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Blog: कविता मंच

Blogger: kuldeep thakur
चलो बाँध स्वप्नों की गठरीरात का हम अवसान करेंनन्हें पंख पसार के नभ मेंफिर से एक नई उड़ान भरेंबूँद-बूँद को जोड़े बादलधरा की प्यास बुझाता हैबंजर आस हरी हो जायेसूखे बिचड़ों में जान भरेंकाट के बंधन पिंजरों केपलट कटोरे स्वर्ण भरेउन्मुक्त गगन में छा जायेकलरव कानन में गान भरे... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   7:19am 25 Sep 2020 #मन के पांखी
Blogger: kuldeep thakur
  Bhai Chara / भाईचारा / Brother HoodBhai Chara / भाईचारा / Brother Hoodक्या गजब है देशप्रेम,क्या स्वर्णिम इतिहास हमारा है|अजब-गजब कि मिलती मिशाले,क्या अद्भुत भाईचारा है||जब भी दुश्मन आता शरहद पर,हमें देशप्रेम बुलाता है|माँ भारती कि आन-बान को,हर भारतवासी मर-मिट जाता है||जब सैनिक भारत माँ कि रक्षा को,... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   2:06am 24 Aug 2020 #Brother Hood
Blogger: kuldeep thakur
आप सभी को बताते हुए  हर्ष हो रहा है कि दिनांक 30 अपरैल 2020 से Youtube पर   गूंज शब्दों की   चैनल का शुभारंभ हो रहा है।   इस चैनल पर  हिन्दी साहित्य के प्रमुख रचनाकार एव कवियो कि अनमोल कृतियों को उनकी आवाज के साथ   संकलन करने का प्रयास किया जा रहा  हैअगर आप भी अपनी र... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   6:14am 28 Apr 2020 #
clicks 36 View   Vote 0 Like   6:27am 19 Apr 2020 #
clicks 71 View   Vote 0 Like   8:39am 17 Apr 2020 #
clicks 49 View   Vote 0 Like   8:32am 17 Apr 2020 #
clicks 41 View   Vote 0 Like   7:57am 17 Apr 2020 #
clicks 46 View   Vote 0 Like   12:31pm 14 Apr 2020 #
clicks 48 View   Vote 0 Like   12:14pm 14 Apr 2020 #
clicks 44 View   Vote 0 Like   12:08pm 14 Apr 2020 #
clicks 44 View   Vote 0 Like   11:23am 14 Apr 2020 #
clicks 47 View   Vote 0 Like   11:18am 14 Apr 2020 #
Blogger: kuldeep thakur
मुझे याद आओगेकभी तो भूल पाऊँगा तुमको, मुश्क़िल तो है|लेकिन, मंज़िल अब वहीं है||पहले तुम्हारी एक झलक को, कायल रहता था|लेकिन अगर तुम अब मिले, तों भूलना मुश्किल होगा||@ऋषभ शुक्लाहिन्दी कविता मंच... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   9:33pm 19 Nov 2019 #Hindi Kavita Manch
Blogger: kuldeep thakur
आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । है कंहा वह आग जो मुझको जलाए,है कंहा वह ज्वाल पास मेरे आए, रागिनी, तुम आज दीपक राग गाओ;आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । तुम नई आभा नहीं मुझमें भरोगी,नव विभा में स्नान तुम भी तो करोगी, आज तुम मुझको जगाकर जगमगाओ;आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । मैं तपोमय... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   10:38am 25 Oct 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
तेवरी को विवादास्पद बनाने की मुहिम+रमेशराज................................................................................ग़ज़ल-फोबिया के शिकार कुछ अतिज्ञानी हिन्दी के ग़ज़लकार तेवरी को लम्बे समय से ग़ज़ल की नकल सिद्ध करने में जी-जान से जुटे हैं। तेवरी ग़ज़ल है अथवा नहीं, यह सवाल कुछ समय के लिये आइए छोड़ दें और बहस को नया म... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   1:20pm 25 Sep 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
मैं जीना चाहूं बचपन अपना,पर कैसे उसको फिर जी पाऊं!मैं उड़ना चाहूं ऊंचे आकाश,पर कैसे उड़ान मैं भर पाऊं!मैं चाहूं दिल से हंसना,पर जख्म न दिल के छिपा पाऊं।मैं चाहूं सबको खुश रखना,पर खुद को खुश न रख पाऊं।न जाने कैसी प्यास है जीवन में,कोशिश करके भी न बुझा पाऊं।इस चक्रव्यूह से ... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   5:48am 21 Sep 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
तेवरी में गीतात्मकता +योगेन्द्र शर्मा --------------------------------------------------------------------------------------------------------                ग़ज़ल के जन्म के समय, लगभग सभी प्रचलित विधाएं, कथ्य पर ही आधारित थीं। ग़ज़ल का कथ्य था, हिरन जैसे नेत्रों वाली ;मृगनयनी से प्रेमपूर्ण वार्तालाप। भजन का कथ्... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   8:53am 10 Sep 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
कविता में ‘तेवरी प्रयोग’ साहित्य के लिए एक सुखद अनुभव*विश्वप्रताप भारती-----------------------------------------------------------------------------------                                श्री रमेशराज छंदबद्ध कविता के सशक्त हस्ताक्षर हैं। ‘तेवरी लेखन’ एवं ‘विचार को ... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   8:49am 10 Sep 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
तेवरी के तेवर को दर्शाती पत्रिका ‘तेवरीपक्ष’                                   -भगवानदास जोपट---------------------------------------------------------------------------------------                हिन्दी कविता के क्षेत्र में कविता की अनेक विधाओं के मध्य तेवरी विधा का केंद्रीय स्थान है... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   8:47am 10 Sep 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
तेवरीकार रमेशराज, राजर्षि जनक की भूमिका में  *योगेन्द्र शर्मा ----------------------------------------------------------------------------------        कविवर निराला का कथन है-“कविता बहुजीवन की छवि है।“ तेवरी भी माँ सीता की तरह, भूमि से ही जन्मी है, और रमेशराज, राजर्षि जनक की भूमिका में हैं। तेवरीकार, रमेशराज... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   8:43am 10 Sep 2019 #
Blogger: kuldeep thakur
ग़ज़ल एक प्रणय गीत+रमेशराज---------------------------------------ग़ज़ल का अतीत एक प्रणय-गीत, महबूबा से प्रेमपूर्ण बातचीत’ के रूप में अपनी उपस्थित दर्ज कराते हुए साहित्य-संसार में सबके सम्मुख आया। ज्यादा भटकने की जरूरत नहीं है, ‘मद्दाह’ का शब्दकोष देख लीजिए, उ.प्र. हिन्दी संस्थान की प्रामाणि... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   8:42am 10 Sep 2019 #
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