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Blog: अनुगूँज (Anugoonj)

Blogger: Rajeev Ranjan Giri
फिर चलता हूँ गर रुकता हूँमैं तपता हूँ मैं गलता हूँकिस्मत कह लो, सूरज कह लोफिर उगता हूँ गर ढलता हूँउजियारे सब तुमही रख लोअंधियारे में मैं रहता हूँजुगनू कह लो, दीपक कह लोफिर जलता हूँ गर बुझता हूँमंजिल मुबारक तुमको, मैं तोराहों से पत्थर चुनता हूँइंसाँ कह लो, झरना कह लोफिर ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   9:13am 26 Jun 2016 #Hindi poem on nature
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
तुम्हें क्या लगता हैयूँ हाथ झटक कर चले जाओगेऔर ये रिश्ता टूट जायेगा जो बना हैकई रिश्तों को ताक पर रख कर?तुम्हें क्या लगता हैक्या इतना आसान हैपेड़ की जड़ों सेमिट्टी निकाल लेनायाबारिश से, झरनों से,हवा सेसंगीत मिटा देना?तुम्हें क्या लगता हैलहरें तटों सेगुस्से में टकराती ... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   10:36am 24 Jun 2016 #अनुगूँज
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
एक कहानी सुनाता हूँजो आँखों की बयानी है,वो कुर्सी जो बैठी हैहुकूमत की निशानी है।राजा की तरह उसपरजो इंसान है बैठा,गलतफहमी में रहता हैकि भगवान है बैठा। जी हुज़ूरी की यहाँवो सरकार चलाता है,है धोखे में पड़ाकि संसार चलाता है।अमीरों की है सुनताबस पैसा उगाता है,ज़मीनें बंजर ... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   7:24am 22 Jun 2016 #कुर्सी
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
हवा बदलीखबर आयीकि मौसमखुशनुमा होगानई शामेंनई रातेंनया अबहर शमा होगानए साथीनई मंजिलनया अबरहनुमा होगानई आँखेंकई आँखेंउम्मीदों सेभरी बैठींजो न होगाअगर ऐसातो सोचोफिर क्या होगा?!... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   4:16am 16 Jun 2016 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
बहुत समय बाद कुछ लिखना चाहा तो कलम की जगह अपना मोबाइल उठायाज़िन्दगी की खिटपिट, औरमोबाइल की पिट पिट से तंगबस कुछ शब्द ही जोड़ पायाभौतिकता में उलझी ज़िन्दगी पेखुद से कई सवाल किएऔर अपने ही सवालों के आगेखुद को निरुत्तर पायामन ढूँढ रहा था कलम की खुशबूऔर कोस रहा था मन ही ... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   10:29am 5 Apr 2016 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
अंधियारे से इस गगन मेंहिचकोले खाते जीवन मेंउम्मीदों की है तू बदली और क्या हैतू क्यों ना माने पगली तू क्या हैरत्न भरें हí... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   11:12am 3 Apr 2016 #कविता
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
हिये चोट ना राखिये, मन पर मन भर भार।धरा चीर ऊपर निकले, तरु धरे आकार ।।मीठा-मीठा जग कहे, छिपी तेज तलवार।दो लोचन पीछे धरो, बचे पीठ का वार ।।प्रसून प्यारे भ्रमर को, जुगनू को है रात।अपने हिस्से में दर्द, अपनी अपनी बात ।।निद्रा ही संसार है, सूने होश हवास।सपने उड़ते देखिये, खग बन ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   5:45am 23 Feb 2016 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
पतझड़ नीरस नहीं हैपतझड़ बेकार नहीं हैबसंत भी आता हैपतझड़ ही तो हर बार नहीं हैपतझड़ कहता है -मैं पारदर्शी हूँतुम भी पारदर्शी कहलाओजो तुम्हारे अंदर हैवही बाहर भी दिखेऐसी छवि बनाओपतझड़ कहता है -तैयारियाँ करो स्वागत कीबसंत आने वाला हैमैं जा रहा हूँमेरा अंत आने वाला हैहोने वा... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   5:23am 23 Feb 2016 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
अब जो हंसकर थाम लिया हैहाथ तुम्हारा, साथ चलेंगेबीते किस्से बीत चूके हैंकरने नई शुरुआत चलेंगेऋतु कोई भी आये जायेजो भी हो... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   11:35am 11 Apr 2015 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
जो तू मिला तो मैं मिलाजो तू चला संग मैं चलागर तू गया तो जान लेमर भी गया मिट भी गयाज़िद ये नहीं ज़ज्बात हैतुझसे ही अब हर बात हैतू रौशन सवेरा है बनाखुशियों की ये शुरुआत हैतकलीफ में थी ज़िन्दगीभूला  था मैं तो बन्दगीमुस्कान तेरी देखकरउम्मीद फिर से है जगीबन जा तू मेरा इस दफ़ामत... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   11:00am 31 Dec 2014 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
आँखों में बैठी है थकनसपने भी तेरे हैं पलेपलकें झुकीं हैं बोझ सेपर नींद क्यूँ है लापताजाने भटकता हूँ कहाँइस ओर से उस ओर तकअब दूर इतनी आ गयाकि ढूँढू खुदका ही पताअब क्या करूँ कुछ तो बतादे दे कोई तू आसरातू साथ चलता है तो चलमिल जायेगा कोई रास्ता। ... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   10:47am 31 Dec 2014 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
यूँ हवा चलती रहेऔर साथ हम चलते रहेंखामोशियाँ हों हर तरफबस बात हम करते रहेंहर ग़म फ़ना कर ज़िन्दगी सेऔर शिकन माथे से हटाबस अविरल मुस्कान कीबरसात हम करते रहेंसागर मचलता ही रहेऔर लहरों पे संगीत होखोये रहें एक दूसरे मेंकई ज़ज्बात यूँ पलते रहेंकुछ हसीं यादें चुनेंकुछ बोल मीठ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   8:03am 22 Dec 2014 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
प्रण तेरा जरुरी हैबड़ी लम्बी वो दूरी हैविजयपथ है बहुत दुर्गमशिलाएं तोड़ता तू चलहै तो रहने दे जीवन को एकांकीनदी के विरुद्ध तैरना ही है तैराकीअटल तू है, अडिग तू हैधाराएं मोड़ता तू चलरास्तों से बात तू कर लेदोस्ती कर तू हवाओं सेकीमत पहचान ठोकरों कीरिश्ते जोड़ता तू चलसहज... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   8:47am 18 Dec 2013 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
मोहब्बत में कही बातों के क्या कहनेबाद इन्तेज़ार के मुलाक़ातों के क्या कहनेशहर हो और जुदा होना पड़े फिर सेइस डर से आँखों में कटी रातों के क्या कहनेटकराती गर्म साँसों की तासिर सेमोम से पिघलते जज्बातों के क्या कहनेवो तेरी जाने कि ज़िद और मेरे मनाने की हदतब बेवक़्त आती... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   5:03am 16 Dec 2013 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
आँखों में हैं बहते सपनेनींदों का उड़ जाना इस तरहजाड़े की  सर्द हवाओं कादिल को छू जाना इस तरहयादों से मन को भिगोनेबेमौसम बारिश का आना इस तरहभोर की किरणों के संग हीचिड़ियों का गाना इस तरहधड़कनें भी लय में आयींसाँसों का आना जाना इस तरहयूँ लगता है मानो आयाचाहत का ज़मा... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   8:54am 10 Dec 2013 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
नजरों से नजरें मिलींज़माने भर की बातें हो गयींयूँ तो पहली बार मिलेलगा कई मुलाकातें हो गयींचैन जाने गया किधरनींदें भी गायब हो गयींदिन तो दूभर हो ही गयालंबी ये रातें हो गयींसांसों में बहने लगे होजीवन का संगीत होयूँ कहो, तुम चाह मेरेतुम ही मेरे मनमीत होजो लहरें इस ओर उ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   4:51am 9 Dec 2013 #
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
कहने को तो दे दिया, शिक्षा  का अधिकार। लेकिन दूषित हो रहा, बच्चों का आहार।बच्चों का आहार, तरीका नहीं स्वदेशी। करते वाद-विवाद, सभी हैं इसमें दोषी।कितने हैं बेहाल, यहीं पर अब रहने दो।नैतिकता रह गयी, यहाँ केवल कहने को।।... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   4:52pm 23 Jul 2013 #राजीव रंजन गिरि
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
अब तो ज़िन्दगी भी मुझे मेरे हाल से पहचानती हैअफ़सोस! मेरे आईने नेमेरा चेहरा भुला दियाजहाँ सजते-उजड़ते रहेकई मेले रिश्तों केमैंने भी अपनी यादों काएक कुनबा बसा दियालहरें भी नहीं आतींइस दिल के समंदर मेंमैंने हाथों से ही अपनेरेत पर लिखा मिटा दियातेरे बगैर जीने काजो व... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   6:23am 21 Jul 2013 #कुनबा
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
कमर हिलातीं बेलें देखीं हरी भरी अमराई देखी।ऊँचे पेड़, पहाड़ देखेतरण ताल, तराई देखी।प्राण हरती गरम हवाएँपछुआ और पुरवाई देखी।नयी नवेली प्यारी दुल्हनविरह में मुरझाई देखी।बिन सावन जो सूखी रहतींनदियाँ भी इतराई देखी।अषाढ़ का सूखा भी देखाफसलें भी लहलहाई देखी।प्रकृति... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   6:10am 21 Jul 2013 #सूखा
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
बादलों में था छुपकर बैठाबारिश के संग आया हूँपेड़ों पर भी नृत्य किया हैपर्वत से टकराया हूँ।पत्तों पर आराम किया हैलहरों पर लहराया हूँजब थका नदियों में बहकरदूब पर बैठ इतराया हूँ।तेरे नयनों की बूँद बना मैंदेख तेरा सरमाया हूँ ...... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   4:29am 9 Jun 2013 #बूँद
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
दूर गगन से आई देखो बूँदों की बारातअवनि का अंतर धुलाधुल गयी है रात।निर्झर सा बहने लगाजीवन का संगीतगलबाहीं वृक्षों ने डालीचहुँओर है प्रीत।पुलकित हुई नयनों की ज्योतिहर्षित मन का मोर हुआनृत्य कर रहीं फूल-पत्तियाँरिमझिम रिमझिम शोर हुआ।... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   9:07am 8 Jun 2013 #Jeevan
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
वीरान रात सी वीरान ज़िन्दगीसपने भी तो वीरान से हैंअब तो नये हालात बनेंतुम आ जाओ तो बात बने ।तन्हा चाँद है, तन्हा दिल हैमैं भी तो तन्हा सा हूँअब तो कोई साथ बनेतुम आ जाओ तो बात बने।दूर है मंजिल, दूर हो तुम भीखुशियाँ भी तो दूर ही हैंअब तो एक मुलाकात बनेतुम आ जाओ तो बात बने।... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   2:51pm 1 Jun 2013 #Rishte
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
शिकायत तुझको थी मुझसेकि तुझे  समझा नहीं मैंनेजबकि आयत की तरह तुझकोमैंने हर रोज़ पढ़ा है ....चाहत थी तेरी इतनीकि अपना भी ज़हाँ होतेरी हर एक खाहिश पे'रंजन ' ज़माने से लड़ा है ...गए थे छोड़कर तुमजिस मोड़ पर मुझको कभीमैं भी पड़ा हूँ अब तलकवो मोड़ भी वहीँ पड़ा है ...लौट कर तू दे... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   1:15pm 26 May 2013 #Ranjan
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
न अरमान खुशियों केन चाहत बुलंदी कीअदद सी ज़िन्दगी दे देहो ज़रा सी शान्ति जिसमे ..जीउँ मैं बेफ़िक्री सेजिया है अब तलक जैसेना ही हँसना किसी पेन रोऊँ अपनी हालत पे ...बुराई है मुझमे भीबुराई है ज़माने मेंनहीं बनती हम दोनों कीक्यूँ लगा है आज़माने में ?भला हूँ दूर मैं इससेभला ह... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   1:02pm 26 May 2013 #Shaanti
Blogger: Rajeev Ranjan Giri
जो तुम रहगुज़र होगेतो राहें मैं बनाऊंगाबता दो बस तुम इतनाकहाँ तक साथ आओगे ?इक हाँ काफी हैये पुतला जी उठेगा अबनयी रूह भी होगीनए ज़ज्बात पाओगेलड़ाई ज़िन्दगी से हैखफ़ा तुम क्यूँ होते हो ?अदद इक रात है बाकीकल नए हालात पाओगेपूछा था कभी तुझसेकी चाहा  है मुझे  कितनामु... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   6:51am 26 May 2013 #ज़िन्दगी
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