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Blog: Meri Gajale Mere Geet (मेरी ग़ज़लें मेरे गीत)

Blogger: umesh kumar shrivastava
स्वीकार ह्रदय से करते कैसे ,कहो जरा आधार है क्या ?हृदय कुंज में गमके बेलाकहो जरा ,  यह प्यार है क्या ?प्रात अरूण की किरण लगे ज... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:56am 5 Oct 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
नेह जगा हृदय गुहा में ,कौन भला, चुप बैठा है , दुःख के सागरआनन्दमयी सरि ,इन द्धय तीरों पररहता है ၊आश जगेया , प्यास जगे ,श्वांसे ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   5:20pm 3 Oct 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
जन्म से मृत्यु, यात्रा , प्रत्यक्ष का साक्षात्कार , जन्म से पूर्व मृत्यु के पश्चात अज्ञात का अंधकार , पर्ण पात, है ज्ञात आगम... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:22am 17 Sep 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
गम-ए-दिल को गमजदा गमख्वार चाहिए ,गमगीनियों की गली में ग़जरा-ए-गुलनार चाहिए , तकदीर कोई सै नही राहे गमगीनियां , सबा के झोंके स... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   4:51am 17 Sep 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
उत्कंठामुक्ति के ,अनुभूति कीभटकाती सदा ၊यह प्रकृति है,मायावी ၊रची ब्रम्ह की ၊आलिप्त करती सदा,हर कण के कणों को भी ၊निर्ल... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   6:16pm 4 Sep 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
रिश्ते कोमल कलियां हैं ,सींच इन्हे न तोड़ इन्हे ।महक बचा ले जीवन की,सर्वस्व लुटा कर जोड़ इन्हे ।...उमेश ०३.०९.१६ जबलपुर... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   12:04pm 3 Sep 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
थकते नहींरेत पर ये कदम , राहें बनाते , येमेरे कदम ၊मिटाती चलीरेत की आंधियांराह, उनको जिन परसदियां चलीं ၊है उन्हे ये पताउन &#... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   12:00pm 22 Aug 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
हर क्षण जैसे कोई मेरेटीस जगाता है, दिल में ,स्पर्शों की आश लगा ,कोई बलखाता, है दिल में ၊दृष्टिपटल से ओझल कोईह्रदयपटल पर छाय&... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   3:29pm 17 Aug 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
कविता क्या है ?माध्यमदिल की अभिव्यक्ति काबुद्धि जहां काम करना बन्द कर दे ,विवेक के निर्देश कुंद हो ,मौन होंऔर फिर दिल स्व... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   2:47am 17 Jul 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
व्यथाऐ दामिनी न इतरा यूंपयोधर की बनप्रेयसीगणिकान वारिस तूवारिद कीतू बस अभिसारिकाये नर्तन तेरा व्यर्थन जमा धौंसइन न... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   5:05am 12 Jul 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
आओ चलें मीतसरस हम भी होलेंहौले से खोलें,झरोखे ह्रदय के ,मेघों की बून्दे,कुछ,उनमें संजो लें ၊घिरे तो गगन पेहैं , मानस को घेर&... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   5:43pm 7 Jul 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
आज कहो कुछ ऐसा सखी रेहिय प्रफुलित हो जाये,तन झूमे , मन बावला हो करमाया जाय भुलाय ၊हैं अबूझ ससुराल की गलियांभटक रही अनजानी,&#... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   3:16am 4 Jun 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
शासकीयआभियांत्रिकी महाविद्यालय जबलपुर परिसर में लगे वटवृक्ष  को देख हुई संवेदना पर एक प्रस्तुति:-ऐ बरगद की छांव घनेर... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   12:24pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
प्रेमसुधायह प्रेम सुधा की धारा हैइसको हाला मत कहना नयनो के धोखे में आ कर इसको मधुशाला मत कहनाजब अगन लगे तन मन में इसको ना... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   12:18pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
दर्दे दिल१-सम्मा की नियति यही , रात दिन जलती रहे    रौशनी देती रहे , खुद को अंधेरे में रख२-आहें भरना मेरी फ़ितरत नहीं थी    द... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   12:16pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
१. रिस्तों की महक को बनाये रख ऐ नाखुदा। किस्ती है दरिया है बस जज्बे है बा खुदा ।२. मैं हूं तन्हा तन्हा बस मुंतजरे खबर । हुजूर... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   12:13pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
याद आती रही गुनगुनाती रही,दिल में हजारो मृदंग बजाती रही । तल्ख धूप होती रही रात भर, हर कली प्यार की मुरझुराती रही । अल सुबह ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   12:12pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
ऐसा न था कि डूब जाते हम,झील, समन्दर, या दरिया-ए-आब में । कई डूबतों को बचाया था हमनें ।  न नाप सके तेरी झील सी आखों की गहराई । जो ड&... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   12:11pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
१. ख्वाब सी झिलमिलातीसबा सी मदमस्त करतीये तेरी याद है किइत्र की भीनी खुश्बू २.अल सुबो उठ कर तेरा ,वो चुपके से आ जानाता दिन म... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   12:02pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
जिन्दगीइतनी तो फुरसत दे जिन्दगीकुछ तो तुझे भी मैं जी सकूंसंग बहता रहा पर मिल ना सकाबिन मिले तू बता, क्या मैं कह सकूं ।तू स&#... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   12:00pm 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
चन्द शेर (दर्द-ए-दिल)१उनकी इश्क की इस अदा को देखोदर्द हमें तब्बस्सुम गैरों को बांट देते हैं२दर्द दिल में जलन आंखों में लि... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   11:57am 31 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
होली के रंग सब के संगहोली के रंग मेंरंगीली उमंग मेंआपका भी साथ होदिलों की ही बात होनयनों में प्यार होरंगों की बहार होहाê... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   3:03pm 22 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
ग़ज़लदर्द दिल में जब उभर आता हैरूह पर न जाने कौन छा जाता हैआंखें वीरान सी हो जाती हैंचेहरा ज़र्द पत्तों सा सूख जाता है ।रह जा&#... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   3:01pm 22 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
क्षणिकाएँ (फाग पर)फाग,मस्ती का मौसमयौवन की आगगुलाल,प्रियतम की हथेलीप्रिये का हो गालरंगोली,बाँहो में प्रिये केप्रियतम&#... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   3:00pm 22 May 2019
Blogger: umesh kumar shrivastava
हूं शरणागत त्रिपुरारीअय काल करालदिव्य ज्वालअय त्रिनेत्रधारीनील कण्ठतेरी शरण  तेरी शरणअभ्यागत है तेरी शरणअय जटाधा&... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   2:58pm 22 May 2019
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