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Blog: ग़ज़ल गंगा

Blogger: Madan Mohan saxena
  प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हमदर्द की खुशबु भी देखो आ रही है फूल सेदर्द का तोहफामिला हमको दोस्ती के नाम परदोस्तों के बीच में हम जी रहे थे भूल सेबँट  गयी सारी जमी फिर बँट गया ये आसमानअब खुदा बँटने  लगा है इस तरह की तूल सेसेक्स की रंगीनियों के आज के इस दौर ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   11:49am 10 Jul 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
मेरे जिस टुकड़े को  दो पल की दूरी बहुत सताती थीजीवन के चौथेपन में अब ,बह सात समन्दर पार हुआ रिश्तें नातें -प्यार की बातें , इनकी परबाह कौन करेंसब कुछ पैसा ले डूबा ,अब जाने क्या व्यवहार हुआ दिल में दर्द नहीं उठता है भूख गरीबी की बातों सेधर्म देखिये कर्म देखिये सब कुछ तो ब्... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   9:08am 29 May 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है ,कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो ,बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन ,दोस्त रंग अपना, समय पर आज बदले हैं जब जीवन के सफ़र ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   10:28am 15 Apr 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
मन से मन भी मिल जाये , तन से तन मिला लो अबप्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है मौसमआज रंगों का  और छायी अब खुमारी है चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज यारों कब मिले मौका  अब  छोड़ों ना कि होली है. क्या जीजा ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   12:02pm 25 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
सोचकर हैरान हैं  हम , क्या हमें अब हो गया हैचैन अब दिल को नहीं है ,नींद क्यों  आती नहीं है बादियों में भी गये  हम ,शायद आ जाये सुकून याद उनकी अब हमारे दिल से क्यों  जाती नहीं हैहाल क्या है आज अपना ,कुछ खबर हमको नहीं है  देखकर मेरी ये हालत  , तरस क्यों खाती नहीं है ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:59am 25 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
मिली दौलत ,मिली शोहरत,मिला है मान उसको क्यों मौका जानकर अपनी जो बात बदल जाता है .किसी का दर्द पाने की तमन्ना जब कभी उपजे जीने का नजरिया फिर उसका बदल जाता है  ..चेहरे की हकीकत को समझ जाओ तो अच्छा हैतन्हाई के आलम में ये अक्सर बदल जाता है ...किसको दोस्त माने हम और किसक... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   11:17am 8 Mar 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
जिनका प्यार पाने में हमको ज़माने लगे बह  अब नजरें मिला के   मुस्कराने लगेराज दिल का कभी जो छिपाते थे हमसे बातें  दिल की हमें बह बताने  लगे अपना बनाने को  सोचा  था जिनको बह अपना हमें अब   बनाने लगे जिनको देखे बिना आँखे रहती थी प्यासीबह अब नजरों से हमको ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   7:46am 12 Feb 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
कल  तलक लगता था हमको शहर ये जाना हुआइक  शख्श अब दीखता नहीं तो शहर ये बीरान है बीती उम्र कुछ इस तरह कि खुद से हम न मिल सके जिंदगी का ये सफ़र क्यों इस कदर अंजान हैगर कहोगें दिन  को दिन तो लोग जानेगें गुनाह  अब आज के इस दौर में दिखते  नहीं इन्सान है इक दर्द का एहस... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   10:09am 31 Jan 2013 #
Blogger: Madan Mohan saxena
  तेरी दुनियां में कुछ बंदें, करते काम क्यों गंदेंकिसी के पास कुछ भी ना, भूखे पेट सो जाये जो सीधे सादे रहतें हैं मुश्किल में क्यों रहतें हैतेरी बातोँ को तू जाने, समझ अपनी ना कुछ आयेमेरे मालिक मेरे मौला ये क्या दुनिया बनाई हैकिसी के पास खाने को  मगर बह खा नहीं पाये त... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   4:52am 19 Dec 2012 #
Blogger: Madan Mohan saxena
हुआ इलाज भी मुश्किल ,नहीं मिलती दबा असलीदुआओं का असर होता दुआ से काम लेता हूँमुझे फुर्सत नहीं यारों कि माथा टेकुं दर दर पेअगर कोई डगमगाता है उसे मैं थाम लेता हूँखुदा का नाम लेने में क्यों मुझसे देर हो जातीखुदा का नाम से पहले मैं उनका नाम लेता हूँमुझे इच्छा नहीं यारों की... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   7:40am 12 Nov 2012 #
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