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Blog: Rajesh Kumar Srivastav

Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है/ इसी महीने में भगवान शिव और पार्वती की शादी तय हुई थी/   इस महीने में सभी शिवालयों में विशेष पूजा अर्चना होती है /  शिवलिंग पर पवित्र नदियों से जल लाकर चढ़ाया  जाता है / पश्चिम  बंगाल के हुगली जिले में अवस्थित बाबा ताडकनाथ धा... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   1:17pm 24 Jul 2013 #
clicks 242 View   Vote 0 Like   9:32am 10 Jun 2013 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
देश हमारा सबसे प्यारादेश हमारा सबसे प्यारासबसे न्यारा सबका दुलारा /आजादी के दीवानों ने-इसे सजाया इसे संवारा /यहीं हिमालय यहीं हैं गंगा /डूबे सूरज निकले चन्दा/चाहे जितने आये विदेशी /डिगा ना पाए इसकी संस्कृति /ऊँचें पर्वत समतल मैदान /बहती नदियाँ तो कही पठार /ग्रीष्म, शीत,... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   4:37am 31 May 2013 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
रात को नींद न आनी थी न ही आई / ऐसे भी एक शादी-सुदा नौजवान जो पिछले दस महीने से नौकरी छुट जाने से बेकार घर पर बैठा हो उसके आँखों में नींद ना आना ही स्वाभाविक हैं /  सुबह ही एक नई नौकरी के लिए साक्षातकार देने शहर जाना था सो जल्दी उठ गया / नहा-धोकर पूजाघर में जाकर भगवान के सामने ... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   11:52am 30 May 2013 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
 मेरी चित्रकारी मैंने अपने कैनवास पर -एक चित्र उकेरा है /हरा, लाल, पिला, नीला , भगवा, सफ़ेद,जहाँ जो पाया भरा है /लेकिन सभी रंग मिलकर -इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाये हैं /कहीं गहरे तो कही उभरे,मैंने भी क्या इनमे मेल बिठाये हैं /क्या नाम दू इस खुबसूरत चित्रकारी को-समझ नह... Read more
clicks 261 View   Vote 0 Like   3:31am 22 Apr 2013 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
भिक्षुक वह रोज सुबह उठ जाता /दाने-दाने का मोहताज़,जब है इतना विकसित समाज/कभी इधर, कभी उस घर,वह निश्चित ही कुछ पाता,जब रोज सुबह उठ जाता /बिछावन उसका फुट-पाथ /नहीं है उसे ऊँचे महलो की चाह /अपने अधनंगे बदन से सबको-अपना दुःख सुनाता /वह रोज सुबह उठ जाता /दुखी नहीं सुखी है वही-भुत, ... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   3:22am 22 Apr 2013 #
clicks 242 View   Vote 0 Like   10:44am 21 Mar 2013 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
दूर, बहुत दूर होने लगा-बचपन का नटखटपन.रहने लगा गंभीर.सोचने लगा भुत, भविष्य और वर्तमान.मुछो की रेघारिया-अब स्पस्ट दिखने लगी.अपने – पराये, उंच-नीच, जात-पात,सब कुछ समझने लगा.अब मैं जवान होने लगा.“बेड टी”, काँफी, कोका-कोला ने -जगह ले ली हैं,गरम दूध और शरबत का,दूध-रोटी, फल, सब्जियां... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   12:19pm 7 Mar 2013 #
clicks 228 View   Vote 0 Like   10:04am 3 Dec 2012 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
चलो दीप जलाएं चलो दीप जलाएं, चलो दीप जलाएं।जगत का अँधियारा सब मिलकर मिटायें।रह न जाये धरा का कोई कोना अँधियारा।रह न पाये धरा पर कोई पिछड़ा बेचारा।जन- जन तक प्रकाश कुछ ऐसा फैलाएं।चलो दीप जलाएं, चलो दीप जलाएं।दहशतगर्दी के साए में कोई जिए नहीं।अशिक्षा, कुपोषण की छा... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   5:23am 13 Nov 2012 #
clicks 248 View   Vote 0 Like   11:58am 8 Oct 2012 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
                                                 इश्वर, माँ , पिताजी और सभी चाहनेवालों के आशिर्बाद से  हमारा घर का सपना पूरा हुआ।... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   9:27am 5 Oct 2012 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
माँ का क्रन्दनसुनती   हूँ  ना कि मै -सैकड़ो वर्षो की पराधिनता से मुक्त हुई हूँ।तुमने मेरी गुलामी की जंजीरों को काटकर,मझे स्वतंत्र किया है।लेकिन मुझे याद है-मेरी खुली बालें लहराती थी-मुजफ्फराबाद, रावलपिंडी, लाहौर से क्वेटा तक।आज मुझे नहीं दिखाई पड़ती है,मेरी ल... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   10:13am 1 Oct 2012 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
ठुठ पेड़  हे ! पथिक मुझे माँफ करना।इस भरी दुपहरी में-तुम्हारी तपन मिटाने  के लिए -मेरे पास अपने हरे कोमल पत्तियों की छाया नहीं हैं। हे ! पथिक मुझे माँफ करना।आज इस निर्जन भूखंड पर-तुम्हारी   क्षुधा मिटाने के लिए-मेरी सुखी डालियों में अब फल नहीं है। हे ! पथिक ... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   4:31am 22 Sep 2012 #
Blogger: Rajesh Kumar Srivastav
हे माँ अब तुम इस धरा पर फिर आना नहीं। गोवंश सब कसाईखानें  में शेष, तुमको लाने को बैलगाडी पाउँगा नहीं।पेट्रोल, डीजल के आसमान छूते दाम ,मोटर पे बैठा ला पाउँगा नहीं। भय, भूख, भ्रष्टाचार ने तोड़ दी कमर ऐसी,अपने कंधो पर बैठा ला पाउँगा नहीं। आम, केला सेव सब केमिकल ... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   11:45am 1 Sep 2012 #
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