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Blog: देहात

Blogger: राजीव कुमार झा
इन दिनों AI अर्थात कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दायरे बढ़ते जा रहे हैं.तमाम छोटी बड़ी कंपनियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सुसज्जित उपकरणों को पेश करने की होड़ मची है.बेशक इनमें गूगल और अमेजन जैसी अमेरिकी कम्पनियां काफी आगे हैं और इन्होने आवाज से संचालित कई उपकरणों को पेश किया ... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   2:30am 16 Oct 2019 #कृत्रिम बुद्धिमत्ता
Blogger: राजीव कुमार झा
गृह युद्ध से त्रस्त सीरिया के बच्चे गृहयुद्ध से त्रस्त सीरिया से पिछले दिनों आयी चित्रें काफी विचलित कर देने वाली हैं.किसी युद्धरत देश में आम जनजीवन किस कदर बदहाली में जीवन व्यतीत करता है ,चित्रों से काफी बयां हो जाते हैं.पिकासो का चित्र 'गेर्निका'युद्ध की विभिषिका ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   2:36am 17 Mar 2018 #गेर्निया
Blogger: राजीव कुमार झा
विश्व इतिहास में अन्यत्र ऐसा उदाहरण नहीं मिलता कि एक पुष्प,एक संस्कृति,व्यापार,सभ्यता और राष्ट्र का पर्यायवाची बन जाए.यदि किसी फूल के पौधे के जड़ का किसी के पास होना उसके समृद्ध होने का द्योतक हो तो सचमुच हैरत की बात है.बहुत सावधानी से इसकी सुरक्षा का प्रबंध किया जाना औ... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   4:40am 10 Mar 2018 #पुष्प
Blogger: राजीव कुमार झा
नाग जाति के अतीत और वर्त्तमान के संबंध में कई विद्वानों में एक मत नहीं है कि नाग जाति के लोग कौन थे और इनका मूल निवास कहाँ था?हालांकि इनके संबंध में पुराणों,महाकाव्यों तथा ऐतिहासिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है.कश्मीर के कुछ प्राचीन शासकों के संबंध में कहा गया है कि इनका ... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   2:45am 5 Mar 2018 #नागा जाति
Blogger: राजीव कुमार झा
बसंत और फूल एक दूसरे के पूरक हैं.जहां फूल हैं, वहां बारहों महीने बसंत है. बसंत है, तो फूल हैं. फूल बसंत ऋतु के द्योतक है.वनों को प्रकृति का श्रृंगार कहा जाता है.वनों के श्रृंगार से आच्छादित प्रकृति बसंत ऋतु में रंग-बिरंगे फूलों के नायाब गहनों से सज-संवर जाती है. फूलों का यह ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   2:00am 17 Oct 2017 #फूल
Blogger: राजीव कुमार झा
स्ट्राउडव्यक्तियों के जीवन में कई पल ऐसे भी आते हैं जहाँ से उसके जीवन की दिशा ही बदल जाती है.ऐसा कई प्रमुख और नामचीन व्यक्तियों के साथ हुआ है.अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को की खाड़ी का एक छोटा सा द्वीप ‘अलकेटराज’ जो बंद मुट्ठी के आकर का है,पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है .इस... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   6:59am 10 Oct 2017 #पक्षी विशेषज्ञ
Blogger: राजीव कुमार झा
पोखू देवता का मंदिर महाभारत के पांडवों की सामजिक-सांस्कृतिक मान्यता तो स्वयं ही सिद्ध है ही लेकिन इस देश में ऐसे भी मंदिर हैं जहाँ कौरवों की पूजा की जाती है.देहरादून से कुछ सौ किलोमीटर दूर तमसा नदी के तट पर नेटवार गाँव है  जिसके बीचोबीच पोखू देवता का मंदिर है .तमसा न... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   1:52am 30 Sep 2017 #नेटवार
Blogger: राजीव कुमार झा
पुरातात्विक भग्नावशेषों में मथुरा से प्राप्त ईसा की दूसरी शती की कुषाण कालीन युवती की प्रस्तर प्रतिमा के पार्श्व में अशोक का फूला हुआ पेड़ उत्कीर्ण है और वह युवती अपने पाँव से उस पेड़ की जड़ पर प्रहार कर रही है.इस प्रक्रिया को अशोक दोहद के नाम से जाना जाता है.बोधगया,साँची,... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   2:11am 23 Sep 2017 #दोहद
Blogger: राजीव कुमार झा
पौराणिक आख्यानों में कई ऐसे दृष्टांत मिल जाते हैं जो आज के सन्दर्भ में भी प्रासंगिक लगते हैं.कहा जाता है कि प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था प्रचलित थी और साधारणतः इसमें परिवर्तन संभव नहीं था.लेकिन विश्वामित्र प्रतापी क्षत्रिय नरेश थे जिन्होंने अपनी तपस्या के... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   2:02am 24 Jul 2017 #पौराणिक आख्यान
Blogger: राजीव कुमार झा
दुनियां के प्रायः सभी देशों,सभी सभ्यताओं में प्राचीन आख्यानों और मिथकों की समुद्ध परंपरा रही है.ये आख्यान और मिथक एक तरह से मनुष्य के आध्यात्मिक और भौतिक विकास का इतिहास भी हैं.वे उन परिस्थितियों की ओर भी संकेत करते हैं,जिन्होंने मनुष्य की विचारधारा,उसके दृष्टिकोण,उ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   1:53am 17 Jul 2017 #मिस्त्र
Blogger: राजीव कुमार झा
कहा जाता है कि चिड़िया तो मनुष्य के बिना रह सकती है लेकिन मनुष्य चिड़ियों के बिना सूना महसूस करता है.चीन में चिड़ियों की कमी वहां के पर्यटकों को अत्यधिक महसूस होती है.सुबह तथा शाम यदि चिड़ियों का झुण्ड दिखाई न दे एवं उनका कलरव सुनाई न पड़े तो सूनापन महसूस होता ही है.चिड़ियों क... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   2:40am 10 Jul 2017 #पक्षी
Blogger: राजीव कुमार झा
मैथिली में एक कहावत है कि ‘एना कते दिन’ ,मतलब इस तरह कितने दिन.याद आया, इस नाम से मैथिली में एक फिल्म भी बनी है. आलस्य में इस तरह कितने दिन बीत गए पता ही नहीं चला कि आखरी पोस्ट कब लिखी थी.एक तो व्यस्तता उस पर भी आलसी हावी.इधर दो चार दिनों से ब्लॉग पर सक्रिय होने की काफी चर्चा च... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   4:20am 3 Jul 2017 #पुरानी
Blogger: राजीव कुमार झा
एक लेखक का ख़ामोशी से जाना और कोई खबर नहीं बनना साहित्यिक जगत के लिए कोई नया नहीं है.पहले भी ऐसा कई बार हुआ है.साहित्यिक जगत तो फिर भी उसे लेखक मानने को तैयार न था.साहित्यिक जगत ने ही मेरठ से एक बड़ी तादाद में छपने वाले लेखकों और उपन्यासकारों की लेखनी को लुगदी साहित्य से नव... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   3:27am 23 Feb 2017 #लोकप्रिय लेखक
Blogger: राजीव कुमार झा
हालांकि, हिंदी साहित्य की दृष्टि से दोहा एक छोटा सा मांत्रिक छंद है लेकिन कथ्य  का संक्षिप्त एवं स्पष्ट वर्णन करने के लिए  यह बड़ा सशक्त माध्यम है.चरणों का क्रम बदल जाने पर दोहा, सोरठा बन जाता है.रहीम और वृंद ने नीति की बात संक्षेप में और आसानी से स्मरण रह जाने यो... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   2:52am 14 Feb 2017 #दोहे
Blogger: राजीव कुमार झा
इन दिनों मलिक मुहम्मद जायसीका पद्मावतऔर रानी पद्मावती इतर कारणों से चर्चा में है.फिल्मों और धारावाहिकों में ऐतिहासिक चरित्रों या जनमन में बसे चरित्रों के साथ छेड़छाड़ या काल्पनिक प्रसंगों का जोड़ा जाना कोई नई बात नहीं है.काल्पनिक दृश्य फिल्मों एवं धारावाहिकों को जहा... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   2:35am 30 Jan 2017 #जायसी
Blogger: राजीव कुमार झा
आज के इस वैज्ञानिक युग में निरंतर रहस्यपूर्ण खोजें होती रही हैं और आगे भी होती रहेंगी.प्रतिदिन के समचार पत्र नित नयी खोजों और अध्ययनों से भरी रहती हैं.21वीं सदी में भी हम अपने आसपास नजर डालते हैं तो पाते हैं कि ऐसी कई चीजें हैं जिनके बारे में हम कुछ नहीं जानते और फिर उनकी ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   2:40am 11 Jan 2017 #डैन ब्राउन
Blogger: राजीव कुमार झा
फ़िल्मी गीत,संगीत से इतर कुछ गीत,नज्म क्या दिल के करीब हैं आपके? जाहिर है,हममें से बहुतों के होंगें.कई गीत,नज्म जो किसी फिल्म के हिस्सा नहीं बने लेकिन हम सब के दिलों के बहुत करीब हैं और जेहन में बसते हैं.जानी बाबू और युसूफ आजाद काफी बड़े कव्वाली गायक रहे हैं.लेकिन जानी बाबू ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:41am 5 Jan 2017 #नज्म
Blogger: राजीव कुमार झा
हम हिन्दुस्तानियों को पुराने चीजों से खासा लगाव होता है.इन चीजों या उपकरणों पर मरम्मत में इसकी वास्तविक कीमत से ज्यादा खर्च कर बैठते हैं लेकिन इसे सहेज कर रखने की आदत होती है.बदलते वक्त के साथ तकनीक का पुराना होते जाना आम बात है लेकिन कभी पुराने तकनीक को दिल से जुदा करन... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   6:25am 31 Dec 2016 #पुराना
Blogger: राजीव कुमार झा
रामकथा की लोकप्रियता का आलम यह है कि भारत सहित अन्य देशों में विभिन्न टी.वी. चैनलों पर इसका प्रसारण वर्षान्त तक होता रहता है.इसे उपन्यास के शक्ल में ढालने वालों में नरेंद्र कोहली से लेकर आज के दौर के लेखकों अमीश त्रिपाठी,अशोक बैंकर,देवदत्त पटनायक एवं अन्य लेखक भी सक्र... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   12:52am 23 Oct 2016 #रामकथा
Blogger: राजीव कुमार झा
लोककथाएं,कहानियां,जनश्रुतियां सदियों से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती रही हैं.इनमें कई आख्यान और उपख्यान तात्कालिक दौर में जोड़े जाते रहे लेकिन वे हमारी सांकृतिक विरासत का हिस्सा भी बनी रहीं.बचपन में हम सबने दादी-नानी से असंख्य कथाओं को सुना होगा और फिर से ... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   1:52am 16 Oct 2016 #मोर-मोरनी
Blogger: राजीव कुमार झा
भारतीय उपमहाद्वीप में सदियों से बुराइयों पर अच्छाइयों के विजय के प्रतीकस्वरूप,विजयादशमी के दिन रावण के दहन की प्रथा रही है जो अब तक चली आ रही है.लंका का अधिपति राक्षसराज रावण,धनपति कुबेर का भाई,संस्कृत और वेदों का महापंडित,परम शिवभक्त और शिव-तांडव-स्रोत का रचयिता भी थ... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   7:48am 12 Oct 2016 #विजयादशमी
Blogger: राजीव कुमार झा
वह मुझसे तक़रीबन पांच साल पहले मिली थी,पटना के डाक बंगला चौराहे पर.मैं शाम के समय आयकर चौराहा से सीधे डाक बंगला चौराहा होते हुए परिवार के एक सदस्य को स्टेशन पहुँचाने जा रहा था.जैसे ही मेरी कार ट्रैफिक जाम में डाक बंगला चौराहे पर रुकी,एक छोटी सी लड़की सजावटी फूलों का गुच्छ... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   1:51am 28 Sep 2016 #मुंगिया
Blogger: राजीव कुमार झा
कुछ किताबें ऐसी होती हैं जो किसी भी उम्र में पढ़ी जा सकती हैं.इन पुस्तकों की रोचकता और विषय-वस्तु उम्र का मोहताज नहीं होती.जे.के.रॉलिंग की हैरी पॉटर श्रृंखला की पुस्तकें भी ऐसी ही हैं. रहस्य,रोमांच,इंद्रजाल का रोचक प्रयोग पाठकों को ऐसी दुनियां में ले जाते हैं जहाँ से बाह... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   4:40am 31 May 2016 #हैरी पॉटर श्रृंखला
Blogger: राजीव कुमार झा
अगाथा क्रिस्टी हरक्यूल पाईरो,शरलक होम्स,जेम्स बांड और हैरी पॉटर में क्या कोई समानता है?बिलकुल समानता है.ये सभी अगाथा क्रिस्टी,ऑर्थर कानन डायल,इयान फ्लेमिंग और जे.के.रोलिंग द्वारा गढ़े गए वे किरदार हैं जो अपार लोकप्रियता प्राप्त कर लोकप्रियता में इसके सृजक से भी आगे ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   2:22am 24 Jan 2016 #लेखक
Blogger: राजीव कुमार झा
कवियों और साहित्यकारों में उपनाम रखने की एक लंबी परंपरा रही है.लेकिन ख़त्म होती परंपराओं के साथ इसका भी नाम जुड़ गया है.कभी हम इन कवियों और साहित्कारों को उपनाम से ही जानते थे.आम बोलचाल में भी उपनाम का ही प्रयोग होता था.कई लोगों का विचार है कि कवियों द्वारा उपनाम रखने की प... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   2:40am 14 Jan 2016 #कवि
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