Hamarivani.com

अंतर्मंथन

डायबिटीज के मरीज़ हैं , मीठा कभी खा नहीं सकते,ब्लड प्रैशर भी रहता है , नमक का परहेज हैं रखते।शरीर का वज़न है भारी , बीवी घी भी खाने नहीं देती,कुछ करोड़ कमाए थे , वे भी साथ ले जा नहीं सकते।# what is the procedure to take the money along ? #...
अंतर्मंथन...
Tag :व्यंग
  January 17, 2018, 2:10 pm
गुजर गया एक और साल ,जाते जाते देखो कर गया क्या हाल।मोदी जी तो मित्रों मित्रों हुंकारते रहे ,पर एकदम चुप हो गए केजरीवाल।'आप'साल भर ई वी एम की देते रहे दुहाई ,गुजरात में कोई भी गुटबंदी काम ना आई।  यू पी में लड़के करते रहे गलती पे गलती ,पर पांच राज्यों में सरकार भाजपा ने ही बना...
अंतर्मंथन...
Tag :
  January 10, 2018, 12:48 pm
हमारी सेहत द्रोपदी जैसी है जिसकी सुरक्षा पांच पांडवों के हाथों में है।  लेकिन जिस तरह पांडवों की उपस्थिति में भी कौरवों ने द्रोपदी का चीर हरण किया था , और तब श्रीकृष्ण जी ने आकर उसे बचाया था, उसी तरह सेहत के पांच पांडव भी फेल हो सकते हैं , यदि किस्मत रुपी कृष्ण साथ न दे। य...
अंतर्मंथन...
Tag :
  December 27, 2017, 12:02 pm
जिंदगी के तीन पड़ाव -- पूर्वव्यापी। १) बचपन :ये दिल तो बच्चा है जी। दिल तो अभी बच्चा है जी। जो काम कभी नहीं किये ,उन्हें करने की इच्छा है जी। किसी बगिया से आम तोड़ कर लाएं ,कभी पेड़ से चढ़ अमरुद तोड़ कर खाएं।गन्ने के खेत से गन्ना चुराकर चूसें ,कोल्हू के गन्ने का ताज़ा रस पी जाएँ। पर ...
अंतर्मंथन...
Tag :बच्चा
  December 23, 2017, 7:37 pm
यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। कुछ ऐसी ही हालत हो गई है आजकल मेडिकल प्रॉफ़ेशन की।  नोबल प्रॉफ़ेशन कहलाये जाने वाले चिकित्सा जगत में डॉक्टर्स को कभी भगवान माना जाता था।  लेकिन अब नहीं , बल्कि अब तो डॉक्टर्स पर आए दिन हमले और दुर्व्यवहार होते जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण ह...
अंतर्मंथन...
Tag :चिकित्सा
  December 11, 2017, 7:11 pm
यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। कुछ ऐसी ही हालत हो गई है आजकल मेडिकल प्रॉफ़ेशन की।  नोबल प्रॉफ़ेशन कहलाये जाने वाले चिकित्सा जगत में डॉक्टर्स को कभी भगवान माना जाता था।  लेकिन अब नहीं , बल्कि अब तो डॉक्टर्स पर आए दिन हमले और दुर्व्यवहार होते जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण ह...
अंतर्मंथन...
Tag :चिकित्सा
  December 11, 2017, 7:11 pm
प्रस्तुत है , दिल्लीवालों की यातायात सम्बंधित अनुशासनहीनता पर एक हास्य व्यंग कविता :चौराहे पर जब लाल बत्ती हुई हरी ,तो एक कार चालक ने कार स्टार्ट करी। दूसरी ओर दूसरे ने बाइक पर किक लगाई ,तीसरे ने तीसरी ओर से स्कूटी आगे बढाई ।पहला अभी चला भी नहीं था ,कि रोंग साइड से दूसरा...
अंतर्मंथन...
Tag :दिल्ली
  November 29, 2017, 7:09 pm
दिल जीवन भर धड़कता है ,साँस जिंदगी भर चलती है ,पर कभी अहसास नहीं होता ,दिल के धड़कने का, साँसों के चलने का।ग़र होने लगे अहसास,दिल की धड़कन का ,या साँस के चलने का ,तो जिंदगी के इम्तिहान में ,दिल और साँस, दोनों फेल हो जाते हैं।ग़र नहीं चाहते अहसास ,दिल की धड़कन का , साँसों की रफ़्तार का ,...
अंतर्मंथन...
Tag :
  November 12, 2017, 3:06 pm
लेह से १४० किलोमीटर दूर भारत चीन सीमा पर है विश्व की सबसे ऊँचाई पर बनी प्राकृतिक झील , पैंगोंग लेक। यहाँ जाने के लिए लेह मनाली हाइवे से होकर जाना पड़ता है। पैंगोंग जाने के लिए सुबह जल्दी निकलना पड़ेगा ताकि आप आराम से शाम तक वापस आ सकें। हाइवे को छोड़ने के बाद आप उबड़ खाबड रास...
अंतर्मंथन...
Tag :लेह
  November 4, 2017, 4:47 pm
दिवाली के अवसर पर हिन्दुओं के पंचपर्व की श्रंखला में आज अंतिम पर्व है , भैया दूज।  यह महज़ एक संयोग हो सकता है कि हिन्दुओं के सभी त्यौहार तीज के बाद आरम्भ होकर मार्च में होली पर जाकर समाप्त होते हैं।  फिर ५ महीने के अंतराल के बाद पुन: तीज पर आरम्भ होते हैं। निश्चित ही इस...
अंतर्मंथन...
Tag :
  October 21, 2017, 9:41 am
लेह में दो दिन के स्थानीय आवास और विश्राम के बाद आप पूर्णतया स्वस्थ और अभ्यस्त हो जाते हैं।  अगले दिन आप निकल पड़ते हैं दो दिन के नुब्रा वैली टूर पर।  नुब्रा वैली लेह से करीब १४० किलोमीटर दूर है जहाँ विश्व की सबसे ऊंची वाहन योग्य सड़क द्वारा खरदुंगला पास से होकर पहुंचा ...
अंतर्मंथन...
Tag :नुब्रा
  October 13, 2017, 10:30 am
दो सत्य लघु कथाएं :   १ )कॉलेज के दिनों में हमें भी धूम्रपान की आदत लग गई थी। दिसंबर १९८३ में मारुती गाड़ियां आने के बाद दिल्ली में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी।  १९९० में जब हमारी पहली गाड़ी मारुती ८०० आई तब तक दिल्ली में लगभग दस लाख वाहन हो चुके थे और उत्सर्जन पर क...
अंतर्मंथन...
Tag :धूम्रपान
  October 10, 2017, 10:17 am
लेह पहुँचने पर पहला दिन आराम करते हुए ही बिताना चाहिए ताकि आप अपने शरीर को जलवायु अनुसार ढाल सकें। इससे आपको ऊँचाई के कारण होने वाली कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। दूसरे दिन नाश्ते के बाद आप निकल पड़ते हैं लेह के स्थानीय स्थलों के दर्शन के लिए।लेह शहर लेह घाटी में ...
अंतर्मंथन...
Tag :सैर
  October 9, 2017, 10:00 am
देश भ्रमण में पर्वतीय भ्रमण सर्वोत्तम होता है क्योंकि पहाड़ों की शुद्ध और ताज़ा हवा हमारे तन और मन को तरो ताज़गी से भर देती है। दिल्ली जैसे प्रदूषित शहर में रहने वालों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वर्ष में एक या दो बार पहाड़ों की सैर पर निकल जाएँ ताकि फेफड़ों को कुछ राहत मिल ...
अंतर्मंथन...
Tag :लद्दाख
  October 5, 2017, 1:16 pm
हमारे देश में विवाह की संवैधानिक न्यूनतम आयु सीमा लड़कियों के लिए १८ वर्ष और लड़कों के लिए २१ वर्ष निर्धारित की गई है। लेकिन यौन संबंधों के लिए सहमति की आयु सीमा अविवाहित युवतियों के लिए १८ वर्ष और विवाहित के लिए १५ वर्ष रखी गई है। देखा जाये तो ये दोनों तथ्य पारस्परिक विर...
अंतर्मंथन...
Tag :
  September 1, 2017, 10:26 am
आदि मानव से लेकर आधुनिक समय तक मनुष्य समाज सदा पुरुष प्रधान ही रहा है।  विश्व भर में महिलाएं समान अधिकार और शोषण के मामले में सदैव पीड़ित रही हैं।  लेकिन जहाँ विकसित देशों में स्थिति में काफी सुधार आया है , वहीँ हमारे देश में अभी भी महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा उपेक्षि...
अंतर्मंथन...
Tag :
  August 24, 2017, 10:07 am
मेरा मेरा करती है दुनिया सारी,मोहमाया से मुक्ति पाओ , तो जाने ।कितना आसाँ है आसाराम बन जाना ,राम बनकर दिखलाओ , तो जाने। दावत तो फाइव स्टार थी लेकिन,भूखे को रोटी खिलाओ , तो जाने ।राह जो दिखाई है ज्ञानी बनकर,खुद भी चलकर दिखाओ , तो जाने ।देवी देवता बसते हैं करोड़ों यहाँ,इंसान बन ...
अंतर्मंथन...
Tag :
  August 18, 2017, 10:14 am
अस्पताल में संस्थान के प्रमुख का काम , चाहे वो मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट हों , या डायरेक्टर या फिर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल , बहुत जिम्मेदारी वाला होता है। हालाँकि किसी भी सरकारी संस्थान के प्रशासन में सहायतार्थ अधिकारियों की पूरी टीम होती है , लेकिन अंतत: जिम्मेदारी म...
अंतर्मंथन...
Tag :ऑक्सीजन
  August 13, 2017, 10:28 am
एक दिन एक महिला ने फ़रमाया ,आप पत्नी पर हास्य कविता क्यों नहीं सुनाते हैं !हमने कहा , हम लिखते तो हैं , पर सुनाने से घबराते हैं।एक बार पत्नी पर लिखी कविता पत्नी को सुनाई थी ,गलती ये थी कि अपनी को सुनाई थी। उस दिन ऐसी भयंकर मुसीबत आई,कि हमें घर छोड़कर जाना पड़ा ,और रात का खाना खुद ...
अंतर्मंथन...
Tag :
  August 4, 2017, 6:25 pm
तंग गलियारों में ही गुजरती रही ,ये जिंदगी भी कितनी तन्हा सी रही। खोलो कभी मन के बंद दरवाज़ों को,मिलकर बैठो और बतियाओ तो सही। जिंदगी गुजर जाती है ये सोचते सोचते,तू अपनी जगह सही मैं अपनी जगह सही। क्यों दौड़ते हो धन दौलत के पीछे बेइंतहा,ये बेवफा कभी मेरी कभी तेरी होकर रही। इज़्...
अंतर्मंथन...
Tag :
  July 25, 2017, 1:30 pm
घर में ऐ सी , दफ्तर में ऐ सी ,गाड़ी भी ऐ सी। ऐ सी ने कर दी , 'डी' की ऐसी की तैसी !चाय का पैसा , पानी का पैसा ,चाय पानी का पैसा। जब सब कुछ पैसा , तो ईमान कैसा !ना जान , ना पहचान ,बस जान पहचान। जब यही समाधान , तो कैसा इम्तिहान !वधु बिन शादी , शादी बिन प्यार ,बिन शादी के लिव इन यार। जब ऐसा व्यव...
अंतर्मंथन...
Tag :
  July 17, 2017, 1:37 pm
कहते हैं , मनुष्य का टाइम ( समय ) खराब चल रहा हो तो सब गलत ही गलत होता है।  लेकिन हमें लगता है कि यदि आपकी टाइमिंग ( समय-निर्धारण ) ख़राब हो तो भी सब गलत ही होता है। अब देखिये एक दिन डिनर करते समय हमने सोचा कि श्रीमती जी को अक्सर शिकायत रहती है कि हम उनके बनाये खाने की तारीफ़ कभी ...
अंतर्मंथन...
Tag :हास्य -व्यंग
  July 7, 2017, 12:43 pm
हमने ब्लॉगिंग की शुरुआत की थी १ जनवरी २००९ को जब नव वर्ष की शुभकामनाओं पर पहली पोस्ट लिखी थी एक कविता के रूप में। फिर ५ -६ वर्ष तक जम कर ब्लॉगिंग की और ५०० से ज्यादा पोस्ट्स डाली।  लेकिन फिर फेसबुक ने कब्ज़ा कर लिया और सब ब्लॉगर्स फेसबुक पर आ गए और ब्लॉग्स सूने हो गए। इस बी...
अंतर्मंथन...
Tag :कनाडा डे
  July 1, 2017, 12:19 pm
'आप'ने झाड़ू को कचरे से उठाकर गली गली में पहुंचा दिया ,झाड़ू हाथ में लेकर दिल्ली को 'हाथ'के हाथ से झटका लिया।मोदी जी को भी जब झाड़ू के चमत्कार का अहसास हो गया ,तो भ्रष्टाचारी गंदगी पर झाड़ू लगाने का प्रस्ताव पास हो गया। नेता , अफसर , मंत्री , संतरी , सब के हाथों में झाड़ू आ गई ,हाथ मे...
अंतर्मंथन...
Tag :
  June 20, 2017, 2:49 pm
'आप'ने झाड़ू को कचरे से उठाकर गली गली में पहुंचा दिया ,झाड़ू हाथ में लेकर दिल्ली को 'हाथ'के हाथ से झटका लिया।मोदी जी को भी जब झाड़ू के चमत्कार का अहसास हो गया ,तो भ्रष्टाचारी गंदगी पर झाड़ू लगाने का प्रस्ताव पास हो गया। नेता , अफसर , मंत्री , संतरी , सब के हाथों में झाड़ू आ गई ,हाथ मे...
अंतर्मंथन...
Tag :
  June 20, 2017, 2:49 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3719) कुल पोस्ट (172814)