [सेदोक...
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Tag :जीवन
  February 4, 2019, 8:18 pm
एक के बाद एक फँसते जा रहे हैं हम समस्याओं के, दुर्भेद चक्रव्यूह में चाहते हैं, चक्रव्यूह से बाहर निकल, मुक्त हो जाएँ हम भी रोज प्रत्यंचा चढ़ जाती है, लक्ष्य बेधन के लिए लेकिन असमर्थताएँ परास्त कर जाती हैं हर तरफ से। शायद- हो गये हैं हम भी, अभिमन्यु की तरह। काश, इससे न...
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Tag :
  October 14, 2018, 2:53 pm
हज़ारों रंग ख़ुशबू से  बना गुलदान है भारत कई तहज़ीब,भाषा,धर्म की पहचान है भारत कहीं गिरजा, कहीं मस्जिद, शिवाला और गुरुद्वाराकभी होली कभी क्रिसमस कभी रमज़ान है भारत कोई नफ़रत भी बोता तो पनपती है मोहब्बत हीअज़ब जादू है माटी में, कोई वरदान है भारत चलो मिलकर बचाएँ हम इसे फ़िरक़...
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Tag :ग़ज़ल
  August 16, 2018, 10:20 am
वह रहता है हरदम युवाओं के कंधे पर सवार रचता है मन्त्र उन्माद का और फूँक देता है क्षुब्ध नौजवानों के कानों में वह करता है आदमी को उन्मादी भीड़ में तब्दील हाँक कर ले जाता है अपना शिकार बनाता है हथियार वह करता है कातिलों का झुंड तैयार बनाता है भय का माहौल वह करता है ऐसा प्रब...
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Tag :
  May 24, 2018, 12:03 am
मसरूफ़ आप में हैं, कहाँ फुर्सतों में लोगबस कहने को बचे हैं शनासाइयों में लोग उकता गये हैं रोज के इन हादसों से अब डूबे हुए हैं ख़ौफ़ की गहराइयों में लोग आँखों में ख़्वाब और थे, ताबीर और है सपने बिखरते देख के मायूसियों में लोग तदबीर से नसीब बदल कर नहीं देखे तक़दीर कोसते रहे ...
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Tag :
  April 24, 2018, 8:58 pm
नाकामी  पर  परदा  कर जनता को भरमाया कर जब  मुद्दों  की  बात  उठे मज़हब में उलझाया कर भूखों  की  तादाद  बढ़ी खुशहाली का दावा कर सीधे  साधे  लोग   यहाँ ख़्वाब सुनहरे बेचा कर लफ़्फ़ाज़ी  का  राजा  तू जुमले  यूँ  ही  फेंका कर जो भी  तुझसे  प्रश्न  करे उसके मुँह पर ताला कर बेबस  चीखें ...
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Tag :
  December 17, 2017, 6:05 pm
[आज इस 'ब्लॉग' के चार वर्ष पूरे हो गए। इन चार वर्षों में आप लोगों का जो स्नेह और सहयोग मिला, उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया और आभार। यूँही आप सभी का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहे यही चाह है। इस मौक़े पर एक ग़ज़ल आप सब के लिए। सादर,]   ...
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Tag :
  November 3, 2017, 4:45 pm
सामने   आप   मेरे   रहा   कीजिएमुझको मुझसे न ऐसे जुदा कीजिएहै मुहब्बत अगर तो कहा कीजिएबात दिल की हमेशा सुना कीजिए क्या ख़ता है मेरी आप क्यूँ हैं ख़फ़ागर गिला हो कोई तो कहा कीजिएकब बदल जाए नीयत किसी की यहाँहर किसी से न  हँस के मिला कीजिएमैंने अहसास दिल का बयाँ कर दियायूँ  न  ...
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Tag :
  October 10, 2017, 3:08 pm
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Tag :
  September 9, 2017, 4:14 pm
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Tag :ग़ज़ल
  August 16, 2017, 7:33 pm
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Tag :ग़ज़ल
  May 14, 2017, 5:13 pm
चंचल मोहक तितलियाँ, रंग-बिरंगे पंखकरती थी अठखेलियाँ, जो फूलों के संगबगिया में रौनक नहीं, उपवन है बेरंगकहाँ तितलियाँ गुम हुईं, लेकर सारा रंग   ...
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Tag :कविता
  March 14, 2017, 11:01 pm
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Tag :इनकार
  February 14, 2017, 4:21 pm
यकीनन नज़र में चमक आरज़ी है  महज़ चार दिन की यहाँ चाँदनी है जिधर  देखिए  हाय तौबा मची है हथेली पे सरसों भला कब उगी है चराग ए मुहब्बत बचायें  तो  कैसे यहाँ नफ़रतों की हवा चल पड़ी है फ़क़त आंकड़ों में नुमायाँ तरक्की यहाँ मुफलिसी दर-बदर फिर रही है कहाँ तितलियाँ हैं, हुए गुम परिंदे फ...
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Tag :नया साल
  January 2, 2017, 12:00 am
[आज इस 'ब्लॉग' के तीन वर्ष पूरे हो गए। इन तीन वर्षों में आप लोगों का जो स्नेह और सहयोग मिला, उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया और आभार। यूँही आप सभी का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहे यही चाह है। इस मौक़े पर एक ग़ज़ल आप सब के लिए। सादर,]  ज़िंदगी तुझसे निभाना आ गया हौसलों को आज़मा...
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Tag :
  November 3, 2016, 9:38 pm
शरद पूनो कौमुदी अमी धारा झड़ते परिजात अमानी कृष्ण महारास की बेला   मनमोहक निशा  © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभार) ...
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Tag :शरद पूर्णिमा
  October 15, 2016, 11:22 pm
हवाओं में तरन्नुम  है,  चमन गाने लगा  देखो फुहारें  गुनगुनाती  हैं, शज़र भी झूमता देखो घटाएँ झूम कर  बरसीं, छमाछम नाचतीं  बूँदें गुलाबी ये फ़ज़ा देखो, नशा बरसात का देखो बुझाती तिश्नगी धरती, दिखातीं बिजलियाँ जल्वा किसानों  की  ख़ुशी  देखो, मयूरा  नाचता  देखो जमीं लगती नहाई सी...
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Tag :बरसात
  September 17, 2016, 4:51 pm
वही हालात हैं अब तक पुराने  न कुछ बदला न आए दिन सुहाने  किसे मतलब है ज़ख़्मों से हमारे  कोई आता नहीं मरहम लगाने  हमारी आँख के आँसू न सूखे चले आए नये ग़म फिर रुलाने कोई वादा नहीं उसने निभाया उसे अब याद आते सौ बहाने लिए उम्मीद हम बैठे अभी तक वो लायेंग...
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Tag :
  August 15, 2016, 7:33 pm
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