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Blog: काब्य सरोबर

Blogger: Madan Mohan saxena
मेरे हमनसी मेरे हमसफ़र ,तुझे खोजती है मेरी नजर तुम्हें हो ख़बर की न हो ख़बर ,मुझे सिर्फ तेरी तलाश है मेरे साथ तेरा प्यार है ,तो जिंदगी में बहार है मेरी जिंदगी तेरे दम से है ,इस बात का एहसाश है तेरे इश्क का है ये असर ,मुझे सुबह शाम की ना  ख़बर मेरे दिल में तू रहती सदा , तू ना द... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   7:13am 19 Jul 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
कवर पेज रचनाएँ परमाणु पुष्प में पूर्ब प्रकाशित मेरी कबिता और ग़ज़ल: *************************************************************************************अपने अनुभबों,एहसासों ,बिचारों कोयथार्थ रूप में अभिब्यक्त करने के लिए जब जब मैनें लेखनी का कागज से स्पर्श किया उस समय  मुझे एक बिचित्र प्रकार केसमर से आमुख होने का... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:32am 18 Jul 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
अणु भारती में पूर्ब प्रकाशित मेरा ब्यंग्य :साला मैं तो साहब बन गया : मदन मोहन सक्सेना . ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   5:10am 16 Jul 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हमदर्द की खुशबु भी देखो आ रही है प्यार सेदर्द का तोहफामिला हमको दोस्ती के नाम परदोस्तों के बीच में हम जी रहे थे भूल सेबँट  गयी सारी जमी फिर बँट गया ये आसमानअब खुदा बँटने  लगा है इस तरह की तूल सेसेक्स की रंगीनियों के आज के इस दौर मेंस... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   11:44am 10 Jul 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
धर्म निर्पेक्षता का नारा बुलंद करने बाले आम आदमी का नाम लेने बाले किसान पुत्र नेता दलित की बेटी सदी के महा नायक क्रिकेट के भगबान सत्यमेब जयते की घोष करने बाले घूम घूम कर चैरिटी करने बाले सेलुलर सितारें अरबों खरबों का ब्यापार करने बाले घराने त्रासदी के इस समय ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   9:20am 27 Jun 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
पहले का मंदिर का चित्र फिर एक बार कुदरत का कहर फिर एक बार मीडिया में शोर फिर एक बार नेताओं का हवाई दौरा फिर एक बार दानबीरों की कर्मठता  फिर एक बार प्रशाशन का  कुम्भकर्णी नींद से जागनाफिर एक बार मन में कौंधता अनुत्तरित प्रश्न आखिर ये कब तक हम चेतेंगें भी य... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   11:15am 20 Jun 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
हुयी है आज बारिश और  तन मन को भिगोती हैसर्दी हो या गर्मी हो किस्मत आज रोती  है किस्मत बनाने बाले .क्या नहीं तेरे खजाने मेंदेता क्यों उनको है ,जरुरत जिनको नहीं होती है  प्रस्तुति:मदन मोहन सक्सेना  ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   11:45am 12 Jun 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
ॐसर्वेभवन्तुसुखिनःसर्वेसन्तुनिरामयाः।सर्वेभद्राणिपश्यन्तुमाकश्चिद्दुःखभाग्भवेत्।ॐशान्तिःशान्तिःशान्तिः॥**************************************************उत्थान पतन मेरे भगवन है आज तुम्हारे हाथों मेंप्रभु जीत तुम्हारें हाथों में प्रभु हर तुम्हारें हाथों में मुझमें तुममें है फर्क यह... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:44am 7 Jun 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
प्रिय मित्रों मुझे बताते हुए बहुत प्रसन्न्ता हो रही है की मेरी पोस्ट कोशिश जागरण जंक्शन पर छपी है. पोस्ट पर आप की प्रतिक्रिया अबश्य दें .http://madansbarc.jagranjunction.com/?p=441कोशिश has been featured on Jagran Junction Click Here to visit your blog : मैं, लेखनी और जिंदगी Thanks! JagranJunction Team... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   9:16am 20 May 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
दिल के पास हैं लेकिन निगाहों से बह ओझल हैंक्यों असुओं से भिगोने का है खेल जिंदगी। जिनके साथ रहना हैं ,नहीं मिलते क्यों दिल उनसेखट्टी मीठी यादों को संजोने का है खेल जिंदगी।किसी के खो गए अपने, किसी ने पा लिए सपनेंक्या पाने और खोने का है खेल जिंदगी।उम्र बीती और ढोया है, सां... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   12:01pm 10 May 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
  उसे हम बोल क्या बोलें जो दिल को दर्द दे जायेसुकूं दे चैन दे दिल को , उसी को बोल बोलेंगें ..जीवन के सफ़र में जो मुसीबत में भी अपना होराज ए दिल मोहब्बत के, उसी से यार खोलेंगें ..जब अपनों से और गैरों से मिलते हाथ सबसे होंकिया जिसने भी जैसा है , उसी से यार तोलेंगें ..अपना क्या, हम त... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   7:46am 29 Apr 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
बेख़ौफ़ दरिन्देकुचलती मासूमियतशर्मशार इंसानियतसम्बेदन हीनता की पराकाष्टा .उग्र और बेचैन अभिभाबकएक प्रश्न चिन्ह ? हम सबके लिये. प्रस्तुति:मदन मोहन सक्सेना   ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   8:42am 22 Apr 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
 सुन्दर हिंदी प्यारी हिंदी में प्रकाशित ग़ज़ल :दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन दोस्त रंग अपन... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   4:21am 18 Apr 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन दोस्त रंग अपना, समय पर आज बदले हैं जीवन के सफ़र में ज... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   10:58am 8 Apr 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
तन से तन मिला लो अब मन से मन भी मिल जाये  प्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज यारों कब मिले मौका  अब  छोड़ों ना कि होली है. मौसमआज रंगों का ,छायी अब खुमारी है चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है क्या जीजा हो... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   7:31am 25 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
मिली दौलत ,मिली शोहरत,मिला है मान उसको क्यों मौका जानकर अपनी जो बात बदल जाता है .किसी का दर्द पाने की तमन्ना जब कभी उपजे जीने का नजरिया फिर उसका बदल जाता है  ..चेहरे की हकीकत को समझ जाओ तो अच्छा हैतन्हाई के आलम में ये अक्सर बदल जाता है ...किसको दोस्त माने हम और किसको गैर कह द... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   5:08am 15 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
कभीगर्दिशों  सेदोस्तीकभीगमसेयारानाहुआचारपलकीजिन्दगीकाऐसे  कटजानाहुआ..इसआसमेंबीतीउम्रकोईहमेअपनाकहे .अबआजकेइसदौरमेंयेदिलभीबेगानाहुआजिसरोजसेदेखाउन्हेंमिलनेलगीमेरीनजरआखोसेमय  पीनेलगेमानोकीमयखानाहुआइसकदर  अन्जानहैं  हमआजअपनेहालसेहमसेमिलकरक... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   7:55am 8 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
अपना हाल ऐसा है की हम जाने और दिल जाने पल भर भी बो ओझल हो तो देता दिल हमें ताने रह करके सदा   उनका  हमें जीना  हमें मरना गुजारिश  है खुदा  से  अब ,  हमको  न  जुदा  करना मुक्तक प्रस्तुति :मदन मोहन सक्सेना ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   11:37am 1 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
आँखों  में  जो सपने थे, सपनों में जो सूरत थीनजरें जब मिली उनसे बिलकुल बैसी  मूरत थी जब भी गम मिला मुझको या अंदेशे कुछ पाए हैंबाजू में बिठा कर के ,उन्होंने अंदेशे मिटाए हैंउनका साथ पाकर के तो दिल ने ये ही  पाया है अमाबस की अँधेरी में ज्यों ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   4:53am 21 Feb 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
आप सब को वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाए.माँ शारदे की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे.मदन मोहन सक्सेना . ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   5:13am 15 Feb 2013 #
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