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Blog: hindu0007

Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
१. बंदरनटखट होता है बंदरउछले-कूदे इधर-उधरधूम मचा दे रस्ते मेंहँसी दिला दे सस्ते मेंखाता है रोटी, केलेगुलदाने, गुड़ के ढेले२. भालूभालू मोटा, ताकतवरदेख इसे लगता है डरमधु खा के हो जाता खुशजंगल में घूमे दिनभर३. शेरपीला-पीला राजा वन कालंबे, भारी-भरकम तन काचले शान से शीश उठा क... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   11:49am 3 Jan 2015 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
"सारिका तुम बस घबराना मत, जितना कहा है उतना करना बाकी मैं सब सँभाल लूँगा, इतनी जान-पहचान है मेरी""नहीं आर्णव, तुम चिंता मत करो, मैंने अब हिम्मत जुटा ली है, कोई गड़बड़ नहीं होगी""दैट्स गुड डीयर""देखो ये सब मैं तुम्हारे लिए कर रही हूँ, मेरी शादी मेरे मम्मी-पापा ने जबरदस्ती सुशा... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   3:31pm 2 Jan 2015 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
हलवा, पूरी, रायता, लड्डू, मटर-पनीर।सत्तू भरी कचौरियाँ, मेवेवाली खीर॥आलू-पालक, राजमा, चावल, दही, अचार।प्याज पकौड़े, पापड़ी, दाल मसालेदार॥आलूचॉप, दहीबड़ा, लस्सी, सूप, पुलाव।पानीपूरी चटपटी, बुंदिया, बड़ापाव॥लिट्टी-चोखा, मिर्च, घी, रोटी, पालक-साग।बटर पराँठे, गुलगुले, एस्प्रे... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   2:58pm 15 Dec 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
आशा न थीजिस बादल से पानी मिलता थाउससे तेजाब बरस गयासो फट पड़ा ज्वालामुखीबह गयाहैरानी और आँसू मिश्रित लावाअबअंदर घर कर चुकी हैएक अजीब सी ठंढकजिसमें भरा है बोध सीमाओं कागाढ़ापन है अहसानों काअफसोस है जहरीले धुएँ केमचाए उत्पात कादेखोफिर उठने लगी है वही चिरपरिचितभीनी-... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   7:07am 17 Nov 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
प्यारी-प्यारी चुहिया रानीनटखट सी पर बड़ी सयानीपल में निकले, हाथ दिखाएपलभर में जाकर छिप जाएसारे-सारे दिन बतियातीन्यारे-न्यारे बोल सुनातीरूठूँ मैं तो दौड़ मनाएकभी-कभी खुद भी खिसियाएबड़ा जरूरी इसका होनासजता घर का कोना-कोनाभोली-भाली सच्ची हैहँसती लगती अच्छी है(चित्र ... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   6:09am 14 Nov 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
कुमुद भूषण की भक्तिमय प्रस्तुतिदेखो फिर नवरात्रि आये(भजन डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स को क्लिक करें)naudin navratron ke.mp3jagrata sherawali ka.mp3aaja maiya aaja.mp3ghabra nahin ab tu khada.mp3mata tere charnon mein.mp3dekho fir navratri aaye.mp3jai durga dukh harnewali.mp3aarti karun maa jagdamba ki.mp3स्वर - कुमार सौरभ दिब्येन्दु (08083880819)गीतकार - कुमार गौरव अजीतेन्दुसंगीतकार - परमा... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   5:40am 24 Sep 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
प्रस्तावना - ग़ज़ल एक काव्य विधा है जिसका प्रयोग किसी भी भाषा में किया जा सकता है ! इसलिए ग़ज़ल विधा को उर्दू की सीमित परिधि से बाहर निकालकर विस्तार देने के लिए हिंदी में ग़ज़ल लेखन को प्रोत्साहित करना आवश्यक है l बहती सरिता का जल निर्मल रहता है जबकि ठहरे हुए पोखर का जल सड़ने लगत... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   3:14am 1 Sep 2014 #मुक्तिका
clicks 132 View   Vote 0 Like   7:04am 8 Aug 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
(१)मन से मेघपल-पल बदलेंरंग, आकारकभी मौन धरतेकभी रोते फूट के(२)जेठ का वारआहत पड़ी धरासावन वैद्यकरता उपचारलेपता शीतलता(३)सत्यवचनसावन न बुझाताआग कोई भीदेखो खड़ी हँसतीक्षुधाग्नि निर्धन की... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   4:16am 21 Jul 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
भालू नाचे ढोल बजाताछब्बू गीदड़ गाना गाताउधर झूमता मटरू तोताइधर हिनू घोड़े का पोताचिड़िया तोरणद्वार सजातीचुमकी बकरी माला लातीछुटकू खरहा तले कचौरीबना रहा चिपु बंदर मौरीदिवस बड़ा शुभ है जो आयाखुशियों की सौगातें लायासिंह राजाजी की शादी हैसबको बनना बाराती है(चित्र... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   2:29pm 3 Jun 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
बिल्कुल इस गुड़िया के जैसी क्यूट-क्यूट है दोस्त हमारीजब हम कोई खेल खेलतेदेती मुझको अपनी बारीकभी न लड़ती, सदा किलकतीबस खुशियाँ ही बरसाती हैमीठी-मीठी बोली इसकीहरदम ही दिल को भाती हैथोड़ी नटखट लेकिन अच्छीआलू टिक्की मन से खातीशरारतों का मूड चढ़े तोलाइट बुझा घर में छि... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   5:21pm 31 May 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
मेरे प्रथम हाइकु संकलन "मुक्त उड़ान"की समीक्षा आदरणीया ऋता दी के द्वारा.......मुक्त उड़ान-हाइकु के क्षेत्र में एक नया हस्ताक्षर कुमार गौरव अजीतेन्दुशुक्तिका प्रकाशन, कोलकाता द्वारा प्रकाशित हाइकु संग्रह 'मुक्त उड़ान'पढ़ने को मिली| यह युवा हाइकुकार कुमार गौरव अजीतेन्द... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   4:41pm 30 May 2014 #समीक्षा
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
पुस्तक :  मुक्त उड़ानविधा : हाइकु (500 हाइकु संकलित)प्रकार : पेपरबैकपृष्ठ : 108संस्करण : प्रथममूल्य : 100/- रुपये (कोई डाकखर्च नहीं)लेखक : कुमार गौरव अजीतेन्दुभूमिका : आचार्य संजीव वर्मा "सलिल"आईएसबीएन : 978-81-925946-8-2प्रकाशक : शुक्तिका प्रकाशन, कोलकातापुस्तक मँगवाने के लिए संपर्क करें :... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   2:02am 30 May 2014 #हाइकु
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
मस्त नजारेनभ, चाँद-सितारेआप हमारेस्वप्न सजे हैंदिल झूम उठा हैसाज बजे हैंप्रीत लगायीधड़कन लौटायीबने सहारेजीवन जागाअब हुआ उजालातम है भागाऋतु बासंतीकोयल मदमातीहमें दुलारेसाँसें महकींहैं भाव हुलसतेआँखें बहकींबाग-बगीचेतितली इठलातीलगते प्यारे... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   4:28pm 15 May 2014 #हाइकु
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
गप्पू बंदर था बदमाशकाम एक था उसका खासचुरा-चुरा के खाता आमकरता औरों को बदनामसब पशुओं ने की तब रायमिलकर सोचा एक उपायगधा कैमरा लाया भागउसे लगाया फल के बागगप्पू जब आया उस रातउसको पता न थी ये बातहुई रिकॉर्डिंग, गप्पू चोरकह दौड़े सब उसकी ओरजम के पड़ी, खिंचाये कानसुधर गया गप... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   7:01am 25 Apr 2014 #बाल रचना
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
भोला न बोलें, राज खोलें, "लोक"का भी आप।शासन थमाते, जो गलत को, मन उन्हीं के पाप॥"तंत्र"जो बिगड़ा, देश पिछड़ा, सभी भागीदार।नेता अकेले, दोष झेले, यह नहीं स्वीकार॥नेता मिले वो, "छूट"दे जो, सोचता ये कौन?उत्कोच पाकर, वोट बेचें, शातिरों से मौन॥रखते सदा जो, जाति जिन्दा, हृदय तले सँभाल।... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   6:58am 25 Apr 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
तुम श्वास हो, सुख-गीत होमेरी प्रिया, मनमीत होदिल में जगा विश्वास होरह दूर भी नित पास हो... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   12:38pm 16 Apr 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
चलो बढ़ाएँ आज कदमबनें दिवाकर, लें हर तममिटे हृदय से द्वेष, भरमकरें राष्ट्रहित सभी करम... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   12:37pm 16 Apr 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
इल्लियाँ शक की चमन में छा गईं।प्यार की कलियाँ सभी मुरझा गईं।कर अँधेरों से लगे ज्यों साँठगाँठ,आँधियाँ दीपक बुझाने आ गईं।दोमुँहेपन की मिली उसको सजा,धड़कनें उसकी उसे ठुकरा गईं।जानकर अनजान बनने को विवश,हाय! स्थितियाँ हाल ये करवा गईं।आज भी यादें तुम्हारी आ सनम,फिर कदम मे... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   1:49pm 13 Apr 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
उपवन इक हम भी यदि होते।नहीं तरस पुष्पों को रोते।रंग नित्य करते आलिंगन,संग-संग ही जगते-सोते।हर्ष-तितलियाँ करतीं क्रीड़ा,लगवातीं मस्ती में गोते।बहा सुगंधों की सलिलाएँ,उनमें सबके हृदय डुबोते।प्रीत सखी का हाथ थामकर,सुखमय, पावन स्वप्न सँजोते।नटखटपन होता हममें भी,"गौरव"... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:13am 10 Apr 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
मौसम जो दिखता था, बड़ा उदास।भरा आपने उसमें, नव उल्लास।स्वप्न-कोयलें चहकीं, देख बसंत,हृदयतलों में फैला, पुनः उजास।सुनी आहटें कोमल, मचले भाव,लगा आ गई मंजिल, दिल की पास।साँसों का आलसपन, भागा दूर,लगीं काम में वो सब, लिए हुलास।जिह्वा को तो थामे, बैठी लाज,प्रणय निवेदन का दृग, कर... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   2:21pm 8 Apr 2014 #मुक्तिका
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
आप आते।जान लाते।जिंदगी को,जगमगाते।धड़कनों में,मुस्कुराते।ख्याल बनकर,मन लगाते।प्यास दिल की,झट बुझाते।... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   2:20pm 8 Apr 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
नवसंवत्सर आ गया, जागी नयी उमंग।हर्ष, स्वप्न, विश्वास भी, लाया है वो संग॥लाया है वो संग, कामनाओं की कलियाँ,सजा पुनः मन-खेत, उगी उर्जा की फलियाँ।आशाएं हों पूर्ण, भरे सुख से सबका घर,बोले जन-जन झूम, नमन हे नवसंवत्सर॥... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:03am 29 Mar 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
अन्यायों का दौर चला है।हृदय-हृदय में क्रोध पला है।मौनव्रती हो जाओ सारे,अब तो लगता यही भला है।उस-उसका अस्तित्व मिट गया,समय संग जो नहीं ढला है।तुम विश्वास न करते मुझपर,ये ही मुझको बहुत खला है।कुरूपता वो क्यों ना चाहे,सुंदरता ने जिसे छला है।जुल्फें उसकी नागिन जैसी,सच कहत... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   12:57pm 23 Mar 2014 #
Blogger: Kumar Gaurav Ajeetendu
गौरैया तेरे असल, दोषी हम इंसान।पाप हमारे भोगती, तू नन्हीं सी जान॥तू नन्हीं सी जान, घोंसलों में है रहती,रसायनों का वार, रेडिएशन क्या सहती।इक मौका दे और, उठा मत अपने डेरे,मानेंगे उपकार, सदा गौरैया तेरे॥... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   11:28am 21 Mar 2014 #
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