Hamarivani.com

क्षण

पिछले दो दिनों से कुछ अजीब सा मन है...शायद उन लोगों जैसा जो सुबह की चाय और शाम की कॉफी किसी वजह से नहीं पी पाते तो अनमने से रहते हैं...सिर चकराने लगता है, रिफ्रेश फील नहीं करते, मन में कुछ कुलबुलाहट सी मचती है...थोड़ा वैसा सा ही मैं भी महसूस कर रही हूं।मन नहीं माना...कई बार जाकर ब...
क्षण...
Tag :
  April 18, 2017, 11:58 pm
वह बोली, चेहरा देखो अपना...मुझे तुम्हारा चेहरा देखकर टेंशन होता है...मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाती। तुम्हें देखकर लगता है जैसे तुम इस ग्रह की हो नहीं। उसकी ऐसी बातों की वजह नहीं समझ में आयी मुझे। पिछली रात को दो बजे कमरे का फैन ऑफ करके वह चाय बना रही थी...खट-पट की आवाज से मेर...
क्षण...
Tag :
  April 13, 2017, 4:56 pm
-सुनो..कहां हो अभीरूम में हूं..क्यों क्या हुआ?-कमरे की खिड़की खोलो..या फिर छत पे आकर देखो चांद निकला हैरोज निकलता है..नया क्या है इसमें?-नहीं..आज कुछ खास है..तुम देखो..जब भी चांद निकले तुम देख लिया करोहां बाबा..मुझे याद रहता है...मैं चांद नहीं देखूंगा तो तुम जान ले लोगी मेरी..वैसे ...
क्षण...
Tag :
  April 2, 2017, 8:52 pm
अच्छा बेटा जी..तो आप पतंजलि के शैंपू से हेयर वॉश करती हो-जी आंटीलेकिन इसपे तो मिल्क प्रोटीन लिखा है..मिल्क वही न जिसका मतलब दूध होता है-जीतो ये बताओ बेटा..इस शैंपू में अगर दूध मिला है तो ये मेरे जैसे लंबे बालों को तो लिसलिसा कर देगा न-नहीं आंटी, ये बालों को लिसलिसा नहीं करेग...
क्षण...
Tag :
  April 2, 2017, 8:18 pm
अबे पैर जमीन पर सीधे रख अपना..ऐसे टेक लिया है तूने जैसे तेरा पैर सहजन का पेड़ हो और दबाते ही चरक जाएगा। मैंने पीछे पलट कर देखा..अगल-बगल देखा..कोई नहीं था। फिर वह यह बातें बोल किसको रहा था..शायद उसे पता चल गया था कि मैं कनफ्यूज हो रही हूं। वह मेरे पास आया और बोला..मैडम थोड़ा लटक...
क्षण...
Tag :
  April 2, 2017, 7:16 pm
स्वस्थ मन और स्वस्थ तन जीवन की सबसे बड़ी जरूरत और सबसे बड़ी पूंजी है। किसी भी देश के संपूर्ण विकास के लिए यह आवश्यक है कि वहां की जनता स्वस्थ हो। स्वस्थ भारत का सपना साकार करने के लिए सरकार अथक प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले योग को लोगों के बीच ...
क्षण...
Tag :
  March 26, 2017, 10:38 am
Cockroach TheoryA beautiful speech by Sundar Pichai - an IIT Alumnus :The cockroach theory for self developmentAt a restaurant, a cockroach suddenly flew from somewhere and sat on a lady.She started screaming out of fear.With a panic stricken face and trembling voice, she started jumping, with both her hands desperately trying to get rid of the cockroach.Her reaction was contagious, as everyone in her group also got panicky.The lady finally managed to push the cockroach away but ...it landed on another lady in the group.Now, it was the turn of the other lady in the group to continue the drama.The waiter rushed forward to their rescue.In the relay of throwing, the cockroach next fell upon t...
क्षण...
Tag :
  March 25, 2017, 7:11 pm
पिछले तीन दिनों से मेरी रोटियां नहीं फुल रही हैं। दो रोटी दोपहर के खाने में और तीन रोटी रात के खाने में बनानी पड़ती है। जब रोटियां नहीं फुलती हैं और चिपटी होकर पापड़ की तरह हो जाती हैं तो अचानक से गुस्सा आने लगता है। आत्मविश्वास इस कदर कमजोर पड़ जाता है कि अगली रोटी गोल न...
क्षण...
Tag :
  March 25, 2017, 6:27 pm
विविध भारती पर प्रत्येक शुक्रवार को शाम चार बजे एक कार्यक्रम ‘विविधा’आता है।इस कार्यक्रम को मनीषा जैन और कमल शर्मा जी मिलकर प्रस्तुत करते हैं। मनीषा जैन जी विविध भारती की एनाउंसर नहीं बल्कि प्रोड्यूसर हैं लेकिन जब वह विविधा प्रस्तुत करती हैं तो सुनते ही बनता है। मन...
क्षण...
Tag :
  March 24, 2017, 5:25 pm
कल एक दूकान पर फोटो स्टेट कराने गई थी। जीरॉक्स के बाद दूकानवाले ने मुझसे सात रूपए मांगे तो मैंने उसे दस का नोट पकड़ा दिया। उसने नोट अपने हेल्पर को दिया और बाकी पैसे वापस लौटाने को बोला। हेल्पर ने मुझे सात रूपए वापस किए जब तीन रूपए ही वापस करने थे। मेरे हाथ में सामान ज्या...
क्षण...
Tag :
  March 23, 2017, 8:49 am
मैं अपनी एक सहेली को ऑटो पकड़ाने के लिए सड़क किनारे खड़ी थी तभी एक छोटे कद की महिला हाथ में साइकिल पकड़े सड़क पार करते हुए दिखी। मैंने अपनी सहेली से कहा-देखो वह महिला साइकिल चला रही है..कितनी बड़ी बात है। मेरी सहेली बोली-इसमें बड़ी बात क्या है। मैंने कहा-साड़ी पहनकर साइक...
क्षण...
Tag :
  March 22, 2017, 3:52 pm
कुछ साल पहले मेरी एक भैंस को जाने कौन सा बीमारी हो गई थी। दिन भर वह बेचारी मुंह से गोबर की उल्टी करती और बेचैन रहती। उसके दोनों आंखों से खूब आंसू भी निकलते। जितने दिन भैंस ने गोबर की उल्टी की उसकी चिंता में मेरी दादी की हालत खराब होने लगी। एक दिन रात में दूरदर्शन पर घर के स...
क्षण...
Tag :
  March 21, 2017, 8:45 pm
सुबह छह बजे उठती है। एक गिलास पानी गर्म करती है फिर उसमें नींबू निचोड़कर गटक जाती है। जूते का लेस बांधने नहीं आता फिर भी जूता चढ़ा लेती है पैरों में और चार किमी का रास्ता नापने निकल जाती है। जब वापस आती है तो टी-शर्ट पसीने से भीगा होता है और वो खुद भी। कान में इयरफोन लगाकर ...
क्षण...
Tag :
  February 21, 2017, 11:48 pm
थर्ड फ्लोर की उस लड़की के साथ रोज शाम सब्जी खरीदने जाती थी मैं। हॉस्टल वापस लौटते समय वह रोजाना दो कच्चे अंडे खरीदती थी। फिर मैं अपनी सब्जी का थैला उसे छूने नहीं देती थी। मैं रास्ते में उससे पूछा करती कि अंडे को हथेली पर रखने पर कैसा महसूस होता है?क्या गिरने पर तुरंत टूट ...
क्षण...
Tag :
  February 21, 2017, 11:02 pm
सच में, उस दिन बहुत शर्म आती है जब नए कपड़े पहनकर घर से बाहर निकलती हूं। खासतौर पर जब ऑफिस या क्लास जाना हो तो नए कपड़ों में वैसे ही शर्म आती है जैसे नई-नई शादी के बाद लड़की को अपने मायके में सिंदूर और बिंदी लगाने और होठ रंगने में।अपनी यह खूबी जानकर मैं साइज से थोड़े बड़े क...
क्षण...
Tag :
  February 18, 2017, 12:25 pm
पांचवी क्लास के किसी ऐसे बच्चे के बारे में सुना है आपने जिसे ए, बी, सी, डी लिखना आता हो लेकिन क, ख, ग, घ लिखने नहीं आता हे। एक से सौ तक गिनती लिख लेता हो लेकिन पढ़ नहीं पाता हो। दरअसल हम पांचवीं क्लास के बच्चे के बारे में इतनी छोटी बात नहीं सोच सकते यह समस्या तो यूकेजी या कक्षा ...
क्षण...
Tag :
  February 16, 2017, 8:00 pm
सुनो फरवरी,मैं तुम्हें पिछले छह साल से बिल्कुल पसंद नहीं करती। महीने के अंत से दो दिन पहले ही तुम मार्च को बुलाकर दफा हो जाती हो। अरे तुम कितना दुख दे जाती हो अपन को कुछ अंदाजा है तुम्हें। वैसे तो तुम बाकी महीनों से एक-दो दिन ही कम होती हो लेकिन इस महीने कमरे का किराया भरन...
क्षण...
Tag :
  February 10, 2017, 12:19 am
उस दिन जब घर में बतायी कि मुझे विपश्यना करने जाना है तो घरवालों को समझ में नहीं आया कि मैं क्या बोल रही हूं। कहां और क्या करने जाने की बात कर रही हूं। मैंने उन्हें समझाया कि सारनाथ में विपश्यना मेडिटेशन केंद्र है। वहां भगवान बुद्ध की साधना सीखायी जाती है। थोड़ी कठिन जरू...
क्षण...
Tag :
  February 7, 2017, 5:08 pm
कल बातों ही बातों में मैंने अपनी सहेली से पूछा कि उसके अंदर कौन सी बुरी आदतें हैं। वह बोली कि उसके अंदर कोई बुरी आदत नहीं है। ना ही वह चोरी करती है..ना तो किसी को गाली देती है और ना ही किसी का बुरा चाहती है। थोड़ी देर चुप रहने के बाद वह बोली कि हां उसके अंदर कुछ बुरी आदतें है...
क्षण...
Tag :
  February 6, 2017, 11:27 am
सुनो, जब तुम सिगरेट पीते हो न तो धुएं को नाक से मत निकाला करो। एकदम मजदूर लगते हो तुम।-अरे, मैं मजदूर लगता हूं तुमको?मतलब क्या है तुम्हारा?मेरे घर काम करने जब मजदूर आते हैं तो वे बीड़ी पीकर धुआं नाक से ही निकालते हैं। मैंने बचपन से सारे मजदूरों को नाक से धुआं निकालते देखा ह...
क्षण...
Tag :
  February 5, 2017, 5:56 pm
पिछली दीवाली पर घर नहीं गई। एक परीक्षा अटका था। मां का वही हाल हो रहा था जो ऑपरेशन थिएटर में मरीज का होता है। हाल सबको पता होता है लेकिन उसे कोई देख नहीं पाता। जब खबर एकदम पक्की हो गई कि घर नहीं जा पाऊंगी तो मां पकवान बनाते-बनाते ही सिसक-सिसक को रोने लगी। दादी ने घर के एक को...
क्षण...
Tag :
  February 3, 2017, 11:48 pm
आधी रात बाद किसी के सुबक-सुबक कर रोने की आवाज आ रही थी। मैं उठकर बैठ गई। कमरे की लाइट जलाकर देखी तो मेरी नई रूम मेट तकिए से मुंह छुपाये रो रही थी। मैंने उसे हिलाया और पूछा कि क्यों रो रही हो। वह कुछ नहीं बोली। बार-बार पूछने के बाद भी वह कुछ नहीं बोली। मैं काफी देर तक उसके कंध...
क्षण...
Tag :
  February 2, 2017, 9:41 pm
भारत ने कबड्डी विश्वकप के फाइनल में ईरान को हराकर आठवां विश्वकप अपने नाम कर लिया। इस जीत पर भारतीय क्रिकेटर विरेन्द्र सहवाग ने ट्विटर पर टीम को बधाई दी। इसके बाद विरेन्द्र सहवाग और ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन के बीच ट्विटर पर ही बहस छिड़ गई।ब्रिटिश पत्रकार पियर्स ...
क्षण...
Tag :
  October 23, 2016, 8:47 pm
जीवन में कभी-कभी किसी भी परिस्थिति में एडजस्ट करने की आदत इस कदर लग जाती है कि हम उस परिस्थिति में तिल-तिल मरने और घुटने के बाद भी उससे बाहर नहीं निकलना चाहते हैं।हॉस्टल के उस कमरे में शिफ्ट होने से पहले मुझे यह बात नहीं मालूम थी कि मुझे जिस लड़की के साथ रहना है उसका कुछ स...
क्षण...
Tag :
  October 22, 2016, 8:07 pm
नवरात्रि व्रत थी, पूजा-पाठ करने के बाद प्रसाद देने आयी वह । प्रसाद देते हुए बोली-लगता है अभी नहायी नहीं हो तुम?-  मैंने कहा-नहींवह बोली- मतलब व्रत भी नहीं हो तुम?-  नहींकुछ तो शर्म करो...लड़की होकर भी व्रत नहीं हो तुम। सारी लड़कियां व्रत हैं। प्रसाद बना रही हैं, पूजा कर रही...
क्षण...
Tag :
  October 10, 2016, 10:11 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163575)