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Blog: हालात-ए-बयाँ

Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
आओ मिलकर हम-तुम, ये वादा कर लेंचाहे तुम कम करो, हम जियादा कर लें.अपने माँ-बाप के एहसानों काक़र्ज़ कभी अदा कर सकते नहींता-उम्र सर नवा के क़दमों मेंआओ हम-तुम शुक्रियादा कर लें.आओ मिलकर हम-तुम, ये वादा कर लेंचाहे तुम कम करो, हम जियादा कर लें.जिसके सीने पे पावँ रख हमनेगिरते-पड़ते है ... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   5:27am 12 Feb 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
दिल में जो ग़लत फ़हमी, तुमने पाली है।खोलोगे जब बंद मुठ्ठी, पाओगे खाली है।साथ दुनियां में कोई, निभाए ना हर पल,हमसे ही तुम्हारे, होठों पे रहती लाली है।अपनी नज़रों में, नेक़ नियत रख हमेशा,ख़ुदा हर बंदे की, ख़ुद करता रखवाली है।बाग़ को खून पसीने से, सदा सजाते हैं,वो कोई और नहीं, गुलशन... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   2:06pm 24 Jan 2014 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
प्यार के अल्फ़ाज़ सब बेईमानी हो गए हैंरिश्ते बनाके लोग अब मनमानी हो गए हैंअल्लाह ने रहमतों से बक्छा है ज़िंदगी कोज़िन्दगी पाके आज सभी गुमानी हो गए हैंलूट की कमाई से भर लिया जिन्होंने घर कोदुनियाँ में देखो उनको ख़ानदानी हो गए हैंगोरों की क़ैद से हम सब आज़ाद हो गए हैंअपनों के ब... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   6:10am 25 Nov 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
ज़िंदगी को अब, ईक नया आयाम दोबेरोज़गारों को अब, मिलकर काम दोटुकड़ों में बाँट दिया है, देश को तुमनेतेलंगाना दिया, अब तुम आसाम दोबहुत लूट चुके, ये सियासत गर्द हमेंजागो आवाम, अब इन्हें आराम दोअब भी वक़्त है, एक हो जाओ भाईदुनियाँ को एकता का, नया पैग़ाम दोभरे बाज़ार बिकने को खड़ा है ... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   3:34pm 19 Nov 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
मीठी मीठी बोलियाँदिल पे चलाती छुरियाँदिल अपने पराए समझनहीं तो गिरे बिजलियाँघर को घर बनाती हैंसिर्फ़ बेटियाँ बेटियाँहों ऐसे खिले कलियाँउड़ें चमन बन तितलियाँख़ुशी औ ग़म यहाँ मिलेयही तो 'अभी'है दुनियाँ--अभिषेक कुमार ''अभी''+91-9953678024... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   2:43pm 29 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
सांसों की डोर बंधी, पिया के संग मोर।आज आनंदित उन से, जीवन का हर पोर।१।सदा सुहागिन मैं रहूँ, हरपल पी के साथ।हर मुश्किल आसान हो, जब हाथों में हाथ।२।--अभिषेक कुमार ''अभी''+91-9953678024 ... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   6:55am 22 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
अल्लाह हो या राम हो ॥ज़हाँ में एक ये नाम हो ॥भाई चारा कायम हो,अब यही अपना काम हो ॥जब लहू अपना एक रंग,फ़िर दंगे न सरे आम हो ॥अब ना किसी भी घरों में,कोई मातम तमाम हो ॥नफ़रत की आग़ बुझा दो,ख़त्म सभी इन्तिक़ाम हो ॥बस यही दुआ मांगे 'अभी'एक रहीम और राम हो ...॥--अभिषेक कुमार 'अभी'+91-9953678024... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   8:40am 16 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
देश के चंद, सियारों से, बचके रहना भाई ।।यही तो आज लूटते हैं, अपना गहना भाई।।देखभाल के ही हमेशा, इस दुनियाँ में चलना,सफ़ेद लिबास काले लोग ने, है पहना भाई ।।जिसको पालो पोशो आज, वही दिखाये आँखें,बच्चों का हर ज़ुल्म,बाप को पड़े सहना भाई।।लाख़ दुखों के ढ़हे पहाड़, फ़िर भी ज़िंदा रहना,नद... Read more
clicks 326 View   Vote 0 Like   9:25pm 7 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
ऊँचे भवन से चलकरमैया आई हैं घर घरआज क़लशी बैठाया, हर नगर में हर शहरजय माता दी की गूँज है, हर द्वार, द्वार परऊँचे भवन से चलकरमैया आई हैं घर घरमैया दयालु हैं, शीष झुका मना लें, फ़िर  जो चाहो माँग लो, मिलेगा झोली भरकरऊँचे भवन से चलकरमैया आई है घर घरमंदिर में लगा ताँता, देखो मिला ... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   9:40am 5 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
भारत माँ के सच्चे, लाल लाल लाल ने,अपनी बहादुरी से, किया माला माल है। वीर योद्धा बन, जिनगी जिसने जीता है,वक़्त के साथ,जिसने चलना सिखाया है। डर नहि,भर नहि, जिसको ग़रीबी का था,तैर दरिया पार उसने, करके दिखाया है । पाक ने नापाक थे, इरादे जब बुलंद किए,अपने बहादुरी से, उसे धूल चटाया है ... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   2:33pm 1 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
भारत माँ के सच्चे, लाल लाल लाल ने,अपनी बहादुरी से, किया माला माल है। वीर योद्धा बन, जिनगी जिसने जीता है,वक़्त के साथ,जिसने चलना सिखाया है। डर नहि,भर नहि, जिसको ग़रीबी का था,तैर दरिया पार उसने, करके दिखाया है । पाक ने नापाक थे, इरादे जब बुलंद किए,अपने बहादुरी से, उसे धूल चटाया है ... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   2:33pm 1 Oct 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
मेरा हाथ थामकर, दो क़दम भी ना चल पाएकहाँ गए वो कसमें - वादे, जो तूने थे खाए....जो इक बार पलट कर के, तू भी देख ले मुझे,बेक़रार दिल को मेरे, तभी क़रार मिल जाएमेरा हाथ थामकर, दो क़दम भी ना चल पाए....मौसम के मिज़ाज जैसे, बदले तूने तेवर,ये रुत है सावन की, फिर पतझर क्यूँ हैं लाएमेरा हाथ थामकर, द... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   2:51pm 25 Sep 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
सागर से तू मोती चुनकर देख, पता चल जायेगा   ज़ुलाहे सा क़ालीन बुनकर देख, पता चल जायेगाये हमारी ज़मीं आज भी, सोना उगल सकती हैअरे य़ारा इसे खुनकर देख, पता चल जायेगाभक्ति से शक्ति और इबादत से रहमत मिलती हैतू सच्चे दिल से धुनकर देख, पता चल जायेगाआज कल बहुत भुनाता है तू, इंसानी क़ौम ... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   4:47am 20 Sep 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
कुरसी से ऐसे मानो, चिपके हैं कंगारू ओं के जैसे, बच्चे हैंकुकर्म करते धरे गये, रंगे हाथकहते गौ माता से भी, सच्चे हैं सब एक ही थाली के, चट्टे - बट्टे बन्दरों बाँट से इनके, क़िस्से हैं नौ सौ चूहे खाए,बिल्ली जाए हज़ऐसे ही खाते मानो, कसमे हैंसियार जैसे भोले, बनके आते जीत जाते ही शे... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   2:26pm 12 Sep 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
ज़िंदगी मिली है, क़ीमती है, ज़ाया मत कर कमाई हराम का, तू ज्यादा, खाया मत कर  खैराती लाल ना बन, इज्ज़त चली जाएगीबेईमानी नियतें, तू अन्दर, लाया मत कर ये मेरा दिल, जब एक बार तोड़कर,चली गई,मेरी नज़र में, अब बार बार, आया मत कर  ग़लती हो गई य़ारा, फ़र्श से अर्श पे बिठाकेये क़ाबलियत नहीं है, त... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   5:15pm 9 Sep 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
आग लगा के शहर में, तेरा भी घर, न बचेगा ।खुशियाँ छीनने वाले, तू भी! दिन-रैन जलेगा ।जितना प्यार बाँटेगा, उसका दूना मिलेगा,दुआ से पार होगा तू, बीच भँवर न फंसेगा ।ये जीवन अनमोल है, तू इसे सार्थक कर ले,मदद कर मददग़ार की,तू कभी दुखी न रहेगा।लूट-ख़सोट कमाई से, घर नहीं बसता प्यारे,दर-दीव... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   2:46pm 2 Sep 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
विरह की आग ऐसी है, क़ि हम जलते हैं रात-दिनये सोचा, करते हैं अक्सर, कहाँ गये, वो पल छिनक़यामत हमपे बरपी, जब जुदाई क़ा हुआ मौसमतड़प के रह गया, मेरा दिल, वो ऐसा था आलमआज भी यादों में जीते हैं, मन को कर के खिन्नविरह की आग ऐसी है, क़ि हम जलते हैं रात-दिनबसर करते हैं, हर लम्हें, हम तेरी सदाओं... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   5:07pm 29 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
इस निग़ाह को, करार पा लेने दो । धड़कनों से धड़कने, मिल जाने दो।क्या मय़ और क्यूँ, जाना मय़कदा,एक बार इश्क़ क़ा, नशा चढ़ने दो । इस निगाह को, करार पा लेने दो.…बे-क़रार दिल, जबसे देखा तुम्हें,कर इनायते करम, सुकूँ पाने दो ।जन्नत-ए-ज़िंदगी, तेरी रहमत से,तुम हाथ में हाथ, डाले चलने दो । कर इनायत... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   3:38pm 27 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
बातें जब भी होती तुमसे, हर पल अच्छा लगता है।जब गुमसुम हो जाती हो, दम घुटने सा लगता है ।  ये नज़रों का आकर्षण, या है दिल का मेल प्रिये,जो हो अब क्या लेना, जब यही सच्चा लगता है।तेरी रहमत, तेरी इनयात, यूँ ही सदा बनी रहे,  यही पहली, अब आख़िरी, मेरी इच्छा लगता है।ऐसा अटूट बंधन बँध ज... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   1:15pm 25 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
हुस्न-ए-नूर, जब नासूर हो जाये,इंसां कितना, नासबूर हो जाये ।जब ये दिल, आहें भरे ख्यालों में,तब ये ज़िन्दगी, मज़बूर हो जाये। नज़रें चुराने लगते हैं, वो लोग,जो मेहफ़िल में, मशहूर हो जाये।जब बात अपनी, आन पे आ जाये,फ़िर तो दो-दो हाथ, ज़रूर हो जाए।वो इमारत गिर ही जाती है ''अभी'',जो बुलन्दी, न... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   3:06pm 24 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
ज़िन्दगी! सुन, तू हादसों का सफ़र है ॥ ये सफ़र ऐसा, क़ि न कोई हमसफ़र है ॥ इन्सां ख़ुश होता, क़ि तुझे जान लिया, पर क्यूँ अगले पलों से, बे-ख़बर है ? ज़िन्दगी! सुन, तू हादसों का सफ़र है.. जो किताबों में नहीं, वो सिखाता तू,न तुझसे बड़ा कोई, तज़ुर्बे का घर है ॥जो ख़ुद को बड़ा, सुल्तान कहते यहाँ,उनको ख़ुद... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   12:46pm 10 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
आज आई है ईद, कसम खायेंगे हम । अमन-चैन का परचम, लहराएँगे हम।   है हमारा ये, प्यारा सा गुलिस्ताँ,फूल खुशियों का यहाँ, खिलायेंगे हम।  कोई भूखा ना रुखा, रहे अब यहाँ,  दिल खोल के ईदी, अब मनायेंगे हम। आज आई है ईद, कसम खायेंगे हम... जब लहू एक रंग, तो मज़हब है क्या ?इन्सां हैं, इंसानियत... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   2:27pm 9 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
दिल डूब रहा इश्क में, ये क्या इश्कियाँ है ?न कोई ख़तावार,आँखों की गुस्ताखियाँ है॥कल तलक न जानते पहचानते, थे हम जिसे,आज उन्हीं से ही, फ़िज़ा की रंगीनियाँ है ॥हवा में अब है ताज़गी, मधुरम एहसास सा,ज़िन्दगी में समाहित हो गई, सरगोशियाँ है॥महफ़िलों से ना जाने, क्यों अब कटने लगे,दिल को ... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   11:11am 7 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
अब ना कोई कृष्ण हैं, रहे ना कोई सुदामा॥अब तो बस घूमते, पहन दोस्ती का जामा॥छल, प्रपंच और कूटनीति ही रह गया यहाँ,आजकल सिर्फ दोस्ती, बनके रह गया नामा॥    अब ना अपने अश्क बहा,अब ना समय गंवा,दोस्त न मिलते अब, चाहे ढ़ूँढ़ पहन चश्मा॥पृथ्वी राज,न चन्द्र वरदाई,और न वो दौर, अब तो चार... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   1:52pm 5 Aug 2013 #
Blogger: Abhishek Kumar Jha Abhi
दोस्तों की दोस्ती पे, जान निसार है ॥दोस्तों लिए दिल में प्यार ही प्यार है ॥दोस्ती है पूजा, दोस्ती है इबादत,दोस्ती कर जो निभाए न, वो गद्दार है ॥अच्छे-बुरे, सही-ग़लत का, फ़र्क जो बताए,दोस्ती निभाने में, वही वफ़ादार है ॥ दोस्त काम आए, बुरे दौर ज़िन्दगी में,ऐसे दोस्तों लिए, ज़िन्दगी ... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   6:11am 22 Jul 2013 #
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