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मेरे विचार मेरी अनुभूति

दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं ***********************एक दीप ऐसा जले, मन का तम हो दूरजब मन का तम दूर हो, मिले ख़ुशी भरपूर |सबकी इच्छा पूर्ण हो, दैव योग परिव्याप्तहँसी ख़ुशी आनंद हो, रिध्दि सिध्दि हो प्राप्त | *************शुभ दिवाली*************कालीपद 'प्रसाद'...
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  October 19, 2017, 10:12 am
शैल की पुत्री शैलजा तू, सारे जग की यशस्विनी माँ,योगिनी रूप, करती है तप है तू ही ब्रह्मचारिणी माँ |चन्द्रघन्टा, कूष्मांडा रूप स्कन्दमाता, कात्यायनी माँ |तू कालरात्री, महागौरी सिद्धि दात्री सिंह वाहिनी माँ |मंगल करनी शरणागत का सर्वदा संकट मोचनी माँ |असूर संहार ह...
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  September 22, 2017, 11:35 am
संकल्प से सिद्धि’ (गीत)‘संकल्प से सिद्धि’ का नारा, भारतवर्ष में सफल हो |दुआ करो सब देश वासियों, भारत सबसे निर्मल हो ||(टेक )१ सुविधा छोड़े नेता अपना, गाँधी जी का मार्ग चुनेगरीब को रखकर ज़मीर में, फंदा योजना का बुनेमतदाता की सुने आवाज़, बंद मार काट दंगल हो‘संकल्प से सिद्धि’ का...
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  August 16, 2017, 11:01 am
एक खुश खबर !प्रिय मित्रो , आपको यह खुश खबर देते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि मेरा उपन्यास "कल्याणी माँ'प्रकाशित हो चुका है और amazon.in and flipkart.com में उपलब्ध है | इसका लिंक नीचे दे रहा हूँ | गाँव की एक गरीब स्त्री जिसने सदियों पुरानी परम्पराओं को तोड़कर नई राह बनाई ,और लोगो की प्रेरणा ...
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  June 30, 2017, 6:48 am
जीवन क्या है ?वैज्ञानिक, संत साधु ऋषि मुनि, सबने की समझने की कोशिश |अपनी अपनी वुद्धि की सबने ली परीक्षा फिर इस जीवन को परिभाषित करने की,की भरषक कोशिश |किसी ने कहा,’मृग मरीचिका’कोई इसे समझा “समझौता’किसी ने कहा, “ भूलभुलैया”“हमें पता नहीं, कहाँ से आये हैं किस रास्ते आये हैं...
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  June 16, 2017, 9:06 pm
वर दे मुझको शारदे, कर विद्या का दान तेरे ही वरदान से, लोग बने विद्वान लोग बने विद्वान, आदर सम्मान पाये तेरे कृपा विहीन, विद्वान ना कहलाये विनती करे ‘प्रसाद’, मधुर संगीत गीत भर   भाषा विचार ज्ञान, विज्ञानं का मुझे दे वर |कालीपद ‘प्रसाद...
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  June 6, 2017, 7:47 am
भावी पीढ़ी चाहती, आस पास हो स्वच्छ पूरा भारत स्वच्छ हो, अरुणाचल से कच्छ |हवा नीर सब स्वच्छ हो, मिटटी हो निर्दोष अग्नि और आकाश भी, करे आत्म आघोष |* (खुद की शुद्धता की घोषणा उच्च स्वर में करे ) नदी पेड़ सब बादियाँ, विचरण करते शेर हिरण सिंह वृक तेंदुआ, जंगल भरा बटेर |पाखी का कलरव जहा...
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  June 5, 2017, 1:13 pm
नमस्कार मित्रो ! मेरे ब्लॉग का URL जब से http से https हो गया है (AUTOMATIC) तब से dashboard नहीं खुल रहा है |इस कारण मैं  किसी  की  भी  रचना पढ़ नहीं पा रहा हूँ और न टिप्पणी दे पा रहा हूँ | क्या कोई मुझे मदत कर सकता है ताकि डैशबोर्ड फिर से खुलने लगे |सादरकालीपद 'प्रसाद'...
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  May 5, 2017, 8:54 am
छोड़ गए क्यों बालम मुझको, राह कौन अब दिखलाए बच्चे हैं सब छोटे छोटे, उनको कैसे समझाए ?कौन निर्दयी धोखा देकर, मेरे सिंदूर छिन लिया पापा पापा चिल्लाये जब, बच्चों को क्या बतलाये ?स्वदेश की रक्षा की खातिर, तैनात हुए सरहद पर उनसे ऐसा बर्बरता क्यों, रहनुमा हमें समझाए |होते गर मंत्...
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  May 5, 2017, 8:34 am
नवरात्रि दुर्गा स्तुति१,जयति जय दुर्गे, दुर्गति नाशिनी माँजयति वरदायिनी, कष्ट हारिणी माँ |है तू शिवप्रिये गणमाता, तू कल्याणी माँशुभ्र-हिमवासी, गिरि पुत्री, पार्वती माँ |रत्नालान्कार भूषिता, त्रिपुर सुंदरी माँसंकट मोचनी, महिषासुर मर्दिनी माँ |आयुध धारिणी, सब शत्रु ना...
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  March 30, 2017, 5:53 pm
दोहे (व्यंग )हमको बोला था गधा, देखो अब परिणाम |दुलत्ती तुमको अब पड़ी, सच हुआ रामनाम||चिल्लाते थे सब गधे, खड़ी हुई अब खाट|गदहा अब गर्धभ हुए, गर्धभ का है ठाट ||हाथ काट कर रख दिया, कटा करी का पैर |बाइसिकिल टूटी पड़ी, किसी को नहीं खैर ||पाँच साल तक मौज की, कहाँ याद थी आम |एक एक पल कीमती, तरसत...
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  March 12, 2017, 7:57 am
.एक बार फिर राम जी,तारो नैया पार |यू पी में सरकार हो, मंदिर हो तैयार ||झूठ नहीं हम बोलते, पार्टीहै मजबूर |हमें करो विजयी अगर,बाधा होगी दूर ||जाति धर्म सब कट गया, वजह सुप्रीम कोर्ट|आधार कुछ बचा नहीं, कैसे मांगे वोट ||तुम ही हो मातापिता, बंधू भ्राता यार |साम दाम या भेद हो,ले जाओ उस प...
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  January 31, 2017, 7:45 am
मधुरआम उपवन उपज, करते सब रस पान |तिक्त करेला कटु बहुत, करता रोग निदान ||काला जामुन है सरस, मत समझो बेकार |दूर भगाता मर्ज सब, पेट का सब बिकार ||पपीता बहुत काम का, कच्चा खाने योग्य |पक्का खाओ प्रति दिवस, है यह पाचक भोज्य ||खट्टा मीठा रस भरा, अच्छा है अंगूर |खाओ संभल के इसे, अम्ल कारी ...
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  January 3, 2017, 4:02 pm
न किसी को कभी रुलाना हैहर दम हर को तो हँसाना है|१कर्मों के फुलवारी से ही यह जीवन बाग़ सजाना है |२ दुःख दर्द सबको विस्मृत कर जश्न ख़ुशी का ही मनाना है |३ मौसम का मिजाज़ जैसा हो प्रेम गीत तो गुनगुनाना है |४ रकीब की मरजी पता नहीं अपना घर नया बसाना है |५ चश्मा द्वेष का उतार देखो दुनि...
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  December 22, 2016, 2:34 pm
कमजोर जो हैं तुम उन्हें बिलकुल सताया ना करोखेलो हँसो तुम तो किसी को भी रुलाया ना करो |दो चार दिन यह जिंदगी है मौज मस्ती से रहोवधु भी किसी की बेटी है उसको जलाया ना करो |चाहत की ज्वाला प्रेम है इस ज्योत को जलने ही दोलौ उठना दीपक का सगुन उसको बुझाया ना करो |अच्छी लगी हर बात जब ब...
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  December 6, 2016, 11:30 am
प्रदूषणब्रह्म राक्षस अबनहीं निकलता है घड़े सेडर गया है मानव निर्मितब्रह्म राक्षस से |वह जान गया हैमानव ने पैदा किया हैएक और ब्रह्म राक्षसजो है समग्र ग्राहीधरा के विनाश के आग्रही |यह राक्षस नहीं खर दूषणयह है प्रदूषण |काला गहरा धुआंनिकलता है दिन रातकारखाने की चमनी से,म...
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  November 15, 2016, 8:39 am
फागुन में होली का त्यौहारलेकर आया रंगों  का बहारलड्डू ,बर्फी,हलुआ-पुड़ी का भरमारतैयार भंग की ठंडाई घर घर।पीकर भंग की ठंडाईरंग खेलने चले दो भाईसाथ में है भाभी  और घरवालीऔर है साली ,आधी घरवाली।भैया भाभी को प्रणाम करपहले भैया को रंगा फिर भाभी संगपिचकारी मारना ,&...
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  November 6, 2016, 5:15 pm
ग़ज़ल अवाम में सभी जन हैं इताब पहने हुएसहिष्णुता सभी की इजतिराब पहने हुए |गरीब था अभी तक वह, बुरा भला क्या कहेघमंडी हो गया ताकत के ख्याब पहने हुए |मसलना नव कली को जिनकी थी नियत, देखोवे नेता निकले हैं माला गुलाब पहने हुए |अवैध नीति को वैधिक बनाना है धंधावे करते केसरिया कीनखा...
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  November 3, 2016, 8:07 am
ग़ज़ल अवाम में सभी जन हैं इताब पहने हुएसहिष्णुता सभी की इजतिराब पहने हुए |गरीब था अभी तक वह, बुरा भला क्या कहेघमंडी हो गया ताकत के ख्याब पहने हुए |मसलना नव कली को जिनकी थी नियत, देखोवे नेता निकले हैं माला गुलाब पहने हुए |अवैध नीति को वैधिक बनाना है धंधावे करते केसरिया कीनखा...
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  November 3, 2016, 8:07 am
मिटटी से मेरा जनम हुआ, मिटटी में मिल जाता हूँछोटी सी है जिंदगी मगर, जगत को जगमगाता हूँ | दीवाली हो या होली हो, प्रात:काल या सबेरा जब भी जलाया मुझे तुमने, किया दूर सब अन्धेरा |जलना ही मेरी नियति बनी, जलकर प्रकाश देता हूँ मिटटी से मेरा जनम हुआ, मिटटी में मिल जाता हूँछोटी सी है ज...
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  November 1, 2016, 10:29 am
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  October 27, 2016, 6:18 pm
हम हैं जवान रक्षक देश के,  अडिग जानो हमारा अहद,प्रबल चेतावनी समझो इसे, भूलकर पार करना न सरहद |अत्याचार किया अबतक तुमने, हमने भी सहन किया बेहद,सर्जिकल का नमूना तो देखा, अब तो पहचानो अपनी हद |मानकर तुम्हे पडोसी हमने, दिया तुम्हे समुचित मान ,उदारता को तुम कमजोरी समझे, हमारी श...
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  October 22, 2016, 5:27 am
करवा चौथ समाज में कुछ है आस्थाउससे ज्यादा प्रचलित है व्यवस्था,प्रगतिशील वैज्ञानिक युग में ज्ञान का विस्फोट हो चुका है उसके रौशनी में छटपटा रही है कुछ आस्था तोड़ना चाहती है पुरानी व्यावस्था |  मानते हैं सब कोई ..,कुछ रस्मे रीति रिवाजेंमुमूर्ष साँसे गिन रही हैं,फिर भी उ...
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  October 19, 2016, 4:12 pm
स्वदेश :जन्मभूमि को कभी भूलो नहीं, यही है स्वदेश पढ़ लिख कर हुए बड़े, तुम्हारा परिचित परिवेश एक एक कण रक्त मज्जा, बना इसके अन्न से कमाओ खाओ कहीं, पर याद रहे अपना देश |विदेश :विदेश का सैर सपाटा सब सुहाना लगता है नए लोग, परिधान नई, दृश्य सबको भाता है‘वसुधैव कुटुम्बकम’ जिसके मन म...
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Tag :स्वदेश /विदेश
  October 18, 2016, 11:00 am
गीतिका ----नौ दुर्गा –प्रार्थनाबहर: २१२२ २१२२ २१२२ २१२रदीफ़ : चाहिए ; काफिया : “आ” नौ दिनों की माँग भक्तों की माँ सुनना चाहिएवे बुलाते तो माँ उनके घर में आना चाहिए |शांति की देवी तू, संकट मोचनी दुख नाशिनीभक्त को सुख शान्ति का वर दान देना चाहिए |खड्ग हस्ता, ढाल मुद्गर, शूल अस्...
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Tag :प्रार्थना-
  October 6, 2016, 3:47 pm
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