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भारत में अंग्रेजों ने चूंकि मुसलामानों से हुकूमत छीनी थी इसलिए उनको मुसलमानों से ही इस बात का ख़तरा था कि उनसे हुकूमत को दोबारा हासिल करने के लिए मुसलमान ही कोशिश कर सकते हैं लिहाज़ा उन्होंने मुसलमानों को ज़ुल्म के ज़रिये दबाने और कुचलने की परम्परा प्रारम्भ की जो राजनैत...
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Sharif Khan
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  January 12, 2013, 3:36 pm
‘यह देश हमारा है’यह सोचना एक अच्छी बात है जो बुरी बात में बदल जाती है जब इसके साथ यह भी जोड़ दिया जाय कि हमारे अलावा यह देश किसी का भी नहीं है।आर. एस. एस. जनित हिन्दू मानसिकता द्वारा इस प्रकार की भावना की उत्पत्ति ने देश में अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म और ज़्यादती का रास्ता खोल द...
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  September 24, 2012, 11:54 am
सभ्य समाज में प्राचीन काल से ही बहादुरों का सम्मान होता रहा है। बहादुर व्यक्ति कमज़ोर, सोए हुए और निहत्थे पर वार करने से बचता है और ऐसी हरकत करने वाले को बुज़दिल और नीच कहा जाता है। पुलिस हिरासत में मौत, जेल में क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार आदि हरकतें इसी श्रेणी में आती ...
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  August 3, 2012, 9:39 pm
ईश्वर ने हर चीज़ इन्सान के फ़ायदे के लिए बनाई है उनमें से ही पशु भी हैं जो विभिन्न प्रकार से लाभकारी होते हैं। यह सवारी करने, माल ढोने, दूध पीने व मांस खाने आदि के काम आते हैं। गाय भी उन्हीं में से एक पशु है। भारत में हिन्दुओं द्वारा गाय को विशेष सम्मान देते हुए मां के दर्जे ...
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  June 26, 2012, 8:49 am
इन्सान की फ़ितरत (प्रकृति) में जहां बहुत सी बातें जन्मजात होती हैं। उनमें से शर्म, संकोच और हया भी पैदाइशी तौर पर ही होती हैं। यह बात सभ्यता से दूर आबाद जंगली जातियों के रहन सहन को देखने से साबित भी हो जाती है कि वह लोग नंगे रहने के बावजूद भी अपने यौनांगों (शर्मगाहों) को ढकन...
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  June 9, 2012, 10:33 am
धर्म ऐसी चीज़ नहीं है कि उस से बचा जाए। धर्म तो जीवन पद्धति सिखाने का साधन है जिसके बिना आदर्श समाज का निर्माण सम्भव नहीं है।उदाहरणार्थ वैवाहिक व्यवस्था आदर्श समाज की नींव के समान है इसीलिए महिला-पुरुष का बिना विवाह के साथ रहना व्याभिचार कहलाता है, जोकि धर्मविरुद्ध है...
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  August 6, 2011, 10:03 am
जिस ज़माने में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद स.अ.व. का जन्म हुआ उसको जहालियत का ज़माना कहा जाता है। अरब में उन दिनों सभ्यता को शर्मिन्दा करने वाला वातावरण था। चरित्र का पतन इतना तो न हुआ था कि हमारे देश की तरह से समलैंगिकता को क़ानूनी सुरक्षा दी गई हो अथवा सुरक्षित यौन सम्बन्ध क़ायम ...
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  July 20, 2011, 12:08 am
सभ्यता के इस युग में न्याय प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार होना चहिए तथा सरकार की ज़िम्मेदारी होनी चाहिए कि ऐसी व्यवस्था क़ायम करे जिस से देश का कोई भी नागरिक न्याय से वन्चित न रहे और इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि न्याय आसानी से तथा बिना कुछ खर्च कि...
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  May 31, 2011, 11:04 am
चंगेज़ ख़ान ने जब बग़दाद फ़तह किया तो उसने हैवानियत की सारी हदों को पार करते हुए वहां की जनता का क़त्ले आम कराना शुरु कर दिया। ऐसी स्थिति में लोग भयभीत होकर तहखानों आदि में छिप गए और हालात सामान्य होने का इन्तज़ार करने लगे। चंगेज़ खान को लोगों के छिपे होने का तो आभास था परन्तु छ...
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  May 25, 2011, 1:50 pm
जिस देश में विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते हों और जहां धर्मों और जातियों के आधार पर वर्गीकरण करके समाज को बांटा गया हो वहां लोकतन्त्र भीड़तन्त्र बन जाता है और बहुसंख्यक समाज निरंकुश होकर अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी करके उनके अधिकारों का हनन करने लगता ह...
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  May 22, 2011, 9:10 pm
ईश्वर ने हर चीज़ का जोड़ा बनाया है जैसे मर्द-औरत, दिन-रात, अन्धेरा-उजाला, सत्य-असत्य, ऊंचा-नीचा आदि। इसी प्रकार से इन्सान में जहां उच्च आदर्श रखे हैं वहीं नीचतापूर्ण कार्य करने की क्षमता भी प्रदान की है ताकि उसकी परीक्षा हो सके और उसके कर्मों के अनुसार उसको सज़ा या इनाम से न...
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  May 17, 2011, 5:56 pm
आज हमारा महान देश भ्रष्टाचार के पन्जे में इस हद तक जकड़ा हुआ है कि सभ्य कहते हुए भी शर्म आती है। इस बात को विस्तारपूर्वक समझने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं पर विचार करना आवश्यक हैः1- यह कि, ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हमारे देश में जनता को सरकार के निर्वाचन का अधि...
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  May 12, 2011, 12:47 pm
आज हमारा महान देश भ्रष्टाचार के पन्जे में इस हद तक जकड़ा हुआ है कि सभ्य कहते हुए भी शर्म आती है। इस बात को विस्तारपूर्वक समझने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं पर विचार करना आवश्यक हैः1- यह कि, ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हमारे देश में जनता को सरकार के निर्वाचन का अधि...
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  May 12, 2011, 12:42 pm
ईश्वर ने इंसान को एक मर्द और एक औरत से पैदा किया इस प्रकार से सभी लोग आपस में भाई के रिश्ते से जुड़ गए। सभ्य समाज में प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्त्रियां ‘‘मां, बहन, बेटी या पत्नि‘‘ इन चार रूपों में जानी जाती हैं।स्त्री और पुरुष के बीच शारीरिक संरचना और क्षमता का जो भेद है उ...
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  April 22, 2011, 4:30 pm
ईश्वर ने हर चीज़ को नर और मादा के जोड़ों में पैदा किया है तथा दोनों के मिलन से सन्तानोत्पत्ति होती है और नस्ल चलती है। बच्चे चूंकि मादा जनती है इसीलिए शायद उसके आकर्षण के लिए नर को मादा के मुक़ाबले में ज़्यादा सुन्दर बनाया गया है। उदाहरण के तौर पर देखें कि मोर मोरनी के मुक़ा...
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  April 15, 2011, 10:33 am
लोकतन्त्र का सबसे बड़ा अभिशाप यह है कि जिस देश में यह क़ायम होता है अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन होना वहां की व्यवस्था का अंग बन जाता हैबहुसंख्यक समाज की संस्कृति धीरे धीरे पूरे देश में छा जाती है और भीड़ तन्त्र क़ायम हो जाता है।भारतवर्ष उपरोक्त का जीता जागता नमूना है ...
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  March 16, 2011, 4:17 pm
जिस प्रकार से कुम्हार अपनी कार्यकुशलता और क्षमता के अनुसार साधारण सी मिट्टी को ‘एक बहतरीन बर्तन का रूप देकर उपयोगी बनाता है ठीक उसी प्रकार गुरु भी अपने शिष्य को एक साधारण से इन्सान से महान व्यक्तित्व में परिवर्तित करने की ज़िम्मेदारी निभाता है। मिट्टी को बर्तन का रूप...
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  March 5, 2011, 2:32 pm
1 अप्रैल सन 2006 को उ.प्र. में सहारनपुर जिले के दग्डोली गांव निवासी चन्द्रपाल के पुत्र कल्लू के अपहरण में नामज़द उसी गांव के निवासी जसवीर तथा पास के गांव खजूरवाला निवासी गुलज़ार अहमद को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया। और फिर अपहरण व हत्या के जुर्म में पुलिस ने ऐसे पुख्ता सबूत जुट...
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Tag :पुलिस
  February 24, 2011, 3:09 pm
6 दिसम्बर 1992 को विशिष्ट आतंकवादियोंने, हिन्दुत्व के नाम पर, धार्मिक जुनून में आकर सरकार की सरपरस्ती में बाबरी मस्जिद को शहीद करके जिस अराजकता का परिचय दिया था और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिस बेबाकी से मस्जिद के ख़िलाफ़ फ़ैसला देकर, इन्साफ़ का जनाज़ा निकाल कर मुसलमानों के दिलों ...
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  February 4, 2011, 2:00 pm
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