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Blog: हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल

Blogger: Lalit Chahar
कच्चे धागे से उलझा - सा यह रिश्ता कैसा रिश्ता है,चक्की के दोनों पाटों में केवल अपनापन पिसता है, यही नियति थी,इसकी परिणति आखिर होती और भला क्या,तू घर में बैठा एकाकी मैं भी भटक रहा हूँ तनहा,था जो, जो कभी खून का रिश्ता वह मवाद - सा फूट रहा है!मेरा हाथ,हाथ से तेरेधीरे - धीरे छूट रह... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   1:25am 3 Oct 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
छोटटो घर खानी मने की पड़े सुरंगमा मने की पड़े,मने की पड़े जालानाय नील आकाश झड़े सारा दिन रात हावाय झड़े सागर दोला .............(उस छोटे से कमरे की याद है सुरंगमा ?बोलो,क्या अब कभी उस कमरे की याद आती है ?जहाँ कि खिड़की से नीलाकाश बरसता कमरे में रेंग आता था सारे दिन-रात तूफ़ान समुद्र... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   1:15am 1 Oct 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
एक गुल्लक भर गया है, दस के सिक्कों से,साल भर लग गए,और मंहगाई भी बढ़ गयी है,बंद गुल्लक में भरते सिक्कों की तरह,कुछ डॉलर खरीद लेता हूँ,और अबकी बार गुल्लक में,डॉलर डालूँगा.........., डॉलर भरूँगा.......... मंहगाई और बढ़ गयी,..............................................................................................................................................मंदिर के ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   7:11am 30 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
यह जिन्दगी विभाजित हैटुकड़ों - टुकड़ों में जबकि हम सोचते हैं, यह एक हैजो अभी जिया, वो थोड़ी देर बाद नहीं कल नहीं, परसों नहीं, कभी नहीं मुझे जो दिया गया है मौका प्रकृति ने उसे आगे देखने को बढ़ाता हूँ कदम शेष रह जाता है कुछ भी नहीं । ==============================================================नमस्कार म... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   11:30pm 28 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
उनको ये शिकायत है कि हम कुछ नहीं कहते ....जब हम कुछ कहते हैतो कहते के ये क्यूँ कहते हो ,चुप हो जाने पर कहते है किचुप क्यूँ रहते हो ...उनको हमारी हर बात पर हीशिकायत है किहम क्या कहते हैया क्यूँ नहीं कहते ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   1:36am 28 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
जह्नो - दिल में रेंगती हैं अनकही बातें बहुत दिन तो कट जाते हैं लेकिन सख्त हैं रातें बहुत !!तुम अभी से बदगुमां हो दोस्त ! ये तो इब्तिदा है जिंदगी की राह में होंगी अभी घातें बहुत !!दिल की पथरीली जमीं पर फिर भी उरियानी रही सब्ज गालीचे बिछाने आईं बरसातें बहुत !!कोई बतलाए कहाँ संज... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   12:30am 26 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
समय भाग रहा है, या फिर हम, गौर कीजियेगा समय से कहीं तेज हम भाग रहे हैं और अपनी परम्पराएं, अपने आदर्श, सब कुछ पीछे छूटते जा रहे हैं जैसे रेलगाड़ी के डिब्बे से पीछे छूटता लैंडस्केप। कल बिटिया दिवस था, बहुत सारे दिवस आते हैं और चले जाते, सच कहूँ तो उनके आने और जाने से मुझे ज्याद... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:32am 23 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
आज से शुरू करेंगे जीनाउसी पुराने ढग से हमन किसी की फ़िक्रन किसी से बिछड़ने का डरवही हमारी साथी किताबेवही पुरानी दोस्ती हमारीजिसने दिया हमें जग मेंइतना यश और मानउन्ही दोस्तों के संग बितायेगेपास कर लेंगे फिरदुनिया के सारे इम्तिहानक्योकि दुनिया चाहे छोड़ देपर ये सच्... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   11:41pm 21 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
क्या ये बात किसी को भी हास्य प्रद नहीं लगती कि बेटी का जन्म सिर्फ इस लिए होना चाहिए कि हमे बहू लानी है या संतति आगे बढ़ानी है। सभी यह कहते है कि बेटी होनी चाहिए, पर दूसरे के यहाँ ही। हम सब शोर तो बहुत मचाते है कि बेटियां है तो जहाँ है या और भी बहुत कुछ। लेकिन जब भी किसी के यह... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   11:39pm 20 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
दिशाओं की खिड़की खुली एक नन्ही सी परी मेरे सपनों से बाहर आकरहंसती रही,हंसती रही-देर तक मेरे साथ फिर समय बदला,रूप बदला,दृश्य बदला डुगडुगी बजाई आकाश ने मौसम ने घोषणा की एक अपरिचित,अनोखा न जाने किस देश का कवि अवतरित हुआ मेरी आत्मा में (साभार - भारत यायावर )... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   1:00am 19 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
ज़िन्दगी में खुशियों की कमी सी होती जा रही है, जैसे प्यार की कमी नफरत से पूरी होती जा रही है, हर तरफ उदासी का आलम छाया है, हँसते हुए ज़िन्दगी ने बी भी हमारा मज़ाक उड़ाया है। खिल-खिलते हुए ज़िन्दगी ने यूँ मुड़कर देखा, मेरी आँखों की नमी देख मुझसे पूछा, आँखों में बस... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   2:00am 15 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
क्या बतलाऊँ अपना परिचयमैं हूँ जलता अंगार एकमैं हूँ चिर शोषितचिर संतापितमुझमें न रक्तमुझमें न मांसचलती कराह या घुट-घुटकरमेरे प्राणों की साँस - साँसजलता ! हाँ तिल -तिल जलता हूँ  अपनी ही अंतर्ज्वाला मेंजाने अधरों से लगा मस्तअमृत या कि विष प्याला में !!   ***********नमस्कार  !... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   12:30am 12 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
मैंने समझा जिसको अपना, निकला वो बेगाना। जिंदगी के सफर पर अकेला ही चलना पड़ रहा है, दिल में उसकी यादें लिए, जिसको निभाना था साथ मेरा हर बात का होती है एक वजह बेवजह नहीं होती कोई बात बस यही बात सोचता हूं जब तब याद आती है पुरानी बातें कभी अपने अहम के कारण न... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:30pm 7 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
क्या बात करें किससे बात करें जब किसी ने सुनना ही नहीं है तो कितना भी विरोध प्रदर्शन कर लो, कुछ नहीं होने वाला लेकिन इतना तो जानते ही है वक्त किसी का नहीं होता. आज उनका तो कल हमारा कर लीजिये कितने भी जुल्म। अभी वक्त तुम्हारा है। हम भी जिद के पक्के है, इस गु... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   1:00am 1 Sep 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
हिम्मत करने वालो की हार नहीं होती लहरों से डर कर नैया पार नहीं होती। नन्ही चींटी जब दाना ले कर चलती हैचढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती हैमन का विश्वास रगों में साहस भरता है चढ़ कर गिरना, गिर कर चढ़ना न अखरता है आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती कोशिश करने वालों की ह... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   1:00am 25 Aug 2013 #
Blogger: Lalit Chahar
!!! हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}  परिवार आपका स्वागत करता है !!!प्रिय दोस्तों, आप सबके लिए “हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}” तैयार है। आज मैं अपना नया ब्लॉग नही छोटा सा ब्लॉग चर्चामंच ही कहा जायें तो अच्छा है, को आप सब के सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ। हर दिन इस कोशिश में ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   10:52am 22 Aug 2013 #
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