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Blog: अभिव्यक्ति

Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
हिमालय के इस आँगन में उषा की प्रथम किरणे अभिनन्दन करती हुई हिम से ढके पर्वतों को सफ़ेद मोतियों से पिरोतीहुईश्यामलनभमें छोटेछोटेबादलकेकण हिम पर्वतों को चादर सी ढकतीहुईमदमस्त हो रही हैं धीरे धीरे पहाड़ियांआती जाती घटाओं में बर्फीली हावाओंमेंकुछ बारिश की बूदें कुछ ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   6:22pm 25 Sep 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
तेरे चेहरे की ख़ामोशी एक शब्द बनकर अनसुलझे सवालों का हल ढूँढती है |तेरे चेहरे की ख़ामोशी एक दर्द बनकर बेदर्द ज़माने सेहमदर्द ढूँढती है |तेरे चेहरे की ख़ामोशी एक प्यास बन करप्यासे अंबर सेबारीश की आस ढूँढती है |तेरे चेहरे की ख़ामोशीएक भूख बनकरन जाने कितने अ... Read more
clicks 166 View   Vote 1 Like   5:21am 21 Sep 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
उदासमनएकसफरमेंविचारोंकामंथनकरतेहुयेसफर में हम सफर का काम करते हुये निगाहें रुक गई उस औरत पर जो अपने माँ होने का कर्तव्य बखूबी निभा रही थी उसेकिसीकीपरवाहनहींथीउसेयेभीनहींपताकीकुछनिगाहेंउसकीतरफघूररहीहैंउसेपड़ीथीतोबसअपनेरोतेहुये बच्चेकोचुपकरानेकोशक्लसेबी... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   6:01pm 16 Aug 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
बयानोंकाआनानजानेक्याकहजानाखुदकोपतानहींशब्दोंकालड़खड़ानाफिरसंभलजानाखुदकोपतानहींआरोपोंप्रत्यारोपोंकासिलसिलाबढ़ानाखुदकोपतानहींअच्छा हो या बुरासही हो या ग़लतखुद को पता नहीं बस लगा रहता है बयानों का आना ...                      योगेन्द्र चौबे  ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:58pm 16 Aug 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
प्यार करना ,प्यार होना,प्यार पानान जाने कितना सच होता है दिलकिहालातों मेंइसमूरत कोसूरत बना पाना न जाने कितन सच होता है जब कोई ख्वाब देखता हैसपने संजोता है  उसको हकीकत बना पाना न जाने कितना सच होता है  गहराइयोंमेउतरसंवेदनाओं किअनुभूतिपरभावनाओं कोव्यक्तकरपानान ज... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   2:57am 9 Aug 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
दोनोंकावार दिलोंपरहींहोताहैमगरमजबूरहैक्याकरें.....छूटतानहीं, लाखसमझानेपरफिरभीहमइसीकोचुनतेहैहमेंपताहैदोनोंमौतकेकरीबलेजातीहैहमेंदुःखभीनहींहोताहैकिसी को हम खीचतें हैं कोई हमें खिचता है अपनी तरफ फिर भी हम इसी को चुनते हैं क्यों हमारी ये जरुरत बन गई ? पता नहीं फ... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   8:47am 5 Aug 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
चांदनी रात है बस तेरी याद है तेरी यादों कि झिमिसीबरसातहैइससेज्यादामुझेऔरक्याचाहिएतेरीयादोंमेंभीवोसुरुआतहैहममिलेथेजहाँवोजगहयादहैचांदनी रात है बस तेरी याद है तेरी यादों कि झिमिसीबरसातहैइससेज्यादामुझेऔरक्याचाहिएये ना सोचा था कि सोचुगांमैंतेरीयादोंकियादो... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:04am 2 Aug 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
मेरे अकेलेपन में अनेक खामोशियाँरहतीहैकुछविचारोंकेसाथ , कुछसवालोंकेसाथनिरन्तर प्रयत्न करते हुये , इनखामोशियोंमेंकुछढूढनें का प्रयास  करताहूँ  अकेलेपन मेअनेकस्मृतियाँ साथरहतीहैं कुछभूलेहुयेवादोंमें..यादों कोढूढनें काप्रयत्नकरताहूँउससमयउतनाअकेलानह... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:56am 2 Aug 2013 #
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लो वहीं हुआ जिसका था डर आ गई सर्दी इस कदर सूरज की किरणें भी हार गई छा गया कोहरा चारो तरफ लो वहीं हुआ जिसका था डर ना रही धूप ना रही कीरण लोग कॉप रहे है थर थर ...हर तरफ ठंढी के चर्चें हैं अलाव और गर्म कपड़ों में खर्चे हैं चलना भाई सर्दी में बच बच कर लो वहीं हुआ जि... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   8:20am 18 Jan 2013 #
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देखो जी देखो सर्दी ये है चुरू की सर्दी ठंढी ठंढी चली  हवा लगे बर्फ की जैसी ये है चुरू की सर्दी सर्दी सर्दी है बेदर्दी देखो बड़ी विकट की सर्दी ये है चुरू की सर्दी .............                     योगेन्द्र चौबे... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   8:00am 18 Jan 2013 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
 चांदनी रात चमचमाती हुई , रेगिस्तान का रेत , सपनों का समंदर , मेरे मन में , जैसे आकास में असंख्य तारे |                                                                सर- सर  मर- मर ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   12:17pm 26 Apr 2011 #
Blogger: YOGENDRA CHAUBEY
आज बैठे बैठे आया एक नया विचार,ये मेरी कलम की अभिलाषा थी की उसको भी मिले एक कोना जहाँ दौड़ सके वह रुक रुक कर खोजे छाँव सुने नदियों की कल कल कुछ चीखें कुछ बारिश की बूँदें कुछ झड़ते हुए पीले पत्ते कुछ ओष की बूँदें कुछ दूरियां कुछ पाथेयऔर इनके भी अलावा बहुत कुछ .....इस राही&... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   5:59pm 28 Feb 2011 #
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