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Blog: varahiya-shree

Blogger: Shreeshrakesh jain
बृहत्तर ग्वालियर में जैन समाज द्वारा 'जैन समाज रत्न 'सम्मान से विभूषित श्रीमान शीतल प्रसाद जैन आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं |उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जीवट और सक्रियता हम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है|आप गुलिया गोत्रोत्पन्न शमसाबाद निवासी श्रीमान गुलाबचंद जी वर... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   4:35am 26 Dec 2017 #दिगंबर जैन
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भंडारी  गौत्रोत्पन्न   श्री रामजीत जी  जैन |जैन जगत को जिन्हनें दीं हैं कई अनूठी देन||'वरहियान्वय'जैसी कृति जिनके श्रम का प्रतिफल है |गौरवान्वित हो समाज ,रहा जिनका इस पर बल है ||जिन्हने खोजा बिखरे सूत्रों को, कर अथक प्रयास |अल्पख्यात वरहिया समाज को दिया प्रथम इतिहास ||... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   4:13pm 9 Apr 2016 #वरहिया
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हे इन धूल भरे हीरों के  सुख सौभाग्य विधाता |जैन जगत में धार्मिक शिक्षा पथ के नवनिर्माता ||तुम अज्ञान अमा हर लाये,धर्म ज्ञान की ऊषा |जैन भारती को दी तुमने मनोहारिणी  भूषा ||ओ ज्ञानार्थी शरण तुम्हारी पहुँच बना अनुगामी |हुआ वहीँ कुछ दिवसों में ही,ज्ञान कोष का स्वामी ||धन्य ... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   1:41am 8 Apr 2016 #वरहिया
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ओ स्यादवाद-सिद्धांत -निलयओ विद्यावारिधि अति अगाध |वादीभकेशरी   ओ    दिग्गजविद्वान्-शिरोमणि !निर्विवाद ||ओ कर्मठ त्यागी ! ओ नैष्ठिकओ कुशल प्रवक्ता ! पत्रकार  !ओ सफल सुलेखक !अध्यापक !युगनिर्माता    साहित्यकार  ||ओ जैन वांग्मय के   शोधकअनुशीलनकर्ता   ज्ञानवान |त... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   6:00pm 7 Apr 2016 #
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पिता हकीम ताराचंद जी के दिलों की धड़कन और माता गौराबाई की आँखों के तारे ,सबके लाड़ले पन्नालाल जी का जन्म 25 मार्च सन 1934 में म.प्र. के शिवपुरी जिले के ग्राम मगरोनी में हुआ था |बालक पन्नालाल बहुत सौम्य,गंभीर स्वभाव के थे |समय के साथ उनकी यह सौम्यता  और गाम्भीर्य और पुष्ट होता ग... Read more
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प्राचीन काल में भारत के प्रायः सभी भागों में ,विशेष रूप से उत्तर भारत में जैन धर्म के अनुयायियों की काफी बड़ी संख्या रही है |विहार ,झारखण्ड ,उड़ीसा ,बंगाल आदि प्रदेश जो पार्श्वनाथ और वर्धमान महावीर की कर्मस्थली रहे हैं ,में उनके अनुयायियों की बहुत बड़ी संख्या थी |       ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   10:32am 22 Feb 2016 #
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ग्वालियर जनपद में स्थित 'करहिया 'ग्राम वरहिया जैन समाज की प्रमुख निवास-स्थली के रूप में जाना जाता रहा है |इस ग्राम का इतिहास बहुत गौरवशाली है |इस ग्राम ने अपनी क्रोड में उत्पन्न अनेक रत्न वरहिया जैन समाज को दिए हैं |जिनमें 'वरहिया-विलास'कृति के प्रणेता पंडित लेखराज जी वर... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   4:40pm 6 Aug 2015 #
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लम्बी कद काठी व गाम्भीर्य ,सहजता,और मिलनसारिता के सजीव विग्रह पलैया गौत्रोत्पन्न लालमणि प्रसाद जैन ,जिन्हें लालमन जी के नाम से प्रायः लोग जानते हैं -का जन्म ईस्वी सन 1937 में भाद्रपद शुक्ला षष्ठी को ग्वालियर जनपद के करहिया ग्राम में हुआ |आपके पिता का नाम श्री लखमी चन्द्र ... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   1:43pm 24 Nov 2014 #
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शमशाबाद ,आगरा जनपद का एक प्रमुख क़स्बा है |यहाँ वरहिया जैन समुदाय के लगभग पैंतीस-चालीस परिवार निवास करते हैं |ये सभी प्रायःव्यवसायी हैं और आनुपातिक रूप से  यहाँ के व्यापार के एक बड़े भाग पर इनका नियंत्रण है |सिंघई फूलचंद्र जी भी इन्हीं में से एक हैं ,जो यहाँ किसी परिचय के ... Read more
clicks 270 View   Vote 0 Like   10:33am 10 Nov 2014 #
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करहिया ग्राम ग्वालियर देहात (गिर्द)जिले में ग्वालियर से 60 किलोमीटर की दूरी  पर स्थित है |विक्रम संवत 1632 में परमार वंशी क्षत्रिय खड़गराय ने नरवर के तत्कालीन नरेश गजसिंह कछवाह की अनुज्ञा प्राप्त कर यह ग्राम बसाया था जो विन्ध्यघाटी में नरवर से 16 मील की दूरी  पर स्थित है |... Read more
clicks 276 View   Vote 0 Like   6:03am 21 Apr 2014 #दिगंबर जैन
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जैन मठों और संस्थानों के प्रबंधन का दायित्व जिन यति तुल्य गरिमाओं के कन्धों पर रहा है, वे जैन परंपरा में भट्टारक के नाम से विश्रुत हैं | सुदूर अतीत में भट्टारक भी जैन मुनियों की भांति नग्न रहते थे लेकिन कालांतर में वस्त्र धारण करने की प्रथा आरंभ हुई | 'णग्गो विमोक्ख मग्ग... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   3:50am 23 Mar 2014 #वरहिया
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घटते लिंगानुपात याने लड़कों की तुलना में लड़कियों की कम संख्या के चलते एक विकट सामाजिक संकट पैदा हुआ है |जिसके फलस्वरूप विवाह की देहली सीमा पर और उसके पार खड़े वरहिया जैन समुदाय के जिन युवाओं का गृहस्थी बसाने का सपना टूटकर बिखर चुका है ,वे अपने भविष्य को लेकर बेहद तनावग्र... Read more
clicks 284 View   Vote 0 Like   6:21pm 21 Mar 2014 #
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जैन-जाग्रति के पुरस्कर्ताओं की पंक्ति में एक उल्लेखनीय नाम स्यादवादवारिधि,वादीगजकेशर,न्यायवाचस्पति,गुरुवर्य पंडित गोपालदास वरैया का है |पंडित जी का जन्म ई.1867  में आगरा(उ.प्र.)में श्री लक्ष्मण दास जी जैन के घर हुआ था |आपके पिता की आर्थिक स्थिति बहुत सामान्य थी |जिसके ... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   3:03pm 20 Feb 2014 #
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म.प्र. के रतलाम जिले में स्थित जावरा, मालवांचल का एक प्रमुख क़स्बा है |सम्प्रति यही क़स्बा श्री राजमल जी वरैया का गृहनगर है |जावरा में राजमल जी वरैया किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं | आपके पिता भंडारी गौत्रोत्पन्न श्री मुन्नालाल जी वरहिया मुरैना जिले के सुमावली ग्राम के निव... Read more
clicks 269 View   Vote 0 Like   4:11pm 19 Feb 2014 #वरहिया
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घटते लिंगानुपात के चलते वरहिया जैन समुदाय इस समय गंभीर सामाजिक संकट से गुजर रहा है जिसका कारण विवाहार्थी लड़कों की तुलना में विवाहार्थी लड़कियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी होना है |योग्य वर की तलाश में वरहिया जैन समुदाय की कई लड़कियों का विजातीय जैन समुदायों  के लड़को... Read more
clicks 277 View   Vote 0 Like   10:41am 17 Feb 2014 #
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वरहिया जैन समाज की विद्वत परंपरा में पंडितवर्य गोपालदास जी वरैया के पश्चात् पं.छोटेलाल जी वरैया का नामोल्लेख आता है |समूचे मालवांचल में समादृत और उज्जैन के शीर्ष जैन विद्वानों में सुमेरु तुल्य पंडित छोटेलाल जी वरैया का जन्म भाद्रपद कृष्णा 5 संवत 1965 में ग्राम आमोल जिल... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   5:37am 17 Feb 2014 #
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पंडित मोहन लाल जैन ,जो पं. मिहीलाल जैन के नाम से भी ख्यात रहे हैं - का जन्म ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी वि.संवत 1976 में ग्राम आमोल, जिला शिवपुरी में हुआ |आपके पिता श्री गंगाराम जी वरहिया अत्यंत विनम्र और सरल स्वभावी व्यक्ति थे |                                         ... Read more
clicks 276 View   Vote 0 Like   5:31pm 13 Feb 2014 #
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वरहिया जैन समाज को एक स्वतन्त्र और मूल जैन जाति या संघटना सिद्ध कर उसे दिगंबर जैन समाज में गौरवपूर्ण स्थान दिलाने और उसका इतिहास लिखने वाले श्री रामजीत जैन ,(एड.)का जन्म उ.प्र.के आगरा जिले के ग्राम-कुर्रा चित्तरपुर में 2 जनवरी 1923 में हुआ |आपके पिता श्री करणसिंह जैन उस क्षे... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   11:53am 3 Feb 2014 #
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डॉ.कैलाश  'कमल'ग्वालियर के साहित्याकाश में उदित हुआ ऐसा जाज्वल्यमान नक्षत्र है जिसके प्रकाश से समूचा जैन जगत आलोकित रहा है |उनके लिखे आध्यात्मिक पद और भक्ति गीत के मधुर स्वर प्रायः  सभी जैन तीर्थों में गुंजरित होते हैं |ग्वालियर के प्रतिष्ठित वैद्य कविराज श्रीलाल ... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   2:21pm 21 Oct 2013 #
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                      हिंदी साहित्य के संवर्धन में जैन कवियों का विशिष्ट योगदान रहा है |उन्होंने इस काव्य वाटिका की शोभा को द्विगुणित किया है और हिंदी को जनप्रिय बनाया है |ऐसा ही एक ग्रन्थ वरहिया जाति के रत्न कुम्हरिया गौत्रोत्पन्न महाकवि परिमल्ल का 'श्रीपाल-... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   4:35pm 16 Oct 2013 #वरहिया
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इतिहास अतीत का प्रामाणिक भौतिक दस्तावेज होता है जो अनेक लिखित-अलिखित साक्ष्यों के दृश्य अदृश्य सूत्रों से गुंथा होता है |जिन साक्ष्यों का भौतिक और दृश्य अस्तित्व होता है ,यत्र-तत्र बिखरा होने के कारण उनका संकलन  करना भी एक दुष्कर कार्य है लेकिन अदृश्य सूत्रों को अत... Read more
clicks 375 View   Vote 0 Like   6:54am 14 Oct 2013 #दिगंबर जैन
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हे सभी वरहिया जैनों से ,मेरा विनम्र अनुरोध जितना संभव हो,नहीं करें आपस में वैर-विरोध |कर लें चिड़ियाँ भी एका यदि ,लें खींच शेर की खालचल पड़ें कदम सब एक साथ ,आ जाते हैं भूचाल |मोटी लकड़ी को तो कोई ,चाहे सकता हो तोड़ तिनके हों अगर इकट्ठे तो होते अटूट ,बेजोड़ |शक्ति है बहुत स... Read more
clicks 393 View   Vote 0 Like   3:46am 10 Sep 2013 #
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               पंडितवर्य गोपालदास जी वरैया को दिगंबर जैन प्रान्तिक सभा मुंबई द्वारा 'स्याद्वादवारिधि ' उपाधि से सम्मानित करते हुए उन्हें समर्पित अभिनन्दन-पत्र जिसमें उनका व्यक्तित्व और कृतित्व प्रतिभासित होता है |                                 ... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   6:25am 26 Aug 2013 #
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जैन धर्म और दर्शन एक अतिप्राचीन और अवैदिक चिंतन-परंपरा है, जिसका एक समृद्ध और गौरवशाली इतिहास है |भारतीय दर्शन के अक्षय ज्ञानकोष को भरने में जैन चिंतन-परंपरा का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है|जैन मतावलंबियों की संख्या यद्यपि बहुत कम है लेकिन उन्होंने जीवन के सभी प्रमुख क... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   6:58pm 13 Mar 2013 #
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