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Blog: different stroks

Blogger: sunil arya
जाने क्या पूछा हैं उसने इस सवाल में,कितनी राते जागता रहा इसी ख्याल में .तुझे बारे में बुरा कहु तो मूह जले मेरा ,छोड़ दो ,पूछने वालो मुझे मेरे हाल में .सदियों जिसने चैन छिना, नीदे उड़ाई ,ऐसा कमबख्त तिल देखा हैं तेरे गाल में .तुझे चाहा लिखा बोला और गुनगुनाया भी ,कितना फस चू... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   8:34pm 8 Jul 2013 #
Blogger: sunil arya
कैसे गुजरी रात,याद नही रहता ,हर सुबह मैं अपने साथ नही रहता ...कुछ ख्याल आकर ख्वाबो को सजाते हैं ,सोये हुये मैं कभी बर्बाद नही रहता ...तेरे शहर में ये कौन सा मौसम हुआ करता हैं ,तुम्हारे खतो में कभी जज्बात नही रहता ....अपने ही आजकल जख्म दिया करते हैं ,सब मुश्किलों में,दुश्मनों का ह... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   4:46pm 26 Jun 2013 #
Blogger: sunil arya
किसीआँख में आंसू सा मचल रहा हैं ,दिल में एक ख्वाब सा पल रहा हैं ...तुमने चेहरे से जो नकाब उठाया हैं ,देखो मौसम कितना बदल रहा हैं ...उसके घर की रौशनी के साथ ,ये मेरा घर क्यों जल रहा हैं ...वो मुझको ऐसे बुला रहा हैं,पाव छाले लेकर  भी चल रहा हैं ....माना हमने राते जागकर बितायी हैं ,कही ... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   7:48am 19 Jun 2013 #
Blogger: sunil arya
ठंडी ठंडी जब हवा चली ,तेज़ धुप में छा गयी बदली ,तो लगा तुम आ गये ........जब बादल हमे भिगाने लगे ,रंग बिरंगी तितलिया उडी ,भवरे गुनगुनाने लगे ,तो लगा तुम आ गये ........शामे जब जवान होने लगी,धड़कने बे एख्तेयार ,आंखे परेशान होने लगी ,खुशनुमा सहर ने जब रौशनी बिखराई ,मुंडेर से झाकती हुयी... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   4:53pm 16 Jun 2013 #
Blogger: sunil arya
ठंडी ठंडी जब हवा चली ,तेज़ धुप में छा गयी बदली ,तो लगा तुम आ गये ........जब बादल हमे भिगाने लगे ,रंग बिरंगी तितलिया उडी ,भवरे गुनगुनाने लगे ,तो लगा तुम आ गये ........शामे जब जवान होने लगी,धड़कने बे एख्तेयार ,आंखे परेशान होने लगी ,खुशनुमा सहर ने जब रौशनी बिखराई ,मुंडेर से झाकती हुयी कि... Read more
clicks 243 View   Vote 0 Like   4:53pm 16 Jun 2013 #
Blogger: sunil arya
हम मोहब्बत करे वो दिल्लगी किया करे ,किसी के साथ ऐसा भी ना खुदा करे .....हर बार के जवाब में दिल तोड़ रहे हो ,मर ही न जाये तो क्या अब ख़त में लिखा  करे ...अपने जुनुने इश्क को बहुत दूर हैं जाना ,वो कुछ इल्तेज़ा करे तो हम इबतेदा  करे ...फासीयो पर लटका कर कसूर पूछते हैं,इतने इंसाफ पसंदों... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   8:05pm 10 Jun 2013 #not saved.
Blogger: sunil arya
बैठ के सुबह शाम को मैं लिखता रहा ,ख़त एक अन्जान को मैं लिखता रहा .नीद कम आंख नम होने लगी ,फिर भी ख्याल गुमनाम को मैं लिखता रहा ....और भी शै हैं मैंने जाना नही,सिर्फ तेरी मुस्कान को मैं लिखता रहा ...जब जब तुमको देखा सोचा किया ,एक नज़्म तेरे सलाम को  मैं लिखता रहा ...हाले दिल तो कुछ त... Read more
clicks 274 View   Vote 0 Like   7:52am 8 Jun 2013 #
Blogger: sunil arya
किसी पे हकीक़तो को यू ना जताया जाये ,बात कुछ भी हो बेरुखी से न पेश आया जाये ..यकबयक होश भी खो सकती हैं ये दीवानगी ,रुख से चिलमन अहिस्ता अहिस्ता हटाया जाये .दुनियाए मोहब्बत के अपने अलग उसूल हैं,सबरी के जूठे बेर भी बड़े चाव से खाया जाये ..मनमानी के जज्बातों में भी कोई शबाब हैं,... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   6:58am 2 Jun 2013 #
Blogger: sunil arya
वो एक महजबी बड़ी जलवानुमाह निकली ,जहा जहा रखे कदम वही अपनी ख्वाबगाह निकली .मेरी मुश्किलों ने जब भी उकता के उसका नाम लिया ,फूट पड़े पहाड़, पत्थर से भी नदिया निकली .उसकी सोहबत इस कदर मेरी रूह पर हावी हुयी ,वस्ल के एक एक लम्हे में तस्व्वुर की सदिया निकली .मीरा ने जब जब लिया क... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   6:11pm 31 May 2013 #
Blogger: sunil arya
अपने हाथों में मेरा हाथ डाल कर रखिये ,अपने चेहरे पे घूँघट निकाल कर रखिये .एक दिन रंगुगा तुम्हारे हाथ मेहदी से ,अपना दामन जरा संभाल कर रखिये ...!!!... Read more
clicks 248 View   Vote 0 Like   4:37pm 30 May 2013 #
Blogger: sunil arya
तुमसे बिछड़ कर कितना बदल रहा हु मैं ,बस किताबो के ढेर में ढल रहा हूँ मैं .जाने कैसा शहर कैसे मुकाम चला आया हूँ,सुबह शाम मैगी (maggi ) में ही पल रहा हूँ मैं .नई ख्वाहिशे नई उम्मीदे जवान होने लगी हैं,अपने ही उसूलो से आगे निकल रहा हूँ मैं .जितना रुकु उतना थकते जाता हूँ ,जाने कौन से रा... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   9:26pm 28 May 2013 #
Blogger: sunil arya
उस पत्थर के जिगर में इश्क के गुल खिलायेगे ,दिल से निकलेगे जो भी लब्ज़ ग़ज़ल में ढल जायेगे .बड़े सउर से मिलते हो,बातो में भी नरमी झलकती हैं ,गोया चंद दिनों में तुम्हारे लहजे भी बदल जायेगे .,अब न शिकवा हैं,न कोई शिकायत तुमसे जानेमन ,तनहा रातो में हम चुपचाप मज़बूरी की ग़ज़ल गा... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   5:09pm 23 May 2013 #
Blogger: sunil arya
चेहरो पे ठंडक दिलो में आग रखना ,अपने ज़ज्बातो पे नकाब रखना .फिरेगे दिन अपने भी तो देखेगे ,अपने एक एक आंसू का हिसाब रखना ......!!!... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   5:02pm 22 May 2013 #
Blogger: sunil arya
कभी रोके,कभी पोछे,कभी छुपाये आंसू ,तेरे जाने के बाद बहुत काम आये आंसू ..जो भी हैं जहा भी हैं ध्यान तो वही हैं बस,क्या बताये कितने किताबो को भिगाए आंसू .कभी सोचा भी के ख़ुशी से तुम्हे जाने दे,लगे जो गले तो खुद ही उभर आये आंसू ..उम्र के इस मोड़ पे सुखी आंख की सब बरिशे ,तुम मिले तो ... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   5:49pm 21 May 2013 #
Blogger: sunil arya
गर्मी ने जब जान ले ली .दिल से  कुछ लब्ज़ निकल पड़े .इब्तिदा हो गयी थी तो ग़ज़ल पूरी तो करनी ही थी ..सो हमने भी कलम उठा के काम पूरा कर दिया ....खिडकिया आग उगलती हैं ,दरवाजो से भी शैलाब आते हैं .कबसे सुलग रहे थे वीराने ,अबतो जैसे झुलसे जाते हैं ..यार परदेसी  में बैठे रहे तन्हाई में  ,... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   5:53pm 20 May 2013 #
Blogger: sunil arya
जाने कौन से उसूल लिये जा रहा हूँ मैं,अपनी खताओ को दोहरा रहा हूँ मैं ....सारी ख्वाहिशे सपने तमाम  जाया हुये ,अपने ही फैसलों से पछता रहा हूँ मैं ...उस मासूम होठो की हँसी रोकती हैं कदम ,सदियों से खुदी में बहरा रहा हूँ मैं ...ये मुफ्लीशी,लाचारी ये समझोतों की जिंदगी ,रोज़मर्रा की तक... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   7:24am 19 May 2013 #
Blogger: sunil arya
जितना तड़फे हम,उतनी तुमको ख़ुशी मिली ,इन आँखों से आंसू बरसे,जुबा उनकी तक हिली नही ...औरो को क्या कोसे जानम कमिया तो बस हममे ही हैं ,जो कस्तूरी हमने दिल में पाली ,तुम्हारी सांसो में  घुली नही .  ..कोई पूछे भी बस तो ये प्याला आँखों से छलक पड़े ,बाहों तो आते हो तुम भी ,बेचैनी अब वो क... Read more
clicks 248 View   Vote 0 Like   12:15pm 17 May 2013 #
Blogger: sunil arya
यादो में चुपके से हमको गुनगुनाएगे ,एक दिन वो पूछेगे एक दिन वो समझ जायेगे .प्यार तो बस प्यार हैं ,बेमानी हैं सब तकरीरे ,तुम हारो ना हारो हम जीत ही जायेगे ...दिल जब घबरायेगा,रंग चेहरे का उड़ जायेगा ,आह भर कर मेरी तश्वीर से लिपट जायेगे ..संग दिली में काट तो दो तुम आस की हर डाल को,उ... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   4:48pm 13 Apr 2013 #
Blogger: sunil arya
जी ना सके हैं,जीकर भी हम तो खुद की खुशी को आज तक,तुम्हारा ही कहना करते रहे हैं,सिसकियों से आंसुओ की बरसात तक. दुनिया को जानम क्या अब बोले ,अपने ही फैसले गलत हो गये हैं,तुम्हारे ही आगे आकर गिरा हू ,थामा  न तुमने हाथ तक,खुशबु के बिखरने की बहारो के उतरने की,यु तो वजा नही कोई होती... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   8:08am 10 Apr 2013 #
Blogger: sunil arya
दिल में उठे दर्द,हो गया ये गीला मौसम ,दौरे तन्हाई दरिया इ इश्क से भीगा मौसम .तुम भी हो साथ और बरसात भी,कभी कभार ही होता हैं इतना रंगीला मौसम .आते आते छिन गयी होठ से मुस्कुराहटे ,फिर कभी लौट कर ना आया वो सजीला मौसम .रोनी आंखे रुआसा चेहरा,टूटते सपने,कितना मुश्कील हो गया,हल्दी... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   6:52pm 6 Apr 2013 #
Blogger: sunil arya
कागज़ के उन टुकडो को दिल से लगा रखा हैं ,तेरे हरेक लब्ज़ को जिंदगी बना रखा हैं ,वो ख़त जो तुमने मेरे नाम किये .....दौरे तन्हाई में वो साथ चलते हैं ,मेरी नीदो में करवट बदलते हैं ,अपने घर में चाहे खिज़ा छाये वो फूल अब भी मेरे सिराहने खिलते हैं .उस एक आग को दिल में दबा रखा हैं ,कागज... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   2:34am 3 Apr 2013 #
Blogger: sunil arya
रश्मे ख़त कभी कभी निभाया तो करो ,बंद होके लिफाफे में,घर आ जाया तो करो .खुद ही सरका दो पह्लू ,हसीन ज़ानो से,घबरा कर फिर,दांतों तले उंगुलिया दबाया तो करो .हमको भी अपनी हदों का कुछ एहसास तो हो,पास बुलाकर कभी आजमाया तो करो .मैं तुम्हारा ,तुम मेरा सहारा हो तो सही,शरमा कर कभी बाहों... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   5:09pm 23 Mar 2013 #
Blogger: sunil arya
ये धूप क्यों नहीं छट्ती ,कोई बदरी क्यों नहीं उमड़ती .कोई सावन क्यों नही बुलाता ,ये मौसम क्यों नही बदल जाता ...भारी हैं बहुत मुशकिल समय ,उदास तू परेशां मैं .बेचैनी सी दिल पे छाती ,बातो बातो में,आख छलछलाती .यादो के साये मंडराते ,नशीली आगोश में,हम खो जाते .ये जो हैं वो काश नही होत... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   4:01pm 15 Mar 2013 #
Blogger: sunil arya
कशिश आख़ में,जुबा पे मजबूरिया  हैं,कितने करीब हम कितनी दरमियाँ दूरिया हैं .बेचैनी बेकरारी बेवजह मुलाकात का लुफ्त,इश्क के पायदान की पहली सीडिया हैं .तेज़ धडकनों में छाया सुरूर मुलाकात के बाद,सांसो में गज़ब महकती सोधी कस्तूरिया हैं . कितना मुश्किल हैं,छुपकर बैठना देरत... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   5:01pm 13 Mar 2013 #
Blogger: sunil arya
अभी खलिश बाकी हैं,अभी करार आना हैं,पीके मैं गिरा नही,अभी ठोकरों में ज़माना हैं .खोल दो ये बुजदिलो बन्दिशो के  ताले  सभी ,पंख मेरे कटे सही ,बाखुदा पंख फडफडाना हैं .तुम मेरे मुरीद सही मैं तुम्हारा खुदा नही,गुनाह की हुकूमत हैं,ये ख्याल बचकाना हैं .दिल ही में दबा दे सब,जो भी है... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   7:27pm 9 Mar 2013 #
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