Hamarivani.com

kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी

जब कलश का दीप सहसा थर-थरा बुझने लगा विश्वास का अवलम्ब जब हिलने लगा ढहने लगा जब स्वयं के बिम्ब से ही मन - हृदय डरने लगा तब ये जाना 'जय'विभव का सूर्य अब ढलने लगा (चित्र सौजन्य : गूगल)http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  April 13, 2015, 11:02 am
जब  कभी होने लगे  साकार सपने लेने लगे  छोटे - बड़े  आकार सपने छँट गयी एकांत की 'जय'धुंध तब  जुड़ गए  हैं प्रेम का ले  भार 'अपने'http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  February 6, 2015, 2:57 pm
अज़ब गज़ब से रूप  दिखाती है ज़िन्दगीपल में हमें हँसाती है रुलाती है ज़िन्दगीमझधार से वो नाव को किनारे पे कभी लायेसाहिल पे आ रहे को भँवर दिखाती है जिंदगी जिसने मज़ाक बनाए थे लोगों पे रोज़ ही इंतज़ार करो, उसकी हँसी उड़ाती है ज़िन्दगी दोपहर में लाख तप रहा हो आफ़ताब   उस वक़्...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  July 5, 2014, 5:03 pm
लहरें  हैं  श्वासों  जैसी,  'जय' - जीवन  है  सरिता  जैसा,आशाओं  सा  उगता  सूरज, ढलता  सूरज  है  विपदा साकर्म - धर्म दो तट जैसे हैं, कुछ अधिकार सुदृढ़ नौका सेकर्तव्य बने पतवार हाथ में, निस्पृह - मन नाविक जैसाhttp://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  May 4, 2014, 4:09 pm
हे तारक! इठलाओ मत तुम, अभी टूट जाओगे टूटे तारे! याद ये रखना, कभी चमक न पाओगे रजनी 'जय'जाने वाली है,ऊषा ने बिखराई लालीसौम्य रहे तो गगन-पटल पर साँझ पुनः आओगेhttp://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  May 3, 2014, 10:28 am
अब  न  रोको, मैं  चलूँगी  साथ,  प्रियतम !बिन गिरा के, है अकल्पित नाद, प्रियतम !वनवास  में  श्रीराम  जी  को  क्या हुआ ?उनके संग थी  संगिनी  मिथिला - सुता  उर्मिला बिन लखन को आघात, प्रियतम !अब  न  रोको, मैं  चलूँगी  साथ, प्रियतम !मैं  अप्सरा  सी  रूपिणी ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  April 15, 2014, 9:11 am
हमें  ऐतबार  ना  होता, अगर  हम  सो  रहे  होते खुली आँखों  से देखा  जो, उसी के  हो  रहे  होते।खुदा  की मेहरबानी  ही मुझे  साहिल पे ले आयीलहर  थी  एक ऐसी वह,  भँवर  में खो रहे होते।।बला  की शख्सियत उसकी, बड़ी भोली अदाकारीचुहलबाजी,  ग़ज़लगोई,  खिला...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  March 25, 2014, 11:43 pm
छूट रहे कुछ मित्र इस तरह, ज्यों टूटे तरुवर से पातझगड़ रहे हैं आपस ही में, अब व्यंग्य बने प्रतिघात। राजनीति के छद्म तटों पर, कुछ कौव्वे हंस बने 'जय', चल अब वापस ब्लॉग-जगत, आना चुनाव के बाद ||http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  March 3, 2014, 11:59 pm
दृष्टिकोण जब भी बदला तो,रत्नाकर वाल्मीकि बन गएकल के ऊबड़ - खाबड़ रस्ते,आज सुघड़ रमणीक बन गएमनःपटल पर उभरे जब भी,सकारात्मक  सोच - शिखरकायर और भीक प्राणी 'जय',निडर और निर्भीक बन गए    http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  January 5, 2014, 12:14 pm
कभी आये अगर आँसू, तो आँखों में छुपा लूँगा गुनहगारों की महफ़िल में, अपना सिर झुका लूँगामुझे मेरे मुकद्दर से, कोई शिकवा नहीं है 'जय'मुहब्बत की है मैंने भी, ये दुनिया को दिखा दूँगा चित्र सौजन्य : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  December 29, 2013, 7:41 pm
हमें ख़्वाबों में जीने की कोई चाहत नहीं यारा !हमें ख़्वाबों की दुनिया का बासिन्दा नहीं प्यारा,नर्म ख़्वाबों में जीना क्याहकीकत सख्त होती 'जय'हकीकत रू-बरू हो तोबड़ा प्यारा जहां साराचित्र सौजन्य : गूगल  http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  December 29, 2013, 12:58 pm
मेरे  जानिब अगर  आना गिले-शिकवे सजा लाना,मुनासिब  हो तो हाथों में कोई  पत्थर  उठा  लाना,हुई   मुद्दत   मेरे  जानिबकोइ  हमदम नहीं  आया,ज़माने  बाद  खबर  आयीतुम्हे 'जय'इस शहर आना चित्र सौजन्य : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  December 29, 2013, 11:34 am
जय हो !लूट लिया जनता का पैसा, कहते हो जय हो ! घोटालों की सजी दुकाने, कहते हो जय हो !!नोटों पर है बिछा बिछौना, नींद नहीं फिर भी,काला धन मुस्कुरा रहा है, कहते हो जय हो !!व्यभिचारों का तना चँदोवा, कहते हो जय हो !आँख का पानी बेंच रहे हो, कहते हो जय हो !! सरे-राह लुट रही आबरू, बेटी और बह...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  December 9, 2013, 12:28 pm
अगर  सागर  से  मोती  ही चुराना  थाबहुत  गहरा  तुम्हे  गोता  लगाना  थामोती खुद - ब - खुद आते किनारों परकभी ऐसा भी होता, 'जय'ज़माना थाचित्र साभार : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 19, 2013, 8:58 pm
अति    समीप्यबोध   को   दूर   तो   हटाइयेहृदय - दधीचि मर रहा है  फिर  परोपकार मेंमन - मयूर  रो  रहा  है   बादलों  के  शोर  सेनयन मीन बन गए हैं  प्रिय बिना त्यौहार मेंचमक - चमक  दामिनी  उर  -  प्रदाह  दे  रहीया  कि  भार बढ़ गया  है  आज कंठ - हार मे...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 17, 2013, 9:01 pm
तुमको सुपुर्दे-खाक कर के चल दिए थे हमतेरी मोहब्बत पाक कर के चल दिए थे हमजो हमें ता-उम्र 'जय'बरबाद ही करता रहाकल ही उसे आबाद कर के चल दिए थे हम  चित्र साभार : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 16, 2013, 8:33 pm
हम  ने  प्रयासों में कमी कब  कर दियाक्यों ज़िंदगी में तल्खियाँ  ही  भर दियाहरदम  बुराई को स्वयं से दूर रखा 'जय'या रब !क्यों बुराई को मेरे अन्दर कियाचित्र साभार : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 16, 2013, 8:23 pm
अब विकल्पों में कमी आने लगी है अब जिंदगी में मुर्दनी छाने लगी हैहादसे 'जय'होते ही रहते सदा क्योंमंज़िलें  क्यों दूर अब जाने लगी हैंचित्र साभार : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 16, 2013, 8:05 pm
चाँदनी से शब्द लेकर , गीत गाओ तुम पवन साबादलों से नाद लेकर , राग छेड़ूँ मैं गगन साप्रेम के पावन दिवस पर , क्या कहूं मैं आपकोमेरे तन के प्राण , धड़कन , आत्मा तो आप होमन व्यथित जब भी हुआ तो , नव दिशा दी आपनेलेखनी तुम मसि बना मैं , हो गया है नव सृजन साचाँदनी से शब्द लेकर , गीत गाओ तुम ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 15, 2013, 7:57 pm
प्रेम में भी  वासना  का  मान   होना  चाहिए अधर हैं  तो  चुम्बनों का दान  होना  चाहिए कुछ  निठल्ले  कह  रहे  हैं  पत्नियों से 'जय'स्वर्ण-काया को प्रगति सोपान होना चाहिए चित्र सौजन्य : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 13, 2013, 9:21 pm
लक्ष्मी की पूजा अर्चना खूब कर लें किन्तु उस पर विश्वास कदापि न करें। ईश्वर (परम शक्ति) की पूजा अर्चना करें अथवा न करें किन्तु उस पर विश्वास अवश्य बनाये रखें। लक्ष्मी स्वभाव से चंचल है अतः आप पर उसकी कृपा अस्थिर ही रहेगी जबकि ईश्वर शांत चित्त और गम्भीर है इस लिए आप पर प्र...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 13, 2013, 2:42 pm
अपने  बच्चों  के लिए, थोड़ा सम य निकालें  हमउनके  संग  बैठें, खेलें, खाएं, उन्हें  सम्भालें  हमलगे रहे यदि जीवन भर 'जय, पैसे व व्यापार  मेंबिगड़ गए यदि बच्चे तो  हो  जायेंगे दीवाले हम(दीवाले = दीवालिए)    चित्र सौजन्य : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 13, 2013, 2:04 pm
बादल  से  हम बिजली को क्यों छीन रहे हैं तरुवर  से  हम  शाखों  को क्यों छीन रहे हैं बालिका भ्रूण की हत्या कर 'जय'धरती से आह ! स्वयं से आगत माँ  क्यों छीन रहे हैंचित्र सौजन्य : गूगल http://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 12, 2013, 8:07 pm
अम्बर  की  राहों  में चलकर बादल आयाबादल  की  बाहों  में बंध कर सागर आयासागर के सीने में  दुबका राकापति आयाचन्दा की सूरत में'जय'ने सारा जग पायाhttp://kadaachit.blogspot.in/ ...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 12, 2013, 1:00 pm
  दुःख बड़ा ढीठ अतिथि है। यदि यह हमारे घर के लिए निकल पड़ा है तो आयेगा अवश्य। यदि हम इस अतिथि को आता हुआ देख कर घर का  मुख्यद्वार बंद कर लेंगे तो यह घर के पिछले दरवाजे से आ जाएगा। यदि हमने पिछ्ला दरवाजा भी बंद कर दिया तो यह खिड़की से आ जाएगा। यदि खिड़की भी बंद कर लिया तो य...
kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी ...
Tag :
  November 11, 2013, 9:17 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3666) कुल पोस्ट (165897)