POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: anandkriti

Blogger: anand murthy
*******************लेखनी***************कभी मीरा कभी राधा कभी घनश्याम लिखती हूंकभी होठों की शबनम कभी तो ज़ाम लिखती हूंखुद को मिटाके भी सफ़े को रंगीन कर रही मौलाकभी रजनी कभी ऊषा कभी तो शाम लिखती हूं**********@आनंद*************************... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   5:30am 14 Jul 2017 #
Blogger: anand murthy
*******************************************चलो......फिर से दिवाली का इक जश्न मनाना हैगिले शिकवे के तिमिर से.....मुक्त मन बनाना हैअमावस की निशा में तो....हर ज्योति निराली हैभव्य दीपामालाओं से अपना गुलशन सजाना है@आनन्द*******************************************.article-content { -webkit-touch-callout: none; -khtml-user-select: none; -moz-user-select: -moz-none; -ms-user-select: none; user-select: none; } ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   2:08pm 29 Oct 2016 #
Blogger: anand murthy
होली के रंग में रंगे,   जाने माने रुप।मिटा द्वेष ऐसे मिले,बरसों बिछड़े भूप।।........................................................घृणा को तज  के हुये,प्रियवर के स्वरूप।और मुरझाए खिल उठे,कुसुमकोश पे धूप।।........................................................बूँदे ढलकी हँसी की,सूखे अधर अकूत।धरणी भी हर्षित हुई,जैसे मिले सपूत।।......... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   9:02am 1 Mar 2015 #
Blogger: anand murthy
उड़ी पतंग अरमानों की...... वो नील गगन आनंदित है उन्मुक्त उमंग तूफ़ानों की. वो वेग पवन आह्लादित हैनिर्बोध सही उन बच्चों सा  अंगारों का मर्दन करना हैसखी बनूँ   उड़ानों की वो सुरभित सुमन उल्लासित है .article-content { -webkit-touch-callout: none; -khtml-user-select: none; -moz-user-select: -moz-none; -ms-user-select: none; user-select: none; } ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   9:14am 17 Jan 2015 #
Blogger: anand murthy
कोई इस  नाचीज़  को ही चीज़ कह गयाखद्दर के  दुशाले  को कमीज़  कह गयाआज ताज़्ज़ुब हो गया इस कदर आनन्द इक अजनबी आके हमे  अज़ीज कह गया.article-content { -webkit-touch-callout: none; -khtml-user-select: none; -moz-user-select: -moz-none; -ms-user-select: none; user-select: none; } ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   1:02pm 21 Nov 2014 #
Blogger: anand murthy
इरादों से इरादों का बदलना भी जरूरी है..साख से बिछड़ों का पुनः मिलना जरूरी हैचंद रेखाओं से कभी तस्वीर नही बनतीलकीरों से लकीरों का मिलना भी जरूरी हैकुछ लोग हैं जो खुद को यूंही भूल बैठे हैंउनके आईनों से धूल का हटना जरूरी है.article-content { -webkit-touch-callout: none; -khtml-user-select: none; -moz-user-select: -moz-none; -ms-user-selec... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   7:27pm 15 Sep 2014 #
Blogger: anand murthy
देखते ही देखते कुछ लोग ग़ज़ल हो रहे थेकिसी से गुफ़्तगू के दरमियां वो फ़जल हो रहे थेहमे तो शौक था उनको झांक कर देखने कातजुर्बे की सुधा से होंठ उनके सजल हो रहे थे...................................................................गुस्ताखियां मेरी आज किसी के हाथ लग गईहोशियारी की तहों में सिलबटों की बाढ़ लग गईबड़े जोश म... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   11:58am 15 Jul 2014 #दिल का कोना..
Blogger: anand murthy
दिन के ढलते ही माँ की इक फरियाद होती है|जल्दी घर  आ जा तूँ  तेरी अब याद होती है||खाने की ताजगी की भी कुछ मियाद होती है|तेरे बिन छप्पन भोग की हर चीज बेस्वाद होती है||देखो गाँव से बाबा  न जाने कब से  आए हैं|माटी में लिपटी अठखेलियों की ही याद होती है||धीर के रुखसार पे अब बेचै... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   12:30pm 22 May 2014 #
Blogger: anand murthy
उल्फ़तों की जागीर को अपना बना के देख लोहार की सौगात को सिर माथे से लगा के देख लोहो जाएंगे इक रोज पीछे आँधियों के धुलझड़े भीसिद्दत से तूफान की चाल से चाल मिला के देख लो... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   9:45am 21 May 2014 #
Blogger: anand murthy
चुनावी चौराहों और चौपालों परचैतन्य वेग का रेला हैदूर-दराज सूनसानों में भीकैसा जमघट कैसा मेला हैवादों में लहरा के चलते हैंकभी खुद औहदों पर इतराने वालेआरोपों और प्रत्यारोपों कारोचक खेल दिखाने वालेगली-गली और बस्ती-बस्तीशहर की सकरी गलियों सड़क किनारे झोपड़ पट्टी में&nb... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   12:50pm 22 Apr 2014 #
Blogger: anand murthy
चाय की चुस्कियों मेंबैठक में  बैठकरमाँ बाप एक ख्वाब गढ़ रहे थेहम तो यूँ ही बस अखबार पढ़ रहे थेटेबल पर पॉव रखकरलेबल मढ़ रहे थेकिसी को डॉक्टरतो किसी को कलक्टर बना रहे थेहम तो यूँ ही बस अखबार पढ़ रहे थेचाय की ......................................article-content { -webkit-touch-callout: none; -khtml-user-select: none; -moz-user-select: -moz-none; -ms-user-... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   12:42pm 18 Feb 2014 #
Blogger: anand murthy
गमदीदा मोहब्बत के,वफ़ा के नाम से डरते हैं |बेदर्द जमाने में  ,खत-ओ-पैगाम से डरते हैं ||1दीदार में दिये के हम, पतंगा-से जलते हैं |रातों को आहट में, हम जुगनू-से जलते हैं ||रजनी के आँचल में,  आहें तो भरते हैं |करवट में उड़ाएं नींद, उन यादों से डरते हैं||मगरूर हैं अदाओं में, हमें जो इ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   2:01pm 8 Jan 2014 #
Blogger: anand murthy
बैठे बिठाए कुछ काम कर लूँ मैं..|ब्रह्मा की सृष्टि को प्रणाम कर लूँ मैं ||जुल्मों की दुनिया से खुद को गुमनाम कर लूँ मैं|सच्चे जहाँ में .........कुछ नाम कर लूँ मैं ||प्यारे मिलन को अविराम कर लूँ मैं |गिले-शिकवे को राम-राम कर लूँ मैं ||अनैतिक करम को विराम कर लूँ मैं |पुण्य धरम को सलाम कर ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   11:33am 3 Aug 2013 #
Blogger: anand murthy
तसव्वुर - ए-गुमान ने, एक शोहरत अदा कर दी हमें !हर बार की तरह इस बार भी,एक हसरत अदा कर दी हमें!शौक भी बच्चों के ,......कब से सिमटते ही रह गये !महगाई तो महगाई है,पर हम सिसकते ही रह गए !आजमाइश की तकलीफ़ में,.......हम तड़पते ही रह गये !एक जख्म की खातिर ,हम मरहम में लिपटते ही रह गये !चर्चे तो सन्सद... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   10:21am 31 May 2013 #विविध
Blogger: anand murthy
मन्दिर मसजिद और गुरुद्वारों में,इक विनती करूँ तेरे सब द्वारों पर !कब से सोया मेरा यार जगा दो..ये अरज हमारी पूरण कर दो...उम्मीद किरण को सूरज कर दो..कथा कहानी में सार जगा दो...कब से सोया मेरा यार जगा दोसपने सारे अभी अधूरे...कितने प्यारे सभी अधूरे..विकट विथा में अजेय बना दो..काली र... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   9:56pm 29 May 2013 #
Blogger: anand murthy
शक्ति से संचित कर मुझे ,पाप से वंचित कर मुझे |जोश से भर दो मुझे ,न अनीति से हो डर मुझे |शब्द सागर में वेग दो ,वक्त का हर तेज दो|पवन का संवेग दो ,दीप का हर  तेज़ दो|कर सकूँ रोशन ज़हाँ ,लेखनी में वो नूर दो |बन सकूँ इन्सान मैं,ऐसा वो कोहिनूर दो |बैर का प्रतिशोध मैं,प्रेम से करता चलूँ |व्... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   3:16pm 12 May 2013 #prayer
Blogger: anand murthy
घड़ी की सुइयां देख-देखकर ...मोरे मन की छइयां डोल रही हैं.....रोम -रोम बेचैन हुआ.......जबपनघट पर गुइयां डोल रही हैं....सुर तान मिलाए बैठे हैं..........पइयां के घुंघरू.....बइयां के घुघरू से ............... कुछ बोल रहे हैं......मटकी की छलकन से ...कितने अधरों की नइया ..डोल रही है..............घड़ी की सुइयां देख देख कर ......... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   2:58pm 4 May 2013 #chhip chhip kr..
Blogger: anand murthy
अक्षत चन्दन हल्दी लाए,जियो  हजारों साल शब्द एक,इस मन्दी में लाए.........ध्येय को कर लो प्यार यार तुम ....लो ये पैगाम हम जल्दी में लाए....चपला नभ में तड़क रही थी...सड़क पर बुंदियाँ मचल रही थीं...कुछ कह रही गमले की चम्पा...बहुत हो गई गर्मी प्यारी..अभिनन्दन करने मुंहबोले नेता का,मौसम देखो क... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   3:04pm 24 Apr 2013 #birthday special
Blogger: anand murthy
कर रहा था बात जिस, बिछड़े किरदार की |रह गई थी बिन बिकी वो चीज,समूचे बाज़ार की|खेद मुझको तो नहीं ,शोक उनको भी नहीं |सामने आकर पास पहुँची ,असली इक हकदार की ...| ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   2:44pm 24 Apr 2013 #chhip chhip kr..
Blogger: anand murthy
श्रृंगार को वो हथियार बना के चल दिए ... अंगार को वो यार बना के चल दिए... छिपा के असली पहचान अपनी... दिल के दरवाजे पर एक प्रहार कर के चल दिए .......... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   8:41am 17 Apr 2013 #chhip chhip kr..
Blogger: anand murthy
गाँव हमारो वृन्दावन है |प्यारी-प्यारी चितवन ,न्यारी-न्यारी छुअन |रंग में ढल जाए ,खिल जाए... सारो उपवन |गलियां-गलियां गोरी |मुरली धुन पर नाचे गुजरी....हो नाचे गुजरी, भर-भर अंजुरी...होली खेले सखी री... |रंग-गुलाल उड़ाए सखी री,वो गाए फ़ाल्गुनी|झम -झम झूमे गुजरी,रंग-रंग में छिप जाए,मोहे ... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   2:50pm 22 Mar 2013 #chhip chhip kr..
Blogger: anand murthy
दूरियों से तो यूँ हम बिखर जाएगे !पास आओ जरा हम सम्भल  जाएगे !तेरी आँखों का अन्जन मैं ही बनूँ !कुछ पल के लिये तो ठहर जाएगे!आँसुओं में तेरे हम नजर आएगे!हर दरद में तेरे हम छलक जाएगे !यादों में तेरी हम रचेंगे एक गजल !गीत में ही सही गुनगना दे गजलगीत की इस लहर में हम मचल जाएगे !पास आओ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   2:33pm 10 Mar 2013 #darpan sare............
Blogger: anand murthy
हम आम हैं भई आम ,हम तो आम हो गए |आशिकी के चर्चे ,सरेआम हो गए |वक्त के दायरे में ,कुछ इल्जाम हो गये |चन्द खुशी में इक दोयूँ ही जाम हो गए |हम आम हैं भई आम ,हम तो आम हो गए |डूबकर मदहोशी में ,कुछ ऐसे काम हो गए |जगह जगह जिरह जिरह में,मेरे नाम के पर्चे,खुलेआम हो गए|हम तो.................. Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   3:21pm 7 Mar 2013 #chhip chhip kr..
Blogger: anand murthy
छिप छिप कर वो निकल गये,छतरी की छहराई में !मै निपट अकेला खड़ा रहा,उस छतरी की परछाई में !वो गुजर गए ,दिल में उतर गए !मानसमन की अमराई में ,दिल की गहराई में !कुछ छन्द बने ,कुछ बंद बने !इस व्याकुलता की लहराई में 1छतरी भी इतराई है ,यौवन की अंगड़ाई में ,हुस्न की अरूणाई में !!कान्ति मुखों की... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:08pm 4 Mar 2013 #chhip chhip kr..
Blogger: anand murthy
पनाह देकर भी क्यो मुझको, जीवन दे नही पाई !रखा जो कोख में तुमने ,वो पीड़ा मोह नही पाई !सजा दी किस कर्म की ,जो दुनिया देख नही पाई 1यह पापों का समन्दर है,लहरे छू हमे पाई...!डूबना हर किसी को है, तैरना सीख नही पाई ! चाहत थी मेरे दिल मे ,कि एक बचपन सजाना है 1खुदा-ए-बेरूखी तेरी ,या उनका कर्म स... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   2:19pm 25 Feb 2013 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3916) कुल पोस्ट (192564)