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Blog: khamoshi ke khilaf

Blogger: saurabh arya
एक भयभीत नागरिक की भय भरी श्रृद्धांजली उसके लिए जिसके मरने के बाद भी लोग उससे डरते हैं. डरो ! थर थर कांपो, कि वो चला तो गया है,पर छोड़ गया है दबंगई और गुंडई की विरासत !डर ही जन्मेगा तुम्हारे भीतर श्रृद्धा के फूल,डर ही सनातन सत्य‍ है मुंबा देवी की नगरी का, क्या फर्क पड़ता है ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:44pm 20 Nov 2012 #कविताएं
Blogger: saurabh arya
मैंने कभी समंदर नहीं देखा था. बचपन से समंदर को महसूस करने की तलब थी जो आज देश के पूर्वी तट पर जगन्‍नाथ पुरी में जाकर पूरी हुई. समंदर से अपने प्रथम मिलन की अभिलाषा में मैं रात भर ठीक से सो भी न सका. समंदर पर खिलते सूर्योदय को देखने से न रह जाऊं...इस डर से रात में दो बार जाग कर घड... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   5:20pm 3 Nov 2012 #यात्रा वृतांत
Blogger: saurabh arya
फ़र्ज कीजिए आप ट्रेन या बस में अकेले ही कोई लंबी यात्रा पर हैं और वक्‍़त काटने के लिए कुछ पढ़ना चाहते हैं तो अब तक हिन्‍दी के पाठकों के लिए केवल दो विकल्‍प मौजूद थे । या तो आपको हिन्‍दी के प्रख्‍यात साहित्‍यकारों की कालजयी कृतियां पढ़नी पडती थीं या फिर सड़क छाप साहित्‍... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   5:27am 12 Oct 2012 #बातें किताबों की
Blogger: saurabh arya
आज तो गज़ब हो गया. मेरा दोस्‍त, मेरा अपना चाय का कप जो आफिस में दो दिन पहले खो गया था......आज वापस मिल गया. कसम से ऐसा लग रहा है कि कोई बिछड़ा हुआ बरसों बाद मिल गया हो. पिछले कुछ रोज में अपने चाय के कप से मेरी गहरी दोस्‍ती हो गई थी . दरअसल कप एक अजीज दोस्‍त ने सिकिम्‍म या दार्जिलिं... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   8:58am 4 Oct 2012 #कुछ यूं ही
Blogger: saurabh arya
ओसियान एक बार फिर दिल्‍ली की जमीन पर लौटा है और सिरी फोर्ट ऑडिटो‍रियम एक बार फिर गुलजार है देश दुनिया की नायाब फिल्‍मों से. फिल्‍मों का समंदर सिरी फोर्ट में लहरा रहा है और फिल्‍मों के दीवाने इसमें डूब डूब कर मोती चुन रहे हैं. लगभग 50 देशों की 200 से अधिक फिल्‍मों के साथ 12 वां ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   8:55am 30 Jul 2012 #फिल्‍म समारोह
Blogger: saurabh arya
इस होली पर मैं कुछ ऐसे रंग लाया हूंचढ़ें जो मन पर, महकें तन पर संग लाया हूं।रंग है अहसास का, आस का, विश्‍वास कारंग सबके मन में खिलने वाले इस मधुमास का,कष्‍ट में भी मुस्‍कुराकर आगे ही बढ़ते रहेंरंग ऐसे हर्ष का, उत्‍साह का, उल्‍लास का । रंग शक्ति के, आसक्ति के और प्रेम की अभिव... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   8:17am 8 Mar 2012 #कविताएं
Blogger: saurabh arya
‘आम जनता’- सौरभ आर्यआम जनता नित्‍य पिसती, ज्‍यों मसाले पिस रहे होंचंद टुकडों के सहारे, जिंदगी को घिस रहे हों,भूख के आधार पर प्रगति की कैसी कथा हैवंचितों के स्‍वर से फूटी, कष्‍ट की अद्भुत व्‍यथा है। राष्‍ट्र प्रगति कर रहा है, कहना तो आसान हैपर फांसियों पर झूलता क्‍यों, इस ... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   12:27pm 20 Sep 2011 #कविताएं
Blogger: saurabh arya
        ब्रिटेन का एक अख़बार ‘न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड’जो 168वर्ष पूर्व शुरू हुआ और कई पीढि़यों का संगी-साथी बना अंतत: चंद रोज पहले बंद कर दिया गया। अपने अंतिम अंक ‘थैंक यू एण्‍ड गुड बाय’के साथ 27 लाख की प्रसार संख्‍या और न्‍यूज कार्पोरेशन की दुधारू गाय ‘न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड’का अ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   11:24am 13 Jul 2011 #आलेख
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