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Blog: adhyatm

Blogger: inder singh
हज़रत निजाम्मुद्दीन औलिया जी एक शिष्य था ,  उस शिष्य का असली नाम तो मुझे याद नहीं आ रहा है . {आप पढने वालों में से किसी को याद आ जाये तो कृपया मेरे टाइम लाइन या प्रोफाइल पेज पर मेसेज बॉक्स में लिख दें ,मैं यहाँ जोड़ दूंगा }औलिया साहिब का एक शिष्य बेहद धनवान था . पैसा तथा जमीन ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   7:42pm 7 Apr 2013 #
Blogger: inder singh
बहुत भयंकर  तूफान में घिरा हुआ एक जहाज समुद्र में जा रहा था । दूर दूर तक कोई किनारा नज़र न आ रहा था । सभी की निगाहें आकाश की तरफ उठी हुई थीं । शायद प्रभु से कोई आस लगा राखी थी । जहाज़ का कप्तान देख रहा था , कहीं कोई टापू , कोई पेड़ या कोई कोई उड़ता हुआ पंछी ही नज़र आ जाए ताकि जी... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   5:56pm 27 Mar 2013 #
Blogger: inder singh
एक समय की बात है कि एक पूर्ण संत महापुरुष जी के आश्रम में उन्ही के साथ रह रहे एक शिष्य ने अपना शरीर त्याग दिया .अभी शिष्य की साधना पूर्ण न हुई थी, उसे बाकी साधना पूरी करनी थी .पूर्ण संतो के शिष्यों को  अगला जन्म भी मनुष्य का ही मिलता है , पर उस शिष्य को अगला जन्म तोता का मिला ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   2:46pm 24 Mar 2013 #
Blogger: inder singh
आस्ट्रिया के टौर्न पर्वत से नोद्रम नामक एक झरना बहता है । हर तीसरे पहर ३. ३ ० बजे  उस पर एक इंद्र धनुष उदित होता है । यह समय इतना निश्चित है कि लोग इस से अपनी घडी मिलाते हैं । इटली के आर्मिया क्षेत्र में एक जल स्रोत है । उसमे सर्दियों के मौसम में गर्म पानी निकलता है , भा... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   2:41am 18 Mar 2013 #
clicks 169 View   Vote 0 Like   1:26pm 17 Mar 2013 #
Blogger: inder singh
jeevat marna bhavjal tarnaਇੱਕ ਸਮਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਇੱਕ ਸਾਰਾ ਸੰਤ ਮਹਾਪੁਰੁਸ਼ ਜੀ   ਦੇ ਆਸ਼ਰਮ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ  ਦੇ ਨਾਲ ਰਹਿ ਰਹੇ ਇੱਕ ਚੇਲਾ ਨੇ ਆਪਣਾ ਸਰੀਰ ਤਿਆਗ ਦਿੱਤਾ  . ਹੁਣੇ ਚੇਲਾ ਦੀ ਸਾਧਨਾ ਸਾਰਾ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਸੀ ,  ਉਸਨੂੰ ਬਾਕੀ ਸਾਧਨਾ ਪੂਰੀ ਕਰਣੀ ਸੀ  . ਸਾਰਾ ਸੰਤੋ  ਦੇ ਸ਼ਿਸ਼ਯੋਂ ਨੂੰ  ਅਗਲਾ ਜਨਮ ਵੀ ਮਨੁੱਖ ਦਾ ਹੀ ਮਿਲਦਾ ਹੈ  ... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   1:14pm 17 Mar 2013 #
Blogger: inder singh
एक बार की बात है कि एक गाँव में एक छोटा सा बालक अपने पिता के संग बहुत खुशहाल हालात में अपने घर आराम से रहता था . एक दिन बालक ने अपने पिता से शहर जाने के लिए कहा . पिता ने समझाया कि शहर अच्छा नहीं होता है . हम अपने गाँव में बहुत सुखी हैं , पर बालक अपनी जिद ठान कर बैठ गया . वह रोने लग ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   12:39pm 17 Mar 2013 #
Blogger: inder singh
भारत का एक शाश्वत प्रश्न है जिसका उत्तर पुरातन काल से ढूंडा जा रहा है, और ढूंडा जाता रहेगा .प्रश्न है कि  मैं कौन हूँ ,मैं कहाँ से आया हूँ और कहाँ मुझे जाना है ? जिन्हें इस प्रश् का उत्तर मिल गया वे जन्म और मृत्यु के 84 के चक्र से आजाद हो गए .एक घटना का ज़िक्र कर रहा हूँ .घटना ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   11:06am 17 Mar 2013 #
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