Hamarivani.com

साझा आसमान

सितम  कीजिए  या   दग़ा  कीजिएख़ुदा  के  लिए  ख़ुश  रहा  कीजिएदुआ  है  फ़रिश्ते  मिलें   आपकोन  हो  तो  हमीं  से  वफ़ा  कीजिएबुरे  वक़्त  में   बेहतरी  के  लिएलबों  पर  तबस्सुम  रखा  कीजिएसितारे  पहुंच  से  अगर  दूर  हैंतो  किरदार&nb...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 17, 2017, 11:14 pm
आज  मौसम  हमारा  नहीं  क्या  करेंदोस्तों  से  गुज़ारा  नहीं  क्या  करेंज़ीस्त  ने  तो  हमें  ग़म  दिए  ही  दिएमौत  से  भी  सहारा  नहीं  क्या  करेंतीरगी  को  मिटाना  हंसी-खेल  हैपर  शम्'.अ  का  इशारा  नहीं  क्या  करेंहर  क़दम  प...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 10, 2017, 11:06 pm
इबादत  न  कीजे  किसी  शाह  कीदग़ाबाज़     मक्कार    गुमराह  कीन  जाने    कहां   ले  गिरे    रहनुमाहक़ीक़त    समझिए   नई  राह  कीकिसे  दोस्त  समझें  किसे  मुस्तफ़ाहमारी   किसी  ने   न   परवाह  कीजहां    पीर  ही  पीर ...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 7, 2017, 4:01 pm
वैसे  तो  दुनिया  फ़ानी  हैसच  के  साथ  परेशानी  हैख़ुद्दारों  पर  दाग़  लगानामग़रूरों  की  नादानी  हैशाहों  से  डर  जाने  वालोयह  रुत  भी  आनी-जानी  हैसंगीनों  पर  चल  कर  जीनाज़िद  अपनी  जानी-मानी  हैअब  जम्हूर  कहां  रक्खा  ह...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 6, 2017, 5:13 pm
तलाशे-मकां  में  जहां  लुट  गयाज़मीं  के  लिए  आस्मां  लुट  गयाअदा  सादगी  शोख़ियां  पैरहनन  जाने  दिवाना  कहां  लुट  गयापसोपेश  में  रह  गईं  आंधियांसफ़ीना  इसी  दरमियां  लुट  गयामिला  शाह  हमको  ख़ुदादाद  ख़ांकि  सदक़े  में  हर&...
साझा आसमान ...
Tag :
  June 2, 2017, 7:37 pm
फंस  गए  शैख़  पहली  मुलाक़ात  मेंसर-ब-सज्दा    पड़े  हैं   ख़राबात  मेंठीक  है  मैकदा  घर  ख़ुदा  का  नहींक्या  बुरा  है   यहां  भी  मुनाजात   मेंशाह  मदहोश  है  तख़्त  के  ज़ो'म  मेंऔर  लश्कर    लगे  हैं   ख़ुराफ़ात  मेंख़ूब &...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 27, 2017, 4:14 pm
सोग़  में  है  ख़ुदा,  क्या  हुआमर  गए  हम  बुरा  क्या  हुआबुझ  गया  चांद  का  क़ुमक़ुमाचांदनी  का  नशा  क्या  हुआरास्ते        मुंतज़िर     ही  रहेमंज़िलों  का  पता  क्या  हुआइश्क़  में  घर  जला  आपकादुश्मनों  का  भला  क...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 22, 2017, 7:46 pm
बता  कौन  तेरी  ख़ुशी  ले  गयाकि  कासा  थमा  कर  ख़ुदी  ले  गयासमझते  रहे  सब  जिसे  बाग़बांगुलों  के  लबों  से  हंसी  ले  गयासितारा  रहा  जो  कभी  बज़्म  कावही  नज़्म  की  ज़िंदगी  ले  गया चमन  छोड़  कर  अंदलीबे-सुख़नबहारों  की&nbs...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 19, 2017, 5:13 pm
करते  हैं  अश्क  ज़ाया  दामन  की  आड़  कर  केयानी   वो  ख़ुश  नहीं  हैं    हमसे   बिगाड़  कर  केथी  जान  जिस्म  में  जब  देखा  न  सर  उठा  करअब  दिल  तलाशते  हैं   वो    चीर-फाड़  कर  केपर्दे  में  भी    किसी  का    द...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 16, 2017, 7:28 pm
क़फ़स  में  भी  नमाज़ें  गिन  रहे  हैंअक़ीदत  की  सलाख़ें  गिन  रहे  हैंहुकूमत  कर    रहे  हैं   या  तमाशाख़िज़ां  में  भी   बहारें   गिन  रहे  हैंजहालत  के  ज़हर  का  ही  असर  हैबुज़ुर्गों  की     ख़ताएं    गिन  रहे  हैंहमार...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 14, 2017, 7:17 pm
यौमे-मज़दूर पर लाल सलाम !सारी  सरकारें  झुकती  हैं  सरमाएदारों  के  आगे हम  मेहनतकश  दीवार  बने  हैं  इन  मुर्दारों  के  आगे तुम  नाहक़  नाक  रगड़ते  हो  हर  दिन  अख़बारों  के  आगे झुकने  को  हम  भी  झुकते  हैं  लेकिन  ख़ुद्दार...
साझा आसमान ...
Tag :
  May 1, 2017, 10:17 pm
उलझनों  से  भरा  दिल  नहीं  चाहिएमुफ़्त  में  कोई  मुश्किल  नहीं  चाहिएजान  ले  जाइए  ग़म  न  होगा  हमेंदाव:-ए-हस्रते-दिल    नहीं  चाहिएबात  ईमान  की  है  वफ़ा  की  नहींइश्क़  में  कोई  हासिल  नहीं  चाहिएआबले-पाऊं     देते  र...
साझा आसमान ...
Tag :
  April 20, 2017, 12:12 pm
ढूंढते  ही  रहे    हम        निशानाते-दिलबांट  कर    आ  गए    लोग   ख़ैराते-दिलमा'निए-इश्क़  तक    तो    समझते  नहींआप  क्यूं      चाहते  हैं      इनायाते-दिलआपकी    ख़्वाहिशो-ख़्वाब  से    भी  परेऔर  भी  हैं &nbs...
साझा आसमान ...
Tag :
  April 19, 2017, 10:40 am
ख़ौफ़  में  जी  रहे  हैं  तरफ़दारे-दिलघूमते  हैं  खुले   अब   गुनह्गारे-दिलमुत्मईं  हैं  कि  मग़रिब  न  होगी  कभीतीरगी  को  समझते  हैं   अन्वारे-दिलख़ुश्बू-ए-यार  से  तर  हवा  की  क़समठीक  लगते  नहीं  आज  आसारे-दिलकोई  क़ीमत  रही  ...
साझा आसमान ...
Tag :
  April 16, 2017, 10:57 pm
मुहब्बत  न  हो  तो  जहां  क्या  करेगाज़मीं  के  बिना   आस्मां   क्या   करेगानफ़स  दर  नफ़स  दिल  जहां  टूटते  होंवहां  कोई  दिल  का  गुमां  क्या  करेगा यहां   बात    है    मेरी   तन्हाइयों  कीक़फ़स  में  मदद  मेह्रबां  क्य...
साझा आसमान ...
Tag :
  April 1, 2017, 6:13 pm
हमको  तेरे  विसाल  का  मौक़ा  नहीं  मिलाइस  पर  तुझे  ख़याल  का  मौक़ा  नहीं  मिलाताउम्र  तेरी  फ़िक्र  हमें   इस  तरह  रहीख़ुद  अपनी  देखभाल  का  मौक़ा  नहीं  मिलाजो  शख़्स  मेरे  साथ  बहुत  दूर  तक  चलाउससे  भी  अर्ज़े-हाल  का  ...
साझा आसमान ...
Tag :
  March 26, 2017, 3:18 pm
शाह  पर  एतबार  किसको  हैये:  दिमाग़ी  बुख़ार  किसको  हैहाकिमों  की  अदा  गवाही  हैहैसियत  का  ख़ुमार  किसको  हैज़ार  सबको  थमा  गया  कासादिक़्क़ते-रोज़गार   किसको  हैथक  गए  जिस्म  .गुंच:-ओ-गुल  केअब  उमीदे-बहार  किसको  हैहम  फ़क़ीरी ...
साझा आसमान ...
Tag :
  March 25, 2017, 8:36 pm
ख़रों  को  मुबारक  ख़रों  का  ज़मानाअजब  सरफिरे   रहबरों  का  ज़मानान  देखेगी  नरगिस  न  गाएगी  बुलबुलन  आएगा     दीदावरों  का    ज़मानाजहां  मौसिक़ी  की  इजाज़त  न  होगीवहां  क्या  करेगा    सुरों  का  ज़मानाजिन्होंने  चुना  ...
साझा आसमान ...
Tag :
  March 24, 2017, 7:05 pm
मुद्द'आ  यूं  मिटा  तमाशों  मेंदब  गई  आह  ढोल-ताशों  मेंसोज़े-तकरीर  हुस्न  खो  बैठातल्ख़  तन्क़ीदो-इफ़्तिराशों  मेंशक्ले-इंसां  नज़र  नहीं  आतीमसख़रों  से  भरी  क़िमाशों  मेंरहनुमा  आए  हैं  दवा  ले करफूंकने  जान    सर्द  लाशों  मे...
साझा आसमान ...
Tag :
  March 6, 2017, 6:59 am
जो  दानिशवर  परिंदों  की  ज़ुबां  को  जानते  हैंयक़ीनन  वो   तिलिस्मे-आसमां    को  जानते  हैंतू  कहता  रह  कि  तू  ख़ुद्दार  है  झुकता  नहीं  हैमगर   हम  भी   तेरे   हर  मेह्रबां    को  जानते  हैंवही     बातें      वही ...
साझा आसमान ...
Tag :
  March 1, 2017, 5:16 pm
आप  पर  एतबार  रखते  हैंहम  युं  ही  जी  को  मार  रखते  हैंचोट  खाना  नसीब  है  अपनाहसरतें  तो  हज़ार  रखते  हैंकौन  जाने  कि  क्या  पिला  डालेंजो  नज़र  में  ख़ुमार  रखते  हैंराज़े-सेहत  बताएं  क्या  अपनादर्द  दिल  पर  सवार  ...
साझा आसमान ...
Tag :
  February 28, 2017, 9:08 pm
क़ैदे-ज़िन्दां-ए-उम्मीद  में  मिट  गएहम  मुहब्बत  की  ताईद  में  मिट  गएचंद  जज़्बात  उन  पर  खुले  ही  नहींचंद  अश्'आर  तन्क़ीद  में  मिट  गएथे  मुनव्वर  कई  नाम  तारीख़  मेंशाह  की  मश्क़े-तज्दीद  में  मिट  गएढूंढते  हैं  निशानात&nb...
साझा आसमान ...
Tag :
  February 27, 2017, 9:59 pm
मुफ़लिसी  में  अना  ज़रूरी  हैदोस्तों  की    दुआ    ज़रूरी  हैइश्क़  से  डर  हमें  नहीं  लगतागो  मुआफ़िक़  हवा  ज़रूरी  हैआप  तड़पाएं  या  तसल्ली   देंदर्दे-दिल  में  शिफ़ा  ज़रूरी  हैशौक़  रखिए  तबाह  करने  कापर  कहीं  तो  वफ़ा  ज़रू...
साझा आसमान ...
Tag :
  February 22, 2017, 4:40 pm
देते  हो  धोखा  महफ़िल  मेंक्या  शर्म  नहीं  बाक़ी  दिल  मेंज़ंग-आलूदा  हैं  सब  छुरियांवो  बात  नहीं  अब  क़ातिल  मेंमुस्तैद  रखो  फ़र्ज़ी  अपनाहै  शाह  तुम्हारा  मुश्किल  मेंहम  सज्दा  करते  जाते  हैंतुम  रंज़िश  रखते  हो  दिल  ...
साझा आसमान ...
Tag :
  February 16, 2017, 8:39 pm
सल्तनत   के  ज़वाल  की  आहेंज़र्द    जाहो-जलाल    की  आहेंमांगती  हैं  हिसाब  वहशत  काहर  सुलगते   सवाल  की  आहेंलफ़्ज़  शायद  बयां  न  कर  पाएंनर्मो-नाज़ुक़  ख़्याल  की  आहेंपढ़  रही  हैं  मिज़ाज  यारों  कामुफ़्लिसे-ख़स्त:हाल   क...
साझा आसमान ...
Tag :
  February 9, 2017, 8:05 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3666) कुल पोस्ट (165864)