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Blog: मेरी दुनिया.. मेरे जज़्बात..

Blogger: Sumit
ये क्या मिला शीशे के घर से मुझे,लगता है डर हर एक पत्थर से मुझे..किस की ताक़त थी मारे ज़हर से मुझे,मगर मार डाला उसने अपनी नज़र से मुझे..में आसमां की छत भी चूम सकता हूँ,नवाज़ दे परिन्दा कोई अपने पर से मुझे..वो मेरे दर पर आया है लेने उजाला,जो डराता था कभी अँधेरे सफर से मुझे..गलत... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   7:15am 28 Apr 2016 #ईश्वर
Blogger: Sumit
If you are really interested in knowing life in its depth, you must see how to enhance your perception!Man has spent too much time trying to think about things to which he has no access. When you try to think about that which you have no access to, towards which you have no perception, all you can do is speculate. When you do excessive speculation without any fundamentals, it amounts to hallucination. Because of this, a large part of religion and spirituality in the world has become purely hallucinatory.This moment, if you fall asleep, suddenly people around you will disappear, the world will disappear and you also disappear. You are still alive, everyone around is alive, the existence is on... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   11:12am 12 Apr 2016 #
Blogger: Sumit
यहां सफर कैसा भी हो,सभी को रास्ता एक, आसान चाहिए।यहां मंज़िल कैसी भी हो,लोगो को तो बस एक, पहचान चाहिए।सोने वाले सपनों से थक कर सो गए,अब हर किसी को महल एक, आलिशान चाहिए।कोशिश तो करते हैं सब अपने लिए जीने की,पर यहां जीने के लिए भी, एक मुट्ठी आसमान चाहिए।... Read more
clicks 497 View   Vote 0 Like   8:29am 13 Feb 2015 #एहसास
Blogger: Sumit
टूट कर बिखरते जज़्बात देखे, तो अपने अरमां को भी संवरते देखा..रंग बदलती दुनियाँ देखी, मैंने खुद को भी रंग बदलते देखा..खानाबदोशों को ग़र रुकते देख़ा, तो गरीबोँ को दर-दर भी भटकते देखा..रंग बदलती दुनियाँ देखी, मैंने खुद को भी रंग बदलते देखा..देखा अपनों को भी ... Read more
clicks 352 View   Vote 0 Like   11:57am 9 Feb 2015 #Poem
Blogger: Sumit
न जाने क्यूँ ये जिंदगी आज, उन चंद ख्वाहिशों की मोहताज है.और, न जाने क्यूँ आज इन खामोशीयों मे भी आवाज़ है।इस अंतरात्मा से बार-बार आती एक आवाज़ है,जो हर पल दे रही एक अज़ाब है। ये अज़ाब ही है, जो बुन रहा एक ख्वाब आज फिर,उस ख्वाब का ही पंछी हूँ मैं, जो हो रहा है मेरे साथ,&n... Read more
clicks 381 View   Vote 0 Like   12:47pm 17 Jan 2015 #आत्मविश्वास
Blogger: Sumit
जूनून इतना है इन पैरो में भरा,फिर क्यों रहूं में दर-दर खड़ा..आज जब मेरे सामने है, इतना रास्ता पड़ा.. जब तक मंजिल ना पा सकूँ, तब तक मुझे ना आराम है,क्यूंकि ज़िन्दगी में बढ़ते रहना हमारा काम है।कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया.. कुछ बोझ अपना बँट गया..अच्छा हुआ तुम मिल ... Read more
clicks 363 View   Vote 0 Like   9:24am 27 Dec 2014 #कविता
Blogger: Sumit
आप ज़िन्दगी में सफलता और आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको एक ख़ास पीएचडी (PhD) करनी होगी।। इसमें पी यानी पैशन (P), एच यानी हंगर (h) और डी यानी डिसिप्लिन (D) है.. लीडरशिप के लिए आपको करनी होगी ख़ास पीएचडी। इस पीएचडी में शामिल हैं आपके भीतरी गुण।।जब आप किसी काम को पसंद करते हैं तो वह पै... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   11:38am 27 Sep 2014 #उम्मीद
Blogger: Sumit
इन अन्जानी राहों में, कुछ अनजाने गम हैं,सब कुछ है पास अब, फ़िर भी तनहा हम हैं,हर ख़ुशी अधूरी है, जो तुम सब नहीं ज़िन्दगी में,क्यूंकि, आज इस ज़िन्दगी में कुछ शख्स कम है।।आज फिर से वही एहसास, ज़हन मैं लौट कर आया है,भूल चुके थे जिन्हे हम, आज लगा उन्ही का साया है,आज भी य... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   8:01am 28 Apr 2014 #अपनी बात
Blogger: Sumit
वो पुरानी यादें, यूँही सिमटती जा रही है आजकल,बस चंद लम्हों में, बिखरती जा रही है आजकल... एक चिंगारी उठा लाये थे कभी अपनी ही बेसुधी में,वही आग बन कर हमें जला रही है आजकल... ये कदम तो पहले भी बहके हैं होश खो कर,मगर, ये राहें खुद बहकती जा रही है आजकल... अच... Read more
clicks 333 View   Vote 0 Like   8:00am 14 Apr 2014 #अपनी बात
Blogger: Sumit
खुशियां औरों को दे कर, हमने ये इनाम कमाया है.. मिली जिनके दिल में जगह, उन्हें पलकों पर बिठाया है...ये जानते हैं हम, कि वो सिर्फ एक साया है.. पर हमेशा उस सायें का ही पीछा करते खुद को पाया है... जिस ख्वाब को देख कर, कोई और ख्वाहिश ही ना रही.. पूरी ज़िन्दगी उसी एक ख्वाब ... Read more
clicks 316 View   Vote 0 Like   7:54am 31 Jan 2014 #अपनी बात
Blogger: Sumit
में नहीं जानता कि, में क्यों लिखता हूँ,बस, ये खाली पन्ने यूँ देखे नहीं जाते,इनसे ही अपना अकेलापन बाट लेता हूँ.. मेरे ख़यालो का आइना हैं ये,मेरी अनकही बातें, मेरे अनसुने जज़्बात हैं ये.. इन पर जो स्याही है,मेरे सपनो, मेरे छुपे आंसू, मेरे दर्द, मेरे प्यार कि हैं.. इन प... Read more
clicks 324 View   Vote 0 Like   9:57am 25 Dec 2013 #अधूरापन
Blogger: Sumit
यादों कि महफ़िल, दिन-रात सजाना,दर्द के मारो का तो ये है, काम पुराना ।। क्यों पूछते हो हमसे, दिल का पता,भटकते हुए बेघरो का है, क्या ठिकाना ।।डूबने वालो कि तरफ, देखता भी नहीं,उगते हुए सूरज का पुजारी है, ये ज़माना ।।थी बस एक आदमी कि, गलती वहाँ,पर देखो सर झुकाए बैठा है, सा... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   11:35am 28 Nov 2013 #क़लम
Blogger: Sumit
हर चीज की सीमानिर्धारित होनी चाहिए। जैसे रोजाना के जीवन में खाने-पीने काम करने, दौड़ भाग करने, खेलने-कूदने, मनोरंजन आदि सबकी सीमा निर्धारित हो, तो समय का सही नियोजन और उपयोगहोगा। समयही जीवन है। एक-एक क्षण मिलकर जीवन बनता है। जीवन थोक नहीं है, चिल्हरों से बनता है जैसे एक-ए... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   7:39am 22 Nov 2013 #चिन्ता
Blogger: Sumit
आसमान के हर पंछी में, भाई-चारा है,ज़मीन पर, हर बात का बटवारा है..उसका घर, मेरे घर से है ऊँचा क्यों,इस बात पर, भाई ने भाई को मारा है..कोई चढ़ता है, तो उठा लेते हैं सीढ़ी,किसी का चढ़ना, हमें कब ग़वारा है..ना  पाने कि ख़ुशी है, और ना खोने का ग़म,कितना खुशनसीब, दुनिया में बंजा... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   12:38pm 19 Nov 2013 #ग़ज़ल
Blogger: Sumit
शेक्सपियर ने लिखा था, "हमारे संदेह गद्दार हैं। हम जो सफलता प्राप्त कर सकते हैं, वह नहीं कर पाते, क्यूंकि संदेह में पड़कर प्रयत्न ही नहीं करते।"इंसान का स्वाभाव ही ऐसा होता है कि कोई काम शुरू करता है और थोडा सा भी संदेह होने पर काम को रोक देता है और उत्साह पर पानी फिर जाता ह... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   1:17pm 15 Nov 2013 #अपनी बात
Blogger: Sumit
 कुछ यादें ऐसी होती है, जो ज़रा भी सुहानी नहीं होती।और उसपे सितम ये है की, वो चाहकर भी भुलानी नहीं होती।।लगता है की ये कलियाँ, बाघबान में खुद ही हैं उजड़ी।सुना है की अब भवरों को भी, फूलों की चाहत नहीं होती।।मौसम के बदलने से, अक्सर बदल जाता है मंज़र।दुनिया ... Read more
clicks 402 View   Vote 0 Like   10:28am 26 Oct 2013 #ग़ज़ल
Blogger: Sumit
मौत का दुख सबको होता है.. अपनों की मौत पर हर कोई रोता है.. लेकिन आंसुओ का मौल सियासत तो नहीं होता है.. इंदिरा जी ने जान गवाई, लेकिन उनकी मौत की सज़ा पूरी एक कौम ने पायी.. पता नहीं कितने घरो में मातम पसरा.. पता नहीं कितनी बेदर्दी से लोगो का दम निकला.. किसी को जिंदा आग में फूंक ... Read more
clicks 400 View   Vote 0 Like   5:31am 25 Oct 2013 #सियासत
Blogger: Sumit
ज़िन्दगी की दुकान पर हम सबकी उधारी है,चलती हुई सांसो का उधार, बहुत भारी है॥ज़िन्दगी है कभी बहार, तो कभी पतझङ भी है,कभी फूल की पत्ती है, तो कभी चिँगारी है॥हमेशा खुद की ही राहों में, ज़िन्दगी गुजारी है,अब तो धुप भी हमारी है, छाव भी हमारी है॥इन मासूम और सीधे चहरो पर, ऐतबार मत ... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   7:00am 23 Oct 2013 #समय
Blogger: Sumit
में हमेशा बचता हु अपने ब्लॉग पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने से जो मुझे या मेरे पाठको को demotivate करे, पर अपनी एक मित्रके ब्लॉग से याद आये गीत को जब कल रात काफी समय बाद वापस सुना, तो उसके शब्दों का शायद जादू ही था जो आप सब के बीच वो गीत शेयर करने का मन हुआ.. गीत है गुलज़ार ... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   4:20pm 22 Oct 2013 #अधूरापन
Blogger: Sumit
कुछ लोगो को प्यार के पीछे भागते देखा है हमने कई बार, पर मेरा मानना है की उन लोगो को तो प्यार का एहसास तक नहीं है, तब ही तो वो उसके पीछे भाग रहा है! दुनिया की इस दौड़ धुप में हर आदमी कुछ न कुछ चाहता है, हर दम किसी को ढूँढना और पाना चाहता है। हर दिल में यही ख्वाहिश होती है की कोई ह... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   9:45am 19 Oct 2013 #प्रेम
Blogger: Sumit
कुछ उग चुके कांटे, जब मुझे बहुत तड़पाते हैं,पलकों के ठिकाने पे, अपने दर्द को पहुंचाते हैं।मैं तब यह राज़ जान कर, ठगा सा रह जाता हूँ,ज़ख्म यादों के परों से दिल में उतर जाते हैं ।कभी यादें मंझधार, कभी खुद किनारा होती हैं,राह में गिराती हैं, कभी सबका सहारा होती हैं ।मैं आई... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   4:50am 14 Oct 2013 #एहसास
Blogger: Sumit
शीशे का जो मेरा घर नहीं होता,किसी के हाथ में पत्थर नहीं होता।।कौन बताये हुस्न बड़ा है या इश्क,सामना कभी खुल कर नहीं होता।।पाया है भला किस ने दिल का पता,खाना-बदोशो का कोई घर नहीं होता।।कभी एक नज़र में हो जाता है प्यार,कभी हमसफर के साथ सफ़र नहीं होता।।मोहब्बत से बनता है को... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   8:23am 13 Oct 2013 #कविता
Blogger: Sumit
आज जब कुछ लोगो के बीच बैठ कर उनकी बातें सुन रहा था, वहाँ वो सब किसी शख्स की बुराई कर रहे थे.. सभी के अपने-अपने मत थे वहाँ.. आखिर सब एक से बढ़ कर एक ज्ञानी जो थे.… कोई कह रहा था की वो शख्स ऐसा है, कोई कह रहा था की वो शख्स वैसा है.. सभी के अपने अपने विचार थे जो उन्होंने अलग अलग पहलु... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   8:33am 12 Oct 2013 #समझ
Blogger: Sumit
खुशियों के मौसम उस जगह ठहरे ही रहते हैं,उम्मीदों के पेढ़ जहाँ हमेशा हरे ही रहते हैं... यादों के मोती समंदर में गहरे ही रहते हैं,कुछ जख्म ऐसे होते हैं की हरे ही रहते हैं...कौन कह सकता है, कैसी है सूरत किसी की,चेहरे पे लोगों के हरदम चेहरे ही रहते हैं...अब न जाने ये दूरियाँ किस त... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   4:17pm 3 Oct 2013 #ग़ज़ल
Blogger: Sumit
हर रिश्ते में हम यही चाहते हैं कि दूसरा हमें समझे, और वैसा ही बरताव करे जैसा हम चाहते हैं। जब ऐसा नहीं हो पाता तो रिश्ते में कड़वाहट और फिर दरार आनी शुरु हो जाती है। अगर हम उस दरार को बढ़ने से रोक नही पाए तो रिश्ते टूट भी जाते हैं।आप इस दुनिया में ज़िंदगी जी रहे हैं तो जाहि... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   9:22am 25 Sep 2013 #प्रेम
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