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Blogger: Brajesh Kumar Singh
हाँ तुम्हारा पर्स चोरी हो चूका है एक रेल टिकट:एक बार  का बिल:घर के राशन का लिस्ट:एक एटीएम कार्ड: किसी के घर का पताएक दवाई  की पर्चीएक प्रेम पत्र और एक लड़की की तस्वीर अपनी पूरी दुनिया लेकर घूमते हो पर्स में "चोरो और जेबकतरों से सावधान" ... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   10:56am 15 May 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
 तुम बड़ी देर से करती हो नाश्ता हमेशा की तरह मुझे दरवाजे तक छोड़ के आने के बाद ही, रखती हो अपने प्लेट में दो बासी रोटी और एक आचार मैं रोज की तरह कुछ देर रुक कर खिड़की से चुपके से देखता हूँ मैं तुम्हे मुस्कुराते हुए सुखी रोटी को निवाला बनाते हुए  रोज की तरह मैं नाश्ते के बाद ... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   12:04pm 14 May 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
लड़की उतार देती है अपना सबकुछ अपनी इच्छा अपना आज अपनी आत्मा ... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   6:32pm 13 May 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
और वफ़ा की उम्मीद रखना पानी की सतह पर लिख देना एक कविता की मछलियाँ इस गाकर सुनाएंगी तुमसे प्यार करना ठीक वैसा ही है जैसे ... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   6:54pm 21 Apr 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
गहराई में उतर के देखो जहां उम्मीदों के Ghetto में Below Poverty Line के नीचे Forbes मैगजीन के पन्ने पलटते सबसे बड़ा शेयरहोल्डर बन ने के सपने देखते हुए अराहान... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   12:23pm 21 Apr 2014 #कवित्त
Blogger: Brajesh Kumar Singh
आसमान है वो वहीँ आसमान है जो तुम्हारे ऊपर है तुम्हारे शहर से आने वाली हवा तुम्हारी तरह ये कहते हुए की कुछ बासी उखड़ी बेढब सी कवितायेँ हैंजिनमे तुमको तुमसे चुराकर रक्खा है हमनेशाम किसी छत पर बैठकर खुदको सुनाने के लिएअलमारियों के बीच, कहीं किसी कोने मेंजिन्दा है ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   5:55pm 16 Apr 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
पलकों के पांव भारी हो जाते हैंख्वाबों के छूने भर सेसोचो कितना कठिन होता होगाएक आने वाले कल को गड्ढे में गिरानातिलिस्म बुनती रहती है घडीबीते लम्हों के धागों सेबहुत मुश्किल होता हैवक्त से पीछे चले जानातुम नहीं समझोगीकितना कठिन होता हैस्याह रातो के कैनवास परजुगनुओं क... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   6:32am 16 Apr 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
(एक)जेहन में फरमेंट करने लगी है अब तुम्हारी यादे कच्ची शराब के नशे से मारा जाने वाला हूँ मैं (दो).यूँ जब से बढ़ा है तुम्हारे आँखों में रहने का किराया ख्वाबों को सुसाइड नोट लिखते हुए देखा है हमने(तीन)लोग पूछते हैं की किस बात का है ग़म जो इतना तड़पता है तू ये सवाल उसने पू... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   4:53pm 13 Apr 2014 #कवित्त
Blogger: Brajesh Kumar Singh
शाहरुख खानवा एगो क्रीम का परचार करता है, परचार में देखाता है की कैसे उ, उ क्रीम लगाके इतना बड़ा सुपरस्टार बन गया .  साला जब तुम स्ट्रगल कर रहे थे तब फेयर हैण्डसम आया ही नहीं था मार्किट में. तब फिर कैसे बन गए तुम सुपरस्टार.  ई तो दिन दहाड़े चुतिया बनाना हुआ.इसी तरह, इसी क्रीम ... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   9:02am 25 Mar 2014 #लेख
Blogger: Brajesh Kumar Singh
चली आती है कमरे में तेरी यादें अँधेरे में चमकती हुयी गुजरे जमाने की कुछ धुंधली तस्वीरें उखड़ी उखड़ी से लकीरे अपनी नम आँखों से मुझे देखती है ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   1:50pm 18 Mar 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
हम जीते रहे ज़िन्दगी मर जाने के बाद ऐसा नही था की जीना नही आता था उनसे दूर हो जाने के बादमयखाने में इल्म हुआ की बेहोशी क्या चीज होती हैवाकिफ ना थे वो की आग लगी है हमारे सीने मेंजली उनकी साँसे हमारे जल जाने के बादताउम्र जिसके इन्तेजार में रास्ता देखते रहेवो आया भी करीब ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   1:43pm 18 Mar 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
ट्रेन की खिड़की से तुम दिखाई नही दोगीएक विंडो सीट पीछे छूटते पेड़ों को जंगलों को ट्रेन के चलने से ... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   1:41pm 18 Mar 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
सीना ता उम्र जलता रहादूर होता रहा साहिल मुझसे जिसकी नजरो में मैं हमेशा खलता रहा ख्वाहिश तो थी की कोई थाम ले हाथ जब भी गिरुं मुफलिसी का दौर यूँ ही चलता रहा जिस पे यकी था की साथ देगा मेरावो चेहरे पे चेहरा बदलता रहा... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   1:39pm 18 Mar 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
नहीं उतार सकता मैं कॉफी के मग में कम नहीं कर सकता चाय के प्याले से या मेरी खुद कि रजामन्दी मधुशाला बुला लेती है ... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   1:38pm 18 Mar 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
चिंटूआ उ लड़की के पीछे एतना पागल आ obsessed था की दिन रात ओकरे नाम के माला जपता था। उ ससुरा बगल के नर्सरी से दू तीन दर्जन गुलाब के फूल लाता और छत के छज्जा पर बैठकर She Loves Me, She Loves Me Not कहता और साथ साथ गुलाब के फुल पूरा पंखुड़ी नोच के जियान कर देता।वहीँ छज्जे के नीचे बैठा पिंटुआ झाड़ू निकाला... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   1:36pm 18 Mar 2014 #व्यंग
Blogger: Brajesh Kumar Singh
अब वो मेरे पास नहीं है, और मैं अब सचमुच का स्टेचू बन चूका हूँ।... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   12:51pm 18 Mar 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
अब पिंटूआ शहर आ चूका है, टाइम्स ऑफ़ इंडिया का वही पुराना अख़बार लेकर। यहाँ पिंटूआ को एक एंजेलिना जॉली टाइप की एक लड़की से करारा वाला इलू इलू हो गया है। उसक... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   12:50pm 18 Mar 2014 #व्यंग
Blogger: Brajesh Kumar Singh
आज वो े शाहरुख़ खान की तरह बालो पे ह... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   12:48pm 18 Mar 2014 #पिंटूआ
Blogger: Brajesh Kumar Singh
30 बार कुछ कुछ होता है, 29 बार दिल तो पागल है और 20 बार दिलवाले दुलहनिया ले जायेंगे देखने के बाद लड़के को लगा की उसके अन्दर भी एक शाहरुख़ खान मौजूद है जिसके लिए भी कहीं किसी कोने में कोई सिमरन कोई अंजलि बेसब्री से उसका इन्तजार कर रही है।लड़का घर के पिछवाड़े में रहने वाली लड़की के आग... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   12:46pm 18 Mar 2014 #व्यंग
Blogger: Brajesh Kumar Singh
क्लास के उस पिछली बेंच परतुम्हारा नाम लिख करतोडा करता था मैं अपनी कलमऔर उमीदों के काफिलो से गुजारिश करताकी पास आके तुम कहोगी"Take My Pen"पर उम्मीदे भी मेरी कलम की तरह रोज टूटती रहीऔर मैं कभी कुछ ना लिख पायातुम्हारे नाम के सिवाअराहान... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   12:44pm 18 Mar 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
बस मेरे एक अलविदा कहने सेअगर हमारे बीच में खुद गयी हैएक गहरी खाईतो लो आज मैं तुम्हे पुकारकरबना देना चाहता हूँएक पुलइस खाई के ऊपरतुम्हारी दुलारती बातों के गारे सेतुम्हारे कसमों के पत्थर सेएक मजबूत पुलजिसे तोड़ नहीं सकता किसीभी दुनिया का बनाया हुआकोई भी अणु बमएक मजबूत ... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   12:40pm 18 Mar 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
मेरे ह्रदय पे पड़ गयी हैतुम्हारे कोमल स्पर्श की सिलवटेंसूरज की तपिश भीइस्त्री नहीं कर सकती इसेमेरे हृदय पर तुमने अंकित कर दिया हैप्रेम से भी पुरानी किसी भाषा मेंप्रेम से भरा एक प्रेम पत्रअराहान... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   12:38pm 18 Mar 2014 #प्रेम कविता
Blogger: Brajesh Kumar Singh
स्याह अँधेरी हैं रातेंमिल जाए कहीं आफताब कोईथाम के जिसका हाथ हम आगे बढ़ सकेमिल जाए ऐसा अहबाब कोईएक शब डाल दो झोली में मेरी वस्ल कीपलकों से हम बुन लें ख्वाब कोईमुद्दतें हुयी आँखें उनसे मिली नहींएक पल के लिए उसके चेहरे से हटा दे हिजाब कोईआग ठंडी से पड़ने लगी है दिल के अंजुम... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   12:37pm 18 Mar 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
क्रांति के सिलाई मशीन पर सीते है वो कफ़न जहर उनके जीभ तले होता है वो जिद्दी लड़के होते हैं जिद्दी होते हैं उनके अरमान ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   12:33pm 18 Mar 2014 #
Blogger: Brajesh Kumar Singh
जब तुम ख़ुशी ख़ुशी गिरफ्तार  थी लात मार कर तुमने बंद कर दिया था, रिहाई का दरवाजा हाथ में जमानत का कागज़ लेकर लेकिन बुझा न सकी तुम्हारा हाथ थाम कर तुमने चाँद पर लिखकर एक प्रेमपत्र बाँध चुकी हो प्रेम नामक हथकड़ी उस रात दरवाजा पिटती रही तालिबानी दुनिया उस रात झ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   7:00pm 13 Mar 2014 #प्रेम कविता
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