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Blog: उपन्यासों के मन से ..........

Blogger: vijay kumar sappatti
ॐ गणपतये नम:भगवान शिव की कथा लिखना ! मुझ जैसे मामूली से इंसान के बस की बात नहीं है। ये मेरी सिर्फ एक छोटी सी कोशिश मात्र है। ये मेरी शिव भक्ति का एक रूप ही है। भगवान शिव के चरणों में मेरे शब्दों के पुष्प समर्पण ! मैं तो सिर्फ प्रस्तुत कर रहा हूँ। सब कुछ तो बहुत पहले से ही ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   4:38am 25 Feb 2017 #
Blogger: vijay kumar sappatti
......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... !फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ...फिर शब्द बुने !फिर भाव भरे !.... मैं अब कविता गुनता हूँ  , कहानी गड़ता हूँ ..जिन्हें दुनिया पढ़ती है ..खो जाती है .. रोती है ... मुस्कराती है ...हंसती है ..चिल्लाती है ........मुझे इनाम ,सम्मान , पुरस्कार से अनुग्रहित करती है ...!.....औ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   4:17am 17 Aug 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों ये एक लघु उपन्यास है।  उम्मीद है कि  आपको बहुत पसंद आएँगी।  ::: बीतता हुआ आज, बीता हुआ कल और आने वाले कल की गूँज ::::मैं, पहली मंजिल पर स्थित अपने घर की बालकनी में बैठी नीचे देख रही थी ।  आज मेरे सर में हल्का हल्का सा दर्द था ।  मैंने अपने लिये अदरक वाली चाय बनाई ... Read more
clicks 320 View   Vote 0 Like   12:43am 16 Oct 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों , आप सभी को मेरे प्रणाम और नमस्कार . काफी सालो से ये मन में बात थी कि मैं भी कोई उपन्यास लिखूं और एक उपन्यास लिखनाभी शुरू किया ,जिसका BACKGROUND इलाहाबाद विश्वविद्यालय था . लेकिन वही समय की कमी , एक ऐसे समय की कमी , जहाँ मैं अपना एकांत ढूंढ सकूँ . फिर कई बरसो बाद अब सोचा है कि ... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   8:59am 7 Aug 2013 #
clicks 229 View   Vote 0 Like   12:00am 1 Jan 1970 #
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