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Blog: AKSADITYA

Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
अगले 5 साल मोदी-2, पूत के पाँव पालने में दिख रहे... जी हाँ,विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत के मतदाताओं ने 2019 के आम चुनावों में फैसला दिया है कि नरेंद्र मोदी ही अगले 5 सालों के लिए भारत के प्रधानमंत्री होंगे|पूर्ण बहुमत की सरकार को दोहराने का कारनामा इसके पूर्व सिर्फ द... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   6:39pm 30 May 2019 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
भारत में लोकतंत्र का भविष्य देश के उदारवादी तबके के बुद्धिजीवि और प्रगतिशील लोगों के साथ साथ आमजनों का भी बहुत बड़ा तबका है जो भारत में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित है| लोकतंत्र, जिसे स्वतंत्रता के 67 वर्षों में मात्र कुछ माह को छोड़कर हमारे देश के उदारशील प्रगतिवाद... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   6:16pm 21 May 2019 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
ME TO47 जवानों की शहादत तो परम सत्य है, उसके लिए प्रत्येक नागरिक को दुःख है और शोक है| पर,ये कैसे हुआ और कौन दोषी हैं? ये पूछने का अधिकार भी प्रत्येक नागरिक को है| सेना केवल सरकार कि नहीं है कि उसके साथ क्या हो रहा है, वह नागरिक न पूछ सके| सेना देश की है और प्रत्येक नागरिक को उसकी... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   10:46am 23 Mar 2019 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
ME#TOसेम पित्रोदा अकेला नहीं,पूरे 128 करोड़ में से लाख दो लाख को छोड़कर सभी यही सवाल कर रहे हैं,उन लाख दो लाख में से कुछ अभी यहाँ फुदकेंगे,गाली गलोज करेंगे,सवाल पूछने वालों को राष्ट्र द्रोही और देश द्रोही ठहराएंगे,पर सवाल करना एस देश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है,और सवाल के ज... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   10:43am 23 Mar 2019 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
बीएसएनएल के कर्मचारी कामचोर नहीं हैं...(यह एक मशहूर कहावत के समान ही है कि नागिन खुद अपने बच्चों को जन्म देने के बाद खा जाती है क्योंकि वह अंधी हो जाती है| सरकारें भी 1991 से अंधी हो गईं हैं और अपने उपक्रमों को खा रहीं हैं|)जब कभी भी कर्मचारियों के, मेरा मतलब शासकीय, अर्द्ध शास... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   6:33pm 17 Mar 2019 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
माओवादी किसकी मदद कर रहे हैं?दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के नीलावाया गाँव के नजदीक आज फिर माओवादियों ने पुलिस की पार्टी पर हमला किया| दो पुलिस वालों के साथ वहाँ दूरदर्शन के एक केमरामेन की भी मृत्यु गोली लगने से हुई है| ऐसा बताया गया है कि दूरदर्शन की यह टीम वहा... Read more
clicks 8198 View   Vote 0 Like   5:10pm 30 Oct 2018 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
राहुल गांधी की आजकल कुछ तारीफें हो रही है और कहा जा रहा है कि वे विपक्ष के सशक्त नेता और भावी प्रधानमंत्री के रूप में उभर रहे हैं । उसी सांस में तारीफ़ करने वाले यह भी कहते हैं कि राहुल गांधी देश की किसी बड़ी समस्या के बारे में कुछ नहीं बोलते। उनके पास न तो कोई विचार दृष्टि ... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   6:51pm 17 Oct 2018 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
गड़करी जी के बड़े बोलबड़बोलापन कभी कभी स्वयं को ही कितना नुकसान पहुंचा सकता है, इसकी एक मिसाल आज सड़क मंत्री गड़करी जी ने पेश की| प्रणव मुखर्जी के द्वारा आरएसएस के समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने पर कांग्रेस के द्वारा किये गए विरोध के खिलाफ वे प्रेस कांफ्र... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   5:22pm 29 May 2018 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
दक्षिण पूर्व एशियन देशों के संघ की 13 नवम्बर को मनीला में अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई बैठक के पहले जो कुछ प्रधानमंत्री ने कहा देश के समाचार पत्रों, मीडिया चेनलों और यहाँ तक कि राजनीतिक दलों ने भी भले ही उसे कोई तवज्जो नहीं दी है, पर वह चिंतित करने वाला जर... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   5:14pm 21 Nov 2017 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
हाल ही में यह देखने में आ रहा है कि सोशल मीडिया में सक्रिय अनेक वामपंथी कार्यकर्ता और झुकाव रखने वाले लोग वर्तमान सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते समय उसी सांस में कांग्रेस को भी बराबर से कठघरे में रखने का प्रयास करते हैं| इसमें न तो कुछ गलत है और न ही अचंभित करने व... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   7:35pm 6 Nov 2017 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
कोसने का नहीं, चिंतन करने का विषय साक्षी महाराज को ऐसे ही बोलना था, जैसे वो बोले| साक्षी महाराजने जो कुछ भी कहा, वह एक सोची समझी रणनीति के तहत सरकार और भाजपा के आलाकमान की सहमति से ही कहा है| इसीलिये अभी तक किसी के भी तरफ से कोई खंडन या यह उनका व्यक्तिगत विचार है जैसा कोई ब... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   10:34pm 26 Aug 2017 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
क्यों नहीं पड़ता प्रधानमंत्री की अपील का प्रभाव?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार पुन: गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर चिंता व्यक्त की है| लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के द्वारा मानसून सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों की बुलाई गयी पारंपरिक बैठक के बाद सरकार की तरफ स... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   6:29pm 20 Jul 2017 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
                 आज देश का पूरा किसान समुदाय और कृषी क्षेत्र चम्पारण बना हुआ है| वर्ष 1915 में, दक्षिण अफ्रिका में सत्य, अहिंसा, सविनय अवज्ञा आन्दोलन जैसे हथियारों से रंगभेद के खिलाफ सफल संघर्ष चलाने के बाद भारत लौटे मोहन दास करमचन्द गांधी के लिए 1917 का चम्पारण सत्या... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   5:33pm 7 Jul 2017 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद विचारकों और विश्लेषण कर्ताओं ने अनेक तरह से उस लोकप्रियता के पीछे छुपे कारणों में झांकने का काम किया है| प्राय: सभी लोगों ने कहा कि पूंजी परस्त आर्थिक उदारीकरण में जहाँ सब्सिडी खत्म करने की होड़ लगी है, वहीं जयललिता तमिलना... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   8:16am 8 Dec 2016 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
क्या इस तरह खत्म होगा बस्तर में माओवाद ?अरुण कान्त शुक्ला : 12 नवम्बर, 2016  अभी कुछ दिनों पूर्व ही राज्योत्सव के शुभारंभ के लिए आये प्रधानमंत्री से मुलाक़ात करते हुए आई जी बस्तर, एसआरपी कल्लूरी ने प्रधानमंत्री से कहा कि वे चुनाव के पहले तक बस्तर में माओवाद को पूरी तरह खत्म ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   7:55am 21 Nov 2016 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
प्रधानमंत्री बूमेरंग से दो चार हो रहे हैं..देश में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा जिसे उरी स्थित सैनिक बेस पर रविवार के तडके हुए आतंकी हमले ने झकझोरा न हो| यद्यपि तीन घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद भारतीय सेना के जवानों के हाथों चारों आतंकी घुसपेठिये मारे गए, मगर इस दौरान भारती... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   10:17am 21 Sep 2016 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
‘छोटु’ बनेगा विधि सम्मत..सरकार से लेकर समाज की उस गहराई तक जो हमारे घरों तक भी पहुँचती है, बच्चे और स्त्रियाँ न केवल अनदेखी का शिकार होते हैं बल्कि प्राय: प्रत्येक तरह की प्रताड़ना के लिए सभी का आसान शिकार भी रहते हैं| बीते सप्ताह राज्य सभा ने बाल श्रम ( निषेध एवं विनियमन ) ... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   7:37am 27 Jul 2016 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
स्वतन्त्र भारत के इतिहास में शायद ही किसी वित्तमंत्री या उसके विभाग को बजट में किये गए प्रस्तावों में से किसी एक पर इतने स्पष्टीकरण देने पड़े होंगे, जितने अरुण जेटली और उनके वित्त मंत्रालय को कर्मचारी भविष्य निधी के 60% जमा हिस्से को आयकर के दायरे में लाने पर देने पड़ रहे ... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   11:11am 4 Mar 2016 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
प्रधानमंत्री मोदी के लिए परीक्षा का समय..पठानकोट एयर बेस पर हुए फिदायीन हमले ने भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर लगातार चलने वाली बहस को और गर्म तथा तेज कर दिया है| विशेषकर पाकिस्तान आर्मी से शह पाये आतंकवादी संगठनों द्वारा भारत में मचाये गए उत्पातों में शामिल लोगों और सं... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   12:39pm 8 Jan 2016 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
केजरीवाल हो या कीर्ति उन्होंने जेटली पर पैसा लेने का आरोप लगाया भी नहीं है..एक भी पैसा तो मनमोहनसिंह ने भी नहीं लिया था | सवाल तो अंधत्व का है याने अंधा बांटे रेवड़ी अंधों को बीन बीन..| यह काम याने 'अंधों को बीन बीन'तो मनमोहन ने भी नहीं किया था | सबसे बड़ा सवाल यह है कि वकील साहब ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   12:12pm 23 Dec 2015 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
      प्रदेश के साहित्यकारों और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों ने की मांग-प्रदेश के साहित्य और सामाजिक कार्यों से जुड़े 19 से अधिक लोगों ने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री व्ही के सिंह के गुरूवार को दिए गए उस बयान की घोर भर्त्सना की है, जिसमें केंद्रीय राज्यमंत्री ने हरि... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:01pm 23 Oct 2015 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
     सत्ता संभालने के साथ ही श्रम सुधारों को लागू करने की जो कवायद, हड़बड़ी एनडीए की सरकार ने दिखाई, उसकी हिम्मत तो सुधारों के पितामह मनमोहनसिंह भी नहीं कर पाए थे| सरकार बनने के दो महीने बाद ही, 30 जुलाई को मोदीकैबिनेट ने फ़ैक्ट्रीज़ एक्ट 1948, अप्रेंटिसेज़ एक्ट 1961 और ले... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   8:14pm 31 Aug 2015 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
जब मुझे पता चला कि राज्य शासन के जनसम्पर्क विभाग ने रायपुर के टाउन हाल में एक छाया चित्र प्रदर्शनी ‘सोनहा बिहान’ आयोजित की है और स्वतंत्रता दिवस की संध्या मुख्यमंत्री इसका शुभारंभ करेंगे तो यकायक मुझे तीन साढ़े तीन दशक पूर्व के लोककला मंच सोनहा बिहान और कारी का स्मरण ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:19pm 25 Aug 2015 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
क्या देश के मेहनतकशों को 19वीं शताब्दी के बर्बर दिनों में पहुंचाने की तैय्यारी है?20 जुलाई को 46वें श्रम सम्मलेन का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने जो भाषण दिया, वह देश के मेहनतकशों को निराश करने वाला नहीं बल्कि यह अहसास कराने वाला था कि उनकी सरकार देश में एक ऐसा श्रम माहौ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   1:41pm 23 Jul 2015 #
Blogger: अरुण कान्त शुक्ला
छत्तीसगढ़ी में आधुनिक रंगकर्म : चुनौतियां और संभावनाएं सभी कलाप्रेमियों को यह समझना भी जरुरी है कि केवल लोक रंगमंच या लोक संस्कृति ही सर्वोपरी नहीं है, आधुनिक रंगमंच भी एक उच्च स्तरीय कलाकर्म है, जो भाषा को गढ़ने और उसकी प्रौन्नति में अपनी महती भूमिका निभाता है| समकालीन... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   11:21am 28 Jun 2015 #
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