Hamarivani.com

काव्य कलश

समय समय पर करे रक्त दान । हर जुबां कहेगी तू कितना महान ॥ कवि अमृत ‘वाणी’अमृतलाल चंगेरिया (कुमावत)...
काव्य कलश...
Tag :
  January 7, 2016, 8:49 pm
...
काव्य कलश...
Tag :
  May 31, 2015, 6:44 pm
...
काव्य कलश...
Tag :
  May 31, 2015, 6:41 pm
संता पे किरपा करो,        प्यारा पवन कुमार । साँसा सो बरसां चले ,       सुमिरे यो संसार ॥ कवि अमृत  'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :Dharm
  April 4, 2015, 7:37 pm
आओ ऐसे दीप जलाए | अंतर मन का तम मिट जाए ||  मन निर्मल ज्यूं गंगा माता | राम भरत ज्यूँ सारे भ्राता ||  रामायण की गाथा गाए | भवसागर से तर तर जाए ||  चोरी हिंसा हम दूर भगाए | वंदे मातरम् मिल कर गाए || कवि अमृत 'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :हिंदी
  January 26, 2015, 7:55 pm
जो जलना था वो सब जल गया ।जो गलना था वो सब गल गया ।।'वाणी'दर्द, दर्द सा लगता नहीं अब ।दर्द के सांचों में जीवन ढल गया ।।कवि अमृत  'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :हिंदी
  November 29, 2014, 1:00 pm
आओ , सभी से हॅंस-हॅंस कर मिले । मतलबी आॅंखें कल खुले ना खुले ।। ’वाणी’ ऐसे हाथ मिलाओ दोश्तो से । जमाना कहे आज इनकेे नशीब खुले ।।    कवि अमृत 'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :
  November 28, 2014, 9:53 pm
नोटा री गड्डियांअन कलदारां री खनक में तो ई दुनिया में हगलाई हमझे । पण लाखीणा मनक तो वैज वेवे  जो रोजाना मनक ने मनक हमझे ॥ 'वाणी'अतरी झट बदल जावे ओळखाण मनकां कीआछा दनां  में मनकमनक ने माछर  हमझे । अन मुसीबतां में मनकमाछर नै  मनक हमझे ॥कवि अमृत  'वाणी'मुक्तक  ...
काव्य कलश...
Tag :राजस्थानी
  November 27, 2014, 8:57 pm
विश्व विख्यात महामानव, अनन्त ओजस्वी, जिनके रक्तारविन्द सदृश्य युगल नयन अहर्निश अग्नि-बाणों की अविरल वर्षा करते थे। शस्त्र एवं शास्त्रधारी रणकौशल-सृजनकत्र्ता का महाप्रयलंकारी परशा जिसकी चमक मानो दामिनी की दमक से भी लक्षाधिक तीक्ष्ण और तीव्रतम धावक जिन्होंने इक्...
काव्य कलश...
Tag :अपनी बात
  July 26, 2014, 1:44 am
नीलाम्बर के उस पार छिपकर बैठा वो अचूक बाजीगर विगत लाखों वर्शो से जिसको जैसे नचाना चाहता है उसे उसकी लाख इन्कारियों के बावजूद भी उसी तरह नाचना पड़ता है जिस तरहां ईश्वर चाहता है। वह ऐसा हठीला हाकिम भी है जो अक्सर किसी की सिफारिशें नहीं सुनता।कवि अमृत ‘वाणी’...
काव्य कलश...
Tag :अपनी बात
  July 24, 2014, 1:14 am
मालवांचल का महानगर, मायानगरी का अनुज, अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों से सुसज्जित, अनन्त प्रगति पथ का अहर्निष धावक, षील से विकासषील, सतरंगी सृजनधर्मिता का अतिसक्रिय स्थल, नैसर्गिंक सौन्दर्य का अक्षय भण्डार, रेल- मार्ग का मकड़ जाल, कोटि-कोटि नयनों का त्राटक बिन्दु, ह...
काव्य कलश...
Tag :गद्य
  July 24, 2014, 1:08 am
दिल के आंगन में जब वो ही रहते है ।फिर आँखों से क्यूँ आसू बहते है ।जाने क्या होगा अंजामे दिल लगी का ।जब उनकी सासों से हम जिते है ।शेखर कुमावत ...
काव्य कलश...
Tag :
  March 1, 2014, 11:48 pm
एक महान गणितज्ञमर्म-मर्म के मर्मज्ञविषय के ऐसे विशेषज्ञहर वक्तगणित के सवालों में खोए हुए रहते थेजगे हुए भी मानोसोए हुए लगते थे।भ्रकुटी फूल साइज में तनी हुईललाट पर सल पर सल दिखाई देते थे,मजाक है नाक पर मक्खी बैठ जाएघण्टो के सवाल, मिनटों में हल कर लेते थे,और उत्तर मिलने ...
काव्य कलश...
Tag :हास्य
  December 1, 2013, 5:22 pm
दीवाली आ गईभारी अफसोसकई महंगी रस्मे निभानी होगीगमगीन मासूम चेहरों परभारी नकली मुस्कानें लानी होगीढ़हने को व्याकुल खण्डहरों परडिस्टेम्पर करना होगाकाले तन तन मन को फिरसतरंगी वस्त्रों से ढकना होगाजल कर राख हो गए कभी केबुझे दिल से फिर दिप जलाने होंगे हमने खाए हजारों&n...
काव्य कलश...
Tag :हास्य
  November 30, 2013, 4:57 pm
Bikau Cycle   (Kavi Amrit Wani 09413180558)Bara Bind...
काव्य कलश...
Tag :हास्य
  October 19, 2013, 9:41 pm
कवि : अमृत'वाणी'चंगेरिया (कुमावत )कविता : मेवाड़इतिहास (दोहा )कविसम्मलेन : जोहरस्मृतिसंसथानचित्तोडगढदिनांक : 29-03-2011कवि : अमृत'वाणी'चंगेरिया (कुमावत )कविता : बांरा बिन्दकविसम्मलेन : जोहरस्मृतिसंसथानचित्तोडगढदिनांक : 29-03-2011राजस्थान दिवस प...
काव्य कलश...
Tag :वीडियो
  April 3, 2011, 1:44 pm
Kavi amrit wani...
काव्य कलश...
Tag :
  October 19, 2010, 3:34 pm
खुशरहेबहिनें , पलपलयहीख्यालआए |आफ़तकेवक़्तभाईबहनकीढ़ालबनजाए ||करतारहइसतरहांतूहिफाजतअपनीबहनोंकी |कि हुमायूँसेभीबेहतर तेरीमिशालबनजाए ||कवि :-अमृत'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :
  August 24, 2010, 9:49 am
आओऐसेदीपजलाए |अंतरमनकातममिटजाए ||मननिर्मलज्यूंगंगामाता |रामभरतज्यूँसारे भ्राता ||रामायणकीगाथागाए |भवसागरसेतरतरजाए ||चोरीहिंसाहम दूरभगाए |वंदेमातरम्मिलकरगाए ||कवि अमृत 'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :हिंदी
  August 14, 2010, 7:15 pm
चारदिनोंकीजिन्दगीयूंगुजरगईभाई |दोदिनहमसोनासकेदोदिननींदनहींआईकविअमृत"वाणी"...
काव्य कलश...
Tag :हिंदी
  August 2, 2010, 10:56 am
कवि अमृत वाणी की राजस्थानी कविता एक नेता जी जमी जुमई दुकान का कविता पाठ किशोर जी पारीक के साथ चित्तोडगढ मे...
काव्य कलश...
Tag :वीडियो
  July 31, 2010, 10:45 am
बुद्धि मुझे दो शारदा, सदन शीघ्र बन जाय ।कर पूरण स्वर-साधना, देऊ तुझे बिठाय ।।देऊ तुझे बिठाय, विराजो मेरे घर में ।ऐसे गीत लिखाय , हो प्रकाश अंतस में ।।कह `वाणी` कविराज, चित्त में शुध्दी मुझे दो |रचूं कुंडली शतक , मात सदबुद्धि मुझे दो ||शब्दार्थ : सद्बुद्धि = श्रेष्ठबुद्धि, सदन...
काव्य कलश...
Tag :हिंदी
  June 17, 2010, 4:13 pm
आजकाआदमीअपनीगरीबीकेकारणबहुत कमऔरपडोसियोंकीतरक्कीसेबहुतज्यादादुखीहैअमृत'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :
  June 10, 2010, 3:56 pm
कवि:- अमृत'वाणी'...
काव्य कलश...
Tag :
  June 3, 2010, 8:03 am
काम बड़ा ही काम का , हो गया श्रीगणेश ।सावधानी यह रखना , नाम रहे ना शेष ।।नाम रहे ना शेष , नहीं गिनावे दुबारा ।पहले उनसे पूछ , कब तक रहेगा प्यारा ।’वाणी ’ मिलते दाम , डंका बाजे नाम काअक्षर लिखना सुंदर  , अक्षर-अक्षर काम का ।।भावार्थः-सारे देश में जनगणना का कार्य एक साथ प्रारं...
काव्य कलश...
Tag :
  April 17, 2010, 3:16 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3666) कुल पोस्ट (165815)