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विचार सागर म़ंथन : View Blog Posts
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विचार सागर म़ंथन

विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना              चातुर्यहरजगह नहीसदैवतेराचातुर्यहरजगहकामआवेनही थोडा या अक्षयज्ञान तुझे आ राह बतावेन संगत हर मुसीबत में हो साथ हाथ बटावेन कोई तो यहाँ सुने न कोई तुझे कुछ बतावेगर सुकर्मों के खाते में नही कुछ बचा शेष हैंन भाग्य र...
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  January 12, 2014, 11:15 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                 पसन्द आपकी  पसन्द आपकी या तो गन्देविचारों को तुरन्त दफ़न करेया ताउम्र गन्दे विचारों केकफन में नफरत सब की सहेंचन्द लम्हे साथ मेरे गुजारेआयें बैठे इस विषय पर विचारेंविचारों पर नफरत मुहब्बत साथलोभ,लालच अहं को ह...
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  January 11, 2014, 11:45 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना              दुनिया  की  लडाईयाँ दुनिया में अधिकतर लडाईयाँअपनों से हुआ करती हैजीत कर भी अपनों से हम विजयी नही कहला सकते हैजीत अंह की हार अपनत्व की यहाँ हमें बैचैन कर जाती हैचुनेंगें किसको अंह या अपनत्व को फैसला आप ही करेंगें...
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  January 10, 2014, 1:08 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                  क्षमाप्रार्थी न कहलावोगेहमसफर मेरे ,आज मैंने हकीकत निचोड संवारी हैंजीवन समस्याओं अनिश्चित जीवनराह विचारी हैंरखो सामने हर पल इसे  विजय सदैव तुम्हारी हैंदुनिया में कभी भी तुम किसी को अपन...
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  January 9, 2014, 10:06 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना       शतुरमुर्ग  क्यों  भयभीत ?     माना यह राहें छोटी होती हैं इस इंसानी जिन्दगी में      राह इक पर गर जीत तो हार दूजी राह इंतजार में हैं       पर कुछ मस्ताने देखे ऐसे जो हंसते हुये हार जाते हैं      पहुचते ज...
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  January 8, 2014, 11:52 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना       सामने सिर  झुकावेगासुनो मत भयभीत होवो खुदा से ए मेरे प्यारे मित्रजिन्हें खुद पर यकीन नही वह भयभीत करते हैं न फंसों बातों में लोगों की खुदा कुछ नही करेगाध्यान रखो तुम अहित नही किसी का कर रहे होसही राह पर हो वो भी आ सामने सिर झुका...
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  January 7, 2014, 12:54 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना           दोराहे पर खडा       445 वीं पोस्ट ए बन्दे हर घडी हर पल सदाक्यों दोराहे पर जा तू खडा होता हैंराहे सुकर्म अपना जो भय व चिन्तासे मुक्ति का बेशकीमती भंडार हैंसंभलना राहे दुनिया में देख यहाँ परफैले चिन्ता, भय के अटूट भंडार ह...
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  January 6, 2014, 11:50 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                 कौन कहता मानव शक्तिशाली          --444  वीं पोस्टबिरलेहीदेखेजमींपर ऐसेजोनरनारीनहीमजबूरकिसीख्याल वस्तुशक्तिजीवके  सामने  नरनारीयातोअपनाख्यालपूराहोनाचाहे यावेवस्तुकोसिरनवाते हैं किसीअनदे...
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  January 5, 2014, 9:56 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                    परवरिश  --४४३ वी पोस्ट     बेशकीमती लफ्ज इस  दुनिया में हैं  वह परवरिश     छोटा सा शब्द विशाल पर गहरा इतना कि थाह नही     परिवारिश परिभाषित करना कठिन पर अमली हैं     दुनियायी हर ...
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  January 4, 2014, 11:32 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                              मशहूर हो गये    442 वीं पोस्टलगतानहीदुनियाकोहम दोनोंदूरहोगयेन जाने क्यों यों हमारे चर्चें मशहूर हो गयेरंगते थे पन्ने क्यों जा उलझे नये रोग सेकही तकनीकी  कही व्यवसायिक उलझनेंमिलते लेखों स...
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  January 3, 2014, 12:40 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                                       सबको स्थान दीजिये      441वां पोस्ट  गर जिन्दगी में सबंध निभाने होतो कृपया सबको स्थान दीजियेविवाद अंह शतरंजी बिसात तबबिछती म्यानें तब खाली होती हैंज...
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Tag :सबको स्थान दीजिये 441 वां पोस्ट
  January 2, 2014, 12:13 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                                कौन   दरवेश हैं   ---440 वीं पोस्टरेस है देश है वेश है इंसावास्तव में कौन दरवेश हैहोते पेश रंगमंच पर भूमिका निभाने की भी रेस हैदेश वेश न भ्रमाना पीछे से शैतानियत का प्र...
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Tag :कौन दरवेश हैं ---440 वीं पोस्ट --पथिक
  January 1, 2014, 12:16 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना            तथाकथित नव-वर्ष की पूर्व  संध्या पर              (  राष्ट्र के नाम मेरा संदेश )         -------पथिक   अनजाना               “ वचनबद्ध होते है आज हम इस नव-वर्ष की बेला पर     ...
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  December 31, 2013, 4:46 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                   संस्कार विचार,प्यार गये सब हार      438वीं पोस्ट          शिक्षा,संस्कार,विचार,व प्यार गये सब हार           स्वार्थ का बिगुल जब बजा बन्द हुये व्दार          अतीत खो...
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Tag :संस्कार विचार
  December 31, 2013, 12:32 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                   दो साहिल नफरत व मुहब्बत   (436वीं  पोस्ट )मानवीय जीवन में  सदैव से हावी दोसाहिल नफरत व मुहब्बत हैंअपनी सारी जिन्दगी में ये इंसान दोनों साहिलों से चाहे अनचाहे वहकर्मों व किस्मत से किसी न क...
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  December 30, 2013, 12:39 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                                           काँपते लबों से विदाई   --435चाहते हैँ सनम जब हम जहान से जुदा होंगेंजोड कर हाथ करें हम खुदा से इक दरखासहोगें हाथ तुम्हारे वक्ते मौत हाथ हमारों मेंकाँपते लबों ...
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  December 29, 2013, 11:27 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                       दुनिया  का नायाब  जीव    ४३३देखता प्रकृति कमाल क्यानायाब जीव बनाया इंसानमजाक नही हो गंभीर हैरां हुंआ मान गया इंसान कोन समझ सका मैं मूढ कि यह किस श्राप की उपज हैंइसी को कर केन्द्...
विचार सागर म़ंथन...
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  December 28, 2013, 9:18 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                               श्री राम की कीमत --  ( 432 )हरपरिवारिक किले कीचाहरदिवारीमेंक्यों नापाककुचालेंचली जातीहैँछीनजिन्दगीसे सकून ताकतवरों व्दाराकहते बुजुर्गोंके लियेकुछ भीनहीहैँजाने कैसे ह...
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  December 27, 2013, 11:54 am
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना     राह तो किस्मत बनाती हैं  ४३० कशमकश हैं कि लोग पैसा दिमागसे कमाते या किस्मत से पा जाते हैंदुनिया कहती पैसा दिमाग से कमायाजाता राह तो किस्मत बनाती हैमान्यता है कि जहाँ लक्ष्मी रहतीवहाँ सरस्वती साथ नही होती हैदिमाग का नाता शैता...
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  December 25, 2013, 10:12 pm
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजाना                                                      शासन का  मशविरा ---   पथिक अनजाना   जाने वक्त कैसा आगया या भूले से मैं यहाँ आ गया   शासन मशविरा देता अब प्रकाशकों व उदघोषकों को    स्थान नहीं दो न्यायपालि...
विचार सागर म़ंथन...
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  December 25, 2013, 11:54 am
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