Hamarivani.com

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

क्या दलितों और आदिवासियों पर होने वाले जुल्म, अत्याचार, पक्षपात, शोषण, दमन, बलात्कार, मार-पीट से सम्बंधित कारगुजारियों को कभी इतने बड़े पैमाने पर यह लोग पोस्ट करते या समाचार को शेयर करते या किसी और के द्वारा की हुई पोस्ट को शेयर करते कभी दिखे हैं ?जवाब आप सबको मालूम है कि "न...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :reservation
  May 18, 2016, 6:46 pm
लाख कोशिशों के बावजूद भी आगरा की वो सरकारी पुलिस कॉलोनी मेरे ज़ेहन से नहीं जाती । और उस कॉलोनी का क्वार्टर नंबर सी-75 मेरे बचपन रुपी डायरी के हर पन्ने पर दर्ज़ है ।फलांग भर की दूरी पर हुआ करती सरकारी अस्पताल कॉलोनी । उनके क़्वार्टरों की छतों से हमारे आँगन दिखा करते और हमारी ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  September 20, 2015, 1:00 am
तब तपती दोपहरें हुआ करतीं । दिन लंबे हो जाया करते । धूप हर वक़्त चिढ़ी चिढ़ी सी रहती । शायद एकाएक बढ़ गए तापमान से तालमेल ना बिठा पाने के कारण उसके साथ एक चिड़चिड़ापन आ जुड़ता. मैं तब रेलवे के उस क्वार्टर में किताबों में जी बहलाने के हज़ारों-लाखों प्रयत्न किया करता । कुछ पृष्ठ पढ़ ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Love Story
  September 18, 2015, 11:39 pm
बहुत बार सोचता हूँ कि इतिहास के पन्ने इकतरफ़ा सोच, मनमर्ज़ियों, अंधेरों को दबाये हुए उजालों से ही क्यों पटे पडे हैं. क्योंकि जिस तरह की और जैसी शक्तियाँ आज काबिज़ हैं और जिन्होंने इतिहास के लिखे जा रहे पन्नों पर चलने वाली कलमों और विचारों को अपनी मुट्ठी में कैद कर रखा है. ऐ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :मन की बात
  September 5, 2015, 11:45 am
शिक्षक दिवस के आने पर बधाईयों का ढेर लग जायेगा.बधाइयां देने और लेने का यह खेल खूब चलेगा. कुछ लोग अपने शिक्षकों की याद में पोस्ट लिखेंगे. कुछ तस्वीरें लगाएंगे. कोई बुराई करेगा. कोई प्रशंसा करेगा. यह क्रम चलता ही रहेगा.असल में हम सबने शिक्षकों के साथ ढ़ेर सारे सपने और ढ़ेर स...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :मन की बात
  September 5, 2015, 11:42 am
मैं अक्सर देखता और सुनता हूँ कि आरक्षण के मुद्दे पर वो वर्ग जिसकी वजह से आरक्षण की नौबत आई बहुत ज्यादा बेचैन हो उठता है. कभी कोई स्टेटस ठेल रहा है, कभी कोई स्टेटस फॉरवर्ड कर रहा है, कभी कोई फ़ोटो शेयर कर रहा है. लेकिन कभी जाति प्रथा को समाप्त करने के लिए इस वर्ग ने कभी कोई स्ट...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :समाज
  August 30, 2015, 12:50 pm
अपना क्या है?वो शहर या गाँव जहाँ पैदा हुआ और फिर जिसे पीछे छोड़ शहर में जा बसा मेरा भरा पूरा परिवार. या वो शहर जहाँ पिता साथ ले आये थे माँ, भाई और बहन के साथ. जहाँ पला बढ़ा, अपनी स्कूल ख़त्म की. या वो बाद का शहर जहाँ मैं अपने परिवार के साथ फिर से जा बसा और अपनी किशोरावस्था से युवाव...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  August 30, 2015, 12:08 am
पिछले सालों से खेती में उसे कुछ भी नहीं दिख रहा था और कर्ज़ पर क़र्ज़ का बोझ चढ़ता ही चला जारहा था. और जो मुट्ठी भर अरमान थे वे सब पानी की तरह बह गए थे. आप समझते हैं कि गाँव केआदमी के कितने मामूली अरमान होते हैं. और उसे मिलता क्या था कभी रोटी है तो सब्जी नहीं औरसब्जी है तो रोटी नही...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :
  August 23, 2015, 8:43 am
प्रारम्भ के दिनों में जब लड़की इस शहर आई थी तब उसका छोटा शहर उसके साथ चिपका रहता था.वहां की पहचान और आदतें उसके चेहरे पर जमी हुईं थीं. उनसे पीछा छुड़ाना आसान नहीं होता. एक शहर आपके साथ चिपका हुआ चले और वो आपके चेहरे को भी न छोड़े. वक़्त उसे खुरच खुरच के आपसे अलग करता है. फिर भी उस...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :कहानी
  August 13, 2015, 12:37 am
गहरा काला नीम अँधेरा सड़कों पर उतरने लगा था. लैम्पपोस्ट की रौशनी सड़कों को धुंधलाती हुई रौशन कर रही थी. अभी घंटे दो घंटे पहले पडी बूँदा बांदी से सड़कों पर चहबच्चे जगह जगह उभर आये थे. कहीं कहीं राह में कुत्ते भौंकते दिख जाते. रात की शिफ्ट का जीवन अपनी सुबह देखने लगा था और गाड़ि...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :कहानी
  August 11, 2015, 11:43 pm
रात के तीसरे पहर आपके मन के भीतर एक राग छिड़ता है. दुनिया जहाँ ख़ामोश नींद की गहराइयों में कहीं अटकी पड़ी है. मैं अपने भीतर के सच और झूठ से लड़ता. अपनी  स्मृतियों का बहीखाता खोले बैठा. रात को रात न समझ दिन की तरह जिए जा रहा हूँ. और रात की ख़ामोशी का एक अपना ही संगीत बजता हुआ. बरसात...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :
  August 11, 2015, 12:51 am
दुःख न तो कोई क्वालिफिकेशन देख कर आता और नाहीं किसी एक को डिसक्वालिफाई करता. जैसे मेरे स्कूल के प्रिंसिपल के लड़के का दुःख हुआ करता कि वो अपने स्कूल के प्रिंसिपल का लड़का है.असल में टीचर और प्रिंसिपल के लड़कों की दो प्रजातियाँ होती हैं. एक वो जो बार बार गुस्ताखियाँ कर स्कू...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Love Story
  July 18, 2015, 12:42 am
हम ऐसे स्कूल में थे जहाँ लड़कियों का नामो निशां नहीं था. और जब स्कूल के गेट पर हम अपने ठेले और खोमचे वालों के पास खड़े रह समय को धकेल रहे होते कि भाई अब बहुत हुआ ज़रा आगे बढ़ो. वह बीतता रहता और हम बेमतलब, बिना कुछ खाए दूर से ही ठेलों पर की चीज़ों को ऐसे महसूसते जैसे ये तो खायी हुई च...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Love Story
  July 18, 2015, 12:39 am
तुम नहीं हो फिर भी हो. दिन भर महकता है ये घर. इसमें बसी है खुशब तुम्हारीू. मैं नहीं खोलता खिड़कियाँ सारीं और आहिस्ता से खोलता हूँ दरवाज़े इसके. कि तुम अब भी हो, यहाँ हर कोने में. सुबहें दोपहरों तक खींच ले जाती हैं खुद को जैसे तैसे. शामें बहुत याद दिलाती हैं तुम्हारीं. तुम जब थी...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Emotions
  July 13, 2015, 10:16 am
कहीं किसी रोज़ में मिलूँगा तुमसे किसी अजनबी की तरह. हम जानते हुए भी नहीं बोलेंगे एक लफ्ज़ भी. तुम मुझे भुला दिए हुए किसी ख्वाब सा सोचोगी फिर भी. मैं जानकार भी अनजान बना रहूँगा तुम्हारी उपस्थिति से. क्या इतने पर भी भुला दी जाएँगी चाँदनी रात में तेरी गोद में सर रखकर जागी रात...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  July 13, 2015, 10:15 am
हम सब एक दिन चले जाने के लिए ही आये हैं लेकिन क्या हम वो कुछ कभी कर पाए जो करने के लिए हमारा दिल आ आकर गवाहियाँ देता है. मन काउंसलर बना हमें बार बार समझाता है कि तुम ये नहीं, ये करने के लिए बड़े भले लगते हो.कितनी दफा सुनते हैं हम अपने काउंसलर मन की आवाजों को. क्या अन्य तमाम तरह ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Emotions
  July 13, 2015, 10:14 am
अभी दौड़ती भागती ज़िन्दगी ने वहां दस्तक नहीं दी थी. किसी को भी कहीं पहुँचने की बेताबी नहीं थी. इक छोटा सा क़स्बा था. अभी भी अपने होने की पहचान लिए खड़ा था.ना तो उसे रफ़्तार का शऊर आया था और नाहीं उसे अपने सुस्ताने का कोई ग़म. चन्द दुकाने थीं कहने को, जिससे जीवन अपनी इच्छाएं पूरी ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  July 13, 2015, 10:13 am
आरजुओं के फूल हर रोज़ ही मन के आँगन में खिल उठते. और मन बावरा हो झूमता.उन दिनों भावनाओं का समुद्र जो उमड़ता तो फिर ठहरने का उसमें सब्र ही न होता.दिल कहता कि ये जो मन की कोमल सतह पर हर रोज़ ही उग आती हैं और दिन ब दिन बढती है चली जाती हैं. इन्हें किस तरह से थामूं या कि उगने दूं और फि...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Romance
  July 10, 2015, 8:41 am
न लिखना जब गुनाह सा लगने लगे, तब तब लिखता हूँ. मैं लिखता हूँ काले अँधेरे उजियारों में, मैं लिखता हूँ अधूरे दिनों की पूरी रातों में.जब भरम पिघल जाये और कानों को गलाने लगे, तब तब लिखता हूँ. मैं लिखता हूँ उगे हुए सूरज में जी सकने के लिए, मैं लिखता हूँ आत्मा से नज़र भर मिलाने के ल...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :पोस्टमार्टम
  July 10, 2015, 8:40 am
ये शहर बारिशों का सा शहर जान पड़ता है. जागती रातों में जब बाहर खिड़की के मुहाने पर खड़े केले के पत्तों पर बारिशों का संगीत बजता है तो लगता है तुम्हें यहीं होना चाहिए था. जो तुम होतीं तो मैं बाँट सकता अपने भीतर भर आये सुख के कुँए को पूरा पूरा.जब सबका सवेरा सो जाता है तब उगने लग...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Romance
  July 10, 2015, 8:38 am
इच्छा कहाँ से उपजती होगी. अधूरेपन से या पूरेपन से. पूरापन कभी किसी को कहाँ हासिल हुआ है और जब कभी जो हासिल ही नहीं हो सका उसे फिर पूरापन किन अर्थों में कहा जाये.असल में अधूरापन इच्छाओं का दमन करके पूरा किया नहीं जा सकता तो फिर हम कहाँ से कहाँ को भाग रहे होते हैं.ज़िन्दगी के ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  July 9, 2015, 11:43 am
एक वक़्त में इंसान कुछ हो जाना चाहता है. वो उस होने के लिए जूझता है, संघर्ष करता है. दूसरों से सुलझता है और खुद में उलझता है.वो हो जाना असल में उस वक़्त में होता नहीं जिसमें उसके लिए तत्परता होती है.और फिर जब वही सब एक-एक कर सामने होती हुई दिखती हैं. तब तक उनके लिए सोचा और महसूसन...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  July 9, 2015, 11:41 am
ठीक ठीक तो नहीं बता सकता कि कब उसे देख मेरे दिल की हार्ट बीट अपने नार्मल बेहवियर की शक्लो सूरत बदलना सीखी थी लेकिन इतना तय था कि वो फरवरी की धूप सी लगने लगी थी. मैं जिस इंस्टिट्यूट में चन्द रोज़ पहले पढ़ाने के लिए दाखिल हुआ था. वो बाद के दिनों में उन्हीं क़तारों में शामिल हो ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Relationship
  July 9, 2015, 10:01 am
सबसे मुश्किल है प्रेम में होकर प्रेम गीत लिखना या लिखना कोई एक प्रेम कहानी. प्रेम में होना बना देता है साधारण सी प्रतीत होने वाली भावनाओं को दुरूह. प्रेम फिर केवल प्रेम भर नहीं रह जाता. वो हो जाता है हिमालय की चोटी पर पहुंचे उस नई नई उम्मीदों से भरे पर्वतारोही सा. वो दिख...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Hindi Blog
  July 9, 2015, 9:57 am
लड़का बेरोज़गारी से जूझते दिनों में घंटों उसकी प्रतीक्षा करता. घंटे पहले सेकंड से प्रारम्भ होते और फिर ऐसे कई कई सेकंड प्रतीक्षाओं के जुड़ मिनटों में तब्दील हो जाते और ये पहाड़ी रास्तों से दुर्गम मिनट ऐसे आगे बढ़ते जैसे घंटों की खोज़ की जानी हो. और ये काम इन्हीं को सौंपा गया...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :Love Story
  July 9, 2015, 9:56 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163607)