Hamarivani.com

दीर्घतमा

                     एक समय ऐसा भी आया जब भारतीय सत्ता दो भागो में बट गयी इस्लामिक सत्ता जो अकबर के हाथ में थी दूसरी हिन्दू सत्ता जो महाराणा प्रताप द्वारा नियंत्रित थी, महाराजा दाहिर के पतन के पश्चात् भारत इस्लामिक आततायियों के हमलों का शिकार होता रहा उदारमना हिन्दू इन धोख...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :भारतीय सत्ता के दो केंद्र
  May 27, 2013, 10:34 pm
                     भगवान परसुराम का जन्म (वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीय) अक्षय तृतीया यानी १३मई के दिन हुआ था वे भगवान विष्णु के २४वे अवतार माने जाते है कुछ लोग उन्हे भगवान शंकर का भी अवतार मानते हैं उनके विषय मे बड़ी ही गलत भ्रान्ति ब्याप्त है वे क्षत्रियों के संहारक थे--! कहते हैं ...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :परसुराम के जन्म दिन पर
  May 12, 2013, 12:07 am
       नचिकेता ऋषि वाज्रश्रवा के पुत्र थे यह कठोउपनिषद की कथा है इनके पिताश्री बड़े ही दानी प्रबृति के थे वे अन्न, गऊ दान कर यशस्वी हो रहे थे, देश के चारो कोने-कोने में बड़ा ही प्रचार था गऊ और अन्न दान में मिलने वाला है बड़ी संख्या में लोग आये थे, विश्वजीत नमक यज्ञ में उन्होंने...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :नचिकेता
  May 9, 2013, 5:00 am
             वल्लभाचार्य का जन्म चंपारण में वैशाख कृष्णा एकादशी विक्रम सम्बत 1535 (1478) को हुआ जन्म के समय उनके पिता को लगा की बालक मृत है उसे वहीँ कपडे में लपेट बृक्ष के पत्तो के बिच रखकर चले गए जिस गाव में रुके थे अंधी-पानी आ गया बाद में दुसरे दिन उसी रास्ते आना पड़ा बच्चे की ममत...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :वल्लभाचार्य के जन्मदिन 5 मई पर विशेष
  May 4, 2013, 7:00 am
                   प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल एकादशी (२२ अप्रैल २०१३) के दिन हरिहरनाथ से मुक्तिनाथ की यात्रा जिसमें जगह -जगह धर्म सभाएं स्वागत संतों का प्रवचन आशीर्वाद यात्रा मार्ग में २६ स्थानों प़र धर्म सभाएं हुई हजारों धर्म पिपासू बंधुओं ने भाग लिया सैकड़ों स्थानों पर स्वा...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :मुक्तिनाथ
  May 3, 2013, 11:21 am
हरिहर धरा में पावन यह धाम हो रहा है,गजपर कृपा के कारण हरिनाम हो रहा है..         श्रीक्षेत्र में जब इक दिन गज जलबिहार में था,         सुख में रहा था पूरित वह गज श्रृंगार में था ,         गजराज का मनोरम आराम हो रहा है.          गज पर कृपा-------------------------1खल वृत्ति ग्राह ने तो सोचा आहार आया,गजर...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :गजेन्द्र मोक्ष
  May 2, 2013, 4:27 pm
                      ईशा के २२५ वर्ष पूरब मौर्य साम्राज्य का पतन सम्राट अशोक की 'धर्म विजय निति' देश की सुरक्षा और जनता के प्रति कर्तब्य का उपहास कर, धर्म विजय के नाम प़र उसके उत्तराधिकारियों ने भारतीय अखंडता के साथ खिलवाड़ किया, उस समय आर्य पुष्यमित्र सम्राट बृहद्रथ मौर्...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :वैदिक भारत का निर्माण
  April 10, 2013, 8:19 pm
                  भारतीय संस्कृति को बिकृत करने के लिए कुछ इतिहासकार और अर्कोलाज़ी बिभाग के लोग भरपूर कोशिश कर रहे है, उसका एक उदहारण केशरिया बुद्ध स्तूप भी है, वैदिक काल में महाराजा वेन हुए थे वे बड़े ही पराक्रमी थे उनके अन्दर अहंकार आने से स्वयं ही अत्याचारी होकर जनता को पी...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :केशरिया स्तूप
  April 5, 2013, 5:15 pm
         बर्तमान बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ का जन्म बर्तमान चंदौली जिले में हुआ उनकी कर्म स्थली मिर्जापुर जिला है संघ कार्यालय में रहकर पढाई की और पढने में हमेसा प्रथम स्थान पर रहते मिर्जापुर में एक डिग्री कालेज में प्राध्यापक बने वे संघ नगर कारवाह, तहसील कार्यवाह तथा ब...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :बीजेपी
  March 29, 2013, 10:35 pm
           सनातन धर्म नित्य -नूतन अत्याधुनिक बना रहता है यह कोई रुढी-बादी धर्म न होकर वैज्ञानिक आधार को समेटे हुए विश्व कल्याण पुरे समाज को अपना परिवार मानने की परंपरा ही हमारे हिन्दू धर्म की विशेषता है, यह रंगों का त्यौहार न होकर यह समरसता का राष्ट्रीय पर्व है जिस प्रकार...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :होली राष्ट्रीय पर्व
  March 27, 2013, 11:38 am
        कबीर दास जी का जन्म 1398 में काशी के लहरतारा नामक स्थान पर हुआ था कहते है उनके माता -पिता का पता नहीं था वे अनाथ थे उनका पालन-पोषण एक जुलाहा (तांती)यानी कपड़ा बुनकर (मुसलमान नहीं क्यों की उसके पहले मुसलमानों में जुलाहा नाम की कोई जाती नहीं थी जो जुलाहा मुसलमान हुए उसे व...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :संत कबीर
  February 23, 2013, 8:31 am
          ''जब कभी धर्म की हानि होती है, तभी मै आता हूँ'' ------- वे फिर से आये, इस बार देश के सुदूर दक्षिण में भगवान का अभिर्भाव हुआ, उस ब्राह्मण युवक का----- जिसके बारे में कहा गया कि तेरह वर्ष का बालक सन्यासी भगवे वेश में जब चलता था तो हजारो साधू, संत, जिज्ञासु और प्रबुद्ध उसके प...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :भगवान शंकराचार्य
  February 18, 2013, 6:39 pm
          कुम्भ प्रत्येक बारह वर्ष में एक बार प्रत्येक स्थान हरिद्वार, प्रयाग, नासिक और उज्जैन में लगता है जिसमे सर्बाधिक महत्व प्रयाग के कुम्भ का है वैसे तो प्रत्येक वर्ष प्रयाग में माघ मेला लगता जिसमे कल्पवासी लाखों की संख्या में आते है, बड़ी संख्या में साधू-संत और महात...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :प्रयाग कुम्भ 2013
  February 12, 2013, 10:13 pm
           दिल्ली में सिकंदर लोदी का शासन था हिन्दू धर्मावलम्बियों का जीना दूभर हो गया था उन पर बिभिन्न प्रकार के कर लगाये जा रहे थे शादी-ब्याह पर जजिया -कर, तीर्थ यात्रा पर जजिया -कर, यहाँ तक की मुर्दा जलाने पर जजिया -कर, हिन्दू समाज त्राहि-त्राहि कर रहा था, रामानंद की भगवत भ...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :सात फरवरी रविदास जी के जन्मदिन पर
  January 26, 2013, 8:43 pm
        ''होनहार विरवान के होत चीकने पात' जैसी चरितार्थ कथा यथार्थ यदि देखना हो तो क्षत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी को देखा जा सकता है धरती पर कदम रखते ही संघर्षो का जिसका साथ रहा हो जिसने ५-६ वर्ष की आयु से ही पिता के कंधे से कन्धा मिलाकर संघर्ष किया हो, जिसके पा...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :क्षत्रपति सम्भाजी महराज
  January 14, 2013, 12:16 am
        विहार की धरती को कौन नहीं जनता यहाँ चाणक्य- चन्द्रगुप्त पैदा हुए, यही वह धरती है जिसमे शंकराचार्य और मंडान मिश्र का शास्त्रार्थ हुआ, यही वह भूमि है जहाँ कुमारिल भट्ट ने पुनः वैदिक धर्म की अलख को जगाने का कार्य प्रारंभ किया, यही बुद्ध के भी कर्म भूमि रही है, यहाँ विश...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :bjp
  January 2, 2013, 10:08 pm
        क्या है कुभ और महाकुम्भ --? ये केवल मेला नहीं अथवा कोई परंपरागत त्यौहार भी नहीं तो ये क्या है--? हमारे पूर्वजों ने ऐसा क्या किया--? जिसमे बिना किसी प्रचार-प्रसार के लाखों ही नहीं करोणों की संख्या में आते हैं पंचांग के एक लाइन पर, आम भारतीय संतो की टोली विभिन्न अखाड़े भा...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :कुम्भ की प्रासंगिकता
  December 30, 2012, 11:28 pm
        आज २५ दिसंबर है बड़े प्रेम से हम  इस दिन को क्रिसमस के नाते जानते है हम भारतीय बहुत सीधे होने के कारन इस दिन का बड़ा इंतजार भी करते हैं लेकिन यह हम नहीं जानते की इस दिन ने मानव समाज का कितना नुकसान किया है जहाँ-जहाँ चर्च व पादरी सेवा के नाम पर गए धर्मान्तरण कर केवल उनका ...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :क्रिसमस पर---
  December 24, 2012, 10:39 pm
           आज पूरे देश में यह बड़ी जोर-सोर से चर्चा है की नरेन्द्र मोदी यदि प्रधानमंत्री के प्रत्यासी होते है तो NDA बिखर जायेगा, क्या बीजेपी का मिशन गठबंधन से पूरा होगा-? -- नहीं बीजेपी का मिशन सेकुलर नहीं है सत्ता में आना भी आवश्यक नहीं क्यों की जब हम किसी विचार को लेकर चलते है...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :देश का नेतृत्व --नरेन्द्र मोदी
  December 22, 2012, 10:15 pm
        हे ६ दिसंबर तुम भारत के जागृत होने के सबूत हो, तुम सेकुलर देशद्रोहियों के उत्तर हो, बिना तुम्हारे हम अधूरे थे, आज सम्पूर्ण हिन्दू समाज का मस्तक ऊँचा हुआ, भारत के सुप्त राष्ट्रवाद को जगाकर विश्व में हिन्दू समाज के मर्यादा की रक्षा की, भारत में शांति का मार्ग प्रसस्त...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :६ दिसंबर की याद-गार ---.
  December 14, 2012, 6:34 am
       हिन्दू धर्म में तीर्थ और यात्राओ का बड़ा ही महत्व है भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश करते हुए कहा की ''सर्व धर्म परित्यज्यम मामेकंशरणम ब्रज '' यानी सभी धर्मो को छोड़कर तुम सिर्फ और सिर्फ मेरे शरण आओ, मेरे धर्म हिन्दू धर्म में आओ मै तुम्हारा कल्याण करुगा, तुम्...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :यात्रा के आरंभिक पग.
  December 10, 2012, 12:30 pm
        उपनिषद की कथा है हम सभी जानते है की भारत की वेदांत की कथाये हमें अपने ब्यवहार में लाने के लिए है, ऋग्वेद में एक मंत्र है ''अहं भूमिमददामायार्य ''! हे आर्यों यह भूमि इश्वर ने तुम्हारे लिए दी है इसलिए देवराज इन्द्र को हमेसा राक्षसों से युद्ध के लिए भेजे जाते है, बा...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :कच --देवयानी
  December 2, 2012, 10:56 pm
          राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कौन नहीं जनता -----? हो सकता है की उसकी कार्य प्रणाली को नहीं जनता हो, संघ की परंपरा में प्रचारक ब्यवस्था जिसकी तुलना शंकराचार्य अथवा आर्यसमाज के सन्यास परंपरा ब्यवस्था से की जा सकती है ज्योति जी उस श्रेष्ठ परंपरा के बाहक थे प्रचारक एक उ...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :shat-shat jyoti ji
  November 27, 2012, 10:20 am
        गुरु तेगबहादुर सिक्खों के नवें गुरु थे विश्व के इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शो तथा सिद्धांत  की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालो में गुरु तेगबहादुर का नाम अग्रगणी स्थान पर है. गुरु तेगबहादुर की कर्म भूमि बिहार थी यहाँ उन्होंने तीन सौ से अधिक म...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :गुरु तेगबहादुर का बलिदान दिवस
  November 22, 2012, 7:43 am
      अष्ट्रावक्र कहोड़ ऋषि के पुत्र थे बहुत बड़े वैदिक आचार्य ऋषि थे उनका गुरुकुल शिक्षा के लिए प्रसिद्द था, उस समय गुरु माता भोजन की ब्यवस्था करती थी ऋषि अपने शिष्यों को शिक्षा देने का काम करते थे उस समय की शिक्षा आधुनिक शिक्षा भौतिक न होकर वह मानवता और जगत के उद्धार हेत...
दीर्घतमा...
दीर्घतमा
Tag :अष्ट्रावक्र
  November 16, 2012, 11:26 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3694) कुल पोस्ट (169770)