POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: साझा आसमान

Blogger: suresh sawpnil
अगर  होश  क़ायम  रहेगा  हमाराजिएंगे  मगर  दिल  जलेगा  हमाराख़ुदा  से  अदावत  निभाते  रहे  हम यहां  कौन   दुश्मन   बनेगा  हमाराजिधर  सुर्ख़  परचम  इशारा  करेगाउधर  ख़ूं   छलकता  मिलेगा  करेगाजहां  शाहे-वहशत  अकेला  ख़ुदा  हो... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   10:10am 13 Jun 2019 #
Blogger: suresh sawpnil
सियासत  सीख  कर  पछताए  हो  क्यासलामत  सर  बचा  कर  लाए  हो  क्याउड़ी  रंगत   कहीं   सब   कह  न  डालेहमारे    तंज़  से    मुरझाए      हो  क्यालबों  पर    बर्फ़   आंखों  में      उदासीकहीं  पर  चोट  दिल की  खाए हो&nb... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   11:48am 4 May 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
परेशां  हैं  यहां  तो  थे  वहां  भीकरे  है  तंज़  हम  पर  मेह्र्बां  भीहमें  ज़ाया  न  समझें  साहिबे-दिलहरारत  है  अभी  बाक़ी  यहां  भीदिए  थे  जो  वफ़ा  के  ज़ख़्म  तुमनेलगे  हैं  फिर  नए  से  वो  निशां  भी लगा  है  मर्ज़  जबस... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   11:56am 27 Apr 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
मोहसिनों   की    आह    बेपर्दा  न  होशर्म  से    मर  जाएं   हम  ऐसा  न  होइश्क़  का  इल्ज़ाम  हम  पर  ही  सहीतू   अगर    ऐ  दोस्त     शर्मिंदा  न  होख़ाक   ऐसी  ज़ीस्त  पर    के:  ग़ैर  केदर्द  का   एहसास  तक   ज़िंदा&nb... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   11:41am 22 Apr 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
गर्दिशे-ऐयाम  से            दिल  हिल  गयाआज  का  दिन  भी  बहुत  मुश्किल  गयादेख  कर  हमको              परेशां  दर्द  सेआसमानों  का  कलेजा            हिल  गयाचाहते  थे        रोक  लें   &n... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   11:09pm 19 Apr 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
हर  तरफ़  मौजे हवादिस  और  हम सामने      सुल्ताने बेहिस  और  हमआज फिर उम्मीद का  सर झुक गयाफिर  वही गुस्ताख़ इब्लीस  और हमक्या  मुक़द्दर  है   वफ़ा  का    देखिएगर्दिशों  में  ख़्वाबे नाक़िस  और  हमफिर   ज़ुबानी   जंग  में  हैं   मुब्त... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   11:48am 20 Mar 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
तबाही  के    ये:  मंज़र    देख  लीजेकहां  धड़  है  कहां  सर  देख  लीजेबुतों के  साथ क्या क्या  ढह  गया हैज़रा    गर्दन  घुमा  कर    देख  लीजेचले  हैं  लाल  परचम  साथ  ले  करकहां  पहुंचे   मुसाफ़िर    देख  लीजे खड़े  हैं  ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   11:52am 12 Mar 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
ख़ुश्बुए-दिल  जहां  नहीं  होतीकोई  बरकत  वहां  नहीं  होतीहौसले   साथ- साथ    बढ़ते  हैंसिर्फ़  हसरत  जवां  नहीं  होतीज़र्फ़  है   तो    निगाह   बोलेगीख़ामुशी    बेज़ुबां    नहीं   होतीज़िंदगी  दर -ब- दर  भटकती  हैऔर  फिर  भ... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   5:52pm 9 Mar 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
आजकल  ज़माने  में    ऐतबार  किसका  हैबेवफ़ा  हवाओं  पर  इख़्तियार  किसका  हैक्यूं  बताएं  दुनिया  को  राज़  गुनगुनाने  कालोग  जान  ही  लेंगे  ये;  ख़ुमार  किसका  हैइश्क़  ही  तरीक़ा  है  रंजो-ग़म   भुलाने  कासामने  खड़े  हैं  हम  ... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   10:51am 4 Feb 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
नाक़ाबिले-यक़ीं   है     अगर      दास्तां  मेरीबेहतर  है  काट ले  तू   इसी  दम  ज़ुबां  मेरीदेखी  तेरी  दिल्ली    तेरी  सरकार   तेरा  दरसुनता  नहीं  है  कोई   शिकायत   जहां  मेरीसच  बोलना   गुनाह  हो   जिस  इक़्तेदार  म... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   10:56am 30 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
हम  ख़ुदा  के  क़रीब  रहते  हैंवां,  जहां  बदनसीब   रहते   हैंबन  रही  है  वहां  स्मार्ट  सिटीजिस जगह सब ग़रीब रहते  हैंकर रहे हैं गुज़र  जहां पर हमहर  मकां  में  रक़ीब  रहते  हैंबाज़ को आस्मां  मिला  जबसेख़ौफ़  में   अंदलीब    रहते  हैंश... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   4:02pm 24 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
आपको  शौक़  है  सताने  कातो  हमें   मर्ज़  है  निभाने  कासीख  लें  नौजवां  हुनर  हमसेरूठती   उम्र  को   मनाने  काइश्क़  भी  क्या  हसीं  तरीक़ा  हैदुश्मनों  को   क़रीब  लाने  काशायरी  सिर्फ़  एक  ज़रिया  हैज़ीस्त  के  रंजो-ग़म  भ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   4:54pm 23 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
नई     आरज़ू  की     शुआएं  नईगुलों  को   मिली  हैं    हवाएं  नईअभी  दोस्तों  को  बुरा  मत  कहोअभी    आ  रही  हैं     दुआएं  नईन मुजरिम रहे  हम  न मुल्ज़िम हुएलगाते  रहे       वो:       दफ़ाएं  नईइधर  लोग &nb... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   11:47am 22 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
ये: एहतरामे-वफ़ा  है  कि  कम  नहीं  होताअजीब  मर्ज़  लगा  है  कि  कम  नहीं  होताइधर-उधर  के  कई  ग़म  उठा  लिए  सर  परमगर  ये:  बार  बड़ा  है  कि  कम  नहीं  होताबिखर  रहा  है    मेरा  ज़ह्र    गर्म  झोंकों  सेबग़ावतों  का  नशा&n... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   4:43pm 19 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
ये: एहतरामे-वफ़ा  है  कि  कम  नहीं  होताअजीब  मर्ज़  लगा  है  कि  कम  नहीं  होताइधर-उधर  के  कई  ग़म  उठा  लिए  सर  परमगर  ये:  बार  बड़ा  है  कि  कम  नहीं  होताबिखर  रहा  है    मेरा  ज़ह्र    गर्म  झोंकों  सेबग़ावतों  का  नशा&n... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:43pm 19 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
वफ़ा  में  ज़रा  सी  कमी  पड़  गईहमें  दुश्मनों  की   कमी  पड़  गईदरिंदे    गली  दर  गली    छा  गएकि  इंसां की  भारी कमी  पड़ गईचला  शाह   घर  लूटने   रिंद   काख़ज़ाने  में   थोड़ी  कमी  पड़  गईकभी   ज़ब्त  की   इन्तेहा  हो  ग... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   12:57pm 18 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
यूं  ही  हमको  दिल  मत  देनाआसां  सी  मुश्किल  मत  देनाकश्ती  तूफां  की  आशिक़  हैमिटने  को   साहिल  मत  देनादुश्मन  वो:   जो    ईमां  ले  लेकमज़र्फ़  मुक़ाबिल  मत  देनामंज़िल  के  सदक़े     गर्म  लहूसरसब्ज़   मराहिल   मत&n... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   3:31pm 17 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
दिल  ही  न  दिया  तो  क्या  देंगेज़ाहिर  है      आप      दग़ा  देंगेहम      दीवाने     हो  भी    जाएंक्या  घर  को   आग  लगा  देंगे ?सब  नफ़रत  अपनी   ले  आएंहम  सबको   प्यार  सिखा  देंगेख़ामोश    मुहब्बत  है   ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   1:45pm 16 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
बीमारे-आरज़ू  से        कितने        सवाल  कीजेपुर्सिश  को  आए  हैं  तो    कुछ  देखभाल  कीजेचुपचाप  दिल  उठा  कर  चल  तो  दिए  मियांजीइस  बेमिसाल  शय  का    कुछ  इस्तेमाल  कीजेमायूस  रहते-रहते           &n... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   3:55pm 15 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
बेख़ुदी    गो    बहुत  ज़रूरी  हैज़र्फ़  भी  तो  बहुत  ज़रूरी  हैदोस्तों  को  दुआ  न  दे  लेकिनदुश्मनों  को  बहुत  ज़रूरी  हैजल  न  जाए  फ़सल  उमीदों  कीग़म  नए  बो  बहुत  ज़रूरी  है लोग    इस्लाह  तो   करेंगे  हीवो  करें जो &nbs... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   5:39pm 14 Jan 2018 #
Blogger: suresh sawpnil
दुश्मनों  की  नब्ज़  में  धंसते  हुएख़ाक  में  मिल  जाएंगे  हंसते  हुएज़र्द  पड़ती   जा  रही  है   ज़िंदगीतार  दिल  के  साज़  के  कसते  हुएसाफ़  कहिए  क्या  परेशानी  हुईशह्रे-दिल  में  आपको  बसते  हुएइश्क़  जिसने  कर  लिया  सय्या... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   5:27pm 8 Dec 2017 #
Blogger: suresh sawpnil
रास्ते   कम  नहीं    मोहब्बत  केपर  क़दम  तो  उठें  इनायत  केजानलेवा  है        मौसमे  सरमांहिज्र  में   दिन  हुए   हरारत  केबात  क्या  इश्क़  की  करेंगे  वोजो   तरफ़दार  हैं   अदावत  केशाह  की  बद्ज़ुबानियां  तौबा !... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   3:40pm 7 Dec 2017 #
Blogger: suresh sawpnil
हर  शख़्स        जानता  है       दुश्वारियां  हमारीशाहों  को      खल  रही  हैं      ख़ुद्दारियां  हमारीया   तो  क़ुबूल  कर  लें  या  हम  कमाल  कर  देंमहदूद  हैं        यहीं  तक         ऐय्यारियां  हमारी ऐ  चार:गर   ... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   12:29pm 15 Nov 2017 #
Blogger: suresh sawpnil
ग़रीबों  का  दिल    'गर   समंदर  न  होतो  दुनिया  कभी  हद  से  बाहर  न  होकरें         क़त्ल  हमको      बुराई  नहींअगर    आपका  नाम     ज़ाहिर  न  होरहे  कौन       ऐसी  जगह  पर       जहांकहीं       ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   11:23am 10 Nov 2017 #
Blogger: suresh sawpnil
बहरहाल  कुछ  तो  हुआ  है  ग़लततुम्हारी  दुआ    या  दवा   है   ग़लतख़बर  ही     नहीं  है    शहंशाह  कोकि  हर  मा'मले  में  अना  है  ग़लतहुकूमत    निकल  जाएगी    हाथ  से अगर  सोच  का  सिलसिला  है  ग़लततमाशा -ए- ऐवाने - जम... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   12:08pm 6 Nov 2017 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post