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Blog: अंतर्कथन/Heartsaid

Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
             ~गजल~ये कौन कारवाँ छोड़ कर गया हैदिल हमारा तोड़ कर गया है।।यहाँ लौट कर आएगा वो फिरजो हमसे मुँह मोड़ कर गया है।।छोड़ कर चला भी गया तो क्याकुछ तो नाता जोड़ कर गया है।।रिश्ते निभाते गाँठें जो पड़ गईंउनसे वो हमें बेजोड़ कर गया है।।गालों पे ढलका अश्कों का स... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   10:07am 17 Sep 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
           कोलकाता के उपनगर बैरकपुर के समीपस्थ इच्छापुर - नवाबगंज में सप्ताह में दो दिन साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है। मैं वहाँ अपनी  तैनाती के दौरान प्रत्येक रविवार सब्जी लेने जाया करता था। सब्जी लेने मैं साइकिल से जाया करता था और सब्जी बा... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   12:21am 30 Aug 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
माझी वह भी था माझी तुम भी हो वह दशरथ था तुम दाना हो उसने पहाड पार किया थापत्नी को बचा लेने की आस में तुम  कंधों पर जीवंसंगिनीऔर साथ में बेटी को लेपैदल निकल पडे चौंसठ किलोमीटर रास्ता तय करनेअमंगदेई को  सती के समानकंधों परशिववत लिए हुएतुममें नहीं थाकोई रोषकोई प्रतिका... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   10:55am 29 Aug 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
70वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई!आओ तज धर्म-जाति का बंधनएक पंक्ति में खड़े हो जाएंआज फिर वीरों को याद करेंऔर तिरंगा प्यारा लहराएं।।राजनीति छोड़ देश का विकासहो ध्येय राजनीतिज्ञों को समझाएंजोड़- तोड़ से नहीं, काम करोगेतभी मिलेंगे वोट आओ इन्हें बताएँ।।सांप... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   12:33pm 16 Aug 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
कमलाकान्त त्रिपाठी जी :Krishna Chandra Pandey ji, तथ्यों के अपने निष्कर्ष होते हैं। सबूत नहीं है पर समकालीन सुधी लोगों का अनुमान था कि नेहरू के लिए जम्मू-कश्मीर का पाकिस्तान में जाना एक दुःस्वप्न सरीखा था। दो कारण - शेख अब्दुल्ला से मित्रता और अपनी कश्मीरियत और कश्मीर के प्रति सहज, ... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   2:31pm 24 Jul 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
 एक सहकर्मी के आग्रह पर उनके बेटे के लिए लिखी गई कविता                ‍‍- चिंपूजी की शादी (बाल-गीत) -एक पेड़ पर रहते थे एक बंदरिया और बंदरजीकुछ दिन बीते पैदा हो गए उनके छोटे चिंपूजी॥मम्मी- पापा का लाड़ पा चिंपूजी हो गए बड़े शैतानदिन भर धमाचौकड़ी करते, छोडें न कोई पेड़-म... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   4:11pm 23 Jun 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
आसमां पे बादलों का पहरा बैठा हुआ हैपर बेखबर शहर अभी सोया हुआ है।।कलेजे में ठंडक लिए आ गए हैं मेहमांजिनके आगोश में जहाँ सिमटा हुआ है।।तपन और उमस से हर शख्स परेशां थासहला रही है मौजे नसीम ये किसकी दुआ है।।चले न जाएं दिल को सुकूँ देने वाले यायावररोकना आसमां पे कारवाँ जो ... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   10:00am 6 Jun 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
श्री अनूप शुक्ल:          इधर भारत में कुछ महिलाओं द्वारा यौन सम्बन्धों में आजादी की बात चल रही है उधर पाकिस्तान में पत्नी द्वारा शारीरिक संबंध के लिए मना करने पर पिटाई की आजादी मांगी जा रही है।पाकिस्तान में प्रस्तावित विधेयक में यह कहा गया है कि यदि पत्नी पति की ब... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   4:33pm 30 May 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
~ स्वच्छता का चले अभियान ~स्वच्छता का चले अभियान।देश बने स्वस्थ- समृद्ध -महान।।स्वच्छता का प्रयास करे हर इंसान।स्वच्छता में ही बसते हैं भगवान।।चारों तरफ रखें स्वच्छ वातावरण।उत्पादन हेतु बनेगा समुचित पर्यावरण ।।स्वच्छता के लिए करते रहना यत्न ।उच्च उत्पादकता के लि... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   1:48am 28 May 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
हवा के खिलाफ चलकर पास आ जाने वाले हमेशा साथ निभाते हैं।हवा के साथ बह भी आते हैं जर्द पत्ते ,जो हवा के साथ वापस चले जाते हैं।।अच्छे दिनों में न भूलो कभी दुश्वारियों में साथ रहने वालों को।अच्छे दिनों की आस में साथ आने वाले गमकशी में साथ छोड जाते हैं।।जब दिन किसी के अच्छे ह... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   12:32pm 26 May 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
           एक सप्ताह पूर्व शनिवार 14 मई के दिन मैं चेन्नै में था। अपने मित्र श्री कार्तिकेयन के द्वारा की गई व्यवस्था के अनुसार मैं चेट्टिनाड म्यूजियम देखने के बाद महाबलिपुरम गया और वहाँ घूमने के बाद वापस चेन्नै लौटते समय उस दिन के लिए मेरे सारथि जयमोहनजी मुझे इस्... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   4:09pm 21 May 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
                                         ~महाबलिपुरम में माला बेचने वाली वह बच्ची~          14 मई के दिन मैं अपने सुपुत्र प्रत्यूष के साथ महाबलिपुरम के तट पर घूमने और तटवर्ती पल्लवकालीन मंदिर देखने के बाद वापस लौट रहा था। गाड़ी के ड्राइवर श्री जयमोहन... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   3:07pm 15 May 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
         उत्तरी मुंबई से भाजपा के संसद सदस्य श्री गोपाल चिनय्या शेट्टी ने लोकसभा में एक प्राइवेट मेम्बर बिल पेश किया है जिसमें संविधान के तीसरे अनुच्छेद में संशोधन की माँग करते हुए निर्वाचित होने वाले जन प्रतिनिधियों के लिए शपथग्रहण के समय भारत माता की जय बोलना ... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   2:45pm 30 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
               मेरे फ्लैट के सामने इस बहुमंजिली इमारत में एक उद्योगपति निवास करते हैं। पर जब आप नीचे सड़क के किनारे फुटपाथ पर देखेंगे तो नीचे तमाम लोग ऐसे मिलेंगे जिनका निवास स्थान फुटपाथ ही है। वहीं शाम को ईंटें लगाकर चूल्हा जला लिया जाता है जिन पर खाना पकता है... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   6:25am 30 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
                          डाँस बार        दो दिन पहले समाचार पत्र में सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी महाराष्ट्र सरकार के साथ चल रहे डांस बार के मामले में पढी कि भीख माँगने की अपेक्षा डांस कर पैसा कमाना ज्यादा ठीक है। महाराष्ट्र सरकार ने अपने जवाब में कहा है क... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   4:15pm 29 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
          सन 2012 में गुजरात के अपने मुख्यमंत्रित्वकाल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में सद्भावना यात्रा आरंभ कर पूरी की थी । इस यात्रा के माध्यम से उन्होंने अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिम समुदाय तक संपर्क और पहुँच बनाने की कोशिश की थी। इसमें कितनी सफलता मिली ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   3:48pm 25 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
I had, as an 18 years old, written this sonnet wherein I used a different meter system than usual. However when shown to my English lecturer , he advised me to write and improve my prose instead of trying to write poems.     ~ Sonnet of a winter morn! ~Look over the Margosa, the newly born sun in heavenHow much he looks happy and gay!The singing peasant with his hale and hearty oxenIs going on his usual way.Pair of sparrows on the mango tree  in the chilly weatherIs sweetly twittering as ever.How smoothly with its constant spontaneous flowIs flowing Saryu ,the pious river.Like a dancing maid Eucliptus marvellously swings.Awake dear ,participate in the mirth of natura... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   2:37am 25 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
                     आँखें तुम्हारी          ( 12 वर्ष पहले लिखी गई कविता )झील सी गहरी आँखें तुम्हारी इस दिल में घर कर गईं।चपल आँखें तुम्हारी सरे महफिल क्या-क्या कह गईं।हिरणी सा जादू समाया है तुम्हारे कजरारे नैनों में।अपनी आँखों से तुम इस काफिर को निष्प्राण ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   4:36pm 20 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
~ गजल (साल्टलेक,सेक्टर-5, कोलकाता पर)~शहर के इस हिस्से में कहीं धूप तो कहीं छाँव हैभीतर मैकडोनाल्ड तो पटरी पे चाय की दुकान हैभटकने की जरूरत नहीं जेब में हैं कितने पैसेउसके अनुकूल ही हर समस्या का समाधान हैसड़क के इस पार खड़ी है बहुमंजिली इमारतउस पार सुकूँ देता 'नलबन'का सरो... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   7:43am 9 Apr 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
 ~ संविधानसभा द्वारा हिन्दी सर्वसम्मति से राजभाषा चुनी गई थी (आलेख) ~         हिन्दी को लेकर एक प्रकार की भ्रांति  फैली हुई है कि संविधानसभा में हिन्दी मात्र 1 वोट के बहुमत से राजभाषा चुनी गई जबकि तथ्य यह है कि हिन्दी सर्वसम्मति से राजभाषा चुनी गई थी। हिन्दी के रा... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   9:12am 14 Mar 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
~ वामपंथी मित्रों के साथ राष्ट्रवाद पर बहस ~रघुवंशमणि : "जिभकट्टू राष्ट्रवाद" - इस शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम मैंने किया है।देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए लगता है इस शब्द का प्रयोग भविष्य में बहुत अधिक होना है । इसलिए मैं इस शब्द को पेटेंट करा लेना चाहता हूँ।भाषाशास्त... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   5:59pm 8 Mar 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
~ Speech of Kanhaiya Kumar after his bail - Revisited ~                             A"Is it wrong to ask for azadi from the problems that are existing in the country? Brothers, it's not from India, but it's in India that we are seeking Azadi . And there is difference between 'from ' and 'in'. The Azadi we are asking for is from starvation and poverty, from exploitation and torment; for the rights of Dalits, tribals,minorities and women. And the azadi we will ensure through this very constitution, Parliament and judiciary.This was Baba Saheb's dream,and this is Comrade Rohith's (Vemula) dream."- Kanhaiya Kumar as quot... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   9:06am 6 Mar 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
~लोकतांत्रिक पूँजीवाद बनाम साम्यवादी अधिनायकवाद~         लोकतांत्रिक पूँजीवाद में कम से कम वस्तुओं की शेल्फ लाइफ कम होने के कारण नए-नए नायक लांच होते रहते हैं । इस प्रकार इसमें नए प्रयोगों के लिए स्थान है।         पर साम्यवादी व्यवस्था में तो एक बार नायक जम ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   3:19pm 5 Mar 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
छूटा हुआ सामान आपको पकडाती है'सर, टेक केयर प्लीज'कह वो मुस्कुराती है।पापी पेट के लिए वो अपना आराम छोड़ दिन तो कभी रात यह ड्यूटी बजाती है।किसी की माँ,बहन- बेटी या पत्नी है पर उन्हें सोता छोड़ भी चली आती है।लड़की जो विशेष वेशभूषा में सजी हुई हैआपको देख भोर चार बजे मुस्क... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   12:17pm 29 Feb 2016 #
Blogger: संजय त्रिपाठी कृष्णगीत
          मैं हिन्दुस्तान हूँ। हाँ वही जिसे विदेशी और खुद को ज्यादा पढ़ा- लिखा समझने वाले इंडिया कहते हैं और जिसे पंडितों द्वारा उच्चारित 'जम्बूद्वीपे भरतखण्डे....'से निकालकर सन 1947 में भारत नाम दे दिया गया क्योंकि कभी हस्तिनापुर नरेश के रूप में किसी भरत नामक प्रतापी ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   7:02pm 28 Feb 2016 #
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