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याद है मुझे जो किस्से पुराने थे, मुहब्बत  की बातेँ थी ,खतों के जमाने थे.... हजारों कहानियाँ  थी ,हजारों अफसाने थे कई अधुरे ख्वाब थे , कई मुकाम थे ,जो ईक दिन पाने थे.......आसमान छुने की ख्वाहिशें  थी, और सपने सुहाने थे , खबर थी कुछ बातों की हमें , कुछ बातों से हम अनजाने थे …… ...
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  October 1, 2013, 9:35 pm
  आँखों  सेमोतीबनकर,निकलतीहैंतेरीयादफिरगालोसेहोतेहुए, होंठोकोचूमकर,गिरपड़तीहैहथेलीयो  पर, तेरीयाद........ सीपमेंरखेमोतीसी, पत्तोपरपड़ीशबनमसी,मेरेअहसासोंकेप्रतिबिम्बसी,तेरीयाद..................
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  September 28, 2013, 7:02 pm
(For my wife)येतेरीमोहब्बतहीतोहै, कीजियेजाताहूँमैं,वरनारक्खाहीक्याहैइसज़मानेमें। भीड़मेंभी इकअकेलापनहै, तन्हाईहैं,हरतरफबदहवासीहैं, बदहालीहैं,बेहयाईहैं,हरआदमीमशरूफहैजबअपनीहीभूखमिटानेमें, येतेरीमोहब्बतहीतोहै, कीजियेजाताहूँमैं,वरनारक्खाहीक्याहैइसज़मानेमें।...
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  September 15, 2013, 11:00 am
मत हो निराश , मत हो हताश ,बटोर अपनी ताकत  और कर फिर प्रयास …छोड़ गए कुछ लोग तेरा साथ तो क्या ,नहीं है अब वो तेरे साथ तो क्या ,ले मदद  उनकी जो है तेरे पास , मत हो निराश , मत हो हताश …….सफलता के पथ पर चलना पड़ता है अकेले भी ,हो जाते है दूर दुनिया के मेले भी ,घबरा मत जगा  पुन: अपनी आस, म...
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  August 11, 2013, 10:54 pm
(These one liners are taken from many unknown sources.)                                                                                 शाम होते ही चिरागों को बुझा देता हूँ ,एक दिल ही काफ़ी है , तेरी याद...
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  August 10, 2013, 10:03 pm
कुछ  तो बात थी इनमे जो अब तक याद हैं ...(This post is submitted by one of my student "Ranjeet Darji") वो बचपन में तुतलाना, तुतलाकर सबको हंसाना,वो  भागदौड़  और लुकाछिपी में सबसे अंत में पकड़े जाना,कुछ  तो बात थी इनमे जो अब तक याद हैं …वो  पापा का पीट-पीटकर  स्कूल ले जाना,और स्कूल में  टीचर से  मार खाना,व...
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  August 6, 2013, 9:57 pm
 जिन्दगीकी  भागदौड़मैं,बैठतेहैजबकभीअकेलेमैं,तोयादआतेहैवोगुजरेजमाने, अपनेदोस्तोंकेवोकिस्सेपुराने,कॉलेज  केदिन, जयपुरकीरातें,दोस्तोंकीनखतमहोनेवालीबातें,वोबास्केटबॉलकाकोर्टऔरकॉलेजकीकैंटीन, 'महारानी' कागेटऔरकेमिस्ट्रीलैबकीबेंजीन,'राठी' कीबोली, और'सक...
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  August 1, 2013, 4:36 pm
कुछ फैसले लेते हुए , ये सोचा न था .... की मुमकिन नहीं है वक़्त को वापस पलट पाना ...     दुहाई बहुत दिया करते थे वो अपनी सरपरस्ती की …वक़्त गुजरता गया और सामने आती गयी उनकी मौकापरस्ती ....     सच को मैंने सच कहा ,जब कह दिया तो कह दियाअब ज़माने की नज़र में ये.........हिमाकत है तो ह...
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  August 1, 2013, 9:01 am
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