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Blog: संजोत (Sanjot)

Blogger: Sudheer Maurya
#रावण_वध_के_बादनायिका प्रधान पौराणिक उपन्यास है। उन्नत रक्ष संस्कृति के विनाश के उपरांत लंका की राजसी स्त्रियों ने जिस प्रकार अयोध्या और किष्किंधा से नियंत्रित विभीषण के शासन के विरुद्ध सतत संघर्ष किया, उसकी रोमांचक गाथा इस उपन्यास में कही गई है।रावण की दुतीय पत्नी ... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   9:25am 2 Jan 2019 #
Blogger: Sudheer Maurya
इश्क़ हो जाना ही काफी नहीं ....भारत में इश्क़ होता नहीं है करना पड़ता है, धर्म जाति देख कर इश्क़ कीजिये नहीं तो तमाम वर्जनाएं आपको अपनी मंज़िल तक पहुँचने से पहले जकड़ लेंगी और कहीं एक मुस्लिम लडकी को एक हिन्दू लड़के से इश्क़ हो जाए तो क्या हो वर्जित हो जाती है हर भावना ...पढ़ें बहुप्र... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   2:24pm 3 Jan 2016 #
Blogger: Sudheer Maurya
'देखोतुम्हारेअतीतकोजानतेहुएभीमैनेतुमसेशादीकी।'  पतिसुहागरातकोपहलेलैंगिकसंसर्गकेबादपत्नीसेबोला।पत्नीनेपतिकीबातसुनकरअपनीझुंकीआँखेऔरझुंकीदी।'कहोअबकौनमहानहैमैंयावोतुम्हाराप्रेमी ?'पतिवापसतनिकघमंडसेबोला।पत्नीअबभीवैसेहीबैठीरही।मूकऔरनतमुख।'कहीं... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   1:26am 10 May 2015 #
Blogger: Sudheer Maurya
उसके पाँव देखकर मुझे खुद को लिखी कविता की एक लाईन याद आ गई थी। जिसमें होठों ही होठों में गुनगुना उठा था।``तेरे ये चाँद से पाँव''यकीनन उसके पाँव जमीं से नजर आने वाले बादलों के पार के चाँद की खूबसूरती को किसी भी स्पर्धा में कभी भी हरा सकते थे। उसके पाँव के अंगूठे और अंगुलि... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   6:11pm 29 May 2014 #उपन्यास
Blogger: Sudheer Maurya
प्रस्तुत उपन्यास ’अमलतास के फूल’ मेरा दूसरा उपन्यास है एवम् सब विधाओं में मिला कर सातवीं कृति । वस्तुतः पठन-पाठन और लेखन में खुद को बचपन से सम्बद्ध पाता हूँ । प्रस्तुत उपन्यास को भी मैंने कोई सन् 2003 में लिखना आरम्भ किया था, कोई सत्रह पृष्ठ लिखने के बाद कुछ मानसिक आघातों... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   3:24pm 27 Feb 2014 #उपन्यास
Blogger: Sudheer Maurya
Publisher - Sahitya Sanchay B-1050, Gali No. 14/15, Pahla Pusta,Soniya Vihar, New Delhi- 110 094Contact No: 9871418244, 9136175560email: sahityasanchay@gmail.com... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   3:07pm 7 Dec 2013 #देवलदेवी
Blogger: Sudheer Maurya
मुक्कमलख़ामोशीरहीथी।कुछदेरशांतबैठेरहनेकेबादसंदीपउठाअपनेहाथोसे  उसनेबच्चेकेचेहरेसेकपडाहटाया, सिर्फ  कुछपलनिहाराथाउसेऔरफिर  केकमरेसेवोबहारचलागया।                                                &nbs... Read more
Blogger: Sudheer Maurya
सुबह की कालिमा============अंकिता आज थोड़ा उलझन में है। वो जल्द से जल्द अपने रूम पर पहुँच जाना चाहती है। न जाने क्यूँ उसे लग रहा है, ऑटो काफी धीमे चल रहा है। वो ऑटो ड्राइवर को तेज़ चलाने के लिए बोलना चाहती है, पर कुछ सोच कर चुप रह जाती है। आज उसे निर्णय लेना है। जिसके लिए उसे शांति ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   1:43pm 19 Aug 2013 #कहानी
Blogger: Sudheer Maurya
मैं सुबह सुबह फ्रेश होकर मनोज के घर पहुंच गया था. मनोज जो मेरे बचपन का मित्र था, मुझे देखते ही खुश हो गया. मेरे गले लगकर वो न जाने कितने मुझे उलाहने देने लगा, फोन क्यों नहीं किया और न जाने क्या क्या. वो तो शायद गिले शिकवे करता ही रहता, अगर बीच में उसकी मम्मी न आ जाती.आंटी, यानी ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   7:16am 20 Jun 2013 #सुधीर मौर्य
Blogger: Sudheer Maurya
Sudheer Maurya==============दो लुटेरों में लूट के माल को लेकर झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा की एक लुटेरे ने अपने पिस्तौल से दुसरे पर गोली चला दी।गोली सनसनाती हुई दुसरेलुटेरे के कान को हवा देती हुई निकल गयी। पहला हँसते हुए बोला खैरकर तू मेरी बीवी का भाई है नहीं तो गोली ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   1:32pm 4 Apr 2013 #सुधीर मौर्य
Blogger: Sudheer Maurya
Sudheer Maurya 'Sudheer'***************************परियों, तितली, राजा-रानीकीकथाएँकभीपुरानीहोतीहैक्या-कभीनहीं जबसुनोतबनई।एकजमानेमेंबुझोपुरमेंएकराजाथा।बुझोपुर-शायद उसराज्यकापहलेनामकुछऔररहाहोगापरअबथाबुझोपुर।इसकेपीछेभीएककथाहै।राजाथापहेलियांबूझनेऔरबुझवानेकाबड़ारसिया।दरबारका... Read more
Blogger: Sudheer Maurya
Sudheer Maurya=============मैंने हाथ रख के देखा तो सुभाष का माथा हल्का सा गर्म लग रहा था, में चाय बना कर लाया तो बहुत कहने पर उसने आधा कप चाय पी. फिर लेट गया. उसकी आँखे खुली हुई थी.रात के ९ बज रहे थे-अमूमन सुभाष इस समय सो जाया करता है, पर पता नहीं वो क्यों सोने की कोशिश नहीं कर रहा था.सुभाष मेरे... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   5:44pm 11 Feb 2013 #सुधीर मौर्य
Blogger: Sudheer Maurya
                  सुधीर मौर्य 'सुधीर'              ********************                                  आखिरमुझेइंजीनियरिंगमेंएडमिशनमिलगयाथा, कानपूरकेएकफेमसकॉलेजमें।अब्बूऔरअम्मीदोनों नेसख्तताकीदकीथीमैहॉस्टलमेंनरहकरअपनीफुफ्फोकेघररहू... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   2:49pm 1 Feb 2013 #दिल की मंजिल
Blogger: Sudheer Maurya
                  सुधीर मौर्य 'सुधीर'              ********************                                  आखिरमुझेइंजीनियरिंगमेंएडमिशनमिलगयाथा, कानपूरकेएकफेमसकॉलेजमें।अब्बूऔरअम्मीदोनों नेसख्तताकीदकीथीमैहॉस्टलमेंनरहकरअपनीफुफ्फोकेघररहू... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   2:49pm 1 Feb 2013 #दिल की मंजिल
Blogger: Sudheer Maurya
सुधीर मौर्य***********वोबिस्तरपरबार-बारकरवटेंलेतीहै, सोनेकाप्रयत्नकरतीहैकिन्तुअसफलहोतीहै।उसकीआंखोंमेंनींदनहींहै, नींदकीजगहतोउसकेचेहरेनेलेलीहै, खुलीआंखोंसेवोउसकेख्वाबदेखरहीहै, आंखेबन्दकरतीहैतोलगताहैबिस्तरपेवोअकेलीनहींसाथमेंवोभीलेटाहै, उसकेबदनकोसहलात... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   12:05pm 26 Jan 2013 #अधूरे पंख (कहानी संग्रह)
Blogger: Sudheer Maurya
Sudheer Maurya 'Sudheer'********************************जसिरापुर औरनसिरापुरदोगावं. इनदोनोंगावंकोविभाजितकरकेबहतीहुईकल्याणीनदी. रातकोजबइनगावोंमेंबसेलोगदिनमेंखेतमेंकियेगएहाड़तोड़मेहनतकीथकानखटियापरलेटकरदूरकतरेउससमयकल्याणीकीबहतीधराकेकल-कलकीध्वनिउनथके-हारोंकिसानोपरतनिककाअसरकरती.ब... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   3:54am 25 Jan 2013 #कहानी
Blogger: Sudheer Maurya
इश्ककेथालमें चाँदसज़ा करबाज़ारमेंबेच दियाकलउसने...सपनोकाएकटुकड़ा थाजिससंगज़ीस्तबितानीथीतोड़केउससपने कोनैनंकरदिएसजलउसने...रक्सउसदोशीजाकामैंनेरातचांदनीदेखाथापायलकीझंकार परगाईमेरीग़ज़लउसने...नरक्सरहानग़ज़लरहीहायजफाहीकाम आईभूलकेप्यार गरीबोंकाअपना... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   7:17am 19 Sep 2012 #नज़्म संग्रह 'हो न हो'
Blogger: Sudheer Maurya
₥ĨṱЯằ-₥ǎĐђบЯ: न रक्स रहा न ग़ज़ल रही...... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   6:59am 19 Sep 2012 #
Blogger: Sudheer Maurya
मैंने  नया - नया  कारोबार  शुरू  किया  था , बहुत  मुस्तैदी  से  दुकान  में  बैठ  रहा  था  ताकि  बाज़ार  में  पहचान  बना  सकूँ  और  जादा  से  जादा  मुनाफा  कम  सकूँ . मैंने  B.Com पास  कर  के  घर  के  निचे  ही  चटाई  की  व्होलेसले  की  दुकान  खोल  ली  थी . इसी  तरह  6-7 महीने  बीत  चुके  थे  क... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   2:51pm 1 Jul 2012 #
Blogger: Sudheer Maurya
मैं  मेरी  बड़ी  बहन   जो  M.A. कर  रही  थी  और  मेरी  प्यारी  माँ  और  अब्बू , हम  सब  बुहत  ही  खुशमिजाजी  से  रह  रहे  थे , कोई  अंदाज़ा  ही  नहीं  था  के  परेशानियाँ  क्या  होती  है  जब  तक  उनसे  पाला  पड़ा  नहीं  था .एक  रोज़  हमेशा  की  तरह  मैं  स्कूल  निकल  गयी  और  अब्बू  आप  को  ... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   5:03pm 25 Jun 2012 #
clicks 157 View   Vote 0 Like   12:00am 1 Jan 1970 #
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