POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: एक नज़र ..चलते चलते

Blogger: Sunita Agrawal
वजहें तमाम थीतुम्हे प्यार न करने कीपर प्यार के लिए किसी  वजह की जरूरत नहीं पड़तीइतना ही समझा मैंनेऔर  घुलते गए तुम मुझमेंजैसे अंधकार में घुलता है प्राची का लालित्यऔर फूटने लगता है उजालाएक छोर सेऔर धीरे धीरे हड़प लेता हैपूरा  आसमानउसने देखाहुआ मन बसंतउसने छुआहुयी ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   1:52pm 14 Feb 2019
Blogger: Sunita Agrawal
१)मैं आरती थाल में सजी कर्पूर की डलीकभी मिलना मुझसे तुम अग्नि की तरह की बसबची रह जाये सुंगधउस मिलन उत्सव के बादजीवन भर***************२)बीत तो जायेंगीयूँ चुटकियों मेंघड़ियाँप्रतीक्षा कीइतना दिलासा भर देते जाओकिलौटोगेसूरज के बुझनेसे पहले ***************३)ये जो आज फिर व्यस्तता ... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   1:05pm 21 Sep 2018
Blogger: Sunita Agrawal
लघुकथा------------हिंदी विमर्श********त्रिवेदी जी हिंदी सहित्य की जानी मानी हस्ती है ।हिंदी पखवाड़ा के मौके उनके घर में ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया है जिसमे बड़े बड़े साहित्यकार आमंत्रित हैं। हिंदी को उन्नत और समृद्ध कैसे बनाया जाये ? युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रति सम्मान एवं हिंद... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   9:19am 14 Sep 2018
Blogger: Sunita Agrawal
२०१५ मे बडी बिटिया की शादी के अवसर पर लिखी कुछ पंक्तियाँलाडो चली है साजन से मिलनेमन में भरे है उमंग और सपनेसपने में उसके साजन सजीलाबनाएंगे वो  प्रीत का घर काँधे से कांधा  मिलाप्रीत के घर में होगी भरी पुरी  फुलवारीममता की छाँव तले भूलेगी बाबुल लाड़ीछोटी सी दुल्हन ... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   1:05pm 22 Aug 2018
Blogger: Sunita Agrawal
सुनो भीड़जिस बल के नशे में धुत्ततुम कानून की चिन्दियाँ उड़ाते फिरते हो तुम्हारी वो  ताकत लाठी, भालो ,पत्थरो ,तलवारों में निहित है तुम्हारी वो ताकत सत्ता लोलुपों की रखैल है इन सबके वगैर तुम उस  फूल की तरह हो जो भगवान के मुकुट से गिर कर नयी भीड़ के पैरों तले रौंद द... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   2:26pm 21 Aug 2018
Blogger: Sunita Agrawal
मौका था भतीजी की शादी का फरमाईश थी परिजनों की तो इस उत्साह भरे माहौल में कोशिश की स्वरचित कुछ  गुनगुनाने की :)******************************रेशम का धागा ,फेविकोल ,न हथकड़ियाँ जोड़ रहे है दो कुटुंब दिल से दिल की लड़ियाँ  बड़े नसीबो से आई ये रात मुरादों वाली चंदा सी लाडो मेरी बन गयी दुल्ह... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   4:04pm 30 Jul 2018
Blogger: Sunita Agrawal
aशोर ,शोर ,शोर हर तरफ शोर है आरती का शोर अजान का शोर देश भक्ति का शोर देश द्रोह का शोर धर्म का शोर जातियों का शोर प्रीत का शोर रीत का शोरफागुन में उड़ते गुलाल का शोरराहों में उड़ते गुबार का शोर कभी कुछ पल जब अकेली बैठती हूँ तो अपने ही आकांक्षाओं और लालसा... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   2:09pm 2 May 2018
Blogger: Sunita Agrawal
अंधेरा***********उसने अंधकार में डूबे उस पथ पर एक दीया जला कर रख दिया । उसके पास ही एक पर्ची लिख कर रख दी जिस किसी को रोशनी की जरूरत है वो इसमें से रोशनी ले कर जा सकता पर साथ ही इसमें थोड़ा तेल डालता जाय । कुछ घण्टे बाद आस पास की बस्ती के हर घर में धीमा धीमा प्रकाश दिखने लगा ।उस रोशन... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   10:39am 18 Sep 2017
Blogger: Sunita Agrawal
"हैल्लो""गुड मॉर्निंग सर ,मैं जीवन बीमा कंपनी से श्रेया बोल रही हूँ । सर कंपनी ने एक नई पालिसी लॉन्च की है ।जिसमे टैक्स रिलैक्सेशन के साथ कई बेनिफिट्स और भी है । सर क्या मैं आपका कुछ मिनिट ले सकती हूँ ? ताकि मैं आपको डिटेल में उसके फायदे बता सकूँ?""इतने दिलकश आवाज़ में कोई समय... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   10:02am 24 Aug 2017
Blogger: Sunita Agrawal
कहो न सखी**************कहो न सखीक्या कह रही है पायल तेरीक्या गुन रही है चूड़ियां तेरीकहो न सखी .........ईंटो पर ईंटे जमातीचल पड़ी हो चाल साधतीगा रही है ये प्रणय गीतया विरह काव्य है रच रहीकहो न सखी .........गिट्टियों से सुर मिलातीबज रही है ये खनखनातीप्रिय की है ये प्रीत भेंटया की है बेड़ियाँ ड... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   12:57pm 17 Aug 2017
Blogger: Sunita Agrawal
"तितली " *********रोज दिखती वो बगीचे में । खिड़की से देखा करता उसे बाग में इधर उधर मंडराते अल्हड़ ,बेपरवाह ,अलमस्त। ।उसके इंद्रधनुषी पँख मुझे तीस की उम्र में फिर से बच्चा बनने को निमंत्रण देते । जी करता उसे छू लूँ एक बार हाथो में ले कर चूम लूँ। आखिर एक दिन घात लगा गुलाब की क्यारी क... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   7:09am 11 Aug 2017
Blogger: Sunita Agrawal
मुखौटा_________१)मुखौटे के पीछे का सचजानते हुए भीरास आ रहा है अनजान बने रहनासध रहे हैदोनों के स्वार्थमुखौटे की आड़-----------------------------2)भूल गए तुम किहवा से भी पर्दा करना थाभूल गए तुम किनर्म से नर्म घास भी होती हैं चुगलखोरहाँ ..भूल गए तुम कि ...मुखौटे से केवल चेहरा छुपता हैगंध और आहट... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   1:33pm 11 Jul 2017
Blogger: Sunita Agrawal
तरसे नैना दिन रातअबकी होली मेंरही पिया मिलन की आस अबकी होली मेंसाजन कर रहे लन्दन का दौरानेटवर्क बना मिलन बीच रोड़ामैं ठहरी निपट गवाँरकोई लिख दो उनको तार अबकी होली मेंपड़ोसन हमारी बड़ी जालिम गुजरियामोरे सैया को रँगे भर पिचकारियाये रँग न मुझको भायेकोई कह दो उसे समझाये अब... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   10:12am 14 Mar 2017
Blogger: Sunita Agrawal
होली.... सर्दी की विदाई और गर्मी के स्वागत का त्यौहार । जब प्रकृति भी आलस त्याग उल्लसित और ऊर्जावान होने लगती है । रंग ,उल्लास , गीत ,चारो तरफ एक खूबसूरत सा माहौल दिखने लगता है । मुझे बचपन से ही होली का त्यौहार बेहद पसंद है ।वैसे भी बिहार की होली कुख्यात है । पर होली का त्यौह... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:22pm 12 Mar 2017
Blogger: Sunita Agrawal
मिलने को तुमसे मचलता बहुत है ये सैलाब आँखों में जलता बहुत है ढुलके तो तुम पर ये कर दे न जाहिर दिल पे इख्तियार अब भी तुम्हारा बहुत है ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   9:14am 14 Feb 2017
Blogger: Sunita Agrawal
इन्तजार की घड़ियां इतनी दुखदायी न थी ,मिलन की आरजू इस कदर परायी न थी ,ये कौन सी राह पर चल पड़ा ऐ !दिल बता ,तन्हाईयों में भी इस कदर तन्हाई न थी । ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   11:43am 10 Feb 2017
Blogger: Sunita Agrawal
राक्षसी मुखौटे लगायेउफनती लहरेबार बार किनारो पर धकेल देती हैभरसक कोशिश करती है डराने  कीमौत का भय दिखाती हैपर हिम मानवो की गोद में खेली नदी को जूनून है  औरोरा बोरेअलिस की धुन पर नाचने काबरमूडा ट्रायंगल में खो कर उसके रहस्य को जानने काअंटार्टिका की  पें... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   12:07pm 21 Jan 2017
Blogger: Sunita Agrawal
वो जो लिखी थी कभी एक ग़ज़ल तुमनेरिस रिस के बह  रही है आज जिस्म से मेरे ॥छोड़ गए थे तुम जहाँ बात अधूरीठहरे हैं वहीँ पर अब तलक लफ्ज़ मेरे ॥ ... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   12:37pm 19 Jan 2017
Blogger: Sunita Agrawal
चित्र गूगल से साभारआओ फिर शर्म करेसभ्य होने अदा रस्म करेंकिसी ने कहा "कपड़ो का ख्याल रखो"किसी ने "शाम होने के बाद घर से न निकलो"किसी ने कहा "पुरुष मित्र न बनाओ "किसी ने शराब न पीने की सलाह दीकारण??सबने एक सुर में कहा पुरुष जानवर होते हैमौका देख फायदा उठाते हैनोचते खसोटते हैत... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   11:51am 6 Jan 2017
Blogger: Sunita Agrawal
1) टेढ़े  है रस्ते लगेगी जरा देरीउन तक पहुंचेगी सदा मेरी ।वो जो जीते रहे तुम्हे देख करउनको मार डालेगी खता तेरी ।2)कुछ पल तुझसे  बतला   लूँ तो चलूँतस्वीर  नयनो में बसा  लूँ तो चलूँकहते थे मुझको कभी जो  जिंदगीजिन्दा हूँ अब तक बता दूँ तो चलूँ ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   10:40am 27 Dec 2016
Blogger: Sunita Agrawal
लघुकथा लिखने का प्रथम प्रयासआप मित्रो का मार्गदर्शन सदैव अपेक्षित है ☺चोरी--------------------------"बदलेगा सब बदलेगा,थोड़ा समय तो चाहिए न ,कोई छोटा मोटा रोग नही न है इ भ्रष्टाचार।""पचास दिन कहले थे परधान मंत्री जी ,तियालीस दिन हो गया ।हम लोग को तो अभी तक सब्जी ,राशन ख़रीदे में मुश्किल ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   12:48pm 25 Dec 2016
Blogger: Sunita Agrawal
फिर बीत गयाआज का दिन ...कुछ अनकही बातों के साथकुछ बिसरी यादों के साथकुछ मीठे ख्यालो के साथकुछ अनसुलझे सवालों के साथकुछ इन्तजार के साथकुछ उम्मीदों के साथफिर बीत गयाआज का दिन ।*नेह सुनीता*... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   10:48am 8 Dec 2016
Blogger: Sunita Agrawal
यूँही  दो लाइन में मन की बात लिखने की कोशिश :)_________________________________पुराने जख्मो का उनसे क्या करना ज़िकरइश्क फिर सामने खड़ा है नया फरेब लेकर ।_________________________________बीत जाते है मेरे दिन रात उन्हें देखते सुनतेउनको ये गम है कि हम कुछ नही कहते  । **Neh sunita**(Sunita Agarwal)... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   12:03pm 2 Dec 2016
Blogger: Sunita Agrawal
दोहा एक प्रयास ___/\___१)अंतरजाल का बज रहा जग में डंका जोर ।अक्कड़ बक्कड भूले बच्चे थामे माउस छोर ॥२) प्रीत की कैसी बानगी नेह समझ ना आय ।भँवरे को जिनगी मिली पतिंगा जान गँवाय ॥   ... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   11:54am 23 Jul 2016
Blogger: Sunita Agrawal
यूँ ही चलते चलते  .... दो लाइन___________________________१) नजर तुझसे हटती नहीं नजारों का क्या करूँतुझसे ही आबाद जिंदगी बहारों का करूँ  ।********************************२)लानतों मलालतो का दौर है थोड़ा और चलने दोये खुशबू  है प्यार की खुलकर बिखरने दो  ।*********************************३)मेरी मैय्यत पर  जब आना थोड़ी मुस्कान ले ... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   1:24pm 7 Jul 2016
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3911) कुल पोस्ट (191501)