Deprecated: mysql_connect(): The mysql extension is deprecated and will be removed in the future: use mysqli or PDO instead in /home/hamariva/public_html/config/conn.php on line 13
साझा आसमान : View Blog Posts
Hamarivani.com

साझा आसमान

दुश्मनों  की  नब्ज़  में  धंसते  हुएख़ाक  में  मिल  जाएंगे  हंसते  हुएज़र्द  पड़ती   जा  रही  है   ज़िंदगीतार  दिल  के  साज़  के  कसते  हुएसाफ़  कहिए  क्या  परेशानी  हुईशह्रे-दिल  में  आपको  बसते  हुएइश्क़  जिसने  कर  लिया  सय्या...
साझा आसमान ...
Tag :
  December 8, 2017, 10:57 pm
रास्ते   कम  नहीं    मोहब्बत  केपर  क़दम  तो  उठें  इनायत  केजानलेवा  है        मौसमे  सरमांहिज्र  में   दिन  हुए   हरारत  केबात  क्या  इश्क़  की  करेंगे  वोजो   तरफ़दार  हैं   अदावत  केशाह  की  बद्ज़ुबानियां  तौबा !...
साझा आसमान ...
Tag :
  December 7, 2017, 9:10 pm
हर  शख़्स        जानता  है       दुश्वारियां  हमारीशाहों  को      खल  रही  हैं      ख़ुद्दारियां  हमारीया   तो  क़ुबूल  कर  लें  या  हम  कमाल  कर  देंमहदूद  हैं        यहीं  तक         ऐय्यारियां  हमारी ऐ  चार:गर   ...
साझा आसमान ...
Tag :
  November 15, 2017, 5:59 pm
ग़रीबों  का  दिल    'गर   समंदर  न  होतो  दुनिया  कभी  हद  से  बाहर  न  होकरें         क़त्ल  हमको      बुराई  नहींअगर    आपका  नाम     ज़ाहिर  न  होरहे  कौन       ऐसी  जगह  पर       जहांकहीं       ...
साझा आसमान ...
Tag :
  November 10, 2017, 4:53 pm
बहरहाल  कुछ  तो  हुआ  है  ग़लततुम्हारी  दुआ    या  दवा   है   ग़लतख़बर  ही     नहीं  है    शहंशाह  कोकि  हर  मा'मले  में  अना  है  ग़लतहुकूमत    निकल  जाएगी    हाथ  से अगर  सोच  का  सिलसिला  है  ग़लततमाशा -ए- ऐवाने - जम...
साझा आसमान ...
Tag :
  November 6, 2017, 5:38 pm
कम  अज़  कम  क़त्ल  तो  कीजे  ख़ुशी  सेन  होगा          काम  ये          मुर्दादिली  सेबवंडर  ही       उठा  देगा        किसी  दिनलगाना  आपका      दिल      हर  किसी  सेनिभाना  हो          ज़रूरी         तो...
साझा आसमान ...
Tag :
  November 3, 2017, 4:50 am
हवा  में  घुटन  है  मगर  क्या  करेंकि  तूफ़ान  में  और  घर  क्या  करेंफ़क़त  एक  ही लफ़्ज़   है  दर्द  काये:  क़िस्सा-ए-ग़म  मुख़्तसर  क्या  करेंजहां  रिज़्क़  एहसां  जता  कर  मिलेदवाएं  वहां  पर  असर  क्या  करेंक़फ़न  लूट  कर  भी  तसल्ल...
साझा आसमान ...
Tag :
  October 20, 2017, 5:16 am
मोम  के  हैं  पर  हमारे  और  जलता  आस्मांकोशिशे-परवाज़  पर  आतिश  उगलता  आस्मांहम  अगर  मज़्लूम  हैं  तो  भी  सज़ा  के  मुस्तहक़ख़ुद   हज़ारों  जुर्म  करके  बच  निकलता  आस्मांसौ  बरस  की  राह  में  नव्वे  बरस  के  इम्तिहांहर  सफ़र&...
साझा आसमान ...
Tag :
  September 18, 2017, 7:32 pm
साफ़  मौसम  के  लिए  कुछ  कीजिएज़ुल्फ़  के  ख़म  के  लिए  कुछ  कीजिएदुश्मनों  पर  सर्फ़  करते  हो  वफ़ाकाश ! हमदम  के  लिए  कुछ  कीजिएताक़यामत  तोड़ना  मुमकिन  न  होउन  मरासिम  के  लिए  कुछ  कीजिएदर्द  हो  थोड़ा-बहुत  तो  झेल  लेंशिद...
साझा आसमान ...
Tag :
  September 11, 2017, 6:59 pm
ज़रा-से  करम  को  ज़माने  लगेख़ुदा  रोज़   एहसां   जताने  लगेनज़र  में   न  थे  तो   परेशां  रहेनज़र  में  लिया  तो  सताने  लगेसंवरना  हमीं  ने  सिखाया  उन्हेंहमीं  को   अदाएं   सिखाने  लगेइसे  रहज़नी  के  सिवा  क्या  कहेंकि&...
साझा आसमान ...
Tag :
  August 19, 2017, 6:55 pm
क़त्ल  करके  हसीं  बहारों  कातन  गया  सर  रसूख़दारों  कालाशे-अत्फ़ाल  रौंद  कर  ख़ुश  हैंतुफ़ ! ये:  किरदार  ताजदारों  कामुंह  छुपा  लें  कि  सर  कटा  डालेंहै  पसोपेश  शर्मसारों  काहै  हमारी  कमी  कि  क़ायम  हैदबदबा  ज़ुल्म  के  इदार...
साझा आसमान ...
Tag :
  August 17, 2017, 7:16 am
मेरे  अल्फ़ाज़  मुझसे  रूठ  कर  कुछ  दूर  बैठे  हैंकि  जैसे  वक़्त  के  हाथों  सनम  मजबूर  बैठे  हैंकरें  किससे  शिकायत  दोस्तों  की  बेनियाज़ी  कीवफ़ा  के  दफ़्तरों  में  भी  तन-ए-रंजूर  बैठे  हैंकिसी  दिन  फिर  नमी  होगी  निगाह...
साझा आसमान ...
Tag :
  July 11, 2017, 6:57 am
चंद  अश्'आर  जो  सीने  में  दबा  रक्खे  हैंकुछ  समझ-सोच  के  यारों  से  छुपा  रक्खे  हैंएक  उम्मीदे-शिफ़ा  ये  है  कि  वो  आ  जाएंइसलिए  मर्ज़  तबीबों  से  बचा  रक्खे  हैंहो  अगर  दिल  में  शरारत  तो  बता  दें  हमकोवर्न:  हमने...
साझा आसमान ...
Tag :
  July 8, 2017, 5:42 pm
आज  ख़ामोश  रहें  भी  तो  क्याऔर  दिल  खोल  कर  कहें  भी  तो  क्या ?आपको  तो  रहम  नहीं  आताहम  अगर  दर्द  सहें  तो  भी  क्याक़त्ल  करके  हुज़ूर  हंसते  हैंभीड़  में  अश्क  बहें  भी  तो  क्याज़ुल्म  तारीख़  में  जगह  लेंगेशाह  क...
साझा आसमान ...
Tag :
  July 7, 2017, 9:41 pm
न  दिल  चाहते  हैं  न  जां  चाहते  हैंफ़क़त  आशिक़ों  की  अमां   चाहते  हैंउड़ानों  पे  बंदिश  न  पहरा  सुरों  परपरिंदे    खुला  आस्मां   चाहते  हैंमुरीदे-शहंशाह  हद  से  गुज़र  कररिआया  के  दोनों  जहां  चाहते  हैंक़फ़न  खेंच  कर&...
साझा आसमान ...
Tag :
  July 6, 2017, 2:53 pm
किधर  ढूंढिएगा  कहां  खो  गयामियां  मान  लीजे  कि  दिल  तो  गयाउसे  तिश्नगी  ने  न  बख़्शा  कभीअकेला  ख़राबात  में  जो  गयागुलों  को  न  अब  कोई  इल्ज़ाम  देकि  मौसम  रग़ों  में  ज़हर  बो  गयामदारी  बना  शाह  जिस  रोज़  सेहक़ीक़त&...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 29, 2017, 6:47 pm
जब  जहालत  गुनाह  करती  हैसल्तनत  वाह  वाह  करती  हैआइन-ए-मुल्क  में  बहुत  कुछ  हैक्या  सियासत  निबाह  करती  हैसल्तनत  चार  दिन  नहीं  चलतीजो  सितम  बेपनाह  करती  हैअस्लहे  वो:  असर  नहीं  करतेजो  वफ़ा  की  निगाह  करती  हैआश...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 27, 2017, 4:16 pm
ईद  में  मुंह  छुपाए  फिरते  हैंग़म  गले  से  लगाए  फिरते  हैंदुश्मनों  के  हिजाब  के  सदक़ेरोज़  नज़रें  चुराए   फिरते  हैंदिलजले  हैं  बहार  के  आशिक़तितलियों  को  उड़ाए  फिरते  हैंकोई  उनको  पनाह  में  ले  लेजो  वफ़ा  के  सता...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 26, 2017, 3:09 pm
शौक़  तो  उन्हें  भी  है  पास  में  बिठाने  काजो  हुनर  नहीं  रखते  दूरियां   मिटाने  कारोज़  रोज़  क्यूं  हम  भी  आपसे  पशेमां  होंएक  दिन  मुक़र्रर  हो  रूठने-मनाने  काआपकी  सफ़ाई  से  मुत्मईं  नहीं  हैं  हमराज़  कोई  तो  होगा&nb...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 22, 2017, 9:42 am
सितम  कीजिए  या   दग़ा  कीजिएख़ुदा  के  लिए  ख़ुश  रहा  कीजिएदुआ  है  फ़रिश्ते  मिलें   आपकोन  हो  तो  हमीं  से  वफ़ा  कीजिएबुरे  वक़्त  में   बेहतरी  के  लिएलबों  पर  तबस्सुम  रखा  कीजिएसितारे  पहुंच  से  अगर  दूर  हैंतो  किरदार&nb...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 17, 2017, 11:14 pm
आज  मौसम  हमारा  नहीं  क्या  करेंदोस्तों  से  गुज़ारा  नहीं  क्या  करेंज़ीस्त  ने  तो  हमें  ग़म  दिए  ही  दिएमौत  से  भी  सहारा  नहीं  क्या  करेंतीरगी  को  मिटाना  हंसी-खेल  हैपर  शम्'.अ  का  इशारा  नहीं  क्या  करेंहर  क़दम  प...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 10, 2017, 11:06 pm
इबादत  न  कीजे  किसी  शाह  कीदग़ाबाज़     मक्कार    गुमराह  कीन  जाने    कहां   ले  गिरे    रहनुमाहक़ीक़त    समझिए   नई  राह  कीकिसे  दोस्त  समझें  किसे  मुस्तफ़ाहमारी   किसी  ने   न   परवाह  कीजहां    पीर  ही  पीर ...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 7, 2017, 4:01 pm
वैसे  तो  दुनिया  फ़ानी  हैसच  के  साथ  परेशानी  हैख़ुद्दारों  पर  दाग़  लगानामग़रूरों  की  नादानी  हैशाहों  से  डर  जाने  वालोयह  रुत  भी  आनी-जानी  हैसंगीनों  पर  चल  कर  जीनाज़िद  अपनी  जानी-मानी  हैअब  जम्हूर  कहां  रक्खा  ह...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 6, 2017, 5:13 pm
तलाशे-मकां  में  जहां  लुट  गयाज़मीं  के  लिए  आस्मां  लुट  गयाअदा  सादगी  शोख़ियां  पैरहनन  जाने  दिवाना  कहां  लुट  गयापसोपेश  में  रह  गईं  आंधियांसफ़ीना  इसी  दरमियां  लुट  गयामिला  शाह  हमको  ख़ुदादाद  ख़ांकि  सदक़े  में  हर&...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 2, 2017, 7:37 pm
फंस  गए  शैख़  पहली  मुलाक़ात  मेंसर-ब-सज्दा    पड़े  हैं   ख़राबात  मेंठीक  है  मैकदा  घर  ख़ुदा  का  नहींक्या  बुरा  है   यहां  भी  मुनाजात   मेंशाह  मदहोश  है  तख़्त  के  ज़ो'म  मेंऔर  लश्कर    लगे  हैं   ख़ुराफ़ात  मेंख़ूब &...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 27, 2017, 4:14 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3709) कुल पोस्ट (171446)