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Blog: काव्य कलश

Blogger: Kavi Amrit Wani
समय समय पर करे रक्त दान । हर जुबां कहेगी तू कितना महान ॥ कवि अमृत ‘वाणी’अमृतलाल चंगेरिया (कुमावत)... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   3:19pm 7 Jan 2016 #
clicks 110 View   Vote 0 Like   1:14pm 31 May 2015 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
संता पे किरपा करो,        प्यारा पवन कुमार । साँसा सो बरसां चले ,       सुमिरे यो संसार ॥ कवि अमृत  'वाणी'... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   2:07pm 4 Apr 2015 #Dharm
Blogger: Kavi Amrit Wani
आओ ऐसे दीप जलाए | अंतर मन का तम मिट जाए ||  मन निर्मल ज्यूं गंगा माता | राम भरत ज्यूँ सारे भ्राता ||  रामायण की गाथा गाए | भवसागर से तर तर जाए ||  चोरी हिंसा हम दूर भगाए | वंदे मातरम् मिल कर गाए || कवि अमृत 'वाणी'... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   2:25pm 26 Jan 2015 #हिंदी
Blogger: Kavi Amrit Wani
जो जलना था वो सब जल गया ।जो गलना था वो सब गल गया ।।'वाणी'दर्द, दर्द सा लगता नहीं अब ।दर्द के सांचों में जीवन ढल गया ।।कवि अमृत  'वाणी'... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   7:30am 29 Nov 2014 #हिंदी
Blogger: Kavi Amrit Wani
आओ , सभी से हॅंस-हॅंस कर मिले । मतलबी आॅंखें कल खुले ना खुले ।। ’वाणी’ ऐसे हाथ मिलाओ दोश्तो से । जमाना कहे आज इनकेे नशीब खुले ।।    कवि अमृत 'वाणी'... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   4:23pm 28 Nov 2014 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
नोटा री गड्डियांअन कलदारां री खनक में तो ई दुनिया में हगलाई हमझे । पण लाखीणा मनक तो वैज वेवे  जो रोजाना मनक ने मनक हमझे ॥ 'वाणी'अतरी झट बदल जावे ओळखाण मनकां कीआछा दनां  में मनकमनक ने माछर  हमझे । अन मुसीबतां में मनकमाछर नै  मनक हमझे ॥कवि अमृत  'वाणी'मुक्तक  ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   3:27pm 27 Nov 2014 #राजस्थानी
Blogger: Kavi Amrit Wani
विश्व विख्यात महामानव, अनन्त ओजस्वी, जिनके रक्तारविन्द सदृश्य युगल नयन अहर्निश अग्नि-बाणों की अविरल वर्षा करते थे। शस्त्र एवं शास्त्रधारी रणकौशल-सृजनकत्र्ता का महाप्रयलंकारी परशा जिसकी चमक मानो दामिनी की दमक से भी लक्षाधिक तीक्ष्ण और तीव्रतम धावक जिन्होंने इक्... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   8:14pm 25 Jul 2014 #अपनी बात
Blogger: Kavi Amrit Wani
नीलाम्बर के उस पार छिपकर बैठा वो अचूक बाजीगर विगत लाखों वर्शो से जिसको जैसे नचाना चाहता है उसे उसकी लाख इन्कारियों के बावजूद भी उसी तरह नाचना पड़ता है जिस तरहां ईश्वर चाहता है। वह ऐसा हठीला हाकिम भी है जो अक्सर किसी की सिफारिशें नहीं सुनता।कवि अमृत ‘वाणी’... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   7:44pm 23 Jul 2014 #अपनी बात
Blogger: Kavi Amrit Wani
मालवांचल का महानगर, मायानगरी का अनुज, अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों से सुसज्जित, अनन्त प्रगति पथ का अहर्निष धावक, षील से विकासषील, सतरंगी सृजनधर्मिता का अतिसक्रिय स्थल, नैसर्गिंक सौन्दर्य का अक्षय भण्डार, रेल- मार्ग का मकड़ जाल, कोटि-कोटि नयनों का त्राटक बिन्दु, ह... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   7:38pm 23 Jul 2014 #गद्य
Blogger: Kavi Amrit Wani
दिल के आंगन में जब वो ही रहते है ।फिर आँखों से क्यूँ आसू बहते है ।जाने क्या होगा अंजामे दिल लगी का ।जब उनकी सासों से हम जिते है ।शेखर कुमावत ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   6:18pm 1 Mar 2014 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
एक महान गणितज्ञमर्म-मर्म के मर्मज्ञविषय के ऐसे विशेषज्ञहर वक्तगणित के सवालों में खोए हुए रहते थेजगे हुए भी मानोसोए हुए लगते थे।भ्रकुटी फूल साइज में तनी हुईललाट पर सल पर सल दिखाई देते थे,मजाक है नाक पर मक्खी बैठ जाएघण्टो के सवाल, मिनटों में हल कर लेते थे,और उत्तर मिलने ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   11:52am 1 Dec 2013 #हास्य
Blogger: Kavi Amrit Wani
दीवाली आ गईभारी अफसोसकई महंगी रस्मे निभानी होगीगमगीन मासूम चेहरों परभारी नकली मुस्कानें लानी होगीढ़हने को व्याकुल खण्डहरों परडिस्टेम्पर करना होगाकाले तन तन मन को फिरसतरंगी वस्त्रों से ढकना होगाजल कर राख हो गए कभी केबुझे दिल से फिर दिप जलाने होंगे हमने खाए हजारों&n... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   11:27am 30 Nov 2013 #हास्य
Blogger: Kavi Amrit Wani
Bikau Cycle   (Kavi Amrit Wani 09413180558)Bara Bind... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   4:11pm 19 Oct 2013 #हास्य
Blogger: Kavi Amrit Wani
कवि : अमृत'वाणी'चंगेरिया (कुमावत )कविता : मेवाड़इतिहास (दोहा )कविसम्मलेन : जोहरस्मृतिसंसथानचित्तोडगढदिनांक : 29-03-2011कवि : अमृत'वाणी'चंगेरिया (कुमावत )कविता : बांरा बिन्दकविसम्मलेन : जोहरस्मृतिसंसथानचित्तोडगढदिनांक : 29-03-2011राजस्थान दिवस प... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:14am 3 Apr 2011 #वीडियो
Blogger: Kavi Amrit Wani
Kavi amrit wani... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   10:04am 19 Oct 2010 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
खुशरहेबहिनें , पलपलयहीख्यालआए |आफ़तकेवक़्तभाईबहनकीढ़ालबनजाए ||करतारहइसतरहांतूहिफाजतअपनीबहनोंकी |कि हुमायूँसेभीबेहतर तेरीमिशालबनजाए ||कवि :-अमृत'वाणी'... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   4:19am 24 Aug 2010 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
आओऐसेदीपजलाए |अंतरमनकातममिटजाए ||मननिर्मलज्यूंगंगामाता |रामभरतज्यूँसारे भ्राता ||रामायणकीगाथागाए |भवसागरसेतरतरजाए ||चोरीहिंसाहम दूरभगाए |वंदेमातरम्मिलकरगाए ||कवि अमृत 'वाणी'... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   1:45pm 14 Aug 2010 #हिंदी
Blogger: Kavi Amrit Wani
चारदिनोंकीजिन्दगीयूंगुजरगईभाई |दोदिनहमसोनासकेदोदिननींदनहींआईकविअमृत"वाणी"... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   5:26am 2 Aug 2010 #हिंदी
Blogger: Kavi Amrit Wani
कवि अमृत वाणी की राजस्थानी कविता एक नेता जी जमी जुमई दुकान का कविता पाठ किशोर जी पारीक के साथ चित्तोडगढ मे... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   5:15am 31 Jul 2010 #वीडियो
Blogger: Kavi Amrit Wani
बुद्धि मुझे दो शारदा, सदन शीघ्र बन जाय ।कर पूरण स्वर-साधना, देऊ तुझे बिठाय ।।देऊ तुझे बिठाय, विराजो मेरे घर में ।ऐसे गीत लिखाय , हो प्रकाश अंतस में ।।कह `वाणी` कविराज, चित्त में शुध्दी मुझे दो |रचूं कुंडली शतक , मात सदबुद्धि मुझे दो ||शब्दार्थ : सद्बुद्धि = श्रेष्ठबुद्धि, सदन... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   10:43am 17 Jun 2010 #हिंदी
Blogger: Kavi Amrit Wani
आजकाआदमीअपनीगरीबीकेकारणबहुत कमऔरपडोसियोंकीतरक्कीसेबहुतज्यादादुखीहैअमृत'वाणी'... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   10:26am 10 Jun 2010 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
कवि:- अमृत'वाणी'... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:33am 3 Jun 2010 #
Blogger: Kavi Amrit Wani
काम बड़ा ही काम का , हो गया श्रीगणेश ।सावधानी यह रखना , नाम रहे ना शेष ।।नाम रहे ना शेष , नहीं गिनावे दुबारा ।पहले उनसे पूछ , कब तक रहेगा प्यारा ।’वाणी ’ मिलते दाम , डंका बाजे नाम काअक्षर लिखना सुंदर  , अक्षर-अक्षर काम का ।।भावार्थः-सारे देश में जनगणना का कार्य एक साथ प्रारं... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   9:46am 17 Apr 2010 #
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