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हालात-ए-बयाँ

आओ मिलकर हम-तुम, ये वादा कर लेंचाहे तुम कम करो, हम जियादा कर लें.अपने माँ-बाप के एहसानों काक़र्ज़ कभी अदा कर सकते नहींता-उम्र सर नवा के क़दमों मेंआओ हम-तुम शुक्रियादा कर लें.आओ मिलकर हम-तुम, ये वादा कर लेंचाहे तुम कम करो, हम जियादा कर लें.जिसके सीने पे पावँ रख हमनेगिरते-पड़ते है ...
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  February 12, 2014, 10:57 am
दिल में जो ग़लत फ़हमी, तुमने पाली है।खोलोगे जब बंद मुठ्ठी, पाओगे खाली है।साथ दुनियां में कोई, निभाए ना हर पल,हमसे ही तुम्हारे, होठों पे रहती लाली है।अपनी नज़रों में, नेक़ नियत रख हमेशा,ख़ुदा हर बंदे की, ख़ुद करता रखवाली है।बाग़ को खून पसीने से, सदा सजाते हैं,वो कोई और नहीं, गुलशन...
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  January 24, 2014, 7:36 pm
प्यार के अल्फ़ाज़ सब बेईमानी हो गए हैंरिश्ते बनाके लोग अब मनमानी हो गए हैंअल्लाह ने रहमतों से बक्छा है ज़िंदगी कोज़िन्दगी पाके आज सभी गुमानी हो गए हैंलूट की कमाई से भर लिया जिन्होंने घर कोदुनियाँ में देखो उनको ख़ानदानी हो गए हैंगोरों की क़ैद से हम सब आज़ाद हो गए हैंअपनों के ब...
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  November 25, 2013, 11:40 am
ज़िंदगी को अब, ईक नया आयाम दोबेरोज़गारों को अब, मिलकर काम दोटुकड़ों में बाँट दिया है, देश को तुमनेतेलंगाना दिया, अब तुम आसाम दोबहुत लूट चुके, ये सियासत गर्द हमेंजागो आवाम, अब इन्हें आराम दोअब भी वक़्त है, एक हो जाओ भाईदुनियाँ को एकता का, नया पैग़ाम दोभरे बाज़ार बिकने को खड़ा है ...
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  November 19, 2013, 9:04 pm
मीठी मीठी बोलियाँदिल पे चलाती छुरियाँदिल अपने पराए समझनहीं तो गिरे बिजलियाँघर को घर बनाती हैंसिर्फ़ बेटियाँ बेटियाँहों ऐसे खिले कलियाँउड़ें चमन बन तितलियाँख़ुशी औ ग़म यहाँ मिलेयही तो 'अभी'है दुनियाँ--अभिषेक कुमार ''अभी''+91-9953678024...
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  October 29, 2013, 8:13 pm
सांसों की डोर बंधी, पिया के संग मोर।आज आनंदित उन से, जीवन का हर पोर।१।सदा सुहागिन मैं रहूँ, हरपल पी के साथ।हर मुश्किल आसान हो, जब हाथों में हाथ।२।--अभिषेक कुमार ''अभी''+91-9953678024 ...
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  October 22, 2013, 12:25 pm
अल्लाह हो या राम हो ॥ज़हाँ में एक ये नाम हो ॥भाई चारा कायम हो,अब यही अपना काम हो ॥जब लहू अपना एक रंग,फ़िर दंगे न सरे आम हो ॥अब ना किसी भी घरों में,कोई मातम तमाम हो ॥नफ़रत की आग़ बुझा दो,ख़त्म सभी इन्तिक़ाम हो ॥बस यही दुआ मांगे 'अभी'एक रहीम और राम हो ...॥--अभिषेक कुमार 'अभी'+91-9953678024...
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  October 16, 2013, 2:10 pm
देश के चंद, सियारों से, बचके रहना भाई ।।यही तो आज लूटते हैं, अपना गहना भाई।।देखभाल के ही हमेशा, इस दुनियाँ में चलना,सफ़ेद लिबास काले लोग ने, है पहना भाई ।।जिसको पालो पोशो आज, वही दिखाये आँखें,बच्चों का हर ज़ुल्म,बाप को पड़े सहना भाई।।लाख़ दुखों के ढ़हे पहाड़, फ़िर भी ज़िंदा रहना,नद...
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  October 8, 2013, 2:55 am
ऊँचे भवन से चलकरमैया आई हैं घर घरआज क़लशी बैठाया, हर नगर में हर शहरजय माता दी की गूँज है, हर द्वार, द्वार परऊँचे भवन से चलकरमैया आई हैं घर घरमैया दयालु हैं, शीष झुका मना लें, फ़िर  जो चाहो माँग लो, मिलेगा झोली भरकरऊँचे भवन से चलकरमैया आई है घर घरमंदिर में लगा ताँता, देखो मिला ...
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  October 5, 2013, 3:10 pm
भारत माँ के सच्चे, लाल लाल लाल ने,अपनी बहादुरी से, किया माला माल है। वीर योद्धा बन, जिनगी जिसने जीता है,वक़्त के साथ,जिसने चलना सिखाया है। डर नहि,भर नहि, जिसको ग़रीबी का था,तैर दरिया पार उसने, करके दिखाया है । पाक ने नापाक थे, इरादे जब बुलंद किए,अपने बहादुरी से, उसे धूल चटाया है ...
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  October 1, 2013, 8:03 pm
भारत माँ के सच्चे, लाल लाल लाल ने,अपनी बहादुरी से, किया माला माल है। वीर योद्धा बन, जिनगी जिसने जीता है,वक़्त के साथ,जिसने चलना सिखाया है। डर नहि,भर नहि, जिसको ग़रीबी का था,तैर दरिया पार उसने, करके दिखाया है । पाक ने नापाक थे, इरादे जब बुलंद किए,अपने बहादुरी से, उसे धूल चटाया है ...
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  October 1, 2013, 8:03 pm
मेरा हाथ थामकर, दो क़दम भी ना चल पाएकहाँ गए वो कसमें - वादे, जो तूने थे खाए....जो इक बार पलट कर के, तू भी देख ले मुझे,बेक़रार दिल को मेरे, तभी क़रार मिल जाएमेरा हाथ थामकर, दो क़दम भी ना चल पाए....मौसम के मिज़ाज जैसे, बदले तूने तेवर,ये रुत है सावन की, फिर पतझर क्यूँ हैं लाएमेरा हाथ थामकर, द...
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  September 25, 2013, 8:21 pm
सागर से तू मोती चुनकर देख, पता चल जायेगा   ज़ुलाहे सा क़ालीन बुनकर देख, पता चल जायेगाये हमारी ज़मीं आज भी, सोना उगल सकती हैअरे य़ारा इसे खुनकर देख, पता चल जायेगाभक्ति से शक्ति और इबादत से रहमत मिलती हैतू सच्चे दिल से धुनकर देख, पता चल जायेगाआज कल बहुत भुनाता है तू, इंसानी क़ौम ...
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  September 20, 2013, 10:17 am
कुरसी से ऐसे मानो, चिपके हैं कंगारू ओं के जैसे, बच्चे हैंकुकर्म करते धरे गये, रंगे हाथकहते गौ माता से भी, सच्चे हैं सब एक ही थाली के, चट्टे - बट्टे बन्दरों बाँट से इनके, क़िस्से हैं नौ सौ चूहे खाए,बिल्ली जाए हज़ऐसे ही खाते मानो, कसमे हैंसियार जैसे भोले, बनके आते जीत जाते ही शे...
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  September 12, 2013, 7:56 pm
ज़िंदगी मिली है, क़ीमती है, ज़ाया मत कर कमाई हराम का, तू ज्यादा, खाया मत कर  खैराती लाल ना बन, इज्ज़त चली जाएगीबेईमानी नियतें, तू अन्दर, लाया मत कर ये मेरा दिल, जब एक बार तोड़कर,चली गई,मेरी नज़र में, अब बार बार, आया मत कर  ग़लती हो गई य़ारा, फ़र्श से अर्श पे बिठाकेये क़ाबलियत नहीं है, त...
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  September 9, 2013, 10:45 pm
आग लगा के शहर में, तेरा भी घर, न बचेगा ।खुशियाँ छीनने वाले, तू भी! दिन-रैन जलेगा ।जितना प्यार बाँटेगा, उसका दूना मिलेगा,दुआ से पार होगा तू, बीच भँवर न फंसेगा ।ये जीवन अनमोल है, तू इसे सार्थक कर ले,मदद कर मददग़ार की,तू कभी दुखी न रहेगा।लूट-ख़सोट कमाई से, घर नहीं बसता प्यारे,दर-दीव...
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  September 2, 2013, 8:16 pm
विरह की आग ऐसी है, क़ि हम जलते हैं रात-दिनये सोचा, करते हैं अक्सर, कहाँ गये, वो पल छिनक़यामत हमपे बरपी, जब जुदाई क़ा हुआ मौसमतड़प के रह गया, मेरा दिल, वो ऐसा था आलमआज भी यादों में जीते हैं, मन को कर के खिन्नविरह की आग ऐसी है, क़ि हम जलते हैं रात-दिनबसर करते हैं, हर लम्हें, हम तेरी सदाओं...
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  August 29, 2013, 10:37 pm
इस निग़ाह को, करार पा लेने दो । धड़कनों से धड़कने, मिल जाने दो।क्या मय़ और क्यूँ, जाना मय़कदा,एक बार इश्क़ क़ा, नशा चढ़ने दो । इस निगाह को, करार पा लेने दो.…बे-क़रार दिल, जबसे देखा तुम्हें,कर इनायते करम, सुकूँ पाने दो ।जन्नत-ए-ज़िंदगी, तेरी रहमत से,तुम हाथ में हाथ, डाले चलने दो । कर इनायत...
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  August 27, 2013, 9:08 pm
बातें जब भी होती तुमसे, हर पल अच्छा लगता है।जब गुमसुम हो जाती हो, दम घुटने सा लगता है ।  ये नज़रों का आकर्षण, या है दिल का मेल प्रिये,जो हो अब क्या लेना, जब यही सच्चा लगता है।तेरी रहमत, तेरी इनयात, यूँ ही सदा बनी रहे,  यही पहली, अब आख़िरी, मेरी इच्छा लगता है।ऐसा अटूट बंधन बँध ज...
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  August 25, 2013, 6:45 pm
हुस्न-ए-नूर, जब नासूर हो जाये,इंसां कितना, नासबूर हो जाये ।जब ये दिल, आहें भरे ख्यालों में,तब ये ज़िन्दगी, मज़बूर हो जाये। नज़रें चुराने लगते हैं, वो लोग,जो मेहफ़िल में, मशहूर हो जाये।जब बात अपनी, आन पे आ जाये,फ़िर तो दो-दो हाथ, ज़रूर हो जाए।वो इमारत गिर ही जाती है ''अभी'',जो बुलन्दी, न...
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  August 24, 2013, 8:36 pm
ज़िन्दगी! सुन, तू हादसों का सफ़र है ॥ ये सफ़र ऐसा, क़ि न कोई हमसफ़र है ॥ इन्सां ख़ुश होता, क़ि तुझे जान लिया, पर क्यूँ अगले पलों से, बे-ख़बर है ? ज़िन्दगी! सुन, तू हादसों का सफ़र है.. जो किताबों में नहीं, वो सिखाता तू,न तुझसे बड़ा कोई, तज़ुर्बे का घर है ॥जो ख़ुद को बड़ा, सुल्तान कहते यहाँ,उनको ख़ुद...
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  August 10, 2013, 6:16 pm
आज आई है ईद, कसम खायेंगे हम । अमन-चैन का परचम, लहराएँगे हम।   है हमारा ये, प्यारा सा गुलिस्ताँ,फूल खुशियों का यहाँ, खिलायेंगे हम।  कोई भूखा ना रुखा, रहे अब यहाँ,  दिल खोल के ईदी, अब मनायेंगे हम। आज आई है ईद, कसम खायेंगे हम... जब लहू एक रंग, तो मज़हब है क्या ?इन्सां हैं, इंसानियत...
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  August 9, 2013, 7:57 pm
दिल डूब रहा इश्क में, ये क्या इश्कियाँ है ?न कोई ख़तावार,आँखों की गुस्ताखियाँ है॥कल तलक न जानते पहचानते, थे हम जिसे,आज उन्हीं से ही, फ़िज़ा की रंगीनियाँ है ॥हवा में अब है ताज़गी, मधुरम एहसास सा,ज़िन्दगी में समाहित हो गई, सरगोशियाँ है॥महफ़िलों से ना जाने, क्यों अब कटने लगे,दिल को ...
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  August 7, 2013, 4:41 pm
अब ना कोई कृष्ण हैं, रहे ना कोई सुदामा॥अब तो बस घूमते, पहन दोस्ती का जामा॥छल, प्रपंच और कूटनीति ही रह गया यहाँ,आजकल सिर्फ दोस्ती, बनके रह गया नामा॥    अब ना अपने अश्क बहा,अब ना समय गंवा,दोस्त न मिलते अब, चाहे ढ़ूँढ़ पहन चश्मा॥पृथ्वी राज,न चन्द्र वरदाई,और न वो दौर, अब तो चार...
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  August 5, 2013, 7:22 pm
दोस्तों की दोस्ती पे, जान निसार है ॥दोस्तों लिए दिल में प्यार ही प्यार है ॥दोस्ती है पूजा, दोस्ती है इबादत,दोस्ती कर जो निभाए न, वो गद्दार है ॥अच्छे-बुरे, सही-ग़लत का, फ़र्क जो बताए,दोस्ती निभाने में, वही वफ़ादार है ॥ दोस्त काम आए, बुरे दौर ज़िन्दगी में,ऐसे दोस्तों लिए, ज़िन्दगी ...
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  July 22, 2013, 11:41 am
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  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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