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Blog: HEART SINGS

Blogger: anurag singh
कभी सपने सज़ाता है कभी आंसू बहाता है खुदा दिल चीज़ कैसी है जो पल में टूट जाता है मेरी ज़र्रा नवाज़ी को न कमज़ोरी समझना तुम अदाकारी परखने का हुनर हमको भी आता है ये उठते को गिराता है ये गिरते को उठाता है अरे ये वक्त ही तो है सदा हमको सिखाता है जो ज़ेरेख्वाब ही मदमस्त हो अपने लिए जी... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   9:18am 13 Jul 2013 #
Blogger: anurag singh
मुझसे मेरी हयात ऐसी दिल्लगी करेमंजिल का मेरी फैसला आवारगी करेतुझसे भी हैं ज़रूरी दुनिया में और कामसब को भुला के कौन तेरी बंदगी करेबेपीर बेमुरव्वत मुझसे न पूंछ कुछ भीमेरा बयान-ए-हाल ये बेचारगी करेमुद्दत से थोड़े ख्वाब सहेजे हैं आँख मेंकी इंतज़ार-ए-आब जैसे तिश्नगी करे... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   9:10am 29 Jun 2013 #
Blogger: anurag singh
मै खड़ा हूँ यूँ बांहों को खोले हुए मेरी बाँहों में आने का वादा करो मै जहाँ ये भुला दूँगा सुन लो मगर मुझको दिल में बसाने का वादा करो मै जो अब तक अकेला हूँ जीता रहा धुंधले ख्वाबों को आँखों से सीता रहा ये जो कोरी पड़ी है मेरी जिंदगी रंग अपना चढ़ाने का वादा करो मै खड़ा हूँ यूँ बांह... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   4:25pm 24 Jun 2013 #
Blogger: anurag singh
यूँ पाठ जिंदगी का, पढ़ाने का शुक्रियाकी बेरुखी से मुझको, भुलाने का शुक्रिया गुज़रे हुए निशान कुछ, रेती पे पैर के यादें यूँ अपनी छोड़ के, जाने का शुक्रियाकोई तो चाहिए ही था, इक हमसफ़र तुझे दिल में किसी को और, बसाने का शुक्रियारातों से हो गयी है, मुहब्बत सी अब हमें ख्वाबों में ही... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   3:43am 11 Jun 2013 #
Blogger: anurag singh
भले ही आज जीवन में, तेरी कायम अँधेरा है इसी दुनिया में ही लेकिन, कहीं रौशन सवेरा है मै इक ऐसा परिंदा हूँ, नही सीमाएं है जिसकी मेरी परवाज़ की खातिर, ये दुनिया एक घेरा है कभी हिंदू कभी मुस्लिम. रहे हैं हारते हरदम सियासत खेल ऐसा है, न तेरा है न मेरा है कुतरते ही रहे है देश को, हरदम... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   10:28am 5 Jun 2013 #
Blogger: anurag singh
मै नही कहता कि बस भगवान होना चाहिए आदमी के दिल में तो इंसान होना चाहिए पास ही संसद बसी है प्रेत नेतों की यहाँ साथ में हर दम यहाँ लोबान होना चाहिए हाँ भले बंगले न हो इस आज की अवाम के पर सभी के पास एक माकान होना चाहिए कमतरी कपड़ों कि है न प्यार की विश्वास की नारियों का आज भी सम्... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   12:52pm 30 May 2013 #
Blogger: anurag singh
आज भी ढूँढता रहता हूँ तुम्हे पागलों कि तरह हाँ बिलकुल पागलों कि तरह देता रहता हूँ मै खुद को ही झूठी सांत्वना कैसे मिटा दूँ ये यादें ?जिनमे बसते हो तुम मै हूँ किसी उजाड सूखे पेंड़ सा और यादें हैं हरी बेलों कि तरहजिन्होंने बचा रखा है मेरा अस्तित्वहरा रहने का जो ल... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   3:40am 29 May 2013 #
Blogger: anurag singh
जिधर देखता हूँ नशा ही नशा है इधर कहकशा है उधर कहकशा है कई रोज तूफान को झेल कर केजहाज़ी ये साहिल पे आकर फंसा है भले सांप सारे हैं अपने बिलों में मेरे मुल्क को कुर्सियों ने डसा है ज़रा मुल्क का अपने नक्शा उठानाबताना कहाँ आज भारत बसा है नहीं कोई दुश्मन रहा दोस्त होगाजो ये तीर ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   2:54am 25 May 2013 #
Blogger: anurag singh
मेरे सीने में मेरे दिल को खंगाला जाए मेरे हालात को कुछ ऐसे सम्हाला जाए मै नही कहता कि वो भी भूल जाए मुझे पर मेरी याद से उसको तो निकाला जाए सोते जगते जुबां पे अपनी नाम भारत हो ख्याल-ए-मुल्क को कुछ इस तरह पाला जाए न अपनी सभ्यता को छोड़ कभी जाएँ कहीं नई पीढ़ी को इस हिसाब से ढाला ज... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   9:21am 19 May 2013 #
Blogger: anurag singh
अश्क आते रहे, हम छिपाते रहे दर्द उठता रहा, हम दबाते रहे तुमने सुन कर के भी, अनसुना कर दिया हम तुम्हारी गज़ल, गुनगुनाते रहे मन भी तेरा रहा, तन भी तेरा रहा गीत अपने बचे, जिनको गाते रहे ज़ख्म पे ज़ख्म देता रहा, हर कोई   फिर भी क्यों बेवजह, मुस्कुराते रहे मेरे दिल पे लिखी, तेरी हर इ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   4:47am 16 May 2013 #
Blogger: anurag singh
माँ जो होती है सदा अपने बच्चों के लिए भगवान या उससे भी बड़ी कोई और नही कर सकता उनकी बराबरी यहाँ तक कि ईश्वर भी.अनादि कल से प्राप्त है माँ को प्रथम गुरु होने का श्रेयऐसा गुरु जिसे कबीर ने बताया है ईश्वर से भी महान.जो हमेशा हमारी ही करती हैं चिंता खुद सोती है गीले में हमें सुल... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   3:11am 12 May 2013 #
Blogger: anurag singh
हमें तन्हाई में यादें तुम्हारी आती हैं रोज आती हैं हमे रोज ही जलाती हैं अपनी यादों से कहो यूँ न सताएं हमको जब भी आती हैं हमें बेवजह रुलाती हैलाखों कोशिस से है यूँ हमने मनाया दिल को याद फिर से पुराने गीत गुनगुनाती हैं हालाकीयाद की अपनी कई जरूरत हैं जिंदगी जीने का ये रास्... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   2:18am 11 May 2013 #
Blogger: anurag singh
आज फिर मुझको सताने को तेरी याद आयी,तुझसे महरूम दीवाने को तेरी याद आयी,दिल-ए-मासूम पे इस दुनिया ने ढाए जो सितम,दर्द दिल के ही भुलाने को तेरी याद आयी,मन को बहलाना और समझाना है नही आसां,मुझे ये राज़ बताने को तेरी याद आयी,उसकी यादें ही मेरी आखिरी अमानत हैं, हमें शायद ये जताने को ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   1:59am 11 May 2013 #
Blogger: anurag singh
मालिक तुझे दुनिया को बसाने का शुक्रिया इंसान को इंसान बनाने का शुक्रिया तेरा रहा तो मैंने भले काम कर लिए मुझसे न बुरा काम कराने का शुक्रियाइस देश में जनम दे देवों कि भूमि जो,मुझको ये बड़ी शान दिलाने का शुक्रियाइंसान हूँ इंसान कि आदत है गलतियाँगलती को माफ़ करते ही जाने ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   1:25am 1 May 2013 #
Blogger: anurag singh
अपने हयात गम में डुबोता रहा हूँ मैं,खुद को ही नस्तरों से चुभोता रहा हूँ मैं,तेरी हैं ये अमानतें जिनको सम्हाल कर,हर ज़ख्म एक साथ पिरोता रहा हूँ मैं,कोई गिला नही है इन आँखों में अब तेरा,अश्कों से अपनी आँख यों धोता रहा हूँ मैं,ज़श्न-ऐ-ज़हाँ के शोर में कुचली सी सिसकियाँ,महफ़िल से फ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   4:05am 28 Apr 2013 #
Blogger: anurag singh
 शांत है विद्रोह पर सेना खड़ी तैयार हैहमको अपनी बात भी न रखने का अधिकार हैगर करो आवाज ऊंची लाठियां खाओगे तुमबंधनों में बांधती भारत को ये सरकार हैबात अपनी रख रहे लोगों को डाले कैद मेंहाँ भले मुजरिम जो जाए तो इन्हें स्वीकार हैवक्त है अब भी जो चेतो देख लो अच्छी तरहझूठ की, ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:57am 26 Apr 2013 #
Blogger: anurag singh
इंसान को इंसान बनाती हैं गलतियाँ अनुभव के साथज्ञान भीलाती हैं गलतियाँ  आखिर कमी कहाँ थी क्या बात रह गई तुमको तुम्हारी भूल बताती हैं गलतियाँहर राह पे चलने के कुछ अपने कायदे हैं ठोकर कि तरह तुमको सिखाती हैं गलतियाँआगे पता चलेगा इनकी जरूरतों का तुमको भले ही आज सताती है... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   7:53am 14 Apr 2013 #
Blogger: anurag singh
आज फिर धुप नही निकली है, देखो फिर काली घटा छाई हैआज तक इन्त्जार था जिसका, अभी शायद वो घड़ी आई हैवो बिन बताए ही जाने का गिला, पलट के देख न आने का सिलागमो को बाँध कर वो आँचल से, न जाने कितने शिकवे लाई है इन आलिशान खड़े बंगलों से, मगर इंसानियत में कंगलों से इन अमीरों से कोई तो पूछ... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   9:34pm 26 Feb 2013 #
Blogger: anurag singh
 कभी-कभी तन्हाई की आवाज सुनाई देती है कभी-कभी इक सोई सी, हसरत अंगड़ाई लेती हैदुनिया के इन तौर तरीकों के डर से सहमी-सहमीएक भोली पर सच्ची सी,सूरत दिखलाई देती है दिल वालों की दिल्ली में अब पत्थर दिल हैं लोग यहाँ बेमतलब के मुद्दों की,घंटों सुनवाई होती है इस बदली दुनिया के है ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   7:15pm 29 Jan 2013 #
Blogger: anurag singh
कभी सूरज नही निकला तो क्या अज़ब होगा ?उसकी इस बेवफाई का भी एक सबब होगाकि जिसकी सादगी पे दुनिया सारी मरती है उसका हंस कर के मचलना भी क्या गजब होगावो जिस घड़ी में कभी हमने तुझे देखा था न मुझे याद पर वो माह ही रज़ब होगाहैं तार-तार ही करते रहे जो मानवता न उनकी कौम ही और न कोई मज़ब ह... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   6:21pm 29 Jan 2013 #
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