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एक नज़र ..चलते चलते

१)मैं आरती थाल में सजी कर्पूर की डलीकभी मिलना मुझसे तुम अग्नि की तरह की बसबची रह जाये सुंगधउस मिलन उत्सव के बादजीवन भर***************२)बीत तो जायेंगीयूँ चुटकियों मेंघड़ियाँप्रतीक्षा कीइतना दिलासा भर देते जाओकिलौटोगेसूरज के बुझनेसे पहले ***************३)ये जो आज फिर व्यस्तता ...
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  September 21, 2018, 6:35 pm
लघुकथा------------हिंदी विमर्श********त्रिवेदी जी हिंदी सहित्य की जानी मानी हस्ती है ।हिंदी पखवाड़ा के मौके उनके घर में ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया है जिसमे बड़े बड़े साहित्यकार आमंत्रित हैं। हिंदी को उन्नत और समृद्ध कैसे बनाया जाये ? युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रति सम्मान एवं हिंद...
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  September 14, 2018, 2:49 pm
२०१५ मे बडी बिटिया की शादी के अवसर पर लिखी कुछ पंक्तियाँलाडो चली है साजन से मिलनेमन में भरे है उमंग और सपनेसपने में उसके साजन सजीलाबनाएंगे वो  प्रीत का घर काँधे से कांधा  मिलाप्रीत के घर में होगी भरी पुरी  फुलवारीममता की छाँव तले भूलेगी बाबुल लाड़ीछोटी सी दुल्हन ...
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  August 22, 2018, 6:35 pm
सुनो भीड़जिस बल के नशे में धुत्ततुम कानून की चिन्दियाँ उड़ाते फिरते हो तुम्हारी वो  ताकत लाठी, भालो ,पत्थरो ,तलवारों में निहित है तुम्हारी वो ताकत सत्ता लोलुपों की रखैल है इन सबके वगैर तुम उस  फूल की तरह हो जो भगवान के मुकुट से गिर कर नयी भीड़ के पैरों तले रौंद द...
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  August 21, 2018, 7:56 pm
मौका था भतीजी की शादी का फरमाईश थी परिजनों की तो इस उत्साह भरे माहौल में कोशिश की स्वरचित कुछ  गुनगुनाने की :)******************************रेशम का धागा ,फेविकोल ,न हथकड़ियाँ जोड़ रहे है दो कुटुंब दिल से दिल की लड़ियाँ  बड़े नसीबो से आई ये रात मुरादों वाली चंदा सी लाडो मेरी बन गयी दुल्ह...
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  July 30, 2018, 9:34 pm
aशोर ,शोर ,शोर हर तरफ शोर है आरती का शोर अजान का शोर देश भक्ति का शोर देश द्रोह का शोर धर्म का शोर जातियों का शोर प्रीत का शोर रीत का शोरफागुन में उड़ते गुलाल का शोरराहों में उड़ते गुबार का शोर कभी कुछ पल जब अकेली बैठती हूँ तो अपने ही आकांक्षाओं और लालसा...
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  May 2, 2018, 7:39 pm
अंधेरा***********उसने अंधकार में डूबे उस पथ पर एक दीया जला कर रख दिया । उसके पास ही एक पर्ची लिख कर रख दी जिस किसी को रोशनी की जरूरत है वो इसमें से रोशनी ले कर जा सकता पर साथ ही इसमें थोड़ा तेल डालता जाय । कुछ घण्टे बाद आस पास की बस्ती के हर घर में धीमा धीमा प्रकाश दिखने लगा ।उस रोशन...
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  September 18, 2017, 4:09 pm
"हैल्लो""गुड मॉर्निंग सर ,मैं जीवन बीमा कंपनी से श्रेया बोल रही हूँ । सर कंपनी ने एक नई पालिसी लॉन्च की है ।जिसमे टैक्स रिलैक्सेशन के साथ कई बेनिफिट्स और भी है । सर क्या मैं आपका कुछ मिनिट ले सकती हूँ ? ताकि मैं आपको डिटेल में उसके फायदे बता सकूँ?""इतने दिलकश आवाज़ में कोई समय...
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  August 24, 2017, 3:32 pm
कहो न सखी**************कहो न सखीक्या कह रही है पायल तेरीक्या गुन रही है चूड़ियां तेरीकहो न सखी .........ईंटो पर ईंटे जमातीचल पड़ी हो चाल साधतीगा रही है ये प्रणय गीतया विरह काव्य है रच रहीकहो न सखी .........गिट्टियों से सुर मिलातीबज रही है ये खनखनातीप्रिय की है ये प्रीत भेंटया की है बेड़ियाँ ड...
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Tag :mukt chhnad
  August 17, 2017, 6:27 pm
"तितली " *********रोज दिखती वो बगीचे में । खिड़की से देखा करता उसे बाग में इधर उधर मंडराते अल्हड़ ,बेपरवाह ,अलमस्त। ।उसके इंद्रधनुषी पँख मुझे तीस की उम्र में फिर से बच्चा बनने को निमंत्रण देते । जी करता उसे छू लूँ एक बार हाथो में ले कर चूम लूँ। आखिर एक दिन घात लगा गुलाब की क्यारी क...
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  August 11, 2017, 12:39 pm
मुखौटा_________१)मुखौटे के पीछे का सचजानते हुए भीरास आ रहा है अनजान बने रहनासध रहे हैदोनों के स्वार्थमुखौटे की आड़-----------------------------2)भूल गए तुम किहवा से भी पर्दा करना थाभूल गए तुम किनर्म से नर्म घास भी होती हैं चुगलखोरहाँ ..भूल गए तुम कि ...मुखौटे से केवल चेहरा छुपता हैगंध और आहट...
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  July 11, 2017, 7:03 pm
तरसे नैना दिन रातअबकी होली मेंरही पिया मिलन की आस अबकी होली मेंसाजन कर रहे लन्दन का दौरानेटवर्क बना मिलन बीच रोड़ामैं ठहरी निपट गवाँरकोई लिख दो उनको तार अबकी होली मेंपड़ोसन हमारी बड़ी जालिम गुजरियामोरे सैया को रँगे भर पिचकारियाये रँग न मुझको भायेकोई कह दो उसे समझाये अब...
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  March 14, 2017, 3:42 pm
होली.... सर्दी की विदाई और गर्मी के स्वागत का त्यौहार । जब प्रकृति भी आलस त्याग उल्लसित और ऊर्जावान होने लगती है । रंग ,उल्लास , गीत ,चारो तरफ एक खूबसूरत सा माहौल दिखने लगता है । मुझे बचपन से ही होली का त्यौहार बेहद पसंद है ।वैसे भी बिहार की होली कुख्यात है । पर होली का त्यौह...
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  March 12, 2017, 7:52 pm
मिलने को तुमसे मचलता बहुत है ये सैलाब आँखों में जलता बहुत है ढुलके तो तुम पर ये कर दे न जाहिर दिल पे इख्तियार अब भी तुम्हारा बहुत है ...
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Tag :muktak
  February 14, 2017, 2:44 pm
इन्तजार की घड़ियां इतनी दुखदायी न थी ,मिलन की आरजू इस कदर परायी न थी ,ये कौन सी राह पर चल पड़ा ऐ !दिल बता ,तन्हाईयों में भी इस कदर तन्हाई न थी । ...
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  February 10, 2017, 5:13 pm
राक्षसी मुखौटे लगायेउफनती लहरेबार बार किनारो पर धकेल देती हैभरसक कोशिश करती है डराने  कीमौत का भय दिखाती हैपर हिम मानवो की गोद में खेली नदी को जूनून है  औरोरा बोरेअलिस की धुन पर नाचने काबरमूडा ट्रायंगल में खो कर उसके रहस्य को जानने काअंटार्टिका की  पें...
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  January 21, 2017, 5:37 pm
वो जो लिखी थी कभी एक ग़ज़ल तुमनेरिस रिस के बह  रही है आज जिस्म से मेरे ॥छोड़ गए थे तुम जहाँ बात अधूरीठहरे हैं वहीँ पर अब तलक लफ्ज़ मेरे ॥ ...
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  January 19, 2017, 6:07 pm
चित्र गूगल से साभारआओ फिर शर्म करेसभ्य होने अदा रस्म करेंकिसी ने कहा "कपड़ो का ख्याल रखो"किसी ने "शाम होने के बाद घर से न निकलो"किसी ने कहा "पुरुष मित्र न बनाओ "किसी ने शराब न पीने की सलाह दीकारण??सबने एक सुर में कहा पुरुष जानवर होते हैमौका देख फायदा उठाते हैनोचते खसोटते हैत...
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  January 6, 2017, 5:21 pm
1) टेढ़े  है रस्ते लगेगी जरा देरीउन तक पहुंचेगी सदा मेरी ।वो जो जीते रहे तुम्हे देख करउनको मार डालेगी खता तेरी ।2)कुछ पल तुझसे  बतला   लूँ तो चलूँतस्वीर  नयनो में बसा  लूँ तो चलूँकहते थे मुझको कभी जो  जिंदगीजिन्दा हूँ अब तक बता दूँ तो चलूँ ...
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  December 27, 2016, 4:10 pm
लघुकथा लिखने का प्रथम प्रयासआप मित्रो का मार्गदर्शन सदैव अपेक्षित है ☺चोरी--------------------------"बदलेगा सब बदलेगा,थोड़ा समय तो चाहिए न ,कोई छोटा मोटा रोग नही न है इ भ्रष्टाचार।""पचास दिन कहले थे परधान मंत्री जी ,तियालीस दिन हो गया ।हम लोग को तो अभी तक सब्जी ,राशन ख़रीदे में मुश्किल ...
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  December 25, 2016, 6:18 pm
फिर बीत गयाआज का दिन ...कुछ अनकही बातों के साथकुछ बिसरी यादों के साथकुछ मीठे ख्यालो के साथकुछ अनसुलझे सवालों के साथकुछ इन्तजार के साथकुछ उम्मीदों के साथफिर बीत गयाआज का दिन ।*नेह सुनीता*...
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  December 8, 2016, 4:18 pm
यूँही  दो लाइन में मन की बात लिखने की कोशिश :)_________________________________पुराने जख्मो का उनसे क्या करना ज़िकरइश्क फिर सामने खड़ा है नया फरेब लेकर ।_________________________________बीत जाते है मेरे दिन रात उन्हें देखते सुनतेउनको ये गम है कि हम कुछ नही कहते  । **Neh sunita**(Sunita Agarwal)...
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  December 2, 2016, 5:33 pm
दोहा एक प्रयास ___/\___१)अंतरजाल का बज रहा जग में डंका जोर ।अक्कड़ बक्कड भूले बच्चे थामे माउस छोर ॥२) प्रीत की कैसी बानगी नेह समझ ना आय ।भँवरे को जिनगी मिली पतिंगा जान गँवाय ॥   ...
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  July 23, 2016, 5:24 pm
यूँ ही चलते चलते  .... दो लाइन___________________________१) नजर तुझसे हटती नहीं नजारों का क्या करूँतुझसे ही आबाद जिंदगी बहारों का करूँ  ।********************************२)लानतों मलालतो का दौर है थोड़ा और चलने दोये खुशबू  है प्यार की खुलकर बिखरने दो  ।*********************************३)मेरी मैय्यत पर  जब आना थोड़ी मुस्कान ले ...
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Tag :mukt chhnad
  July 7, 2016, 6:54 pm
प्रीत  को प्रीत  ही रहने दो यारो ,वफ़ा जफा का खेल ना  कहो यारो ,टूटना संवरना  है रीत जीवन की ,आँचल प्रीत का मैला न करो  यारो । ...
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  July 1, 2016, 8:30 pm
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