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Blog: maa baba luv u

Blogger: sarika
जितना सोचो उतनी परेशानियाँ इससे अच्छादिमाग को किसी ठंडे बस्ते में कैद करके रख दो सच कोईभी परेशानी नहीं होगीना दुनिया की चिंता, ना अपनों की फिकर होगीसच समझदार बनने में तकलीफ ही तकलीफ हैं बाबाइससे ज्यादा अच्छा तो हैं लापरवाह बन जाना ही:-)सच मर जाने में ही सुकून हैं वरन... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   10:25am 23 Jan 2014 #
Blogger: sarika
वैसे अक्सर इस दुनिया के बहुत सारे मुद्दे मेरे जेहन में आते हैंपर हमेशा मैं उन पर लिखकर फिर वो पेपर्स किसी डिब्बे मेंबंद करके उन्हें छुपा देती हू और अपने आपसे केवल इतनाही बुदबुदा पाती हू आज तक हम इस दुनिया की परेशानियोंसे केवल परेशां ही होते आये हैं कभी कुछ सुलझाया तो न... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   10:04am 22 Jan 2014 #
Blogger: sarika
 (१)-सब कहते हैं मैं एक खुली किताब हू अब तुम ही इस दिल के किसी एक "राज"को बता दो ना !!(२ )-सब कहते मैं खुश हूतुम ही इन आँखों में छुपी नमी को बयां कर दो ना !!(३ )-सब कहते हैं कि मैं एक खामोश दरिया हूतुम ही इस दिल में छुपे जज्बातों को बहा दो ना !!(४ )-सब कहते हैं मैं दीवानी हू सिर्फ तुम... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   7:43am 21 Jan 2014 #
Blogger: sarika
हूह.… लोग कैसे सारी उम्र बिता देते हैंबिना कुछ किये मैं समझ नहीं पाती हूअब यह तो खुदा ही जाने की वो वक़्त या हालातों के मारे होते हैंया लाचारी, बेबसी,आदत और मज़बूरी के.…हां वक़्त के साथ विचार बदलते रहते हैं मानती हू मैंअब देखो ना मुझे हमेशा बेबस और लाचारी पर तरस आ जाता हैंप... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   7:15am 19 Jan 2014 #
Blogger: sarika
                                                            (१ )                                           आज मैंने अपने खोये सपनों को फिर से सजाया हैं                                         आज फिर से मैंने इस बेरंग सी ... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   11:48am 17 Jan 2014 #
Blogger: sarika
वैसे आज मुझे ब्लॉग पर अपनी अटेंडेंस लगवानाजरुरी नहीं लगा और इतना कुछ खाश था भी नहीं कुछ लिखने के लियेपर शाम के ढलते-२ उस खुदा की हम पर मेहरबानी हो ही गयीथैंक यू भगवानजी और आल्सो "राम" टू यूयप्प राम से सुबह मिल लुंगी विश्वास नहीं हो रहा हैंपर सच यही हैंराम सच अभी तूने कॉल... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   11:56am 13 Jan 2014 #
Blogger: sarika
दिल से आवाज आयी तो एक पल के लिए सोचाकि इस बावरे की ना सुनू तो ही अच्छा हैं वरनाअभी पता नहीं इसकी वजह से और कौनसी आफत  आ जायेगी ???तभी मेरा हीरा मन बोल पड़ा कि-तुम्हें पता हैं रिश्ते कांच से होते हैंजरा सी भूल क्या हुयी कि टूट जाते हैंऔर फिर से सम्भालने की कोशिश करो तोहमेशा... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   12:50pm 9 Jan 2014 #
Blogger: sarika
आज मैं खो गयी उस खुदा की खुदाई में, उसकी राह मेंउसके जहाँ मेंअपने मन में एक अलग ही ख़ुशी का आभास हो रहा थाजिसे ना शब्दों में बयां किया जा सकता था औरना ही कलम से कागज पर लिखा जा सकता थाबचपन से ही मैं बहुत आध्यात्मिक प्रवृति की रही हूऔर ताउम्र रहूंगी :-)मुझे अपने संता की बात या... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   7:58am 3 Jan 2014 #
Blogger: sarika
अपनी कांपती-ठिठुरती सी अंगुलियों से आज लिखा कुछ तेरे नामलिखी कुछ अनकही बातें भीऔर अनचाही सी चाहतें भीइमली से खटे पलों को भी सम्भाला तोजलेबी से मीठे पलों को भी कैद किया2013 अलविदा कह गयाबिल्कुल  तुम्हारी तरह ही बेवजह!!भला परिंदों को कब कोईकैद करके रख पाया हैं सोमैंन... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   11:23am 1 Jan 2014 #
Blogger: sarika
इस साल के बीतने का मुझे उतना ही गम हैंजितनी ख़ुशी हैं नए साल के आने की !!2014 का एक-एक बीतता दिन हमें 2013 से औरज्यादा दूर लेकर जाता रहेगा और फिरवो वक़्त भी आएगा जब बाकी बीते सालोंकी तरह २०१३ की यादें भी कुछ धुंधली सी हो जायेगी:-)2013 मेरी जिंदगी का कभी ना भुलाने वाला सालकाफी दिनों से ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   8:51am 31 Dec 2013 #
Blogger: sarika
मुझे गांव में रहना हमेशा सुकून दे जाता हैं.…।यहाँ कि मिट्टी में अपनेपन का एक अलग ही एहसास होता हैंजिसे मैं कभी भी शहर की बड़ी-२ इमारतों में भी नहीं पा सकतीखैर यह सब बातें गांव वाले चैप्टर में लिखेंगे किसी रोज :-))अभी छत पर टहलते हुए मेरी नजरें पियूष पर जा टिकी थीवो मुझसे बेख... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   12:30pm 26 Dec 2013 #
Blogger: sarika
आज तुम यह सोचकर गलतफहमी मत पाल बैठना किआज मैं फिर से वो सारी बातें  कहूँगी किचलो ना हम आपस में जमीं और आसमां को बाँट लेते हैं ?????हां तो -आसमां तुम्हारा, जमीं मेरीसारे हिरे-मोती तुम्हारे और नदी के किनारे की सारी सीपियां मेरीसारा समुंद्र तुम्हारा और तुम्हारी आँखों का प... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   5:18pm 24 Dec 2013 #
Blogger: sarika
PRECIOUS MOMENTS-(a)-जब मेरे पापाजी मेरी गुल्लक के  पास में पैसे रख देते हैं :-))(b)-जब मेरी माँ कोई काम करते हैं तो बोलते हैंबेटा!यह ठीक हैं ना ??????आखिर अपनी भी तो भागीदारी बनती हैं :-))(c)-जब मेरे पापाजी मेरा चेहरा देखकर मेरा हाल बता देते हैं औरदर्द को बाँट लेते हैं तथा खुशियों को शेयर कर ल... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   9:06am 19 Dec 2013 #
Blogger: sarika
सभी बिते पलों को कैद कर रहे हैं,सबको यू वक़्त को समेटते हुए देखकर मैं थोड़ा बैचैन हो उठीफिर जेहन में आया क्यों ना मैं भी कुछ बीते पलों को संजोने का प्रयास करुँ :-))कि तभी सोचा चलो हिसाब करते हैं क्या खोया,क्या पायातभी लगा नहीं,नहीं जो बीत गया उसे जाने दू नावरना पता नहीं यह किस... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   8:50am 19 Dec 2013 #
Blogger: sarika
                                                  १ आग लगी है इस दिल में ,                                   दुनिया में आग लगाने दोनंगे जलते पैरो से ,                           भूतल पर राख बिछाने दो !!इन नोखंडे महलों के निचे    &nbs... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   11:42am 17 Dec 2013 #
Blogger: sarika
सॉरी!!!!!एक्चुअली कल से कोशिश कर रही थी निर्भया तुम्हारे बारे में लिखने की :-))और बेशक अगर पोस्ट भी कल ही अपडेट करती तो मुझे ज्यादा अच्छा लगतापर क्या करू वक़्त और दिमाग दोनों एक साथ में साथ नहीं दे पा रहे है मेरा पता नहीं क्यों ?????शायद वो इसलिए भी कि मैं अगर मन की कड़वाहटें लिखने... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   11:22am 17 Dec 2013 #
Blogger: sarika
जिंदगी का सबसे मुश्किल वक़्त हम अकेले अनजानी सी राहों परना मंजिल का पता ना राहों की खबर :-))अजनबी शहर में अकेले तन्हा ,बेवजह वक़्त की फिक्रअपनों से दूर रहने का गम :-((एक अनजान सा शहर अनजाने से लोगबेशक वक़्त के साथ-साथ वहाँ के लोगों के चेहरे भी थोड़ेजाने-पहचाने से लगने लग ही जाते ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   8:12am 15 Dec 2013 #
Blogger: sarika
जन्म लिया जिसकी कोख सेवो माँ मेरी परियों के देश सेचलना सिखा जिनकी उंगली थामकेवो पापा मेरे दुनिया की भीड़ सेबचपन था मेरा प्यारा साभाई-बहनों के संग गुज़ारा थाजब वो बचपन छूट गयाजिंदगी का हसीं रंग लूट गयानादानी की कहीं नादानियों मेंसम्भाला माँ-पापा ने हर मोड़ परकैसे चुकाये... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   7:47am 14 Dec 2013 #
Blogger: sarika
अहसास की गर्मी से तपाएऐसा लगाव हैं बेटीहृदय में सोया हुआ एक कोमल भाव हैं बेटीप्रीत की क्यार में बाबुल की फुलवारी मेंरंग और खुशबु से भरा गुलाब हैं बेटी !!!!!!!!!जिंदगी यदि गीत है तो ताल है बेटीघर की आन-बान और सम्मान है बेटी !!रिश्तों के जंगल में भटके हुए मानव कोनेह-नाजों से भरी ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   7:35am 14 Dec 2013 #
Blogger: sarika
कल रात को एक अजीब सी कश्मकश थीसर थोडा भारी सा ,मन बहूत हल्काबस बहूत देर तक यू ही करवटें बदलती रहीपर नींद ने बहुत देर तक मेरे दरवाज़े पर दस्तक नहीं दी थीशायद रास्ता भटक गयी होगी बिल्कुल मेरी तरह :-))तभी तुम बहुत याद आयेएक अजीब सी बेचैनी ने आ घेरा था मुझेतुम ठीक तो हो ना ,खुश तो ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   9:37am 10 Dec 2013 #
Blogger: sarika
सही कहते है बच्चे बड़े जल्दी ही बड़े हो जाते है :-))सच वक़्त पंख लगाकर उड़ता चला जाता हैलाख कोशिश करो पर ठहरता ही नहीं हैंयप्प फाइनली बच्ची बड़ी हो गयी हा.…… हा :-))आज मैंने अपनी जिंदगी का पहला वोट दिया हैचलो जी अब तो किसी काम में अपनी भी तो भागीदारीबनती है आफ्टर ऑल हम भी जागरूक नाग... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   9:08am 1 Dec 2013 #
Blogger: sarika
तुमसे बात करके हमेशा सोचा करती थी किखुदा अभी तो अच्छे लोगों को बनाना भुला नहीं हैतुम्हारा बेवजह हर जगह मेरा साथ देनाबिन कुछ मांगे ही मुझे अपना सब-कुछ दे देनाकायल थी तुम्हारी इस आदत की !!!!!!!!!!!!!!!तुम्हारी बेवजह चाहत की :-))पर नहीं ………… शायद मेरा अंतर्मन कभीझूठ के पीछे छुपे सच ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   7:05am 30 Nov 2013 #
Blogger: sarika
तुम मुझसे प्यार करती हो और मैं तुमसे तोचलो ना हम दोनों अपनी एक नयी दुनिया बसाये -(नोट-यह सारी बातें काल्पनिक हैसोच रही हू अगर कभी कोई ऐसा कहे तो हा.… हा :-))और भी लोग है मेरी इस दुनिया में केवल तुम ही तो नहीं"अब जब मैं समझदार हो गयी हू तो कैसे ये बच्चों सी नादानियाँ कर बैठू ??????"त... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   7:43am 28 Nov 2013 #
Blogger: sarika
तुम मेरी कल्पना हो औरयह लोग मेरी हकीकत है और शायद मेरी दुनिया भी !!१मैं तुम्हारे बिना साँसे ले सकती हूपर इनके बिना जी नहीं सकती :-))२मैं तुम्हारे लिए सारे दर्द सह सकती हू परइनकी आँखों में बेबसी का एक आंसू भी नहीं देख सकती !!!३तुमने मुझे दर्द क्या होता हैं इससे रुबरु करवाया प... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:56am 27 Nov 2013 #
Blogger: sarika
आज उन्हीं पद्चिन्हों पर मैं भी चलीजहाँ अक्सर तुम्हारा आना जाना लगा रहता था यू ही बेवजह :-))कि अचानक से मेरे पैर में कुछ चुभा और उसी चुभन के साथ मेरी आँखें भी बरस पड़ी!!!!!!!!!!१ हाथ में उठाकर देखा तो कांच बिखरे पड़े थे (अनायास ही मुझे वो लाइन्स याद आ गयी जो कभी मैंने तु... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   5:44am 27 Nov 2013 #
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