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मेरे विचार मेरी अनुभूति

मात्रा १६,१५,=३१ , अंत २१२ *******************************मीठी मीठी हिंदी बोलें, जन मानस को मोहित करेसहज सरल भाषा हिंदी से, हम सबको संबोधित करे |रंग विरंगे फूल यहाँ है, यह गुलदस्ता है देश काहिंदी के सुगंध फैलाकर, भारती को सुगन्धित करे |गलती होगी सोचो मत यह, बोलो बेधड़क होकर तुमगलती करे अहिन्द...
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  September 13, 2018, 3:03 pm
जगत में बारहा आता रहा हूँखुदा का मैं बहुत प्यारा रहा हूँ |वफ़ा में प्यार मैं करता रहा हूँनिभाया प्यार मैं सच्चा रहा हूँ |मिले मुझसे यहाँ सब प्यार से यारमुहब्बत गीत मैं गाता रहा हूँ |खुदा की यह खुदाई है बहुत प्रियखुदाई देखने आता रहा हूँ |नहीं है दोस्तों में फासला फिरजगत मे...
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  September 4, 2018, 10:06 am
सुनो सुनो सब बच्चे प्यारे, यही अनसुनी एक कहानीकिस्सा है भारत वासी का, कुछ लोगों की नादानी |फूट डालो और राज करो, यही नीति किसने अपनाई जात-पात, भेदभाव सबको, यही नीति ने भारत लाई |अंग्रेज चतुर थे,तुरंत भाँपा, इनमें कितने कौन बुराईएक-एक कर चुनचुन सारे, जिनकी नीति उन पर चलाई |स...
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  September 3, 2018, 9:24 am
संविधान है सबके ऊपर, आकाएं देश चलाते हैंशासन, संसद,न्यायालय ही, सब मसलों को सुलझाते हैं |लोक तंत्र में लोक है मुख्य, लोग ही तंत्र को लाते हैंभारत में दशा उलटी हुई, तंत्र जनता को नचाते है |जन नेता है भगवान यहाँ, गीत यही वे खुद गाते हैंजनता वोट से जीतकर फिर, जनता को खूब सताते ह...
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  August 28, 2018, 8:07 am
राखी-रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं _______रक्षा बंधन त्यौहार भारत का अभिनन्दन !२रेशमी डोर कोमल है बंधन रक्षा बंधन |३भाई बहनप्रेम डोर को बाँधे मन मिलन ४विश्वास साथ राखी बाँधे बहन भाई के हाथ |५ अक्षत रोली भाई ! बहन बोली रक्षा करना |६जीवन भर कर यकीन मुझे रकशु मैं तुझे |७ भग्...
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  August 26, 2018, 12:18 pm
धनाक्षरी ( मनहर) ८,८,८,७ (वसंत पञ्चमी और सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनायें मित्रों )सरस्वती नमस्तुते, विद्या वुद्धि प्रदायिनी स्तुति अहं करिष्यामि, सर्व सौभाग्य दायिनी |दिव्य ज्ञान दिव्य मूर्ति, धवल वस्त्र धारिणी हंसारूढ़ा वीणा पाणि, हृद तम हारिणी |विश्व रुपे विश...
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  January 22, 2018, 11:12 am
दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं ***********************एक दीप ऐसा जले, मन का तम हो दूरजब मन का तम दूर हो, मिले ख़ुशी भरपूर |सबकी इच्छा पूर्ण हो, दैव योग परिव्याप्तहँसी ख़ुशी आनंद हो, रिध्दि सिध्दि हो प्राप्त | *************शुभ दिवाली*************कालीपद 'प्रसाद'...
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  October 19, 2017, 10:12 am
शैल की पुत्री शैलजा तू, सारे जग की यशस्विनी माँ,योगिनी रूप, करती है तप है तू ही ब्रह्मचारिणी माँ |चन्द्रघन्टा, कूष्मांडा रूप स्कन्दमाता, कात्यायनी माँ |तू कालरात्री, महागौरी सिद्धि दात्री सिंह वाहिनी माँ |मंगल करनी शरणागत का सर्वदा संकट मोचनी माँ |असूर संहार ह...
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  September 22, 2017, 11:35 am
संकल्प से सिद्धि’ (गीत)‘संकल्प से सिद्धि’ का नारा, भारतवर्ष में सफल हो |दुआ करो सब देश वासियों, भारत सबसे निर्मल हो ||(टेक )१ सुविधा छोड़े नेता अपना, गाँधी जी का मार्ग चुनेगरीब को रखकर ज़मीर में, फंदा योजना का बुनेमतदाता की सुने आवाज़, बंद मार काट दंगल हो‘संकल्प से सिद्धि’ का...
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  August 16, 2017, 11:01 am
एक खुश खबर !प्रिय मित्रो , आपको यह खुश खबर देते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि मेरा उपन्यास "कल्याणी माँ'प्रकाशित हो चुका है और amazon.in and flipkart.com में उपलब्ध है | इसका लिंक नीचे दे रहा हूँ | गाँव की एक गरीब स्त्री जिसने सदियों पुरानी परम्पराओं को तोड़कर नई राह बनाई ,और लोगो की प्रेरणा ...
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  June 30, 2017, 6:48 am
जीवन क्या है ?वैज्ञानिक, संत साधु ऋषि मुनि, सबने की समझने की कोशिश |अपनी अपनी वुद्धि की सबने ली परीक्षा फिर इस जीवन को परिभाषित करने की,की भरषक कोशिश |किसी ने कहा,’मृग मरीचिका’कोई इसे समझा “समझौता’किसी ने कहा, “ भूलभुलैया”“हमें पता नहीं, कहाँ से आये हैं किस रास्ते आये हैं...
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  June 16, 2017, 9:06 pm
वर दे मुझको शारदे, कर विद्या का दान तेरे ही वरदान से, लोग बने विद्वान लोग बने विद्वान, आदर सम्मान पाये तेरे कृपा विहीन, विद्वान ना कहलाये विनती करे ‘प्रसाद’, मधुर संगीत गीत भर   भाषा विचार ज्ञान, विज्ञानं का मुझे दे वर |कालीपद ‘प्रसाद...
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  June 6, 2017, 7:47 am
भावी पीढ़ी चाहती, आस पास हो स्वच्छ पूरा भारत स्वच्छ हो, अरुणाचल से कच्छ |हवा नीर सब स्वच्छ हो, मिटटी हो निर्दोष अग्नि और आकाश भी, करे आत्म आघोष |* (खुद की शुद्धता की घोषणा उच्च स्वर में करे ) नदी पेड़ सब बादियाँ, विचरण करते शेर हिरण सिंह वृक तेंदुआ, जंगल भरा बटेर |पाखी का कलरव जहा...
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  June 5, 2017, 1:13 pm
नमस्कार मित्रो ! मेरे ब्लॉग का URL जब से http से https हो गया है (AUTOMATIC) तब से dashboard नहीं खुल रहा है |इस कारण मैं  किसी  की  भी  रचना पढ़ नहीं पा रहा हूँ और न टिप्पणी दे पा रहा हूँ | क्या कोई मुझे मदत कर सकता है ताकि डैशबोर्ड फिर से खुलने लगे |सादरकालीपद 'प्रसाद'...
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  May 5, 2017, 8:54 am
छोड़ गए क्यों बालम मुझको, राह कौन अब दिखलाए बच्चे हैं सब छोटे छोटे, उनको कैसे समझाए ?कौन निर्दयी धोखा देकर, मेरे सिंदूर छिन लिया पापा पापा चिल्लाये जब, बच्चों को क्या बतलाये ?स्वदेश की रक्षा की खातिर, तैनात हुए सरहद पर उनसे ऐसा बर्बरता क्यों, रहनुमा हमें समझाए |होते गर मंत्...
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  May 5, 2017, 8:34 am
नवरात्रि दुर्गा स्तुति१,जयति जय दुर्गे, दुर्गति नाशिनी माँजयति वरदायिनी, कष्ट हारिणी माँ |है तू शिवप्रिये गणमाता, तू कल्याणी माँशुभ्र-हिमवासी, गिरि पुत्री, पार्वती माँ |रत्नालान्कार भूषिता, त्रिपुर सुंदरी माँसंकट मोचनी, महिषासुर मर्दिनी माँ |आयुध धारिणी, सब शत्रु ना...
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  March 30, 2017, 5:53 pm
दोहे (व्यंग )हमको बोला था गधा, देखो अब परिणाम |दुलत्ती तुमको अब पड़ी, सच हुआ रामनाम||चिल्लाते थे सब गधे, खड़ी हुई अब खाट|गदहा अब गर्धभ हुए, गर्धभ का है ठाट ||हाथ काट कर रख दिया, कटा करी का पैर |बाइसिकिल टूटी पड़ी, किसी को नहीं खैर ||पाँच साल तक मौज की, कहाँ याद थी आम |एक एक पल कीमती, तरसत...
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  March 12, 2017, 7:57 am
.एक बार फिर राम जी,तारो नैया पार |यू पी में सरकार हो, मंदिर हो तैयार ||झूठ नहीं हम बोलते, पार्टीहै मजबूर |हमें करो विजयी अगर,बाधा होगी दूर ||जाति धर्म सब कट गया, वजह सुप्रीम कोर्ट|आधार कुछ बचा नहीं, कैसे मांगे वोट ||तुम ही हो मातापिता, बंधू भ्राता यार |साम दाम या भेद हो,ले जाओ उस प...
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  January 31, 2017, 7:45 am
मधुरआम उपवन उपज, करते सब रस पान |तिक्त करेला कटु बहुत, करता रोग निदान ||काला जामुन है सरस, मत समझो बेकार |दूर भगाता मर्ज सब, पेट का सब बिकार ||पपीता बहुत काम का, कच्चा खाने योग्य |पक्का खाओ प्रति दिवस, है यह पाचक भोज्य ||खट्टा मीठा रस भरा, अच्छा है अंगूर |खाओ संभल के इसे, अम्ल कारी ...
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  January 3, 2017, 4:02 pm
न किसी को कभी रुलाना हैहर दम हर को तो हँसाना है|१कर्मों के फुलवारी से ही यह जीवन बाग़ सजाना है |२ दुःख दर्द सबको विस्मृत कर जश्न ख़ुशी का ही मनाना है |३ मौसम का मिजाज़ जैसा हो प्रेम गीत तो गुनगुनाना है |४ रकीब की मरजी पता नहीं अपना घर नया बसाना है |५ चश्मा द्वेष का उतार देखो दुनि...
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  December 22, 2016, 2:34 pm
कमजोर जो हैं तुम उन्हें बिलकुल सताया ना करोखेलो हँसो तुम तो किसी को भी रुलाया ना करो |दो चार दिन यह जिंदगी है मौज मस्ती से रहोवधु भी किसी की बेटी है उसको जलाया ना करो |चाहत की ज्वाला प्रेम है इस ज्योत को जलने ही दोलौ उठना दीपक का सगुन उसको बुझाया ना करो |अच्छी लगी हर बात जब ब...
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  December 6, 2016, 11:30 am
प्रदूषणब्रह्म राक्षस अबनहीं निकलता है घड़े सेडर गया है मानव निर्मितब्रह्म राक्षस से |वह जान गया हैमानव ने पैदा किया हैएक और ब्रह्म राक्षसजो है समग्र ग्राहीधरा के विनाश के आग्रही |यह राक्षस नहीं खर दूषणयह है प्रदूषण |काला गहरा धुआंनिकलता है दिन रातकारखाने की चमनी से,म...
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  November 15, 2016, 8:39 am
फागुन में होली का त्यौहारलेकर आया रंगों  का बहारलड्डू ,बर्फी,हलुआ-पुड़ी का भरमारतैयार भंग की ठंडाई घर घर।पीकर भंग की ठंडाईरंग खेलने चले दो भाईसाथ में है भाभी  और घरवालीऔर है साली ,आधी घरवाली।भैया भाभी को प्रणाम करपहले भैया को रंगा फिर भाभी संगपिचकारी मारना ,&...
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  November 6, 2016, 5:15 pm
ग़ज़ल अवाम में सभी जन हैं इताब पहने हुएसहिष्णुता सभी की इजतिराब पहने हुए |गरीब था अभी तक वह, बुरा भला क्या कहेघमंडी हो गया ताकत के ख्याब पहने हुए |मसलना नव कली को जिनकी थी नियत, देखोवे नेता निकले हैं माला गुलाब पहने हुए |अवैध नीति को वैधिक बनाना है धंधावे करते केसरिया कीनखा...
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  November 3, 2016, 8:07 am
ग़ज़ल अवाम में सभी जन हैं इताब पहने हुएसहिष्णुता सभी की इजतिराब पहने हुए |गरीब था अभी तक वह, बुरा भला क्या कहेघमंडी हो गया ताकत के ख्याब पहने हुए |मसलना नव कली को जिनकी थी नियत, देखोवे नेता निकले हैं माला गुलाब पहने हुए |अवैध नीति को वैधिक बनाना है धंधावे करते केसरिया कीनखा...
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  November 3, 2016, 8:07 am
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