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Blog: देवा हरी

Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
मार्टिन लूथर ने एक बार कहा था कि अगर आप दुनिया बदलना चाहते हैं तो कलम उठाइए और लिखना शुरू कीजिएकलम से हर वो काम किया जा सकता है जो किसी और ढंग से किया जा सकता है. तभी तोमशहूर शायर अकबर इलाहाबादी कह गए-खींचो न कमानों को न तलवार निकालो,जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो.आपक... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   3:22pm 26 Dec 2017 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
लिखने का मतलब सिर्फ साफ-सुथरी राइटिंग भर नहीं है, बल्कि तुम्हारी रचनात्मकता भी इससे झलकती है। तुम्हारी सोच और नॉलेज का भी ये आइना होती है। इसीलिए तुम खुद को ऐसा बनाओ कि किसी भी टॉपिक पर आसानी से 10 लाइनें लिख डालो।क्या है राइटिंग स्किललिखना एक कला है। लिखते तो सब हैं, लेक... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   2:32am 25 Dec 2017 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
उत्तरी भारत में गर्मियों में उत्तर-पूर्व तथा पश्चिम से पूरब दिशा में चलने वाली प्रचण्ड उष्ण तथा शुष्क हवाओं को लू कहतें हैं । इस तरह की हवा मई तथा जून में चलती हैं । लू के समय तापमान ४५° सेंटिग्रेड से तक जा सकता है।इन्हें कुछ लोग तो सहन कर जाते हैं, लेकिन कुछ लोग स... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   11:47am 4 May 2014 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
शारदीय नवरात्री कि ढेर सारी शुभकामनाएं!!नवरात्री 5 अक्टूम्बर से शुरू है...महाशक्ति की आराधना का पर्व है “नवरात्री!!देवी माँ के नौ रूप के बारे में जाने..!!1. शैल पुत्री- माँ दुर्गा का प्रथम रूप है शैल पुत्री। पर्वतराज हिमालय के यहाँ जन्म होने से इन्हें शैल पुत्री कहा जाता है... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   11:02am 3 Oct 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
श्रीराम के परम भक्त हनुमानजी हमेशा से ही सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक हैं। शास्त्रों के अनुसार माता सीता के वरदान के प्रभाव से बजरंग बली को अमर बताया गया है। ऐसा माना जाता है आज भी जहां रामचरित मानस या रामायण या सुंदरकांड का पाठ पूरी श्रद्धा एवं भक्त... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   5:05pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
कहते हैं कि जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु होना भी एक सच्चाई है। ईश्वर द्वारा दिए गए इस अनमोल जीवन की सबसे बड़ी खासियत जन्म और मृत्यु के बीच का समय है।प्राय: सभी धर्मों में मृत्यु और मानव के बीच जो संबंध है उसे किसी ना किसी तरह रेखांकित अवश्य किया गया है। बहुत से लोगों का... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   4:58pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
अक्सर युवाओं से यह बात कही जाती है कि वे समय सद्उपयोग करना नहीं जानते और फालतू बातों में समय जाया करते रहते हैं, पर क्या कभी किसी ने इस बात पर गौर किया है कि समय का उपयोग हो सकता है और अगर हुआ भी तो क्या वह मनुष्य के हाथ में है कि किस प्रकार से उपयोग किया जाए या फिर सद्उपयोग ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   4:49pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
कुंभ, अर्धकुंभ और महाकुंभ आते ही लाखों की संख्या में आपको नागा बाबा डुबकी लगाते हुए दिखाई दे जाएंगे। लेकिन, कभी किसी ने सोचा है कि नागा बाबा कहां से आते हैं और कहां चले जाते हैं?17 श्रृंगार की हुई संयम से बंधी निर्वस्‍त्र साधुओं की फौज को देखना अद्भुत है। यह नजारा आपको कु... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   4:47pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
१ : प्रथम महाविद्या काली : काली मंत्र किसी भी प्रकार की सफलता के लिए उपयुक्त है इस विद्या के प्रयोग से कोई भी बाधा सामने नहीं आती है |२ : द्वितीय महाविद्या तारा : तारा [ कंकाल मालिनी ] यह सिद्ध विद्या शत्रुओ के नाश करने के लिए व जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए विशेष लाभदाई ... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:22pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
१ : गया श्राद्ध : गया श्राद्ध एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पितरो को मृत्यु लोक से देव लोक का स्थान मिलता है अपने पितर चाहे मृत्यु से मरे हो या अकाल मृत्यु से सब का उद्धार [ कल्याण ] हो जाता है | यह कार्यक्रम खरमाश या पूष मास में किया जाता है | जाने के पहले पितरो को निमंत... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   4:13pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
आज से श्राध पक्ष सुरु हो ग्या है | जिसमे हम लोग अपने पितरो को श्राध अर्पण व तर्पण करते है, इन दिनो पितर देवलोक से मरत्यू लोक मे आते है और अपने वंशजो द्वारा दिया भावपूर्ण भोजन गरहन करते है |मेरी और से उन सभी दिव्यात्माओ को नमन |हिन्दू धर्म में मान्यता है कि शरीर नष्ट हो जाने ... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   4:09pm 19 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
चरित्र जैसे शब्द का सबसे गहरा सम्बन्ध सिर्फ नारी क्यों माना जाता है ? हर आँख उठती है उसी की ओर क्यों ? शक सबसे अधिक उसी के चरित्र पर पर किया जाता है. वह भी उससे कुछ भी पूछे बिना। वैसे तो सदियों से ये परंपरा चली आ रही है कि नारी सीता की तरह अग्निपरीक्षा देने के लिए बाध्य होती ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   5:26pm 1 Sep 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
अंतर्राष्ट्रीय पिता दिवस पर विशेष------------------------------------(21 जून - पिता दिवस )------------------------- माता-पिता का किसी भी व्यक्ति के जीवन में क्या महत्व है ये बताने की आवश्यकता नहीं है।जहाँ माँ कोख में बच्चे को अपने खून से सींचती है तो वही पिता उसे परिपक्व होने तक अपने पसीने से पालता है। एक तर... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   5:13am 6 Jun 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
कांकड़ यानी गांव की सीमा. गांव की बाहरी सीमा कांकड़ कहलाती है. कांकड़ पर गांव की सीमा समाप्‍त हो जाती है और ठीक वहीं से दूसरे गांव की रोही शुरू हो जाती है. हर गांव की एक सीमा होती है जहां से उसके क्षेत्र की शुरुआत मानी जाती है इसी सीमा या लाइन को कांकड़ कहते हैं. थार के गांव... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   5:40am 1 Jun 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल तृतीया को कहा जाता हैं। वैदिक कलैण्डर के चार सर्वाधिक शुभ दिनों में से यह एक मानी गई है। 'अक्षय' से तात्पर्य है 'जिसका कभी क्षय न हो' अर्थात जो कभी नष्ट नहीं होता। भारत के उत्तर प्रदेश ज़िले के वृन्दावन में ठाकुर जी के चरण दर्शन इसी दिन होते हैं। ... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   3:51pm 15 May 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
सुखदेव (जन्म- 15 मई, 1907, पंजाब; शहादत- 23 मार्च, 1931, सेंट्रल जेल, लाहौर) को भारत के उन प्रसिद्ध क्रांतिकारियों और शहीदों में गिना जाता है, जिन्होंने अल्पायु में ही देश के लिए शहादत दी। सुखदेव का पूरा नाम 'सुखदेव थापर' था। देश के और दो अन्य क्रांतिकारियों- भगत सिंह और राजगुरु के सा... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   3:33pm 15 May 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
                                                                  भैरोंसिंह शेखावत                                                            (23 अक्टूबर, 1923-15 मई, 2010)भैरोंसिंह शेखावत (; जन्म- 23 अक्टूबर, 1923, सीकर, ब्रिटिश भारत; मृत... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   3:30pm 15 May 2013 #
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गांव की बसावटलेकिन शराब का प्रचलन गांव की सरहद में घुस आया है।  यह गांव तीन चौक का गांव कहा जाता है।गांव की बसावट बहुत अच्छी है। गांव के खुल्लेपन को दर्शाती है। एवं किसी भी नव आगन्तुक को आकर्षित करती है।यह एक समृद्ध गांव कहा जाता है। यहां शिक्षा अच्छी है। बालिकाओं की ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   3:19pm 15 May 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
 आपको बता दूं कि मैं पिछले काफी दिनों से शादीयों में व्यस्त था इसलिए कुछ नया लिख नहीं पाया और और पढ भी नहीं पाया शादीयों में इसलिए कि अपना धंधा ही ऐसा हैं भाई पेट पुजा के लिए जाना पड़ता है।चाक पूजन महिलाए इक्ट्ठा होकर खाली नये मटके लेकर कुम्हार (एक जाती जो मटके बनाने ... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   2:05pm 15 May 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
माथे पर चमकती गोल बिंदी, कलाइयों में खनकती लाल कांच की चूडियाँ हों या मांग में सजा सिन्दूर हो या गले में पहना गया मंगलसूत्र, पांव में इठलाते बिछुए हों या खनकती पायल, जब इन सभी का ध्यान आता है, तो आंखों के आगे एक सुहगिन स्त्री की छवि उभर आती है। क्या आप जानती हैं कि सुहाग के ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:43pm 14 May 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
शृंगार का उपक्रम यदि पवित्रता और दिव्यता के दृष्टिकोण से किया जाए तो यह प्रेम और अंहिसा का सहायक बनकर समाज में सोम्यता और शुचिता का वाहक बनता है। तभी तो भारतीय संस्कृति में सोलह शृंगार को जीवन का अहं और अभिन्न अंग माना गया है। आइये देखते हैं क्या होते हैं सोलह शृंगार-क... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   3:32pm 14 May 2013 #
Blogger: सुखदेव हरजीराम डूकिया
18 को दुर्गाष्टमी पर देवी पूजा के ये छोटे से मंत्र व उपाय पूरी करेंगे हर मुरादचैत्र नवरात्रि में महाष्टमी तिथि (18 अप्रैल) शक्ति साधना की बड़ी शुभ घड़ी व रात्रि मानी जाती है। शास्त्रों के मुताबिक शक्ति शिव की वामांगी भी मानी गई हैं। इसलिए नवरात्रि की यह घड़ी वाम मार्गी स... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   1:47pm 17 Apr 2013 #
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